एचआईवी/एड्स - HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) in Hindi

एचआईवी/एड्स

ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी; HIV) एक लेन्टिवायरस (रेट्रोवायरस का एक उपसमूह) है जिससे एचआईवी संक्रमण होता है और समय के साथ इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) बन जाता है। 

एड्स (अक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिन्ड्रोम; AIDS) एक बीमारी है जो ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस या एचआईवी (HIV) के कारण होती है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा को गंभीर नुकसान पहुँचता है। एचआईवी/एड्स के कारण किसी व्यक्ति की संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है

सीडी 4+टी सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एचआईवी इन कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम सेंटर (सीडीसी) के अनुसार, स्वस्थ लोगों के खून में हर क्यूबिक मिलीमीटर में लगभग 1,000 सीडी 4+टी कोशिकाएं होती हैं और एड्स से ग्रस्त रोगियों में इसकी संख्या 200 या उससे कम हो जाती हैं।

एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपको एड्स है। एड्स, एचआईवी संक्रमण का तीसरा और अंतिम चरण है। हालांकि, अनुपचारित एचआईवी संक्रमण समय के साथ एड्स बन सकता है। 

भारत में एचआईवी/एड्स

2015 की जानकारी के अनुसार, भारत में 21 लाख लोग एचआईवी से ग्रस्त हैं और दुनिया में एचआईवी से प्रभावित देशों में भारत तीसरे स्थान पर आता है। इसी वर्ष, एड्स संबंधी बीमारियों से लगभग 68,000 लोग मारे गए थे। 

यौन कर्मी (Sex worker) और पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों में हाल ही में एचआईवी प्रसार में गिरावट आई है। दवाइयों को इंजेक्ट करने वाले लोगों में पहले एचआईवी का फैलाव स्थिर था लेकिन हाल के वर्षों में यह बढ़ रहा है।

कुल मिलाकर, भारत में एचआईवी महामारी के नए संक्रमणों में 32% की गिरावट (2015 में 86,000) आयी है, और 2007 और 2015 के बीच एड्स से संबंधित मौतों में 54% की गिरावट आयी है। 

  1. एचआईवी/एड्स के चरण
  2. एचआईवी/एड्स के लक्षण
  3. एचआईवी/एड्स के कारण
  4. एचआईवी/एड्स के बचाव के उपाय
  5. एचआईवी/एड्स का निदान
  6. एचआईवी/एड्स का उपचार
  7. एचआईवी/एड्स के जोखिम
  8. एचआईवी/एड्स में परहेज़
  9. एचआईवी/एड्स में क्या खाना चाहिए

एचआईवी/एड्स के चरण - Stages of HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) in Hindi

उपचार के बिना, एचआईवी वायरस का संक्रमण बढ़ता जाता है और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को अधिक नुकसान पहुंचाता है।
इसके 3 चरण होते हैं-

  1. एचआईवी (HIV) का तीव्र संक्रमण (Acute Primary Infection)
    एचआईवी से संक्रमित होने के करीब एक से चार सप्ताह बाद, कुछ लोगों को फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं। यह लंबे समय तक नहीं रहते (एक या दो सप्ताह) और हो सकता है आपको फ्लू के केवल कुछ ही लक्षणों का अनुभव हो या कोई भी न हो। सिर्फ इन लक्षणों का अनुभव करना ही एचआईवी के निदान का एक विश्वसनीय तरीका नहीं है।

  2. क्लिनिकल लेटेंसी / एसिम्पटोमैटिक एचआईवी / क्रोनिक एचआईवी (Clinical Latency / Asymptomatic HIV / Chronic HIV)
    पहले चरण के समाप्त होने के बाद बहुत लोग बेहतर महसूस करने लगते हैं और हो सकता है एचआईवी वायरस के 10 से 15 साल तक कोई अन्य लक्षण न दिखाई दें (आयु, पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य के आधार पर)। हालांकि, वायरस तब भी सक्रिय रहता है, नई कोशिकाओं को संक्रमित करता है और बढ़ता रहता है। समय के साथ यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बहुत नुकसान पहुंचता है।
     
