myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

बच्चों की नाक से खून आना एक आम समस्या होती है। इसको चिकित्सीय भाषा में एपिसटैक्सिस (Epistaxis) कहा जाता है। नाक से खून आने के अधिकतर मामलों में एक नाक से खून निकलता है। अगर बच्चे की नाक से ज्यादा खून निकल रहा है तो यह किसी बड़ी समस्या की ओर एक संकेत हो सकता है। बच्चे के नाक के आगे के हिस्से से निकलने वाले खून को रोकना आसान होता है, जबकि नाक के अंदरुनी (पिछले हिस्से) से बहते खून को जल्द रोक पाना थोड़ा मुश्किल होता है।

इस लेख में आपको बच्चों की नाक से खून आने की समस्या के बारे में बताया गया है। साथ ही आपको बच्चों की नाक से खून आने के प्रकार, बच्चों की नाक से खून आने के लक्षण, बच्चों की नाक से खून आने के कारण, बच्चों की नाक से खून आने का बचाव और बच्चों की नाक से खून आने का इलाज आदि विषयों को भी विस्तार से बताया गया है। 

(और पढ़ें - बच्चों की देखभाल कैसे करें)

  1. बच्चों की नाक से खून आने के प्रकार - Baccho ki naak se khoon anne ke prakar
  2. बच्चों की नाक से खून बहने के लक्षण - Baccho ki naak se khoon aane ke lakshan
  3. बच्चों की नाक से खून आने के कारण - Baccho ki naak se khoon aane ke karan
  4. बच्चे की नाक से खून आने से बचाव - Baccho ki naak se khoon aane se bachav
  5. बच्चों की नाक से खून आने का इलाज - Baccho ki naak se khoon aane ka ilaj

बड़ों की तरह ही बच्चों में भी नाक से खून आने के दो ही प्रकार होते हैं, जिसके विषय में आपको नीचे बताया जा रहा है।

  • नाक के पिछले हिस्से से खून आना (Posterior nosebleeds): 
    इसमें नाक के पिछले हिस्से से खून बहता है, ये समस्या बच्चों में बेहद कम देखने को मिलती है। जिन व्यस्कों को हाई बीपी की समस्या होती है, उनकी नाक के पिछले हिस्से से खून निकलता है। बच्चे के चेहरे या नाक में गंभीर चोट के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस दौरान नाक के अंदरुनी हिस्से की गहराई से खून बहने के कारण जब बच्चा खड़ा होता है तो खून उसके गले से होते हुए अंदर जाने लगता है।
    (और पढ़ें - बच्चों का चिड़चिड़ापन कैसे दूर करें)
     
  • नाक के अगले हिस्से से खून आना (Anterior nosebleed):
    नाक से खून आने का यह एक सामान्य प्रकार होता है। इसमें नाक की परत के आगे के हिस्से तक आने वाली रक्त केशिकाएं फटने की वजह से खून नाक से बाहर बहने लगता है।  

(और पढ़ें - शिशु टीकाकरण चार्ट)

इस समस्या का मुख्य लक्षण ही बच्चों की नाक से खून बहना होता है। नाक के सामने की श्लेष्मा झिल्ली से खून आने पर रक्त केवल एक नाक से ही आता है। नाक की गुहा (nasal cavity) के ऊपरी हिस्से से रक्तस्त्राव होने पर खून दोनों ही नाक से बाहर निकलता है। बच्चों की नाक से खून बहने के कुछ अन्य संकेतों को नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

  • बच्चे के नथुनों के किनारों पर लालिमा होना:
    बच्चे के नाक के नथुनों के किनारों पर लालिमा दिखना हल्के रक्तस्त्राव की ओर संकेत करता है।
    (और पढ़ें - नाक का कैंसर का इलाज)
     
  • नाक से निकलने वाले द्रव में रक्त के थक्के आना: 
    जब आपका बच्चा छींकता है और आप उसकी नाक को पोंछती हैं तो उसकी नाक से निकलने वाले द्रव्य में खून के थक्के दिखाई देते हैं। 
    (और पढ़ें - खून बहना कैसे रोकें)
     
  • नाक में खून का थक्का होना:
    आप बच्चे के नथुने पर सख्त रक्त का थक्का महसूस करेंगी, जबकि कई बच्चे नाक से खून के थक्के का छोटा हिस्सा बाहर निकालते हैं। 
    (और पढ़ें - बंद नाक का इलाज)
     
