दम घुटना - Suffocation in Hindi

Dr. Rajalakshmi VK (AIIMS)MBBS

September 07, 2018

February 03, 2024

दम घुटना
दम घुटना

परिचय: 

दम घुटना एक ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज सांस नहीं ले पाता। यह अक्सर हवा की कमी के कारण या श्वसनमार्गों (या गले) में कुछ फंस जाने के कारण होता है। यह एक आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो सकता है और यहां तक कि मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। दम घुटने के मुख्य कारण गले में कुछ अटक जाना, ब्रोंकाइल अस्थमा और हवा में ऑक्सीजन की कमी आदि हैं। 

(और पढे़ं - गले में कुछ अटक जाए तो क्या करें)

जिन लोगों को दम घुटने की समस्या है, उनमें अक्सर परेशान रहना, होंठ नीले पड़ना, बोलने में कठिनाई, गहरी सांसे लेना और घरघराहट के लक्षण देखे जा सकते हैं। दम घुटना एक अत्यधिक गंभीर स्थिति है, तुरंत इसके कारण का पता लगना बहुत जरूरी होता है। दम घुटने का मुख्य कारण अक्सर गले में कुछ अटकना होता है। ऐसा तब होता है जब कोई कठोर वस्तु निगलने की कोशिश की जाती है और वह गले में अटक जाती है जिससे गले के श्वसन मार्ग बंद हो जाते हैं। दम घुटने की स्थिति का परीक्षण करने के लिए छाती का एक्स रे, अस्थमा के लिए एलर्जी टेस्ट और ब्रोंकोस्कोपी आदि जैसे टेस्ट किये जा सकते हैं। (और पढ़ें - सोते समय घरघराहट)

दम घुटने का इलाज इस पर निर्भर करता है, कि मरीज का किस कारण से दम घुट रहा रहा है। यदि कुछ निगलने जाने के कारण मरीज का दम घुट रहा है, तो उसका इलाज करने के लिए गले से उस वस्तु को निकाल कर श्वसन मार्गों को खोलना पड़ता है। गले में से वस्तु को निकालने के लिए खांसी करने की कोशिश करना, पीठ पर थपकी देकर खांसी करवाना या हेमलिश मैनोयूवर (Heimlich’s manoeuvre) प्रक्रिया का इस्तेमाल करना शामिल है। अस्थमा को ब्रोंकोडायलेटर इनहेलर (एक प्रकार की दवाई जिसे सूंघा जाता है) या एड्रिलाइन के इंजेक्शन के द्वारा नियंत्रित किया जाता है। (और पढ़ें - खांसी में क्या खाना चाहिए)

दम घुटना जीवन के लिए घातक स्थिति है, क्योंकि ऑक्सीजन के बिना मस्तिष्क कुछ ही मिनट तक जीवित रह पाता है। 

(और पढे़ं - बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार)

दम घुटना क्या होता है - What is Suffocation in Hindi

दम घुटना क्या है?

दम घुटना एक सांस संबंधी गंभीर समस्या है, जिसमें व्यक्ति को हवा की कमी और सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। इस स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन की गंभीर रूप से कमी हो जाती है। शरीर के अंदरूनी अंगों में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से मरीज की तुरंत या कुछ समय बाद मृत्यु हो जाती है। 

(और पढे़ं - सांस फूलने का इलाज)

दम घुटने के लक्षण - Suffocation Symptoms in Hindi

दम घुटने के क्या लक्षण हैं?

