जब कोई पुरुष संभोग के समय अपने गुप्तांग में पर्याप्त इरेक्शन या स्तंभन लाने में नाकामयाब हो जाता है या फिर उसको बरकरार नहीं रख पाता, तब उस स्तिथि को इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष (या नपुंसकता या नामर्दी) कहते हैं। 

यह समस्या पुरुष एवं उसके पार्टनर के लिए काफी तनावपूर्ण होती है। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ, डाइट पर भी ध्यान देकर इस समस्या पर नियंत्रण पा जा सकता है। इस लेख में हमने डाइट के माध्यम से इस समस्या को कैसे नियंत्रण में किया जाए, किन चीजों से परहेज किया जाए, और एक भारतीय डाइट चार्ट भी शेयर किया है, आइये जानते हैं।

(और पढ़ें - स्तंभन दोष का आयुर्वेदिक उपचार)

  1. स्तंभन दोष के लिए आवश्यक पोषक तत्व - Essential nutrients for erectile dysfunction patients in Hindi
  2. स्तंभन में क्या खाना चाहिए - Foods for erectile dysfunction in Hindi
  3. स्तंभन दोष के लिए फल - Fruits for erectile dysfunction in Hindi
  4. स्तंभन दोष के लिए मेवा - Nuts for erectile dysfunction in Hindi
  5. स्तंभन दोष के लिए सब्जियां - Vegetables for erectile dysfunction in Hindi
  6. स्तंभन दोष के लिए अन्य आहार सम्बंधित टिप्स - Other diet tips for erectile dysfunction in Hindi
  7. स्तंभन दोष में क्या न खाएं - Foods to avoid to control erectile dysfunction in Hindi
  8. स्तंभन दोष के लिए डाइट चार्ट - Erectile dysfunction diet plan in Hindi
  9. स्तंभन दोष में क्या खाना चाहिए, क्या नहीं और परहेज के डॉक्टर

शोध से पता चला है कि कुछ पोषक तत्व स्तंभन दोष के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। सौभाग्यवर्ष इन सभी को अपने आहार में शामिल करना भी बहुत आसान है -

(और पढ़ें - स्तंभन दोष का होम्योपैथिक इलाज)

'सेंट्रल यूरोपियन जर्नल ऑफ यूरोलॉजी' द्वारा 2017 में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि स्तंभन दोष को रोकने और यौन शक्ति बरकरार रखने के लिए मेडिटरेनीयन डाइट प्रभावी है। इस डाइट में सब्जियां, फल, फलियां, मेवा, बीन्स, अनाज, मछली, और असंतृप्त वसा जैसे कि जैतून का तेल, बादाम और कद्दू के बीज ज्यादा होते हैं। इसमें मांस और डेयरी खाद्य पदार्थों का सेवन कम किया जाता है। मेडिटरेनीयन डाइट अच्छे समग्र स्वास्थ्य और खास तौर से हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।

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कुछ फलों का सेवन बेहतर इरेक्शन पाने में मददगार हो सकता है, जैसे -

  • खट्टे फल और बेरी -  कुछ फल फ्लेवोनोइड्स का एक अच्छा स्रोत माने जाते हैं। कई अध्ययन ये दर्शाते हैं कि फ्लेवोनोइड्स एंडोथेलियल फंक्शन और रक्तचाप में काफी हद तक सुधार करते हैं, जो की शिश्न के स्तंभन या इरेक्शन में मदद करते हैं। अतः इनका पूरा लाभ लेने के लिए ब्लूबेरी, रास्पबेरी, नींबू, संतरा, मौसमी, अंगूर जैसे फलों को अपने नियमित आहार में शामिल करने का प्रयास करें।
  • तरबूज - कई अध्ययन इरेक्टाइल डिस्फक्शन में तरबूज खाने का सुझाव देते हैं। तरबूज को "प्राकृतिक वियाग्रा" कहा जाता है क्योंकि यह फल साइट्रॉलिन नामक एक एमिनो एसिड का एक समृद्ध स्रोत है, जो रक्त वाहिकाओं को शिथिल करता है और वियाग्रा एवं अन्य दवाओं की तरह स्तंभन दोष को ठीक करने में मदद करता है।

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बादामअखरोट, पिस्ता, काजू, आदि जैसे मेवा में अच्छी मात्रा में आर्जिनीन, विटामिन ई, जिंक और फोलिक एसिड एवं फाइबर अच्छी मात्रा में होता है। ये सभी विभिन्न तरीकों से इरेक्टाइल डिसफंक्शन में मदद करते हैं। लेकिन इनमें कैलोरी की ज्यादा मात्रा होने के कारण, एक दिन में एक मुट्ठी-भर से ज्यादा इनका सेवन न करें। इन्हें अपने चाय के साथ स्नैक की तरह या फलों के सलाद के ऊपर डाल ले सकते हैं।

