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काजल का इस्तेमाल हर महिला अपनी आंखों को आकर्षित बनाने के लिए करती है। काजल को कोहल (Kohl) भी कहा जाता है। काजल एक प्रकार का मुलायम और क्रीमी उत्पाद है, जिसके उपयोग से आपकी आंखों में चमक आ जाती है। काजल न सिर्फ मेकअप के लिए जरूरी है, बल्कि इसमें चिकित्सीय गुण भी मौजूद होते हैं। काजल लगाने से आपकी आंखों को काफी आराम पहुंचता है, सोइ हुई आंखें एकदम फ्रेश हो जाती हैं और साथ ही वे सूरज की तेज किरणों से भी सुरक्षित रहती हैं।

बाजार में काजल आपको पेन्सिल, स्टिक और सस्ते से लेकर महंगे ब्रांड के रूप में मिल जाएंगे, लेकिन बाजार में मिलने वाले काजल में कई तरह के केमिकल भी मौजूद होते हैं। इसके कारण आपकी आंखों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। बाजार में मिलने वाले काजल के इस्तेमाल से अगर आपकी आंखों में किसी भी तरह की एलर्जी होती है, तो घर में भी प्राकृतिक सामग्रियों की मदद से काजल तैयार कर सकती है।

इस लेख में हम आपको घर में काजल कैसे बनाएं और लगाने का तरीका बता रहे हैं। साथ ही काजल लगाने के फायदे और नुकसान भी बताये गए हैं।

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तो चलिए जानते हैं काजल बनाने की विधि, लगाने का आसान तरीका, लाभ और नुकसान -

  1. काजल बनाने की विधि - Kajal banane ki vidhi
  2. काजल लगाने का सही तरीका - Kajal lagane ka sahi tarika
  3. घर में काजल लगाने के फायदे - Ghar me kajal lagane ke fayde
  4. आंखों में काजल लगाने के नुकसान - Aankhon mein kajal lagane ke nuksan
  5. काजल बनाने की विधि और लगाने का तरीका के डॉक्टर

काजल बनाने की विधि इस प्रकार है –

काजल बनाने की सामग्री –

  1. तीन बराबर आकार के दीये।
  2. एक रूई की बत्ती।  
  3. एक छोटी स्टील की प्लेट।  
  4. माचिस।
  5. बादाम का तेल। (और पढ़ें - बादाम के तेल के फायदे)

बनाने का तरीका –

  1. सबसे पहले दो दीया लें और उन्हें एक हाथ की दूरी पर रखें।
  2. अब दोनों दीये के ऊपर स्टील की प्लेट रखें।
  3. फिर तीसरे दीये में रूई की बत्ती रखें और कुछ मात्रा में दीये में घी डाल दें। इससे काफी घंटों तक दीया जलता रहेगा।
  4. अब जलते हुए दीये को प्लेट के नीचे रख दें।
  5. कुछ घंटे बाद जब दीया भुझ जाए तब स्टील की प्लेट में इखट्ठा हुई कालिख को चाकू की मदद से काजल की किसी पुरानी डिब्बी में डाल दें।
  6. अब डिब्बी में कुछ बूंद बादाम का तेल डालें और फिर काजल को चम्मच से अच्छी तरह से चलाएं। आप इसमें कुछ बूंद शुद्ध देसी घी और अरंडी तेल भी डाल सकते हैं। लेकिन ध्यान रहें बादाम के तेल या देसी घी की मात्रा इतनी भी न हो कि काजल लगाते समय आंखों से बहने लगे।
  7. पहले बादाम के तेल की दो बूंद डालकर देखें। काजल गाढ़ा और क्रीमी होना चाहिए।
  8. इस तरह काजल लगाने के लिए तैयार है। आप इसे किसी साफ और सूखी जगह पर रखें।
  9. काजल लगाने से पहले अपने हाथों को अच्छे से धो लें।

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काजल कैसे लगाएं?

  1. काजल लगाने से पहले, चेहरे को फेस वाश या क्लींजर से साफ कर लें और आंखों के आसपास के क्षेत्र को तौलिये से अच्छे से पोछ लें।
  2. अगर आप आंखों की पलकों या उसके आसपास की तैलीय त्वचा को साफ करना चाहते हैं तो फेस पाउडर के इस्तेमाल से उस क्षेत्र का चिकनापन दूर कर सकते हैं।
  3. अब काजल लें और फिर उसे आंख की निचली व अंदरूनी रेखा पर लगाएं। आंख के बाहरी क्षेत्र से काजल लगाना शुरू करें, जिससे वहां पर काजल का रंग गहरा आए। अगर आपकी आंखें छोटी हैं तो आंखों के निचली व अंदरूनी क्षेत्र पर काजल न लगाएं, क्योंकि इससे आपकी आंखें और अधिक छोटी लगेंगी।
  4. एक बार काजल लगाने के बाद फिर से उसके ऊपर काजल लगाएं। इससे काजल लंबे समय तक चलेगा और आपकी आंखों को और आकर्षित बनाएगा। नुकीली काजल पेन्सिल का इस्तेमाल करते हुए आंख के बाहरी तरफ से काजल लगाना शुरू करें और अंदर की तरफ लेकर जाएं। शुरुआत में काजल उतना ही लगाएं जितना आपको अपनी आंखों में अच्छा लगे।
  5. अगर आप चाहें तो काजल को आँखों के ऊपर आईलाइनर की तरह भी लगा सकते हैं।

