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कब्ज एक आम समस्या है। असंतुलित जीवनशैली, नींद की कमी की वजह से कब्ज की समस्या हो सकती है। कुछ अध्ययनों के विश्लेषण से पता चला है कि पुरानी कब्ज कार्डियोवैस्कुलर समस्या के जोखिम को बढ़ा सकती है। खासकर बढ़ती उम्र की महिलाओं में यह समस्या ज्यादा होने की आशंका रहती है। जांचकर्ताओं का मानना है कि जो कारक कब्ज के लिए जिम्मेदार हैं, वही कारक हृदय रोग के लिए भी जिम्मेदार हो सकते हैं। अतः पुरानी कब्ज हृदय रोगों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हो सकती है।

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शोध क्या कहते हैं
महिलाओं पर हुए अध्ययन में पता चला कि जिन महिलाओं को सामान्य कब्ज थी उनमें कब्ज न होने वाली महिलाओं की तुलना में कार्डियोवस्कुलर रोगों का खतरा ज्यादा था। हालांकि दवाई और जोखिमों को कम करके हृदय रोग की आशंका को कम किया जा सकता है। खैर, कब्ज बढ़ती उम्र, धूम्रपान, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रोल, हाई बीपी, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधियां, फाइबर युक्त आहार का कम सेवन और अवसाद की वजह से होती है। अमेरिकन जरनल ऑफ मेडिसिन के अनुसार कब्ज का आसानी से पता लगाया जा सकता है। अतः जिन महिलाओं को कब्ज है, उनमें आसानी से हृदय रोगों का पता लगाया जा सकता है।

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कब्ज होने की वजह
यहां बताए गए कारणों के अलावा कब्ज की अन्य वजहें भी हैं मसलन किसी दवा का असर, भूख न लगना, पाचन प्रणाली में रक्त का प्रवाह कम होना, आदि। हृदय रोग से बचने के लिए जरूरी है कि आप कब्ज की समस्या को कम करें। क्योंकि कब्ज होने पर मल त्यागने में अतिरिक्त दबाव डालना पड़ता है। नतीजतन आपकी छाती में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और अनियमित हृदय गति की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कब्ज की वजह से मरीज को हमेशा पेट फूले का अहसास बना रहता है। यह पित्ताशय को प्रभावित कर पेशाब करने की चाह को भी बढ़ाता है।

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आप क्या करें
जैसा कि पहले ही जिक्र किया गया है कि कब्ज की वजह से हृदय रोग की आशंका में बढ़ोत्तरी हो सकती है। अतः आपके लिए जरूरी हे कि कब्ज को नियंत्रित करें। अगर आप स्वयं इस संबंध में अपनी मदद न कर सकें तो बेहतर है डाॅक्टर से संपर्क करें। साथ ही अपनी डाइट और जीवनशैली को नियंत्रित करें। आप निम्नलिखित बिंदुओं पर भी गौर कर सकते हैं।

  • जिन लोगों का हार्ट फेल हो चुका है वे स्वयं कब्ज और बार-बार पेशाब आने की समस्या को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में बेहतर है कि आप किसी विशेषज्ञ की राय लें। इसके साथ ही अपनी दिनचर्या को बेहतर करने की सलाह भी लें।
  • उन कारकों को जानने की कोशिश करें जिससे कब्ज की समस्या होती है।
  • अपनी डाइट में तरल पदार्थ की मात्रा ज्यादा रखें। 

कब्ज एक ऐसी समस्या है जिसे आप आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। लेकिन कब्ज जब बहुत पुरानी हो जाए, तो यह आपके लिए समस्याएं बढ़ा सकती है। अतः कब्ज को नियंत्रित रखें ताकि हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याएं न हो सकें।

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