(और पढ़ें - मेवा के स्वास्थ्य लाभ)

कुछ सब्जियां इस बीमारी की स्थिति को सुधारने में सहायक होती हैं, जैसे:

  • अदरक - अदरक खाने से शरीर में रक्त परिसंचरण बढ़ता है और विशेष रूप से, शिश्न की मांसपेशियों में। अदरक इरेक्शन को बनाए रखने में सहायक होती है क्योंकि यह शरीर को गर्म करती है, जिससे रक्त का प्रवाह तेज होता है। अदरक लेने का सबसे अच्छा तरीका है शहद के साथ आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर लेना। वैकल्पिक रूप से, आप इसे अपनी चटनी, अचार या सब्ज़ियों में मिला सकते हैं।
  • लहसुन - लहसुन न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि यह आपकी सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) को भी बढ़ाता है। लहसुन में मौजूद एलिसिन पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन अंगों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है। लेकिन यह एक दिन में काम नहीं करता - आपको नियमित रूप से लहसुन का सेवन करना होगा। आप रोजाना दो लहसुन की फांक को चबा सकते हैं या उन्हें घी में भून सकते हैं और फिर उन्हें रोज सुबह खाली पेट खा सकते हैं। (और पढ़ें - खाली पेट लहसुन खाने के फायदे)
  • गाजर - गाजर में अच्छी मात्रा में बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो सेक्स के दौरान लिंग के क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में सुधार करते हैं। इसलिए, गाजर का सेवन स्तंभन दोष के मरीज के लिए लाभरी होता है। आप इसे अपने सलादसूप, सब्ज़ी में शामिल कर सकते हैं या इसका उपयोग घर पर मिठाई बनाने के लिए कर सकते हैं।
  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ - सभी हरी पत्तेदार सब्जियाँ (जैसे कि पालक, सरसों का सागमेथी के पत्ते, चुकंदर का साग, ब्रोकली आदि) फोलिक एसिड के अच्छे स्रोतों में जानी जाती हैं। शोध से ये पता चला है कि फोलिक एसिड की कमी और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के बीच में सम्बन्ध है। तो इस पोषक तत्व का शरीर में स्वस्थ स्तर बनाए रखने के लिए इन सब्जियों को अपने आहार में नियमित रूप से लें।

(और पढ़ें - सब्जियों के स्वास्थ्य लाभ)

ऊपर दी गयी स्तंभन बेहतर करने की डाइट सम्बन्धी जानकारी के अलावा कुछ अन्य चीजों का ध्यान रखने की भी आवश्यकता है, वे इस प्रकार हैं -

  • शराब आपके यौन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, इसे जितनी जल्दी हो सके रोक दें। (और पढ़ें - शराब पीने के नुकसान)
  • डायबिटीज और वैस्कुलर डिजीज के दौरान इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या काफी ज्यादा देखी जाती है। यदि आप भी इनमें से किसी समस्या से पीड़ित हैं, तो अपने पोषण विशेषज्ञ से संपर्क करें और अपने लिए डाइट प्लान बनवा कर उसे फॉलो करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर भी इस समस्या के लिए हानिकारक हो सकता है। अपने बीपी की नियमित जांच करें, नमक / सोडियम का सेवन कम से कम रखें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

यहाँ कुछ और उपयोगी सुझाव दिए गए हैं:

ईडी में अपने वजन को कंट्रोल करने के लिए भोजन - Food to manage your weight in ED in Hindi

स्वस्थ वजन बनाए रखने से स्तंभन दोष से लड़ने में मदद मिल सकती है, इसलिए फिट रहना इस समस्या को नियंत्रित करने लिए एक अच्छा विकल्प है। मोटापा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों का एक मुख्य कारण है। इन दो बीमारियों के मरीज़ों में स्तंभन दोष होना समान्य तौर पर देखा जाता है। इसलिए इन बीमारियों से खुद को दूर रखने के लिए अपने वजन पर ध्यान दें। कैलोरी के साथ-साथ कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का सेवन एक निर्धारित मात्रा में करें और अपने वजन को नियंत्रित करने के लिए बहुत सारे रंगीन फलों और सब्जियों का सेवन करें। आहार विशेषज्ञ से मिलकर अपने लिए वजन कम करने के लिए डाइट प्लान भी बनवा सकते हैं।