  • बोल ना पाना
  • कुछ निगलने के लिए जोर लगाना
  • ठीक से सांस ना ले पाना
  • गला घुटना या गले में खिचाव सा महसूस होना
  • सांस लेने में दिक्कत (और पढ़ें - सांस लेने में रुकावट का इलाज)
  • सांस लेने के साथ आवाज आना या घरघराहट
  • खांसी के लिए जोर लगाने पर भी खांसी ना कर पाना
  • बेहोश होना (और पढ़ें - बेहोश होने पर प्राथमिक उपचार)
  • तेज खांसी उठना
  • भय महसूस होना
  • गला पकड़ना - जब किसी व्यक्ति का दम घुटने लगता है या उनके गले में कुछ फंस जाता है, तो वह अपने एक या दोनो हाथों से गला पकड़ कर बैठ जाता है। उनकी इस प्रतिक्रिया से आपके आस-पास के लोगों को पता चल जाता है कि उनका दम घुट रहा है। 
  • शरीर नीला पड़ जाना - इस स्थिति को “सायनोसिस” (Cyanosis) कहा जाता है, इसमें त्वचा नीली पड़ने लगती है। इसके संकेत सबसे पहले चेहरे, होठों और नाखूनों पर दिखाई देते हैं। दम घुटने पर यह लक्षण भी दिखाई दे सकता है लेकिन इससे पहले ऊपर बताए गए कुछ अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। (और पढ़ें - नील पड़ने का इलाज

खासकर शिशुओं में दम घुटने की स्थिति का पता लगाना जरूरी होता है:

  • यदि शिशु को दम घुटने से संबंधित किसी प्रकार की समस्या महसूस हो रही है, तो शिशु के व्यवहार और उसके संकेतों पर और अधिक ध्यान देना जरूरी होता है।
    • सांस लेने में दिक्कत
    • शिशु का ठीक से चिल्ला ना पाना या ठीक से खांसी ना कर पाना या फिर दोनों समस्याएं एक साथ होना (और पढे़ं - नवजात शिशु को कफ के लक्षण)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

दम घुटना जीवन के लिए घातक स्थिति है इसलिए यदि आपको दम घुटने से संबंधित किसी प्रकार के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए।

(और पढे़ं - दमा के घरेलू उपाय)

दम घुटने के कारण और जोखिम कारक - Suffocation Causes & Risk Factors in Hindi

दम घुटने के कारण और जोखिम कारक - Suffocation Causes & Risk Factors in Hindi

दम घुटने के कारण क्या हैं?

कुछ ऐसी स्थितियां जिससे किसी व्यक्ति का दम घुट सकता है:

  • श्वसन मार्ग संकुचित होना या श्वसनमार्गों में कुछ फंस जाने से या गले में कोई बाहरी वस्तु फंस जाने से दम घुटने लग सकता है। इसके अलावा किसी ऐसे वातावरण में रहना जहां की हवा में काफी कम मात्रा में ऑक्सीजन हो वहां पर भी व्यक्ति का दम घुटने लग जाता है। 

दम घुटने के अन्य विभिन्न कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • ब्रोंकाइल अस्थमा दम घुटने के सबसे मुख्य कारणों में से एक है
  • बाहरी वस्तु गले में अटक जाने के कारण दम घुटने की समस्या अक्सर 1 से 3 साल के बच्चों को ही होती है। शिशुओं में यह समस्या लड़कों में लड़कियों से दोगुनी होती है। (और पढ़ें - शिशु की देखभाल)
  • गले के मांस (ऊतकों) में सूजन आना
  • हानिकारक रसायनों के संपर्क में आना
  • डूबना (जैसे पानी में डूबना)
  • किसी दवा को अत्यधिक मात्रा में लेना
  • सांस द्वारा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अंदर जाना, जैसे कार से निकलने वाला धुआं या सिगरेट का धुआं आदि। कार्बन मोनोऑक्साइड गैस लाल लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाने वाले हीमोग्लोबिन के साथ ज्यादा आकर्षण बनाती है, जबकि ऑक्सीजन कम बना पाती है। इस प्रक्रिया में मोनोऑक्साइड गैस ऑक्सीजन की जगह रोक लेती है, जिससे शरीर के अन्य हिस्सों में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। (और पढ़ें - सिगरेट कैसे छोड़े)
  • गले में कुछ फंसने के कारण श्वसन मार्ग बंद होना
  • लंबे समय से क्लोरीन गैस के संपर्क में रहना
  • कोई दौरा पड़ना जिससे सांस लेने कि प्रक्रिया बंद हो जाए
  • गला रुकने जैसा महसूस होना
  • श्वसन तंत्र संबंधी कोई रोग होना
  • स्लिप एप्निया
  • किसी प्रकार के एक्सीडेंट या गले पर गंभीर चोट लगने के कारण श्वसन नली रुक जाना (और पढ़ें - चोट की सूजन का इलाज)
  • किसी ऊंचाई के क्षेत्र पर होना जहां पर वायुमंडल की जगह कम हो और हवा में ऑक्सीजन कम हो
  • गले में रस्सी आदि की गांठ लग जाना (या फांसी लगना/लगाना)
  • नसों संबंधी कोई विकार जिसके कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही हो
  • श्वसन तंत्र प्रणाली को प्रभावित करने वाले कुछ रोग जैसे लकवा (Paralysis), रेबीज (Rabies) और टेटनस (Tetanus) आदि।

