पेट दर्द - Stomach Pain in Hindi

by Editorial Team


Posted on October 11, 2017 कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!


पेट दर्द

पेट में दर्द एक व्यक्ति के पेट के ऊपरी या निचले हिस्से में दर्द की भावना होती है जिसकी तीव्रता हल्के दर्द से लेकर अचानक तेज़ दर्द तक हो सकती है।
पेट में दर्द कुछ समय या लम्बे समय तक हो सकता है और तेज़ या कम भी हो सकता है। पेट में दर्द का स्थान ऊपरी हिस्से में दाएं या बाएं किनारे, निचले हिस्से में दाएं या बायां किनारे, ऊपरी, मध्य और निचले हिस्से में हो सकते हैं।
पेट में दर्द कई अलग-अलग कारकों के कारण हो सकता है जो आम से लेकर गंभीर हो सकते हैं जैसे अत्यधिक गैस से लेकर अन्य गंभीर स्थितियां जैसे अपेंडिसाइटिस। कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान भी पेट में दर्द का अनुभव होता है।
पेट के दर्द के कारण का निदान डॉक्टर आपके दर्द के इतिहास, शारीरिक परीक्षा और परीक्षण के आधार पर करते हैं।

  1. पेट दर्द के प्रकार - Types of Stomach Pain in Hindi
  2. पेट दर्द के लक्षण - Stomach Pain Symptoms in Hindi
  3. पेट दर्द के कारण - Stomach Pain Causes in Hindi
  4. पेट दर्द के बचाव के उपाय - Prevention of Stomach Pain in Hindi
  5. पेट दर्द का उपचार - Stomach Pain Treatment in Hindi
  6. पेट दर्द में परहेज़ - What to avoid during Stomach Pain in Hindi?
  7. पेट दर्द में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Stomach Pain in Hindi?
  8. पेट दर्द के घरेलू उपाय - Home Remedies for Stomach Pain in Hindi

पेट दर्द के प्रकार - Types of Stomach Pain in Hindi

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पेट दर्द के निम्नलिखित प्रकार होते हैं -

  1. सामान्य दर्द
    सामान्य दर्द पेट के आधे या उससे अधिक हिस्से में होता है। यह दर्द कई अलग-अलग बीमारियों के साथ हो सकता है और आमतौर पर उपचार के बिना ठीक हो जाता है। अपच और पेट की समस्याएं सामान्य पेट दर्द का कारण होती हैं। घरेलु उपचार कुछ परेशानी को राहत देने में मदद कर सकता है। हल्का दर्द या कठोर दर्द जो समय के साथ ज़्यादा गंभीर हो जाता है, आंतों की रुकावट का लक्षण हो सकता है।
     
  2. स्थानीय दर्द
    स्थानीय दर्द पेट के एक हिस्से में होता है। अचानक और बदतर होने वाला स्थानीय दर्द एक गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है। अपेंडिसाइटिस का दर्द सामान्य दर्द के रूप में शुरू होता है लेकिन यह अक्सर पेट के एक हिस्से में होने लगता है। पित्ताशय की बीमारी या पेप्टिक अल्सर रोग का दर्द अक्सर पेट के एक हिस्से में शुरू होता है और उसी स्थान पर रहता है। स्थानीय दर्द जो धीरे-धीरे अधिक गंभीर हो जाता है वह पेट के किसी अंग की सूजन का लक्षण हो सकता है।
     
  3. ऐंठन (क्रैम्पिंग)
    क्रैम्पिंग एक प्रकार का दर्द है जो आता-जाता रहता है या होने की स्थिति या गंभीरता में बदलता रहता है। ऐंठन ज़्यादातर सामान्य ही होती है जब तक उसे गैस या मल पारित करने से राहत नहीं मिलती। कई महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान ऐंठन होती है। सामान्य ऐंठन आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होती जब तक वह बदतर न हो, 24 घंटों से अधिक समय तक रहे या एक ही जगह पर हो। दस्त या अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ शुरू होने वाली ऐंठन काफी दर्दनाक हो सकती है लेकिन यह आमतौर पर गंभीर नहीं होती।