  • बच्चे के सिरहाने पर खून के धब्बे:
    ठंडा वातावरण और शुष्क हवाएं रात के समय बच्चे के सर्दी जुकाम को गंभीर बना देती है। जिसकी वजह से बच्चे के नाक से खून आने लगता है और अगली सुबह आपको बच्चे के सिरहाने पर खून के दाग दिखाई देते हैं। 
    (और पढ़ें - नाक में फ्रैक्चर का इलाज)
     
  • बच्चे की उल्टी में खून आना:
    नाक के अंदरुनी पिछले हिस्से से खून आने के मामले में खून की बूंदे पेट के अंदर चली जाती हैं। अगर इस स्थिति में गंभीर रक्तस्त्राव हो तो ज्यादा खून पेट में चले जाता है, जिसकी वजह से उल्टी आने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जब बच्चे को उल्टी होती है तो उसमें खून आता दिखाई देता है। हालांकि, नाक में खून आने के अलावा भी कई अन्य कारणों से बच्चे की उल्टी में खून आने की समस्या हो सकती है।
    (और पढ़ें - खून की उल्टी का इलाज)  

डॉक्टर के पास कब जाएं

नाक से खून आने की निम्नलिखित परिस्थिति में आपको जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

  • यदि बच्चे की नाक से लगातार 20 मिनट तक खून आता रहे।
  • नाक से खून बहने के बाद बच्चा सुस्त लगने लगे। (और पढ़ें - सुस्ती का इलाज)
  • नाक से खून बहने के बाद बच्चे का होश में ना रहना।
  • बच्चे की नाक से खून आने के बाद शरीर में पीलापन होना। (और पढ़ें - बच्चे की पीलिया का इलाज)
  • बच्चे की नाक का खून मुंह में आना। (और पढ़ें - नाक में फुंसी का इलाज)
  • बच्चे की नाक पर गंभीर चोट लगना या उसकी नाक में कुछ बाहरी चीज चले जाना। 

(और पढ़ें - चोट लगने पर क्या करें)

बच्चे की नाक से खून आने के कई कारण होते हैं, जिनको आगे बताया गया है।

  • नाक में चोट:
    किसी चीज के सीधा नाक पर लगने के कारण नाक की रक्त वाहिकाएं फट जाती है, जिसकी वजह से खून आने लगता है। कई बच्चे काफी एक्टिव होते हैं और वह इधर-उधर भागते दौड़ते रहते हैं। ऐसे में उनके गिरने और चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है, चोट या गिरने की वजह से भी बच्चे को नाक से खून आने लगता है।
    (और पढ़ें - गुम चोट का उपचार)
     
  • नाक में खरोंच लगना:
    खरोंच की वजह से बच्चों की नाक से बार-बार खून आना सामान्य बात है। कई बार नाक में उंगली डालते समय बच्चे के नाखून से नाक की नाजुक अंदरूनी परत पर खरोंच लग जाती है, जिसकी वजह से भी नाक से खून निकलने लगता है।    
     
  • नाक को तेजी से साफ करना:
    अगर आपका बच्चा तेजी से नाक के द्रव को बाहर निकालते हुए साफ करता है, तो इसकी वजह से भी उसकी नाक की रक्त वाहिकाएं फट जाती है। 
    (और पढ़ें - नाक बहने का इलाज)
     
  • नाक में बैक्टीरियल इन्फेक्शन होना:
    बच्चे की नाक के अंदरुनी हिस्से में बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से सूजन और लालिमा आना। इस स्थिति में भी बच्चे की नाक से खून बहने लगता है। 
    (और पढ़ें - चेहरे पर सूजन का इलाज)
     
  • नाक की बनावट में विकृति:
    नाक के आकार और बनावट में बदलाव या नाक के अंदरुनी हिस्से में होने वाली असामान्य वृद्धि भी खून निकलने का कारण होती है। 
    (और पढ़ें - नाक की हड्डी बढ़ने का इलाज)
     
  • दवाएं:
    कुछ दुर्लभ मामलों में दवाएं जैसे एस्पिरिन भी खून में थक्के जमने की वजह होती है। इसके अलावा हीमोफीलिया होने पर भी बच्चे को नाक से खून आने की समस्या हो सकती हैं। हालांकि, ऐसा बहुत ही कम होता है।

(और पढ़ें - नाक का मांस बढ़ने का इलाज)

नाक से खून आने की समस्या से बचाव के लिए आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं।