दम घुटने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ ऐसी स्थितियां जो दम घुटने के जोखिम बढ़ाती हैं:

दम घुटने से बचाव - Prevention of Suffocation in Hindi

दम घुटने से बचाव - Prevention of Suffocation in Hindi

दम घुटने की रोकथाम कैसे करें?

  • यदि आपका वजन ज्यादा है, तो अपना वजन कम करें (और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)
  • ऊंचाई के स्थानों पर होने वाली स्थितियों को ध्यान में रखें। यदि आप 5000 फीट से अधिक ऊंचाई वाली जगह पर हैं, तो कोई मेहनत का काम ना करें
  • प्रदूषण के संपर्क में आने से बचें। जितना हो सके ऐसे क्षेत्रों में ना जाएं जहां की हवा एलर्जिक या विषाक्त पदार्थों से दूषित हो। 
  • भोजन करते समय छोटा निवाला लें और उसे अच्छे से चबाने के बाद ही निगलें। 
  • शराब पीने से आपकी चबाने और निगलने की क्षमता कम होने लगती है जिससे गला घुटने का खतरा बढ़ जाता है। (और पढ़ें - शराब छोड़ने का तरीका)
  • रिलेक्सेशन (Relaxtion; आराम करना) और मेडिटेशन (Meditation) तकनीकों का अभ्यास करें, ये तकनीकें गला घुटने जैसी समस्याओं को दूर रखने में मदद करती हैं। 
  • छोटे बच्चों को कठोर भोजन ना दें और ना ही कोई छोटी वस्तु या खिलौना दें, जो गले में फंस सकती है। कठोर कैंडी, मटर और कठोर मीट आदि जैसे भोजन 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं देने चाहिएं, क्योंकि ये उनके गले में अटक सकते हैं। 
  • यदि आपको ब्रोंकाइल अस्थमा है, तो उसे नियंत्रित करने के लिए इनहेलर (एक प्रकार का उपकरण) को ठीक से कैसे इस्तेमाल करना है, इस बारे में डॉक्टर की मदद लें। (और पढ़ें - अस्थमा में क्या खाना चाहिए)
  • यदि आपको अस्थमा अटैक या अस्थमा से संबंधित अन्य कोई आपातकालीन समस्या है, तो हमेशा अपने पास रेस्क्यू इनहेलर (अचानक से होने वाले अस्थमा को नियंत्रित करने वाला एक यंत्र) को अपने साथ रखें।
  • यदि बच्चों के मुंह में भोजन या चुइंगम हैं तो उन्हें खेलने ना दें। 
  • धूम्रपान छोड़ दें, जब आप तंबाकू मुक्त हो जाते हैं तो आपके हृदय और फेफड़ों के रोग या कैंसर होने का खतरा कम होने लगता है। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के उपाय)
  • यदि आपको कोई ऐसी मेडिकल समस्या है, जो आपके श्वसन तंत्र को कमजोर कर सकती है, तो जल्द से जल्द उसका इलाज करवा लें।
(और पढे़ं - हृदय रोग के लक्षण)

डाइट कर के और एक्सरसाइज कर के थक चुके है और वजन काम नहीं हो पा रहा है तो myUpchar आयुर्वेद मेदारोध फैट बर्नर जूस का उपयोग करे  इसका कोई भी  दुष्प्रभाव नहीं है आज ही आर्डर करे और लाभ उठाये।

दम घुटने का परीक्षण - Diagnosis of Suffocation in Hindi

दम घुटने की जांच कैसे करें?