  3. एड्स (AIDS)
    एड्स, एचआईवी संक्रमण का अंतिम चरण है। इस समय तक एचआईवी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बुरी तरह नुकसान पहुंचा चुका होता है और शरीर अन्य अवसरवादी संक्रमणों (वह संक्रमण जो कमज़ोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में बार बार होते हैं) से नहीं लड़ पाता। एचआईवी वाले लोगों में एड्स का निदान तब होता है जब उनके शरीर में 200 से कम सीडी 4+टी कोशिकाएं रह जाती हैं या उन्हें एक या एक से अधिक अवसरवादी संक्रमण होते हैं। उपचार के बिना, एड्स से ग्रस्त लोग आम तौर पर लगभग 3 साल तक जीवित रहते हैं।

एचआईवी/एड्स के लक्षण - HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) Symptoms in Hindi

एचआईवी के पहले चरण में आपको यह लक्षण हो सकते हैं-

  1. बुखार।
  2. लसीका ग्रंथियों (Lymph Glands) की सूजन।
  3. सामान्य दर्द और सूजन। 

जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, अन्य लक्षण भी हो सकते हैं जैसे-

  1. बार-बार बुखार होना। 
  2. थकान। 
  3. मतली और उल्टी। 
  4. दस्त। 
  5. वज़न घटना। 
  6. त्वचा के चकत्ते। 
  7. मौखिक यीस्ट संक्रमण या अन्य संक्रमण। 
  8. दाद (एक प्रकार का चर्मरोग)। 

एचआईवी/एड्स के कारण - HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) Causes in Hindi

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एचआईवी का संक्रमण निम्नलिखित कारणों से हो सकता है-

  1. कॉन्डम के बिना मौखिक, योनिक या गुदा द्वारा यौन सम्बन्ध बनाना। 
  2. दूषित सुई, सिरिंज या अन्य इंजेक्शन लगाने वाले उपकरणों का उपयोग करना। 
  3. गर्भावस्था, जन्म या स्तनपान के दौरान माँ से बच्चे में संक्रमण होना। 

किसी भी व्यक्ति को संक्रमित करने के लिए शरीर के इन तरल पदार्थों में पर्याप्त एचआईवी होता है-

  1. वीर्य
  2. मासिक धर्म के रक्त सहित कोई और योनि द्रव
  3. स्तन का दूध
  4. रक्त
  5. गुदा का अंदरूनी भाग

एचआईवी/एड्स के बचाव के उपाय - Prevention of HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) in Hindi

एचआईवी/एड्स से बचने के मुख्य तरीके निम्नलिखित हैं-

  1. कम लोगों के साथ यौन सम्बन्ध बनायें।
  2. पहले से ही इस्तेमाल की हुई सुई या इंजेक्शन का उपयोग न करें। 
  3. हर बार यौन सम्बन्ध बनाते समय कॉन्डम का सही से उपयोग करें। 
  4. बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए एड्स से ग्रस्त गर्भवती महिलाएं अपने चिकित्सक से सलाह करें और सही उपचार लें।

    अभी ऐसी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है जो एचआईवी संक्रमण को रोक सके या उन लोगों का इलाज कर सके जिन्हें एचआईवी/एड्स है। एचआईवी/एड्स से बचने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है कॉन्डम का इस्तेमाल करना। पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए कॉन्डम उपलब्ध है।

एचआईवी/एड्स का निदान - Diagnosis of HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) in Hindi

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एचआईवी का निदान करने के लिए रक्त परीक्षण सबसे आम तरीका है। संक्रमण के तुरंत बाद एंटीबॉडी का उत्पादन नहीं होता है, आपके संक्रमित होने के कुछ समय बाद तक आपके रक्त परीक्षण नेगेटिव आ सकते हैं।

एचआईवी और एड्स के निदान के लिए प्राथमिक परीक्षण हैं-

ईएलआईइसए परीक्षण (ELISA Test) -  ईएलआईइसए का मतलब है एन्ज़ाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेन्ट ऐसे, जिसका प्रयोग एचआईवी संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है। यदि आपका परीक्षण पॉजिटिव आता है तो आमतौर पर वेस्टर्न ब्लॉट परीक्षण किया जाता है।