पेट दर्द के लक्षण - Stomach Pain Symptoms in Hindi

पेट दर्द अपने आप में एक लक्षण है जिसका मतलब यह हो सकता है कि व्यक्ति को कोई समस्या है जिसे इलाज की आवश्यकता है। अपने लक्षणों का ध्यान रखें क्योंकि इससे डॉक्टर को आपके दर्द का कारण जानने में मदद मिलेगी।
विशेष ध्यान दें अगर पेट में दर्द अचानक हो, खाने के बाद हो या दस्त के साथ हो।

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यदि आपके पेट में बहुत तेज़ दर्द है या यदि यह निम्न लक्षणों में से किसी के साथ होता है, तो जल्द से जल्द चिकित्सक की सलाह लें -

  1. बुखार (और पढ़ें – बुखार के घरेलू उपचार)
  2. कई दिनों तक खाना खाने में असमर्थता
  3. मल को पारित करने में असमर्थता, खासकर यदि आपको उल्टी भी हो रही है
  4. उल्टी में रक्त आना
  5. मल में खून आना
  6. सांस लेने में तकलीफ
  7. दर्दनाक या असामान्य रूप से लगातार पेशाब आना
  8. गर्भावस्था के दौरान दर्द होना
  9. पेट स्पर्श करने में मुलायम महसूस होना
  10. पेट में चोट लगने के कारण दर्द होना
  11. दर्द कई दिनों तक रहना

ये लक्षण एक आंतरिक समस्या का संकेत हो सकते हैं जिसे जल्द से जल्द उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

पेट दर्द के कारण - Stomach Pain Causes in Hindi

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पेट का दर्द कई कारणों की वजह से हो सकता है, इनमें से कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं -

  1. अपच (और पढ़ें - अपच का घरेलू इलाज)
  2. कब्ज
  3. इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (एक विकार जो बड़ी आंत को प्रभावित करता है)
  4. अपेंडिसाइटिस
  5. पेट का फ्लू (वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस)
  6. मासिक धर्म में ऐंठन
  7. फूड पॉइजनिंग
  8. फूड अलेर्जी
  9. लैक्टोज असहिष्णुता (दूध और डेयरी उत्पादों में पाए जाने वाली प्राकृतिक चीनी शरीर द्वारा न पचा पाना)
  10. अल्सर या फोड़ा
  11. पेल्विक क्षेत्र की सूजन की बीमारी
  12. हर्निआ
  13. पित्ताशय की पथरी
  14. एंडोमेट्रिओसिस (और पढ़ें – एंडोमेट्रिओसिस ट्रीटमेंट)
  15. क्रोहन रोग (पाचन तंत्र की सूजन)
  16. अल्सरेटिव कोलाइटिस
  17. मूत्र-पथ के संक्रमण

पेट के दर्द के कुछ अन्य कारण -

  1. कुछ दिल के दौरों और निमोनिया में भी पेट दर्द हो सकता है। (और पढ़ें – निमोनिया का घरेलू इलाज)
  2. पेल्विस या पेट और जांध के बीच के भाग की बीमारियों में पेट दर्द हो सकता है।
  3. कुछ त्वचा के चकत्ते और दाद भी पेट में दर्द कर सकते हैं।
  4. कुछ ज़हरीले कीड़ों के काटने के कारण भी पेट दर्द हो सकता है।

पेट दर्द के बचाव के उपाय - Prevention of Stomach Pain in Hindi

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पेट दर्द के कई कारण होते हैं जिनमें से कुछ को रोकना आपके वश में होता लेकिन जीवनशैली में कुछ बदलाव करने से आप खुद को किसी और वजह से पेट दर्द होने से रोक सकते हैं। निम्नलिखित आदतें आपकी मदद कर सकती हैं -

 

  1. खाने की गति कम करें
    यदि आप खाने को बड़ा-बड़ा काटकर और बिना चबाए खाते हैं, तो यह संभव है कि आप खाने के साथ हवा भी निगल लें जो आपके पेट में गैस बनती है जिससे पेट में दर्द हो सकता है। इसीलिए धीरे-धीरे चबाएं और निगलने में समय लें। 