दम घुटना एक आपातकालीन स्थिति है। यदि किसी व्यक्ति का दम घुट रहा है, तो आस-पास के लोगों को डॉक्टर के आने की प्रतीक्षा करने की बजाए पीड़ित व्यक्ति की सहायता में लग जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का बार-बार दम घुट रहा है, तो डॉक्टर ही इसके कारण का पता लगा सकते हैं। 

दम घुटने की जांच करने के लिए डॉक्टर आपकी पिछली मेडिकल स्थिति के बारे में पूछेंगे और आपका शारीरिक परीक्षण करेंगे। परीक्षण के दौरान डॉक्टर स्टीथोस्कोप नाम के उपकरण का इस्तेमाल करेंगे, जिसकी मदद से सांस से निकलने वाले आवाज की सुनते हैं और उसकी जांच करते हैं।

परीक्षण करने के लिए डॉक्टर अन्य कई टेस्ट कर सकते हैं, जैसे:

  • एलर्जी टेस्ट - यदि आपके डॉक्टर को यह संदेह होता है, कि आपको किसी प्रकार की एलर्जी के करण दम घुटने की समस्या हो रही है, तो वे आपका एलर्जी टेस्ट कर सकते हैं। (और पढ़ें - एलर्जी से बचने के उपाय)
  • एक्स रे - श्वसनमार्गों में सूजन या किसी प्रकार की रुकावट की जांच करने के लिए छाती और साइनस का एक्स रे किया जाता है। (और पढ़ें - साइनस में क्या खाएं)
  • लंग फंक्शन टेस्ट - ब्रोंकाइल अस्थमा का परीक्षण करने के लिए ये टेस्ट किए जाते हैं। (और पढ़ें - लंग कैंसर के लक्षण)
  • ब्रोंकोस्कोपी - श्वसनमार्गों को करीब से देखने के लिए इस टेस्ट को किया जाता है। ब्रोंकोस्कोपी की मदद से श्वसनमार्गों में किसी प्रकार की रुकावट या सूजन आदि की जांच की जाती है।

दम घुटने का इलाज - Suffocation Treatment in Hindi

दम घुटने का इलाज - Suffocation Treatment in Hindi

दम घुटने का इलाज कैसे किया जाता है?

दम घुटने का इलाज उसके कारण के आधार पर ही किया जाता है।

आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित करना - 

  • मरीज को आराम देना - क्योंकि मरीज शरीर की जितनी ऊर्जा का उपयोग करता है, उतनी ही उसकी ऑक्सीजन कम होती है जिससे उसका और अधिक दम घुटने लगता है। 
  • मरीज की सुविधा के अनुसार उसको लेटाना, बैठाना या खड़ा करके रखना - यदि आपका दम घुट रहा है, तो अपने सांसों को नियंत्रित करने की कोशिश करें। सांस लेने का सही अभ्यास करें, धीरे-धीरे लंबी सांस लें और अपने पेट को फुला लें और फिर वापस धीरे-धीरे सांस छोड़कर पेट को पूरी तरह से खाली कर दें। 
  • कारण का पता लगाने की कोशिश करना - यदि किसी व्यक्ति का दम घुट रहा है, तो उसी दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश करें कि उसका दम क्यों घुट रहा है।

(और पढ़ें - बंद नाक खोलने का नुस्खा)

गले में कुछ फंसना (Choking on an object)

यदि मरीज किसी कठोर चीज को निगल गया है, जो उसके गले में फंसने के कारण उसका दम घुट रहा है। ऐसा होने पर आपको उसकी पीठ पर अपनी हथेली से तेजी से मारें, पीठ पर मारने से मरीज को खांसी होने लगेगी और अवरोध निकल जाएगा। यदि ऐसा करने से भी मरीज को आराम महसूस ना हो, तो हेमलिश मैनोयूवर प्रक्रिया अपनाएं:

