एब्सेंस सीजर - Absence Seizure in Hindi

Dr. Nabi Darya Vali (AIIMS)MBBS

October 20, 2020

January 18, 2021

एब्सेंस सीजर
एब्सेंस सीजर

एपलेप्सी (मिर्गी) तंत्रिका तंत्र से जुड़ा एक विकार है, जिसमें दौरे पड़ने की समस्या होती है। दौरे मस्तिष्क की गतिविधियों में होने वाले अस्थायी परिवर्तन का परिणाम है।

एब्सेंस सीजर या पेटिट मैल सीजर में यह दौरे आमतौर पर 15 सेकंड से कम समय के लिए प्रभावित करते हैं और इनके लक्षण नाममात्र होते हैं, जो मुश्किल से नजर आते हैं। हालांकि, होश में न रहना (देखने, सुनने, महसूस करने में सक्षम न रहना) एब्सेंस सीजर को बदतर बना सकता है।

एब्सेंस सीजर के लक्षण क्या हैं? - Absence Seizure ke Symptoms in Hindi

एब्सेंस सीजर आमतौर पर 5 से 9 साल के बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। यह वयस्कों में भी हो सकता है। मिर्गी से पीड़ित बच्चों में एबसेंस सीजर और ग्रैंड मैल सीजर दोनों समस्याएं हो सकती है। इसमें गंभीर रूप से मांसपेशियों में सिकुड़न होती है, जिसकी वजह से इसमें तीव्रता ज्यादा होती है।

एब्सेंस सीजर के लक्षण निम्नलिखित हैं :

  • ऊपर की ओर लगातार देखना
  • मुंह को जोर से खोलना व बंद करना
  • पलकें फड़फड़ाना
  • बोलते-बोलते रुक जाना
  • अचानक व अनैच्छिक रूप से हाथ की गतिविधियां होना
  • आगे या पीछे झुकना

(और पढ़ें - बच्चों में दौरे आने के कारण)

एब्सेंस सीजर का कारण क्या है? - Absence Seizure ke Cause in Hindi

मस्तिष्क एक जटिल अंग है और शरीर ज्यादातर चीजों के लिए इस पर निर्भर रहता है। यह धड़कन और सांस लेने की प्रक्रिया में भी अहम रोल निभाता है। मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाएं एक-दूसरे से संचार करने के लिए विद्युत और रासायनिक संकेत भेजती हैं। दौरे पड़ने से मस्तिष्क की इन विद्युत गतिविधियों में हस्तक्षेप होने लगता है। एबसेंस सीजर के दौरान, मस्तिष्क के विद्युत संकेत रिपीट होते रहते हैं। एबसेंस सीजर से ग्रस्त व्यक्ति में न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर में बदलाव हो सकता है। ये रासायनिक संदेशवाहक (केमिकल मैसेंजर) होते हैं जो कोशिकाओं को संवाद करने में मदद करते हैं।

शोधकर्ताओं को एब्सेंस का सटीक कारण पता नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि यह स्थिति आनुवंशिक हो सकती है और एक पीढ़ी से दूसरी में जा सकती है। हाइपरवेंटिलेशन (एक ऐसी स्थिति जिसमें आप बहुत तेजी से सांस लेते हैं) या तेज रोशनी एब्सेंस सीजर को ट्रिगर कर सकते हैं।

(और पढ़ें - मिर्गी के दौरे क्यों आते हैं)

एब्सेंस सीजर का निदान कैसे होता है? - Absence Seizure ka Diagnosis in Hindi

एब्सेंस सीजर का निदान के लिए डॉक्टर निम्नलिखित स्टेप ले सकते हैं:

  • डॉक्टर सबसे पहले फिजिकल टेस्ट कर सकते हैं, जिसमें मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की भी जांच की जाती है।
  • मस्तिष्क में विद्युत गतिविधियों की जांच के लिए ईईजी (इलेक्ट्रोएंसेफैलोग्राम) किया जा सकता है। जिन लोगों में दौरे की समस्या होती है उनमें अक्सर परीक्षण के दौरान असामान्य विद्युत गतिविधियों को देखा जा सकता है। कुछ मामलों में, परीक्षण मस्तिष्क में उन हिस्सों को दिखाता है, जहां से दौरे शुरू होते हैं।
  • दौरे का कारण बनने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच के लिए ब्लड टेस्ट का सुझाव दिया जा सकता है।
  • मस्तिष्क में समस्या के कारण और स्थान का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन या एमआरआई किया जा सकता है।

एब्सेंस सीजर का इलाज कैसे किया जाता है? - Absence Seizure ka Treatment in Hindi

एब्सेंस सीजर का इलाज एंटी-सीजर मेडिसिन के जरिए किया जा सकता है। डॉक्टर कम खुराक वाली एंटी-सीजर मेडिसिन साथ उपचार शुरू कर सकते हैं। फिर वे परिणामों के आधार पर खुराक घटा या बढ़ा सकते हैं।

एब्सेंस सीजर के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं :

गर्भवती महिलाएं या जो महिलाएं गर्भवती होने की सोच रही हैं, उन्हें इन दवाइयों के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।

एब्सेंस सीजर से जूझ रहे लोगों के लिए कुछ गतिविधियां खतरनाक हो सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि एब्सेंस सीजर की स्थिति में जागरुकता की अस्थायी कमी हो जाती है। उदाहरण के लिए ड्राइविंग और तैरने के दौरान एब्सेंस सीजर ट्रिगर होने से डूबने का जोखिम हो सकता है। डॉक्टर आपको तब तक तैरने या ड्राइविंग की इजाजत नहीं दे सकते हैं जब तब कि उन्हें यह न एहसास हो कि दौरे की समस्या काबू में है।

(और पढ़ें - मिर्गी का होम्योपैथिक इलाज)



एब्सेंस सीजर के डॉक्टर

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