    (और पढ़ें - पेट की गैस का घरेलू उपचार)

  2. भोजन के बीच के अंतराल को कम करें
    कुछ लोगों को भोजन के बीच के अंतराल के दौरान पेट में दर्द होता है। यदि आपको ऐसा होता है, तो पूरे दिन में छोटे-छोटे अंतराल में भोजन या स्नैक्स लें ताकि आपका पेट लंबी अवधि के लिए खाली न रहे। हालाँकि, इसके विपरीत भी हो सकता है। यदि आप ज़्यादा खा लेते हैं तो आपके पेट में दर्द हो सकता है।
     
  3. अपने खाने का ध्यान रखें
    वसायुक्त, तला हुआ या मसालेदार भोजन आपके पेट में परेशानी कर सकता है। यह आपके पाचन तंत्र की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और आपको कब्ज होने की अधिक संभावना हो सकती है। अगर आप सब्ज़िओं और फाइबर के साथ अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाते हैं तो आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
     
  4. अपने चिकित्सक से सलाह लें
    यदि आपको दूध पीने के बाद या कोई निश्चित चीज़ खाने के बाद पेट में ऐंठन होती है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें। ऐसा हो सकता है आपको डेयरी उत्पादों या किसी अन्य प्रकार के भोजन के प्रति असंवेदनशीलता हो। आपके डॉक्टर आपको इनसे दूर रहने के तरीकों का पता लगाने में मदद कर सकते हैं।
     
  5. अधिक पानी पिएँ
    पानी आपके पेट की गतिविधि ठीक रखता है ताकि आप नियमित रहें। जब आपको प्यास लगे तो पानी पिएँ और सोडे वाले पेय पदर्थों (जैसे कोल्ड-ड्रिंक) का सेवन कम करें। कार्बन युक्त पेय पदार्थ गैस कर सकते हैं जिससे पेट दर्द हो सकता है। अल्कोहल और कैफीनयुक्त पेय पदार्थ कुछ लोगों के पेट में परेशानी पैदा कर सकते हैं इसलिए यदि आपको भी इनसे परेशानी होती है तो इनसे दूर रहें।
     
  6. अपने हाथ धोएं
    पेट के दर्द का एक सामान्य कारण जठरान्त्रशोथ (पाचन तंत्र में संक्रमण और सूजन के कारण होने वाली एक बीमारी) है जिसे कभी-कभी पेट का वायरस कहा जाता है। इससे दस्त, मतली, बुखार या सिरदर्द हो सकते हैं। रोगाणुओं को फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह है की विशेषकर खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और सार्वजनिक स्थानों पर उपस्थित होने पर बार-बार अपने हाथ धोएं।
     
  7. तनावमुक्त रहें
    कुछ लोगों को तनाव के कारण दिल की धड़कन में वृद्धि होती है या उनकी हथेलियों में पसीना आने लगता है या उन्हें पेट दर्द होता है। इसीलिए तनावमुक्त रहें और ऐसा करने के लिए आप व्यायाम, ध्यान लगाना आदि चीज़ें कर सकते हैं। यदि वे काम नहीं करते हैं, तो अपने चिकित्सक से सलाह लें।

पेट दर्द का उपचार - Stomach Pain Treatment in Hindi

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दर्द के कारणों के आधार पर विभिन्न प्रकार के डॉक्टरों द्वारा पेट दर्द का इलाज किया जा सकता है। यदि दर्द गंभीर है तो आपको अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में भर्ती होना पड़ सकता है जहां आपातकालीन दवा चिकित्सक आपकी देखभाल करेंगे।
आप पेट के दर्द को कम करने के लिए एक हीटिंग पैड का इस्तेमाल कर सकते हैं। कैमोमाइल या पुदीने की चाय गैस को कम करने में मदद कर सकती हैं। हालाँकि पेट दर्द के लिए निम्लिखित उपचार किए जा सकते हैं -