  • मरीज के पीछे खड़े हों और अपने एक पैर को दूसरे पैर से थोड़ा सा आगे कर लें, ताकि आपका खड़े होने का संतुलन सही बना रहे। अपनी बाजुओं को मरीज के दोनों तरफ से निकालें। मरीज को हल्का का आगे की तरफ झुका लें। यदि मरीज कोई बच्चा है तो उसके लिए आप घुटनों के बल होकर ये प्रक्रिया करें। 
  • एक हाथ की मुट्ठी बना लें - मरीज के पीछे खड़े होकर मुट्ठी को मरीज की नाभि पर रखें।
  • मुट्ठी को दूसरे हाथ से पकड़ लें - दूसरे हाथ से मुट्ठी को पकड़ कर पेट को मजबूती से दबाने की कोशिश करें, जैसे कि आप मरीज को उठाने की कोशिश कर रहे हों। 
  • पेट को दबाने की प्रक्रिया कम से कम 6 से 10 बार करें, जब तक गले में फंसी वस्तु निकल नहीं जाती। 

दम घुटने के कारण को नियंत्रित करना

ब्रोंकाइल अस्थमा

अस्थमा अटैक एक इमर्जेंसी स्थिति होती है, इसमें श्वसन मार्ग संकुचित हो जाते हैं और मरीज सांस नहीं ले पाता जिससे कारण मरीज का दम घुटने लगता है। 

(और पढ़ें - अस्थमा के लिए जूस)

इसके इलाज निम्न शामिल हैं:

  • इनहेलर ब्रोंकोडायलेटर्स - ये सांस के द्वारा ली जाने वाली स्प्रे होती हैं। इन दवाओं में एल्बुटेरोल (Albuterol) और लेवलबुटेरोल (Levalbuterol) आदि शामिल हैं। 
  • कोर्टिकोस्टेरॉयड - ये दवाएं खाने के रूप में और इंट्रावेनस (नसों के द्वारा दवाएं देना) के रूप में दी जाती हैं। कोर्टिकोस्टेरॉयड में प्रेडनीसोन और मेथिलप्रेडनीसोलोन दवाएं शामिल हैं, जो अस्थमा के कारण होने वाली सूजन को कम कर देती हैं। 
  • एनाफिलेक्सिस - यह एक अत्यधिक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन है, जिससे गले में गंभीर रूप से सूजन आ जाती है और दम घुटने लगता है। (और पढे़ं - तीव्रग्राहिता के लक्षण)

इसका इलाज करने के लिए - 

  • बिना देरी किये मरीज की जांघ के बीच में एड्रिलाइन (एपिनेफ्रीन) का इंजेक्शन लगाना, इस उपाय से मरीज की जिंदगी को बचाया जा सकता है। 
  • एलर्जिक पदार्थों को हटाना
  • ऑक्सीजन देना
(और पढे़ं - एलर्जी के लक्षण)

दम घुटने की जटिलताएं - Suffocation Complications in Hindi

दम घुटने पर क्या समस्याएं होती हैं?

  • गला घुटने के कारण शरीर की ऑक्सीजन कम होना जिससे मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो जाता है और 4 से 6 मिनट के भीतर मरीज की मृत्यु हो जाती है। 
  • जब तक पूरी तरह से बंद श्वसनमार्गों को खोलने के लिए प्रयास नहीं किये जाते, तब तक मरीज के जीवित रहने और पूरी तरह से ठीक होने की संभावनाएं तेजी से कम होती रहती हैं। 

यदि मरीज जीवित रह भी जाता है, तो फिर भी कुछ जटिलताएं रह जाती हैं, जैसे: 

  • होश ना रहना (मस्तिष्क में खून का प्रवाह कम होने के कारण)
  • मस्तिष्क क्षतिग्रस्त होना (मस्तिष्क में खून का प्रवाह कम होने के कारण मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे मस्तिष्क क्षतिग्रस्त होने लगता है।
  • फेफड़े संकुचित होना (दोनों में से किसी एक फेफड़ों में हवा प्रवाह पूरी तरह से बंद हो जाने के कारण वह फेफड़ा पूरी तरह से संकुचित हो जाता है।)
  • निमोनिया (बैक्टीरिया युक्त सूक्ष्म पदार्थ श्वसन तंत्र में रह जाते हैं और फेफड़ों तक चले जाते हैं )

(और पढे़ं - निमोनिया के लक्षण)