क्या आप औरों से ज़्यादा बुद्धिमान हैं - Are You More Intelligent Than Others In Hindi

सम्पादकीय विभाग के द्वारा


Posted on November 01, 2017 कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!


क्या आप औरों से ज़्यादा बुद्धिमान हैं - Are You More Intelligent Than Others In Hindi

क्या आप औरों से भुद्धिमान हैं? जानना चाहेंगे? तो पढ़ते रहिये क्योकि यहाँ हम आपको बताएँगे बुद्धिमान होने के ऐसे संकेत जो आपको पहले न पता होंगे -

  1. बुद्धिमान होने का मतलब - budhiman hone ka matlab in hindi
  2. बुद्धिमान होने के संकेत - budhiman hone ke sanket in hindi

बुद्धिमान होने का मतलब - budhiman hone ka matlab in hindi

बुद्धिमानी पर हुए शोध बताते हैं कि मूल रूप से बुद्धिमानी को तीन तरह से समझा जा सकता है - 

  1. चार्ल्स स्पेयरमैन का 1904 में पहला सिद्धांत आया, जिसके अनुसार कोई भी इंसान अगर आ-क्यू टेस्ट (IQ Test) के कुछ हिस्सों में बेहतर करता है, तो वो सभी में अच्छा करेगा। यानी, अगर आप एक चीज़ में बुद्धिमानी दर्शाते हैं, तो आप हर चीज़ में बुद्धिमान होंगे। 
  2. लेकिन इसके विपरीत कई सालों बाद हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक मनोवैज्ञानिक डॉक्टर गार्डनर ने "मल्टीपल इंटेलिजेंस" के सिद्धांत को इसके विपरीत सिद्ध किया। उन्होंने कहा कि बुद्धिमानी विश्लेषणात्मक और भावात्मक सहित आठ प्रकार के होते हैं और सभी अगल-अलग होते हैं। इन आठ प्रकार की "इंटेलिजेंस" के बीच में कोई सम्बन्ध नहीं है। एक व्यक्ति कुछ चीज़ों में अच्छा हो सकता है, और कुछ में नहीं। 
  3. इसके बाद डॉक्टर रॉबर्ट स्टर्नबर्ग का इंटेलिजेंस का सिंद्धांत आया। यह इंटेलिजेंस को तीन प्रकार में विभाजित करता है - विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक।

बुद्धिमान होने के संकेत - budhiman hone ke sanket in hindi

हांलाकि ऊपर बताये सिद्धांतों की खूब छान-बीन की गई, लेकिन दिमाग़ की शक्ति को पूर्ण रूप से परिभाषित नही किया जा सका। इस बात ये सिद्ध हुआ की ऐसा कोई भी सिद्धांत नहीं है जो बुद्धीमानी का पैमाना तय करता हो।

हम में से हर एक व्याक्ति जीवन के एक निश्चित क्षेत्र में अधिक बुद्धिमान है अपने आने वाले पीढ़ी से। हर इंसान के पास कुछ न कुछ गुण हैं, जो उसको बुद्धिमान बनाता है। इसलिए हम आपको आज बताएंगे बुद्धिमानी के पांच संकेत, जो आपको औरों से बुद्धिमान साबित करेगा -

1. क्या आप बैकबेंचर हैं या थे?

पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने कहा था कि देश का सबसे तेज़ दिमाग़ कक्षा के आखिरी बेंच में बैठने वाले के पास हो सकता है। यदि आप सोच रहें हैं कि कक्षा में सबसे पीछे बैठने वाला अच्छा स्कोर नहीं कर सकता है और वह बुद्धिमान नहीं है, तो आपका ये नजरिया बिलकुल ग़लत है। पहले बैंच में बैठने वाला छात्र कक्षा में हर सवाल का जवाब दे सकता है, लेकिन सबसे आंख़री में बैठा हुआ छात्र ज़िन्दगी की हर मुसीबत से निपटना जानता है।

वैज्ञानिक सबूत - एक नए अध्ययन से पता चला है कि जो व्यक्ति एक रूटीन काम करने के साथ दूसरे काम कर सकता है, वह सामान्य से ज़्यादा बुद्धिमान है। 

2. क्या आप अपने में ख़ुश रहते हैं?