केमिस्ट से मिलने वाली दवाएं

  1. गैस के दर्द के लिए, सिमेथिकोंन युक्त दवाओं से पेट दर्द में राहत मिल सकती है।
  2. गैस्ट्रोइसोफ़ेगल रिफ़्लक्स रोग (जीईआरडी), से होने वाली जलन के लिए आप एंटासिड या एसिड कम करने वाली दवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
  3. कब्ज के लिए, एक रेचक औषधि आपकी मदद कर सकती है।
  4. दस्त से ऐंठन के लिए, लोपरामाइड या बिस्मथ सब-सैलिसिलेट वाली दवाएं आपको बेहतर महसूस करने में मदद कर सकती हैं। (और पढ़ें - डायरिया के घरेलू उपचार)
  5. अन्य प्रकार के दर्दों के लिए, एसिटामिनोफेन सहायक हो सकती है लेकिन एस्पिरिन, इबुप्रोफेन या नैरोप्रोसेन जैसी गैर-स्टेरायडल एंटी-इन्फ्लैमेटरी दवाओं से दूर रहें।

आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए अगर आपको इनमें से कुछ लक्षण होते हैं -

  1. गंभीर पेट में दर्द या दर्द कई दिनों तक रहना।
  2. मतली और बुखार होना।
  3. मल में खून आना।
  4. पेशाब करने में दर्द होना।
  5. मूत्र में खून आना।
  6. मल पारित नहीं कर पाना और उलटी होना।
  7. दर्द होने से पहले पेट में चोट लगना।
  8. पेट में जलन होना और दवाओं से ठीक नहीं हो पाना।

पेट दर्द में परहेज़ - What to avoid during Stomach Pain in Hindi?

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पेट में दर्द होने पर निम्नलिखित पदार्थों से परहेज़ करें -

  1. दूध - दूध और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों और क्रीम या मीट जैसे खाद्य पदार्थों में फैट की मात्रा अधिक होती है जो पेट दर्द के लिए अच्छा नहीं होता।
  2. एसिड की मात्रा में उच्च खाद्य पदार्थ - टमाटर से बने पदार्थों के साथ-साथ साइट्रस आधारित उत्पादों से एसिड रिफ्लक्स हो सकता है।
  3. शराब - शराब पीने से आपको गैस हो सकती है इसीलिए इसका सेवन न करें।
  4. प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ - प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ बहुत सारे रसायनों और प्रेसेर्वेटिस से युक्त होते हैं, जो आपके पेट में परेशानी कर सकते हैं।
  5. चॉकलेट और कैफीन - कैफीन और चॉक्लेट खाना भी पेट के दर्द का कारण हो सकता है।

पेट दर्द में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Stomach Pain in Hindi?

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पेट दर्द में निम्नलिखित चीज़ें खाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है -

  1. केले - केले में पोटेशियम होता है , जिससे आपको उल्टी या दस्त से निर्जलित होने की समस्या में मदद मिल सकती है।
  2. चावल - चावल, आलू और अन्य स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ पाचन को आसान बनाते हैं और पेट को आराम देते हैं।
  3. सूप - दोनों तरल और उच्च नमक वाले पदार्थ आपको हाइड्रेटेड रख सकते हैं।
  4. पपीता - पपीता पाचन को स्वस्थ रखता है, अपच को कम करता है और कब्ज में मदद करता है।
  5. अदरक - अदरक उलटी आने के उपाय के रूप में अच्छी तरह से काम करता है और पाचन स्वास्थ्य बनाए रखता है।
  6. हर्बल चाय: - गर्म चाय के सुखदायक प्रभावों के अलावा पुदीने और कैमोमाइल वाली चाय पेट की समस्याओं को हल करती हैं।
  7. नारियल पानी - नारियल के पानी पेट की परेशानियों को आराम देते में मदद कर सकता है।

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस समस्या से पीड़ित है, तो इन आसान से सवालों का जवाब देकर आप अन्य सदस्यों की मदद कर सकते हैं|

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