शरीर में पानी जमा होने या वॉटर रिटेंशन (जल प्रतिधारण) के कारण और निवारण के उपाय

सम्पादकीय विभाग के द्वारा


Posted on July 03, 2017 कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!


शरीर में पानी जमा होने या वॉटर रिटेंशन (जल प्रतिधारण) के कारण और निवारण के उपाय

आपका शरीर मुख्य रूप से पानी से बना है। जब आपका हाइड्रेशन स्तर संतुलित नहीं होता है, तो आपको ऐसी समस्या आ सकती हैं। आम तौर पर, वॉटर रिटेंशन (जल प्रतिधारण) के कारण आप कम फुर्तीले या कम सक्रिय या सामान्य से अधिक भारी महसूस कर सकते हैं।

फुलाव, मोटा होना, सूजन इत्यादि वॉटर रिटेंशन की सामान्य स्वास्थ्य समस्या है। वॉटर रिटेंशन से निपटने के लिए दवा लेना हर बार आवश्यक नहीं होता। इसके अलावा, यहां तक कि आपके द्वारा ली जाने वाली दवाएं भी वॉटर रिटेंशन के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

जल प्रतिधारण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका जीवनशैली में कुछ परिवर्तन करना है। कई कारक इसे पैदा कर सकते हैं। वॉटर रिटेंशन से निपटने के लिए यहां कुछ विशेषज्ञ युक्तियां कारणों सहित दी गई हैं।

  1. पर्याप्त पानी न पीना हो सकता है वॉटर रिटेंशन का कारण - Not drinking enough water causes water retention in Hindi
  2. अधिक समय तक स्थिर बैठे या खड़े रहने से हो सकता है वॉटर रिटेंशन - Sitting or standing for a long periods causes Water Retention in Hindi
  3. वॉटर रिटेंशन का कारण हो सकती है ये बीमारियां - Some Health Problems cause Water Retention in Hindi
  4. आपके द्वारा ली जाने वाली दवाएं हो सकती हैं वॉटर रिटेंशन का कारण - Medicines that cause Water Retention in Hindi
  5. ज्यादा नमक खाने से वॉटर रिटेंशन हो सकता है - More salt intake cause Water Retention in Hindi

पर्याप्त पानी न पीना हो सकता है वॉटर रिटेंशन का कारण - Not drinking enough water causes water retention in Hindi

पर्याप्त पानी न पीना हो सकता है वॉटर रिटेंशन का कारण - Not drinking enough water causes water retention in Hindi

पानी कम पीना वॉटर रिटेंशन का एक सामान्य कारण है। पानी की कमी से इलेक्ट्रोलाइट्स का लेवल बढ़ जाता है, जिससे शरीर में पानी जमा हो सकता है। इसलिए रोजाना कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं।

अधिक समय तक स्थिर बैठे या खड़े रहने से हो सकता है वॉटर रिटेंशन - Sitting or standing for a long periods causes Water Retention in Hindi

अधिक समय तक स्थिर बैठे या खड़े रहने से हो सकता है वॉटर रिटेंशन - Sitting or standing for a long periods causes Water Retention in Hindi

विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक स्थिर बैठे रहने या खड़े रहने के कारण आपका रक्त संचरण घट जाता हैं। परिणामस्वरूप, वॉटर रिटेंशन की समस्या पैदा हो सकती है। इसको रोकने का एक ही रास्ता है कि आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। आप अपने घर या कार्यालय में काम करते है तो थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर टहल लें या हर 2 या 3 घंटो में वॉशरूम जाएँ। इससे आपका रक्त संचरण सही रहेगा।

वॉटर रिटेंशन का कारण हो सकती है ये बीमारियां - Some Health Problems cause Water Retention in Hindi

वॉटर रिटेंशन का कारण हो सकती है ये बीमारियां - Some Health Problems cause Water Retention in Hindi

कुछ स्वास्थ सम्बन्धी समस्याएं जैसे - किडनी, दिल, लिवर की बीमारी या ब्रेन ट्यूमर आदि होने पर आप एडेमा से ग्रस्त हो सकते है। एडेमा शरीर के टिश्यू या कैविटीज़ में जलीय द्रव के जमा हो जाने की समस्या हैं, जो वॉटर रिटेंशन समस्या का एक रूप है। अगर आप ऐसी किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो अपने डॉक्टर से उचित उपचार करवाएं। गर्भावस्था में वजन बढ़ने के कारण भी यह समस्या हो सकती है, यदि आप नियमित चलना-फिरना बंद कर देती हैं। इसलिए इस दौरान भी थोड़ी सक्रिय रहें।

आपके द्वारा ली जाने वाली दवाएं हो सकती हैं वॉटर रिटेंशन का कारण - Medicines that cause Water Retention in Hindi

आपके द्वारा ली जाने वाली दवाएं हो सकती हैं वॉटर रिटेंशन का कारण - Medicines that cause Water Retention in Hindi

कुछ मामलों में आपके द्वारा ली जाने वाली दवाओं से भी वॉटर रिटेंशन की समस्या हो सकती हैं। कुछ दवाएं जिनसे वॉटर रिटेंशन जैसा दुष्प्रभाव हो सकता हैं जैसे - बिना प्रिस्क्रिप्शन के ली जाने वाली दर्द निवारक दवाएं, कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट्स सम्बंधित दवाएं, रक्तचाप सम्बन्धी दवाएं, अवसाद विरोधी दवाएं, बर्थ कंट्रोल पिल्स इत्यादि। इसलिए इन दवाओं को हमेशा अपने डॉक्टर के निर्देशों के अनुसार लें।

ज्यादा नमक खाने से वॉटर रिटेंशन हो सकता है - More salt intake cause Water Retention in Hindi

ज्यादा नमक खाने से वॉटर रिटेंशन हो सकता है - More salt intake cause Water Retention in Hindi

नमक का अधिक सेवन भी इस समस्या का बड़ा कारण है। इसलिए कम नमक खाएं। अगर संभव हो तो सोडियम से भरपूर फूड्स को न खाएं या कम खाएं जैसे - सॉफ्ट ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड खाद्य (चिप्स, पिज़्ज़ा, बर्गर इत्यादि)।

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