वेस्टर्न ब्लॉट परीक्षण (Western Blot) - यह एक बहुत ही संवेदनशील रक्त परीक्षण है जिसका उपयोग पॉजिटिव ईएलआईइसए परीक्षण के परिणाम की पुष्टि करने के लिए किया जाता है। यह आपके रक्त में एचआईवी एंटीबॉडी का पता लगाता है। 

घरेलु परीक्षण (Home Tests) - अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा स्वीकृत एकमात्र घरेलू परीक्षण को होम एक्सेस एक्सप्रेस टेस्ट कहा जाता है, जो केमिस्ट के पास उपलब्ध होता है। अगर यदि परीक्षण पॉजिटिव है, तो निदान की पुष्टि करने और अपने उपचार विकल्पों पर चर्चा करने के लिए अपने चिकित्सक से बात करें। यदि परीक्षण नेगेटिव है, तो परिणाम की पुष्टि करने के लिए इसे तीन महीने में फिर से करें।

सलाइवा परीक्षण (Saliva Tests) - आपके गाल के अंदर से लार लेने क लिए एक कॉटन पैड का उपयोग किया जाता है। पैड परीक्षण के लिए एक प्रयोगशाला में दिया जाता है। पॉजिटिव परिणाम आने पर रक्त परीक्षण से इसकी पुष्टि करवाएं।

वायरल लोड परीक्षण (Viral Load Test) - यह परीक्षण आपके रक्त में एचआईवी की मात्रा को मापता है। डीएनए क्रम (जो खासकर एचआईवी को बांधते हैं) का उपयोग करके एचआईवी का पता लगाया जाता है। 

एचआईवी के परीक्षण बहुत सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ जटिलताएं हो सकती हैं जैसे-

  1. चक्कर आना या बेहोश होना, खासकर यदि आपको सुई या रक्त से डर लगता है। 
  2. सुई लगने की जगह पर एक संक्रमण होना। 
  3. सुई लगने की जगह पर नील पड़ना। 
  4. खून रुकने में परेशानी। 

एचआईवी/एड्स का उपचार - HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) Treatment in Hindi

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हालाँकि एचआईवी / एड्स का कोई इलाज नहीं है लेकिन एचआईवी और इसकी जटिलताओं से लड़ने में दवाएं अत्यधिक प्रभावी रही हैं। दवाएं आपके शरीर में एचआईवी वायरस को कम करने में मदद करती हैं और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को जितना हो सके उतना स्वस्थ रखती हैं।

एचआईवी और एड्स के इलाज के लिए एफडीए द्वारा स्वीकृत कुछ दवाएं नीचे दी गयी हैं-

न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेज़ इनहिबिटर (एनआरटीआई) [Nucleoside Reverse Transcriptase Inhibitors (NRTI)]
ये दवाएं वायरस के गुणन को रोकती हैं जिससे शरीर में एचआईवी का फैलाव धीरे होता है।

  1. एबेकवीर [Abacavir]
  2. डिडेनोसिन [Didanosine]
  3. एमट्रीसीटाबीन [Emtricitabine]
  4. लेमिवुडाईन (एपिवीर) [Lamivudine (Epivir)]
  5. स्टवुडिन [Stavudine]
  6. टेनोफ़ोविर (वीरेड) [Tenofovir (Viread)]
  7. ज़ैल्सीटाबाइन [Zalcitabine]
  8. जिडोवोडिन [Zidovudine]

प्रोटेस इनहिबिटर (पीआई) [Protease Inhibitors (PI)]
ये एफडीए द्वारा स्वीकृत दवाएं वायरस के गुणन में बाधा डालती हैं।

  1. ​एम्प्रेनावीर [Amprenavir]
  2. अताजनाविर [Atazanavir]
  3. फ़ॉस्म्पेरनाविर [Fosamprenavir]
  4. इंडिनवीर [Indinavir]
  5. लोपिनाविर [Lopinavir]
  6. रिटोनावीर [Ritonavir]
  7. सेक्विनावीर [Saquinavir]

