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बुधवार को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के हवाले से खबरें आई थीं कि भारत में कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन होने के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन एक दिन बाद ही गुरुवार को तमिलनाडु से थोड़ी चिंताजनक जानकारी आई है। खबर है कि वहां एक 20 वर्षीय युवक में कोरोना वायरस पाया गया है जो हाल के समय में किसी भी अन्य देश न तो गया और न ही हाल में किसी देश से वापस लौटा। इस जानकारी के सामने आने के बाद देश में कोरोना वायरस के सामुदायिक स्तर पर फैलने (यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन) को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी तक कोई दावा या पुष्टि नहीं की गई है।

खबरों के मुताबिक, तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित युवक हाल में दिल्ली से ट्रेन में यात्रा कर चेन्नई आया था। इसके बाद ही उसके कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। बता दें कि तमिलनाडु में सार्स-सीओवी-2 से जुड़ा यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक 45 वर्षीय व्यक्ति को कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाया गया था। इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

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युवक को अस्पताल में कराया गया भर्ती
मीडिया में प्रकाशित हुई खबरों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री सी विजय भास्कर ने बताया कि ताजा मामले में पीड़ित युवक का विदेश यात्रा से जुड़ा कोई इतिहास नहीं है। उनका कहना है कि इसलिए ऐसी आशंका है कि यह कोरोना वायरस का (पहला) 'घरेलू' मामला हो सकता है। बताया जा रहा है कि युवक दिल्ली का ही रहने वाला है। यात्रा के दौरान उसमें कोई लक्षण नहीं दिखा था। लेकिन बीते बुधवार को युवक चेन्नई के सरकारी अस्पताल पहुंचा। वहां उसके खून के नमूनों को इकट्ठा कर जांच की गई, जिसके बाद उसमें कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई। मंत्री भास्कर के मुताबिक, फिलहाल उन लोगों को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है जो यात्रा के दौरान और उसके बाद मरीज के संपर्क में आए थे।

पश्चिम बंगाल के मरीज ने दो दिन नहीं कराई जांच
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित पहले मामले की पुष्टि हो गई है। मीडिया रिपोटों के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति एक प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) का बेटा है जो बीते रविवार को युनाइटेड किंगडम से लौटा था। लेकिन हैरानी की बात है कि युवक ने विदेश से लौटकर अपने स्वास्थ्य की जांच नहीं कराई और बाद में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। यह जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन उन लोगों की ट्रैकिंग करने में लग गया है कि जिनके संपर्क में यह मरीज बीते दो-तीन दिनों में आया था। उधर, इस मामले के सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रभावशाली पदों पर रहने वालों लोगों को चेतावनी दी। साथ ही विदेशों से आने वाले लोगों को सबसे पहले परीक्षण कराने की सलाह दी।

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देश लौटने के तीन दिन बाद में मिले पॉजिटिव लक्षण
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 18 वर्षीय युवक को ब्रिटेन से लौटने के एक दिन बाद यानी सोमवार को ही अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई थी। हालांकि युवक नहीं माना, जिसके बाद उसके माता-पिता उसे किसी और अस्पताल में लेकर गए। वहां भी बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के उसकी निगरानी की गई। आखिरकार बुधवार को युवक के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद युवक के संपर्क में आए कई लोगों को घर पर रहने की सलाह दी गई। इसमें प्रशासन के कई बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

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