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बाल झड़ने को चिकित्सकीय भाषा में एलोपेसिया कहा जाता है। महिला और पुरूष दोनों के ही बाल झड़ते हैं। हर दिन 100 बाल झड़ना सामान्य है। लेकिन इससे ज्यादा बाल झड़े तो यह चिंता का विषय हो सकता है। बाल झड़ने की वजह को जानकर इसे रोका जा सकता है। बाल झड़ने की एक वजह तनाव या स्ट्रेस भी है। सवाल है स्ट्रेस की वजह से किस तरह बाल झड़ सकते हैं? क्या स्ट्रेस की वजह से झड़े हुए बाल कभी लौटते हैं? क्या स्ट्रेस से बालों की ग्रोथ भी प्रभावित होती है? अगर आप इन्हीं सवालों के जवाब जानना चाहते हैं, तो इस लेख को आगे पढ़ें।

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बाल झड़ने के तीन प्रकार जो स्ट्रेस के उच्च स्तर से जुड़े होते हैं-

  • टेलोजेन एफ्लुवियम :
    तनाव की वजह से हेयर फोलिकल (कोशिकाओं और संयोजी ऊतक के खोल जो बालों की जड़ से घिरे रहते हैं) आराम मुद्रा में पहुंच जाते हैं। नतीजतन जो बाल प्रभावित होते हैं, महीनेभर में वे बाल महज कंघी करने से ही झड़ने लगते हैं।
  • ट्राकोटिलोमेनिया:
    यह एक किस्म का विकार है जिसमें व्यक्ति को अपने सिर के बाल, भौहें और शरीर के अन्य हिस्सों के बाल खींचने की आदत हो जाती है। बाल खींचना एक नकारात्मक गतिविधि है जिससे असहज महसूस होता है। ऐसा तनाव, अवसाद, अकेलापन, बोझिलपन की वजह से होता है।
  • एलोपीसिया एरीटा:
    इस समस्या के कई कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गहरे तनाव की वजह से यह समस्या होती है। एलोपेसिया एरीटा होने की वजह से व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है जिससे बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं और बाल झड़ने की समस्या हो जाती है।

स्ट्रेस की वजह से झड़ रहे बालों का उपचार

स्ट्रेस की वजह से झड़ रहे बालों का कोई निश्चित उपचार नहीं है। दरअसल फोलिकल की संवेदनशीलता को ठीक करने का कोई तरीका नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए आपको अपने तनाव को कम करना होगा। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस स्थिति से निपटने के लिए नियिमत योग, मेडिटेशन, सामान्य एक्सरसाइज करें। खासकर उन एक्सरसाइज को महत्व दें जो तनाव को कम करते हैं जैसे चहलकदमी करें, डांस करें, अपनी हाॅबी को भी महत्व दें। अपने मन का कुछ करने से तनाव कम होता है जिससे बाल झड़ने बंद हो जाते हैं। अगर कोई हाॅबी नहीं है तो किसी ग्रुप को ज्वाइन करें, बागवानी करें या फिर किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करें, जिससे आपको अच्छा महसूस हो। तनाव कम करने के लिए लेखन भी उपयोगी विकल्प हो सकता है। यह एक कला है और कला खुद को व्यक्त करने का एक तरीका है। विशेषज्ञ भी तनाव से निपटने के लिए लेखन करने की सलाह देते हैं।

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डाइट का भी रखें ध्यान

तनाव से बाल झड़ने की समस्या होती है, ऐसे में तनाव पर नियंत्रण करके बालों के झड़ने की रोकथाम की जा सकती है। इसके साथ ही बालों का झड़ना रोकने के लिए संतुलित आहार को भी महत्व दें। खासकर भोजन में जरूरी विटामिन  शामिल करें। बालों के लिए कुछ उपयोगी विटामिन इस प्रकार हैं-

विटामिन सी - यह कोलेजन के निर्माण के लिए जरूरी है। यह त्वचा का कनेक्टिव टिश्यू है जो हेयर फोलिकल में पाया जाता है। विटामिन सी के लिए ब्रोकली, स्ट्राॅबेरी, सिट्रस फ्रूट शामिल करें।

विटामिन बी - विटामिन बी के कई फायदे हैं। यह मेटाबाॅलिज्म का स्तर बेहतर करता है। साथ ही त्वचा और बालों के लिए भी विटामिन बी बेहतर है। विटामिन बी के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन, नट्स और एवोकाडो खाएं।

विटामिन ई - यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। यह स्कैल्प को मजबूत कर बालों को झड़ने से रोकता है। विटामिन ई से भरे आहार हैं पालक, जैतून का तेल, ब्रोकली आदि।

हालांकि स्ट्रेस की वजह से स्थाई रूप से बाल नहीं झड़ते। जब आप तनाव को नियंत्रित करना सीख जाते हैं, बाल की ग्रोथ फिर से सामान्य हो जाती है। बाल झड़ने की समस्या भी कम हो जाती है। इसके बावूद अगर आपको एकाएक महसूस हो कि बाल धोने, कंघी करने से बाल झड़ रहे हैं तो विशेषज्ञों से संपर्क करें। जरूरी हो तो बाल झड़ने की समस्या से निपटने के लिए दवा की मदद लें और जरूरी उपचार कराएं। आप हर्बल उपयों को आजमाकर भी बाल झड़ने की समस्या को कम कर सकते हैं।

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