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घर पर बनाया गया काजल विटामिन ई से समृद्ध होता है - Ghar pr banaya gaya kajal vitamin e se samridh hota hai

अरंडी तेल से बना आयुर्वेदिक काजल आंखों के लिए बेहद स्वस्थ होता है। अरंडी का तेल विटामिन ई से समृद्ध होता है। यह आंखों की पलकों को घना बनाता है और उन्हें काला भी करता है। घर पर बने काजल से आंखों का तनाव भी कम होता है। यह आंखों की थकान को दूर करता है और उन्हें स्वस्थ रखता है।

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घर के काजल में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं - Ghar ke kajal me anti-bacterial gun hote hai

घर के बने काजल में कॉपर होता है और कॉपर में इलाज करने के गुण मौजूद होते हैं। कॉपर आंखों की अशुद्धियों को साफ करने में भी मदद करता है। कॉपर आंख का संक्रमण और मेकअप से होने इन्फेक्शन को भी दूर करता है। यह आंखों के लेंस और मांसपेशियों को मजबूत करता है व उन्हें आराम पहुंचाता है। इस तरह आपकी आंखों की रोशनी मजबूत होती है।

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काजल आंखों की समस्या को ठीक करता है - Kajal aankhon ki samasya ko theek karta hai

पीतल और चांदी का इस्तेमाल आमतौर पर आयुर्वेदिक काजल बनाने के लिए किया जाता है। यह गुण आंखों की समस्या से आराम दिलाते हैं। साथ ही आंखों में होने वाली एलर्जी से भी निजात दिलाते हैं। आंखों को बार-बार मसलने से रक्त वाहिकाओं में सूजन आने लगती है, ऐसे में काजल लगाने से सूजन कम होती है और आंखों के कार्यों में भी सुधार होने लगता है।

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काजल लगाने से आंखें ताजा महसूस करती हैं - Kajal lagane se ankhe taja mehsoos karti hain

घर में बनाए जाने वाले काजल में कपूर सबसे अहम सामग्री है। यह सामग्री आंखों को फ्रेश रखती है और होने वाली थकान से राहत दिलाती है। इसके अलावा यह आंखों को ताजा भी रखती है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। कपूर में एस्ट्रीजेंट्स और संक्रमण को मारने के गुण मौजूद होते हैं।

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आंखों पर काजल लगाने से काले घेरे कम होते हैं - Aankhon par kajal lagane se kale ghere kam hote hain

आयुर्वेदिक काजल में देसी घी का भी उपयोग किया जाता है। घी आंखों की थकान व स्ट्रेस को कम करता है और इस तरह आपको काले घेरे की समस्या नहीं होती। यह आंखों के ऊपर व निचले क्षेत्र की अशुद्धियों को भी साफ करने में मदद करता है। इस तरह, आयुर्वेदिक काजल आपकी आंखों को संक्रमण से दूर करते हैं और आंखों को साफ रखते हैं।

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आंखों में काजल लगाने से आपकी आंखें बेहद खूबसूरत लगती होंगी, लेकिन काजल लगाने के फायदों के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी हैं जिन्हें आपने ध्यान में रखना है और काजल खरीदते समय सावधानी बरतनी हैं। काजल लगाने से आपको आंखों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं जैसे आंख आना, एलर्जी, केमिकल रिएक्शन, आंख में फुंसी या कॉर्नियल अल्सर, यूवाइटिस, काला मोतियाबिंद, आंखों में सूखापन, आंखों से पानी आना, खुजली आदि। नहाने के दौरान आंखों व नाक में काजल चला जाता है और इससे संक्रमण बढ़ सकता है।

बाजार में मिलने वाले किसी-किसी काजल में अधिक मात्रा में लेड (lead) होता है। एक स्टडी ने पाया कि बाजार में मिलने वाले काजल में गेलेना, मिनियम, अमोरफस कार्बन, मैग्नेटाइट और जिंक ऑक्साइड होता है। लंबे समय तक काजल का इस्तेमाल करने से शरीर में लेड की मात्रा बढ़ सकती है और इससे आपके मस्तिष्क और अस्थि-मज्जा (Bone marrow) को प्रभावित होने लगते हैं। काजल से छोटे बच्चों की आंखों को भी नुकसान पहुंच सकता है। बच्चों की आंखों में सिर्फ और सिर्फ प्राकृतिक काजल का ही इस्तेमाल करें।   

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