  • बच्चे को नाक में बार-बार उंगली डालने से रोकें, क्योंकि नाक में उंगली डालने से बच्चे की नाक की अंदरुनी परत में खरोंच लगने का खतरा रहता है। (और पढ़ें - बच्चों की खांसी का इलाज)
  • बच्चे के नाखूनों को छोटा रखें।
  • नाक से खून आने के गंभीर मामले में डॉक्टर बच्चे को सेलाइन ड्रॉप देने की सलाह देते हैं। बच्चे को सोने से पहले सेलाइन ड्राप दिया जाता है, ताकि उसकी नाक की गुहा में नमी बने रहे। इससे बच्चे की श्लेष्मा परत में नमी रहती है और ये बच्चे की रक्त वाहिकाओं को फटने से बचाती है।
  • डॉक्टर बच्चे के कमरे में ह्यूमीडीटिफायर का उपयोग करने की सलाह देते हैं। अगर बच्चे को सर्दी जुकाम या खांसी के कारण नाक से खून आता हो तो ह्यूमीडीटिफायर उसके लिए फायदेमंद साबित होता है। (और पढ़ें - खांसी के लिए घरेलू उपाय)
  • यदि बच्चे की नाक से गंभीर रूप से खून आता हो या बाहरी वातावरण शुष्क हो, तो उसकी नाक में पेट्रोलियम जेली लगानी चाहिए। इसे आप केवल उसी हिस्से तक लगाएं जहां तक आपकी उंगली जाती हो, इसको लगाने के लिए जबरदस्ती बच्चे की नाक में उंगली न डालें।

(और पढ़ें - मिट्टी खाने का इलाज)

बच्चों की नाक से खून आने के कारण के आधार पर ही बच्चे का इलाज किया जाता है। बच्चे की नाक से खून आने पर निम्नलिखित तरीके से इलाज किया जा सकता है।

  • एंटीबायोटिक:
    अगर बच्चे की नाक के इन्फेक्शन की वजह से खून आ रहा हो तो इस स्थिति में एंटीबायोटिक दवा का उपयोग किया जा सकता है। वायरल इन्फेक्शन भी बच्चे की नाक से खून आने की वजह हो सकता है, लेकिन इस स्थिति में डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वायरल इन्फेक्शन को दूर करने के लिए डॉक्टर अन्य इलाज प्रक्रिया को अपनाते हैं।
    (और पढ़ें - एंटीबायोटिक दवा लेने से पहले ज़रूर रखें इन बातों का ध्यान)
     
  • चोट को दूर करना: 
    यदि चेहरे, नाक और सिर की चोट के कारण नाक से खून आ रहा हो, तो ऐसे में चोट को सर्जरी व अन्य तरीकों से ठीक किया जाता है। बच्चे की नाक में कुछ चले जाने की वजह से खून आ रहा हो तो डॉक्टर उसको बाहर निकालकर इस स्थिति का इलाज करते हैं। 
    (और पढ़ें - सिर में चोट लगने पर क्या करे)
     
  • नाक में रूई डालना: 
    बच्चे की नाक मे दवा वाली रूई या पट्टी डालने से चोट की जगह पर दबाव बनता है और यह अतिरिक्त रक्त को सोख कर खून बहना बंद कर देती है। 
     
  • नेजल कोटीराइजेशन (nasal cauterization):
    जब बच्चे को बार-बार नाक से खून आ रहा तो इस प्रक्रिया को अपनाया जाता है। इसमें डॉक्टर सबसे पहले फटी हुई नस का पता लगाते हैं, जिसके बाद उस नस की परत को केमिकल तत्व जैसे सिल्वर नाईट्रेट से स्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है। 
    (और पढ़ें - बच्चे को दूध छुड़ाने का तरीका)

बच्चे के नाक से खून आने पर क्या करें

  • बच्चे को एक दिन आराम करने दें। इस समय बच्चे को ज्यादा खेल कूद और शारीरिक गतिविधियां न करने दें। जितना संभव हो बच्चे को घर के अंदर ही खेलने को कहें।
  • बच्चे को गर्म खाना, पानी या ज्यादा तेज गर्म पानी से न नहलाएं। (और पढ़ें - गुनगुना पानी पीने के फायदे)
  • बच्चे की नाक को बार-बार हाथ ना लगाएं और ना ही उसकी नाक के द्रव को तेजी से बाहर निकालने के लिए कहें।
  • ध्यान दें कि बच्चा घबराएं नहीं और उसको सांस लेने में परेशानी न हो। (और पढ़ें - नाक से खून आने पर क्या करना चाहिए)
  • बच्चे की सिर को आगे की ओर करें और उसके सीने को एक हाथ से सर्पोट करें। इससे रक्त बच्चे के गले में इकट्ठा होने से बचाव होता है। 

(और पढ़ें - नाक से खून आने के घरेलू उपाय)

और पढ़ें ...