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आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से, बालों का विकास आपकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जब आप खुश होते हैं, तो आपके बाल जीवंत दिखते हैं। लेकिन जब आप उदास होते हैं, तो आपके बाल बेजान हो जाते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक बालों के निर्माण के लिए जिम्मेदार ऊतक बालों का विकास भी करते हैं। प्रारंभिक बालों का झड़ना शरीर के प्रकार और दोष के संतुलन से संबंधित है। 

आयुर्वेद में, बालों के झड़ने को खालित्य (khalitya) के रूप में जाना जाता है और बालों का समय से पहले सफ़ेद होना पलतिया (Palitya) के रूप में जाना जाता है। दोनों खालित्य और पलतिया को शुद्ध पाटिक विकार (जो कि आपके पित्त दोष असंतुलन से उत्पन्न होता हैं) माना जाता है। इसलिए जब आप लगातार पित्त (अपने शरीर में गर्मी) को परेशान करते हैं, तो यह आपके हेयर को ग्रे कर सकता है।

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  6. आयुर्वेद के अनुसार ताम्बा युक्त आहार सफेद बालों के लिए अच्छा - Ayurved recommends copper rich foods for grey hair in Hindi
  7. आयुर्वेद कहता है बाल सफ़ेद हों तो करें प्रसन्ना मुद्रा - Prasanna Mudra good for grey hair according to ayurved in Hindi
  8. मंडूकासन के फायदे ग्रे बालों के लिए - Mandukasana for Grey Hair in Hindi

सफ़ेद बालों के लिए पंचकर्म चिकित्सा जैसे विरेचन, नास्या और शिरोधारा बहुत उपयोगी हैं।

  1. विरेचन विचलित पित्त दोष के संतुलन में मदद करता है।
  2. नास्या के लिए सबसे अच्छा तेल शाद्बिंदु, नीम या यष्टिमधु है।
  3. शिरोदरा के साथ भृंगराज तेल या नीली तेल बाल गिरने और सफ़ेद बालों को कम करने में मदद कर सकता है।

तिल के तेल (आमला, नीम और यष्टिमधु -लीकोरिस के साथ तैयार) के साथ एक नियमित बाल मालिश बाल झड़ने को रोकने में मदद करता है। सोने से पहले घी (गाय के दूध से बना) को पैरों के नीचे लगाने से सफ़ेद बालों को काले रंग में बदलने में मदद मिलेगी।

  1. मसालेदार, भारी, और तेल पदार्थों के साथ-साथ चाय और कॉफी से बचें।
  2. परिष्कृत खाद्य पदार्थ, परिष्कृत चीनी, जंक फूड और शराब और कार्बोनेटेड पेय से बचें।
  3. सलाद, गाजर, शिमला मिर्च और अल्फला (lettuce) से तैयार ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियों और वनस्पति के रस का सेवन बढ़ाएं। 

कफ को अपने सिर में जमा न होने दें। जो लोग सदा कोल्ड से पीड़ित रहते हैं वे कम उम्र में भूरे बालों को पाने के लिए अधिक संवेदी होते हैं। हल्के कोल्ड को हल्के में न लें। साइनोसाइटिस को अनदेखा न करें। इसका बालों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

स्कैल्प को पुनर्जीवित करने के लिए नियमित देखभाल के लिए एक आयुर्वेदिक मालिश आवश्यक है।

भृंगराज को केशराज के रूप में जाना जाता है। यह बालों की वृद्धि को बढ़ावा देता है और बालों को काला और चमकदार बनाता है। इसे प्रभावी ढंग से बालों को सफ़ेद होने से रोकता है। यह मस्तिष्क को शांत करता है और मन को अत्यधिक गतिविधि से शांत करने में मदद करता है, इस प्रकार यह अच्छी को नींद को बढ़ावा देता है।

(और पढ़ें - सफेद बालों के लिए तेल)

  1. आहार में तांबे की कमी के कारण कभी-कभी बाल सफ़ेद दिखाई देते हैं। दैनिक रूप से बहु-विटामिन अधिकतर तांबे से परिपूर्ण भोजन का सेवन करें।
  2. कॉपर में समृद्ध खाद्य पदार्थ हैं: सैंडिप ग्रीन्स, लिमा सेम, पालक और अधिकांश मीट।
  3. कॉपर ब्लैकबेरी, अनानास, अनार, बादाम और कद्दू के बीज में भी पाए जाते हैं।

प्रसन्ना मुद्रा करने के लिए छाती के पास हाथ रखें । 5 से 10 मिनट के लिए एक दूसरे के खिलाफ आठ उंगलियों के नाखूनों को 30 दिनों के लिए रगड़ें। अंगूठे सीधे होने चाहिए। यह बालों के झड़ने को धीमा कर देता है, भूरे रंग के बाल और दोमुंहें को समाप्त करने में मदद करता है। यह आपके बालों को चमकदार और मजबूत बनाता है।

मंडूकासन समय से पहले सफ़ेद बालों के लिए बहुत अच्छा है और बालों को आगे सफ़ेद होने से रोकने में मदद करता है। यह कब्ज, मधुमेह और पाचन विकार जैसे कुछ अन्य बीमारियों के लिए भी उपयोगी है।  यह प्रभावी रूप से जांघों, कूल्हों और पेट के वजन को कम कर सकता है। यह आसन कमर के निचले हिस्से को मजबूत करता है।

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