एक समय कोविड-19 संकट के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार मानी जा रही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका की एजेडडी1222 वैक्सीन इन दिनों विश्वसनीयता के संकट से गुजरती दिख रही है। इस वैक्सीन से उम्मीद लगा रहे लोगों और इसकी निर्माता कंपनी के रूप में एस्ट्राजेनेका को अब एक और झटका लगा है। खबर है कि यूरोप में दवाओं से जुड़े मामलों के नियामक व नियंत्रक यूरोपियन मेडिसिन्स अथॉरिटी (ईएमए) से संभवतः एस्ट्राजेनेका को एजेडडी1222 के लिए क्विक अप्रूवल नहीं मिल पाएगा। पहले आई रिपोर्टों में बताया गया था कि यह अप्रूवल जनवरी में दिया जाना था, लेकिन अब इस पर संदेह पैदा हो गया है।

दरअसल, ईएमए के उच्च पदाधिकारी नोल वैथियन ने कहा है कि इसकी काफी संभावना है कि प्राधिकरण नए साल के पहले महीने एस्ट्राजेनेका की चर्चित वैक्सीन को आम लोगों पर इस्तेमाल किए जाने की मंजूरी न दे। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बेल्जियम के एक अखबार से हुई बातचीत में वैथियन ने कहा है, 'उन्होंने (अप्रूवल के लिए) अब तक आवेदन तक फाइल नहीं किया है।' ईएमए के डेप्युटी एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर वैथियन ने यह भी बताया कि यूरोपीय दवा नियामकों को वैक्सीन के बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं दी गई है। एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईएमए के उच्चाधिकारी ने कहा है, 'यहां तक कि शर्तों के आधार पर मार्केटिंग लाइसेंस देने के लायक भी जानकारी नहीं है। वैक्सीन की गुणवत्ता के संबंध में हमें अतिरिक्त डेटा की जरूरत है। उसके बाद कंपनी को औपचारिक रूप से (मंजूरी के लिए) अप्लाई करना होगा।'

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वैथियन ने आगे कहा, 'इससे यह असंभव हो गया है कि वैक्सीन को अगले महीने अप्रूवल दे दिया जाए।' वहीं, इससे पहले एस्ट्राजेनेका ने बीते हफ्ते रॉयटर्स को बताया था कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के खिलाफ भी प्रभावशाली होनी चाहिए। उधर, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने बताया था कि वैक्सीन से जुड़ा पूरा डेटा कंपनी द्वारा वहां के मेडिसिन्स रेग्युलेटर के समक्ष रख दिया गया है। देखना होगा कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश दवा कंपनी के साझा सहयोग से तैयार हुई यह वैक्सीन वहां कब आम लोगों के लिए अप्रूव की जाती है।

इस बीच, कोविड-19 के इलाज और रोकथाम के लिए एक और बड़ा दावेदार खड़ा होता दिख रहा है। खबर है कि अमेरिकी दवा कंपनी नोवावैक्स द्वारा निर्मित कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायलों की शुरुआत हो गई है। कंपनी ने बीते सोमवार को यह जानकारी दी। इसके साथ ही ऐसे वैक्सीन दावेदारों की संख्या पांच हो गई है, जिन्हें तीसरे और अंतिम चरण के मानव परीक्षण करने की अनुमति दी गई है। नोवावैक्स से पहले फाइजर-बायोएनटेक, मॉडेर्ना, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और जॉनसन एंड जॉनसन ने तीसरे चरण के ट्रायल शुरू किए थे। इनमें से फाइजर-बायोएनटेक, मॉडेर्ना और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के परीक्षणों के परिणाम सामने आ चुके हैं। कई देशों ने फाइजर और मॉडेर्ना की कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन मंजूरी भी दे दी है। जबकि जॉनसन एंड जॉनसन के ट्रायल रिजल्ट आगामी जनवरी-फरवरी में आने की उम्मीद जताई गई है।

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तीसरे चरण के ट्रायल शुरू करने से पहले नोवावैक्स ने पहले और दूसरे चरण के मानव परीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रायल में वैक्सीन ने प्रतिभागियों में मजबूत इम्यून रेस्पॉन्स पैदा किया है। इस दौरान टीका वायरस के खिलाफ सक्षम होने के साथ-साथ सुरक्षित भी पाया गया है।


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें कोविड-19: ऑक्सफोर्ड वैक्सीन को जनवरी में अप्रूवल मिलने के आसार नहीं, तीसरे ट्रायल के साथ बड़ी दावेदार बनी नोवावैक्स है

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