फ्यूजन इनिबिटरस [Fusion Inhibitors]
फ्यूजन इनहिबिटर एक नई श्रेणी की दवाएं हैं जो एचआईवी को सेल के अंदर से फ्यूज़ होने से रोकती हैं, जिससे उसका गुणन नहीं हो पता। इन दवाओं के समूह में एनफ्यूविरटाइड (Enfuvirtide) आती है, जिसे फ़्यूज़िओन (Fuzeon) या टी-20 (T-20) भी कहा जाता है। 

हाइली एक्टिव एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एचएएआरटी) [Highly Active Antiretroviral Therapy (HAART)]
एचएएआरटी अक्सर एचआईवी "कॉकटेल" के रूप में जाना जाता है। यह तीन या अधिक दवाओं का एक संयोजन है, जैसे प्रोटीज इनहिबिटर और अन्य एंटी-रेट्रोवायरल दवाएं। यह एचआईवी के गुणन को कम करने में बहुत हद तक प्रभावशाली है, जो शरीर में एचआईवी के प्रसार को धीमा कर सकता है। एचएएआरटी का लक्ष्य आपके शरीर में वायरस की मात्रा को उस स्तर तक कम करना है जिससे वह रक्त परीक्षणों में न पाया जा सके। 

नॉन-न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेज़ इनहिबिटर (एनएनआरटीआई) [Non-Nucleoside Reverse Transcriptase Inhibitors (NNRTI)]
गैर-न्यूक्लियोसाइड रिवर्स ट्रांस्क्रिप्टेज़ इनहिबिटर (एनएनआरटीआई) एचआईवी द्वारा नए कोशिकाओं के संक्रमण को अवरुद्ध करते हैं। ये दवाएं अन्य एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं के साथ संयोजन में निर्धारित की जा सकती हैं। 

  1. डेल्वारिडाइन (रेस्क्रिप्टर, डीएलवी) [Delvaridine (Rescriptor, DLV)]
  2. एफ़रावीरेन्ज (सस्टिवा, ईएफवी) [Efravirenz (Sustiva, EFV)]
  3. नेवीरा पाईन (विरमुन, एनवीपी) [Nevirapine (Viramune, NVP)]

इनमें से कोई भी दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें। 

एचआईवी/एड्स के जोखिम - HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) Risks & Complications in Hindi

एचआईवी/एड्स आपकी प्रतिरक्षा क्षमता को कमज़ोर कर देता है जिससे आपको कुछ अन्य संक्रमण और कैंसर भी हो सकते हैं जैसे- ट्यूबरक्युलोसिस, साइटमिगलोवाइरस, कैंडिडिएसिस, क्रिप्टोकोकल मेनिन्जाइटिस, टोक्सोप्लाज़मोसिज़, क्रिप्टोस्पोरिडियोसिस, कपोसी सारकोमा, लिम्फोमा, वेस्टिंग सिंड्रोम, स्नायविक जटिलताएं और गुर्दे की समस्याएं। 

एचआईवी/एड्स में परहेज़ - What to avoid during HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) in Hindi?

एड्स होने के बाद यह सब न करें-

  1. बिना कॉन्डम के यौन सम्बन्ध बनाना।
  2. धूम्रपान (और पढ़ें- धूम्रपान छोड़ने के लिए घरेलू उपचार)।
  3. अवैध नशीली दवाओं का प्रयोग।
  4. अपनी दवाओं को निर्धारित अनुसार नहीं लेना।
  5. अपने हाथों को ठीक से न धोना।
  6. स्वस्थ भोजन न खाना।

एचआईवी/एड्स में क्या खाना चाहिए? - What to eat during HIV/AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) in Hindi?

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एचआईवी का निदान होने के बाद यह सब खाएं-

  1. फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर फल और सब्ज़ियां।
  2. स्टार्च युक्त कार्बोहाइड्रेट्स जैसे ब्राउन चावल, आलू और रोटी।
  3. कुछ प्रोटीन जैसे कि लीन मीट, मछली, अंडे और फलियां।
  4. कुछ डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही और पनीर
  5. वसा और शर्करा रहित खाना।

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