(और पढ़ें - वजन घटाने के तरीके)

ईडी में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाने के लिए भोजन - Food to increase testosterone level in ED in Hindi

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी इस बीमारी के इलाज के लिए सामान्य चिकित्सा तरीकों में से एक है। डाइट के द्वारा भी टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। कई अध्ययन इस तथ्य का समर्थन करते हैं कि जिंक टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को नियंत्रित करता है जो कि कामेच्छा बढ़ाता है, साथ इरेक्शन की गुणवत्ता को भी बेहतर करने में मदद करता है। इसके लिए झींगा, पालक, बीन्स, बीज और मेवे, तरबूज, लहसुन, और मशरूम को अच्छा टेस्टोस्टेरोन स्तर बनाए रखने के लिए अपने आहार में अवश्य शामिल करें।

(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के उपाय)

आपको आसानी से पचने वाले कार्बोहाइड्रेट (चॉकलेट, फलों के रस, केक, चीनी, कार्बोनेटेड पेय) और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। यह अधिक मात्रा में सोडियम, सैचुरेटेड फैट और कई प्रेज़रवेटिव से भरे हुए होते हैं, जो कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या को बदतर बनाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। इसके लिए पैकट वाले स्नैक्स, जैम, जेली, सॉस आदि का सेवन जल्द से जल्द बंद कर दें। इनकी जगह पर घर का बना ताजा भोजन लेने की आदत डालें। आपका आहार सभी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए। इसके लिए अपने आहार में सभी खाद्य समूहों जैसे कि साबुत अनाज, दालें, दूध से बनी चीजें, अंडा, कम वसा युक्त मांस आदि को अपनी रोजाना की डाइट में लेने का प्रयास करें।

(और पढ़ें - स्तंभन दोष के घरेलू उपाय)

यहां हम एक डाइट चार्ट साझा कर रहे हैं जो स्तंभन दोष के मरीजों के लिए उपयुक्त है। आप इसका पालन कर सकते हैं या अपने पोषण विशेषज्ञ के साथ अपने लिए अपने अनुसार एक डाइट चार्ट बना सकते हैं जो ऊपर बताई बातों के अनुकूल हो -

  • सुबह - मेथी के बीज की चाय (1 कप) + बादाम (6-7) + अखरोट (2-3)
  • नाश्ता - बाजरा उपमा (1 कटोरी) + कोको दूध (1 गिलास)
  • मध्य भोजन - संतरा (1)
  • दोपहर का भोजन - मिक्स्ड-वेज पुलाव (1 कटोरी) + पालक पनीर (1 कटोरी) + चुकंदर रायता (1 कटोरी)
  • शाम की चाय - हर्बल चाय (1 कप) + भुने मखाने (1 कटोरी)
  • रात का खाना - बाजरा रोटी (2) + सोया की सब्जी (1 कटोरी)
  • सोने का समय - हल्दी दूध (1 गिलास)

(और पढ़ें - स्तंभन दोष के लिए योग)

Dt. Akanksha Mishra

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पोषणविद्‍
8 वर्षों का अनुभव

Surbhi Singh

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Dr. Avtar Singh Kochar

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20 वर्षों का अनुभव

Dr. priyamwada

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पोषणविद्‍
7 वर्षों का अनुभव

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संदर्भ

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  2. Prasad A S, et al. Zinc status and serum testosterone levels of healthy adults. Nutrition. 1996 May;12(5):344-8. PMID: 8875519
  3. Omu A E, et al. Magnesium in human semen: possible role in premature ejaculation. Arch Androl. Jan-Feb 2001; 46(1): 59-66. PMID: 11204619
  4. Luigi Cormio, et al. Oral L-citrulline supplementation improves erection hardness in men with mild erectile dysfunction. Urology. 2011 Jan; 77(1): 119-22.
  5. Goswami Sumanta Kumar, et al. Efficacy of Cinnamomum cassia Blume. in age induced sexual dysfunction of rats. J Young Pharm. 2013 Dec; 5(4):148–153. PMID: 24563594
  6. Brilla L R, et al. Effects of a Novel Zinc-Magnesium Formulation on Hormones and Strength. Journal of exercise and physiology. 2000 October; 3(4): 26-36
  7. Tajuddin, et al. An experimental study of sexual function improving effect of Myristica fragrans Houtt. (nutmeg). BMC Complement Altern Med. 2005 July; 5:16. PMID: 16033651
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