अपने आप में मग्न रहने वाला व्यक्ति, रविवार को भी किताब और कॉफी के साथ घर में बिताना पसंद करता है। किताबे इनकी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। इसलिए ऐसे लोगों के बारे में सबसे अच्छी बात ये होती है कि वो अपने आप में ही खुश रहना पसंद करते हैं।

वैज्ञानिक सबूत - कॉलेज के 2000 छात्रों पर एक शोध किया गया। इस शोध ये सिद्ध हुआ कि जो छात्र बचपन में जल्दी पढ़ना सीख गए थे, वो जीवन में बाद में बेहतर कर पाए। इससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि कम उम्र से किताबे पढ़ना व्यक्ति की इंटेलिजेंस बढ़ाता है। और चूंकि अपने आप मग्न रहने वाले व्यक्ति बचपन से ही बहुत किताबे पढ़ते हैं, वह ज़्यादा अकल्मन्द होते है। 

3. क्या आप बाएं हाथ वाले हैं?

अगर आपका बच्चा दायं हाथ से नहीं लिख पाता तो आप खुश हो जाइए, ये आपके लिए एक अच्छी ख़बर है। बांय हाथ से कार्य करने वाले अच्छा महसूस करें, क्योंकि ये अधिक बुद्धिमान होने का संकेत देता है।

वैज्ञानिक सबूत - 90 के दशक के शुरूआती दौर के एक अध्ययन में पाया गया कि बायं हाथ वाले लोग अपना एक अलग नजरिया रखते हैं। वो दो अलग-अलग वस्तुओं को अर्थपूर्ण बना देते हैं, जो बुद्धिमानी का संकेत है। बायं हाथ वाले रचनात्मक सोच वाले होते  हैं, जिसकी ज़रूरत समस्याओं को हल करने में पड़ती है। समस्याओं से निकला उन्हें बखूबी आता है।

4. क्या आप हमेशा चिंतित रहते हैं?

हमेशा कहा जाता है कि चिंता अच्छी बात नहीं है। हालांकि, तनाव का जब ठीक से उपयोग किया जाता है तो ये शरीर और मन दोनों के लिए लाभदायक हो सकता है। हम तनाव को अच्छा या बुरा तनाव में परिभाषित करते हैं। अच्छे तनाव कई प्रकार के हो सकते हैं और हमारे स्वस्थ जीवन में महत्वपूर्ण भी हैं। तनाव के कम करने के कुछ तरीक़े हैं जैसे मेडिटेशन, जो हमारी रोज़मर्रा के जीनव में मदद करते हैं।

वैज्ञानिक सबूत - इज़राइल में एक दिलचस्प प्रयोग किया गया। प्रतिभागियों को एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम द्वारा प्रस्तुत चित्रकला का विश्लेषण करने के लिए कहा गया और उस कम्प्यूटर में नकली वायरस डाल दिया गया। लेकिन उन लोगों ने उसे असली वायरस समझ लिया और कि कंप्यूटर में वायरस उनकी गलती से आया है। उसके बाद उन प्रतिभागियों को तकनीकी सहायता खोजने के लिए भेजा गया। इसमें ये पाया गया कि जो लोग अधिक चिंतित रहते थे, उन्होंने सबसे अच्छे और प्रभावी तरीक़े से उस काम को पूरा किया।

5. क्या आप अपने आस-पास के लोगों के हंसाते रहते हैं?

क्या आप हमेशा हंसते रहते हैं और अपने चुटकुलों से आसपास के लोगों को हंसाते रहते हैं। जब आपके पास कोई अपनी समस्या लेकर आता है तो आप उसे समस्या की तरह न लेकर, उसे उसका हल दिखाते हैं। ये एक बहुत ही अच्छा गुण है। अगर आप मज़ाकिये हैं, तो ये आपके बुद्धिमानी की निशानी है।

वैज्ञानिक सबूत - 1990 में, डॉक्टर ए. माइकल जॉन्सन ने एक अध्ययन प्रकाशित किया, जिसमें हास्य और समस्या सुलझाने की कुशलता में सीधा सम्बन्ध पाया गया। शोध में भाग ले रहे लोगो को कुछ चुटकुले सुनाये गए , और फिर कुछ समस्याओं का समाधान निकालने को कहा गया। जिन लोगों को चुटकुले ज़्यादा हास्य-पूर्ण लगे, उन्हें समस्याओं को सुलझाने में कम समय लगा।

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