कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 ने भारत में 5,000 से ज्यादा लोगों को बीमार किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 5,149 हो गई है। इनमें से 149 लोगों की मौत हो गई है। हालांकि मीडिया रिपोर्टों में ये दोनों आंकड़े क्रमशः 5,356 और 160 बताए जा रहे हैं। सरकार और मीडिया दोनों की तरफ से मिल रही जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में कोविड-19 से पीड़ित लोगों की संख्या एक हजार के पार चली गई है। यहां इस जानलेवा बीमारी ने 1,018 लोगों को संक्रमित किया है। इनमें से 64 की मौत हो गई है। इन दोनों ही मामलों में महाराष्ट्र देश के किसी भी अन्य राज्य से आगे है।

(और पढ़ें - क्या गर्मी में खत्म होगा कोरोना वायरस? शीर्ष अमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कही यह बात, जानें क्या कहते हैं बाकी विशेषज्ञ)

दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है, जहां कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या 690 बताई गई है। हालांकि मौतों के मामले में तमिलनाडु, महाराष्ट्र से काफी पीछे है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, यहां केवल तीन लोग कोविड-19 से मारे गए हैं। मरीजों की संख्या के मामले में तीसरे नंबर राजधानी दिल्ली है, जहां अब तक 576 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से नौ की मौत हो गई है। मंगलवार को 51 नए मरीज सामने आए और दो नई मौतें दर्ज की गईं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली के अलावा जिन राज्यों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, उनमें आंध्र प्रदेश (305), हरियाणा (147), केरल (336), राजस्थान (328), उत्तर प्रदेश (326) और पश्चिम बंगाल (99) शामिल हैं।

बीमारी को रोकने में सबसे आगे केरल
कोविड-19 को रोकने में केरल भारत के अन्य सभी राज्यों से काफी आगे दिख रहा है। आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। मंगलवार और बुधवार के बीच यहां केवल नौ नए मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले कई दिनों से केरल में नए मरीजों के मामले में यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। वहीं, मृतकों की संख्या यहां कई दिनों से दो ही बनी हुई है। यानी संक्रमण को फैलने से रोकने के अलावा केरल में मरीजों को कोविड-19 से मरने नहीं दिया जा रहा। यही वजह है कि यहां इलाज के बाद डिस्चार्ज किए गए मरीजों की संख्या 70 हो गई है। महाराष्ट्र में 79 मरीजों की जान बचाई गई है, लेकिन वहां इनकी संख्या केरल से तीन गुना से भी ज्यादा है।

(और पढ़ें - अगर सोसायटी या बिल्डिंग में कोविड-19 के मामले सामने आएं तो आपको क्या करना चाहिए?)

दिल्ली सरकार की नई योजना
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार अब एक नई योजना के तहत बीमारी को रोकने की बात कर रही है। मंगलवार को राजधानी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार की इस योजना के बारे में बताया। उनके मुताबिक, इस '5-पॉइंट एक्शन प्लान' के तहत दिल्ली सरकार लोगों की टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, टीमवर्क और ट्रैकिंग तथा मॉनिटरिंग करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के जरिये उनकी सरकार दिल्ली में एक लाख टेस्ट कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि टेस्ट किट्स आने के बाद शुक्रवार से इस योजना पर अमल किया जाएगा।

एक मरीज '406' लोगों को कर सकता है संक्रमित
उधर, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि कोरोना वायरस का एक मरीज अगर 30 दिनों तक खुद को आइसोलेट न करे तो इस दौरान वह 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है। आईसीएमआर ने कोविड-19 को लेकर किए अपने एक हालिया शोध के आधार पर यह जानकारी दी। इसके अलावा उसने मंगलवार देर शाम जानकारी दी कि अब तक कोविड-19 से जुड़े एक लाख 14,015 टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें से 12,584 टेस्ट केवल मंगलवार को किए गए।

(और पढ़ें - कोविड-19 की बारीकियां समझने के लिए डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशा-निर्देश)


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 5,000 के पार, अकेले महाराष्ट्र में कोविड-19 के 1,000 से ज्यादा मरीज है