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क्या आपको पता है कि आपके शरीर में मौजूद किडनी यानी गुर्दा कितना बड़ा और कितना भारी होता है। मतलब उसका आकार कैसा होता है। जाहिर है तौलने की बात आए तो अधिकतर लोगों का जवाब ग्राम या थोड़ा बहुत में ही होगा। क्या आपको जानते हैं कि दिल्ली में एक व्यक्ति के शरीर से 7 किलो से ज्यादा वजन की किडनी निकली है। जी हां दिल्ली के रहने वाले एक व्यक्ति के शरीर से डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर विश्व की तीसरी सबसे वजनी 7.4 किलोग्राम की किडनी निकाली है।

भारत में सबसे भारी किडनी
राजधानी दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने 56 साल के एक मरीज का ऑपरेशन कर उसके शरीर से 7.4 किलोग्राम की किडनी निकाली है, जो दुनिया की तीसरी और भारत में सबसे भारी किडनी है।

कैसे किया गया ऑपरेशन?
अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों का दावा है कि औसतन एक सामान्य किडनी का वजन लगभग 120 ग्राम से 150 ग्राम होता है। ऑपरेशन कर निकाली गई किडनी का वजन 7.4 किलो है और उसका आकार 32x21.8 सेंटीमीटर है।

इस सर्जरी में शामिल डॉक्टर कथूरिया ने बताया कि उन्होंने ऑपरेशन से पहले मरीज का स्कैन किया था, जिसमें किडनी का आकार काफी बड़ा दिखाई दिया था। हालांकि, उन्हें अंदाजा नहीं था कि वो इतनी बड़ी होगी। डॉ. सचिन कथूरिया, डॉ. अजय शर्मा और डॉ. जूहिल नानावटी की टीम ने 2 घंटे की कड़ी मश्कत के बाद इस सर्जरी को अंजाम दिया।

किडनी ऑपरेशन या सर्जरी की वजह
56 वर्षीय बुजुर्ग जेनेटिक डिसऑर्डर यानी अनुवांशिक विकार से ग्रसित थे। जिसे ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज भी कहते हैं। सर गंगा राम अस्पताल में यूरोलॉजी कंसल्टेंट डॉक्टर सचिन कथूरिया ने बताया कि पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज एक अनुवांशिक विकार है, जिसमें दोनों किडनी में पानी से भरे सिस्ट विकसित हो जाते हैं। इसके कारण किडनी में सूजन आ जाती है और वो खराब हो जाती है।

  • इस स्थिति में रोगी को अपने पेट में दायीं ओर दर्द होना शुरू हो जाता है। जिससे मरीज को बुखार आता है और सांस लेने में दिक्कत होती है।
  • डॉक्टरों ने जांच की, जिसमें पता चलता कि मरीज के शरीर में अंदर खून का रिसाव हो रहा था और सिस्ट के साथ दायीं किडनी में इंफेक्शन था। जिसके बाद ही डॉक्टरों की टीम ने मरीज का किडनी ऑपरेशन करने का फैसला किया।
  • मरीज पर एंटीबायोटिक दवाओं का कोई असर नहीं हो रहा था।

कुछ दिन बाद होगा रिप्लांट
डॉक्टर सचिन कथूरिया का कहना है कि किडनी इतनी बड़ी थी कि उसने पूरे पेट को घेरा हुआ था। किडनी देखने में दो नवजात के वजन जितनी लग रही थी। हालांकि,अब ऑपरेशन के बाद मरीज की हेल्थ में सुधार हो रहा है। अभी वो डायलिसिस पर हैं और कुछ दिन के बाद उनका रिप्लांट किया जाएगा।

अमेरिका के पास सबसे बड़ी किडनी का रिकॉर्ड
डॉक्टर सचिन कथूरिया ने बताया कि हमने मेडिकल इतिहास में हुई घटनाओं के बारे में जाना, जिससे पता चलता है कि इससे पहले दो बार इससे ज्यादा वजनी किडनी निकाली जा चुकी है। पहली घटना अमेरिका की है, जहां 9 किलोग्राम भारी किडनी निकाली गई थी, जबकि नीदरलैंड में 8.7 किलोग्राम की किडनी निकाली गई। इस लिहाज से यह दुनिया की तीसरी सबसे अधिक वजनी किडनी है।

गिनीज़ बुक में दर्ज होगा नाम?
द गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक अभी तक सफल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों द्वारा सबसे वजनी किडनी निकालने का रिकॉर्ड दुबई के डॉक्टरों का था। जिन्होंने साल 2017 में पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से ग्रसित मरीज के पेट से 4.25 किलोग्राम की किडनी निकाली थी।  सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टर भविष्य में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अप्लाई की योजना बना रहे हैं।

किडनी के इतना बड़ा होने का कारण
ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज यानी एडीपीकेडी एक प्रकार से आनुवांशिक सिस्टम में बदलाव के कारण 700 से 1000 लोगों में किसी एक को होती है। सामान्य तौर पर विश्वभर में आनुवांशिक विकार से जुड़े 1 करोड़ 25 लाख मामले सामने आते हैं। इस बीमारी का एक ही बेहतर इलाज है कि किडनी खराब होने की स्थिति में डायलिसिस या फिर किडनी को रिप्लांट करने की जरूरत होती है। रोगी के पेट में इंफेक्शन होने या रक्त का रिसाव होने पर किडनी निकालने की जरूरत पड़ती है।

कुल मिलाकर किडनी से जुड़ी समस्या गंभीर हो सकती है। भारत में इतनी बड़ी किडनी का निकलना, जहां डॉक्टरों की सफलता को बताता है। वहीं इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को सचेत भी करता है। 

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