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कोरोना वायरस 'सीओवीआईडी-19' के चलते जापान के बंदरगाह पर रोके गए एक क्रूज शिप में दो भारतीयों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बुधवार को भारत सरकार के सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'डायमंड प्रिंसेस' नामक यह क्रूज शिप हांगकांग और ओकीनावा की यात्रा कर बीती तीन फरवरी को योकोहामा पहुंचा था। उसी दिन जापान की सरकार ने सभी यात्रियों को शिप के अंदर ही रोक लिया। तब से यात्रियों के मेडिकल टेस्ट किए जा रहे थे।

बुधवार से पहले कई बार खबरें आई थीं कि जापान के बंदरगाहों पर रोके गए किसी भी क्रूज शिप में कोई भी भारतीय यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाया गया है। लेकिन अब कम से कम दो लोगों की मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो इस समय 'डायमंड प्रिंसेस' में 3,711 लोग मौजूद हैं। इनमें जापान समेत कई देशों के नागरिकों अलावा 132 क्रू सदस्य और छह भारतीय नागरिक शामिल हैं। अभी तक कुल 174 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। इन सभी को क्रूज शिप से निकाल कर अस्पतालों में ले जाया गया है।

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कब और क्यों रोका गया क्रूज शिप?
जापानी मीडिया के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, बीते जनवरी महीने के अंत में 'डायमंड प्रिंसेस' अपनी यात्रा के दौरान हांगकांग पहुंचा था। बताया गया है कि 25 जनवरी को शिप का एक यात्री हांगकांग के बंदरगाह पर उतर गया था। बाद में एक फरवरी को उस यात्री के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की गई थी। जापान की सरकार को जब इसका पता चला तो उसने शिप के योकोहामा बंदरगाह पहुंचते ही सभी यात्रियों को 14 दिनों के लिए रोक लिया। रिपोर्टों के मुताबिक पांच फरवरी से यात्रियों के मेडिकल टेस्ट शुरू हुए थे। यह प्रक्रिया 19 फरवरी तक खत्म होने की बात कही गई है। इस दौरान उन्हें तमाम सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।

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जापान में कैसे हैं हालात
जापान में दो भारतीयों के संक्रमित होने की खबर ऐसे समय में आई है, जब इस पूर्वी एशियाई देश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। बता दें कि चीन के बाद कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले जापान में ही सामने आए हैं। यहां हर रोज 40 से 45 नए मरीजों की पुष्टि हो रही है। बुधवार को कुल मामलों की संख्या 206 थी, जो गुरुवार को 247 हो गई। अभी तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। हालांकि चार की हालत गंभीर बनी हुई है।

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भारत सरकार ने क्या कहा?
भारतीय नागरिकों के विदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित होने का यह पहला मामला है। इस पर सरकार के सूत्रों ने मीडिया संस्थानों से बात की है। उन्होंने कहा है, 'टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास ने हालात पर नजर बनाई हुई है। वह जापानी सरकार के अधिकारियों के संपर्क में है और अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। दूतावास के अधिकारी शिप में मौजूद भारतीय नागरिकों के पास भी पहुंचे हैं। उन्होंने नागरिकों को स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े जापानी नियम-कानूनों के बारे में समझाया और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक सहयोग मांगा। वहीं, नागरिकों की चिंताओं की जानकारी जापान की सरकार तक पहुंचा दी गई है।'

चीन में और घातक हुआ वायरस
उधर, नए कोरोना वायरस 'सीओवीआईडी-19' के केंद्र चीन में हालात जस के तस हैं। यहां प्रतिदिन सामने आने वाले मामलों और मौतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पहले हर रोज कोरोना वायरस के एक से दो हजार नए मामले सामने आ रहे थे। वहीं, मौतों की संख्या प्रतिदिन 90 से 100 के बीच देखी जा रही थी। लेकिन नए मामले प्रतिदिन तीन से पांच हजार की संख्या में सामने आ रहे हैं और एक दिन में मौतों की संख्या 90 से 100 को पीछे छोड़ 120 तक पहुंच गई है।

इस तरह अकेले चीन में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 60,000 से ज्यादा हो गई है। इनमें से 8,000 से ज्यादा की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या 13,00 से ज्यादा हो गई है।

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