कोविड-19 के इलाज को लेकर अमेरिका की जानी-मानी बायोटेक्नोलॉजी कंपनी रीजेनेरॉन पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। कंपनी द्वारा निर्मित कोरोना वायरस एंटीबॉडी 'आरईजीएन-सीओवी2' को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोविड-19 ट्रीटमेंट में बतौर रोग प्रतिरोधक इस्तेमाल किया गया था। वाइट हाउस लौटने के बाद एक वीडियो संदेश जारी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे रीजेनेरॉन के एंटीबॉडी की बदौलत ठीक हुए हैं। उन्होंने पूरे अमेरिका में इस मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को मुफ्त में लोगों में बांटने की बात कही है।

वीडियो संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार रीजेनेरॉन कंपनी का नाम लिया, जिसके बाद एंटीबॉडी को लेकर कंपनी का आत्मविश्वास इतना बढ़ गया है कि उसने अमेरिका की शीर्ष ड्रग नियामक एजेंसी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) से एंटीबॉडी के इस्तेमाल के लिए आपातकालीन मंजूरी तक मांग ली है। कंपनी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। हालांकि यहां बता दें कि आरईजीएन-सीओवी2 अभी एक एक्सपेरिमेंटल मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ही है, जिसे शुरुआती मानव परीक्षणों में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रभावी पाया गया था। यह भी उल्लेखनीय है कि वीडियो संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य एंडीबॉडी निर्माता कंपनी इलाई लिली का भी नाम लिया है, जिसने रीजेनेरॉन से पहले कोविड-19 के खिलाफ सक्षम एंटीबॉडी बनाने का दावा किया था।

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वाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से अपलोड किए गए वीडियो में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह 'भगवान का आशीर्वाद' था कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हुए और रीजेनेरॉन एंटीबॉडी से तुरंत अच्छा महसूस करने लगे। उन्होंने कहा, 'मुझे अविश्वसनीय जैसा महसूस हुआ। मैं बहुत जल्दी अच्छा अनुभव करने लगा।' उधर, रीजेनेरॉन ने कहा है कि वह (एफडीए की मंजूरी के बाद) शुरुआत में काफी सीमित मात्रा में एंटीबॉडी ट्रीटमेंट देगी। कंपनी के मुताबिक, प्रारंभिक उपचार के तहत केवल 50 हजार मरीजों को एंटीबॉडी कॉकटेल दिया जाएगा।

जानकारों ने खड़े किए सवाल
डोनाल्ड ट्रंप भले कह रहे हैं कि वे रीजेनेरॉन के एंटीबॉडी से ठीक हुए हैं। लेकिन सच यह है कि इसकी सही जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति कौन से ट्रीटमेंट से 'स्वस्थ' हुए हैं। दरअसल, कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को केवल एंटीबॉडी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया था। खबरे हैं कि उन्हें रेमडेसिवीर ड्रग और डेक्सामेथासोन स्टेरॉयड भी दिए गए थे। रेमडेसिवीर दवा कोविड-19 के मरीजों की हालत गंभीर होने से रोकने वाली क्षमता के चलते चर्चा में रही है। वहीं, डेक्सामेथासोन स्टेरॉयड कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार पड़े लोगों की जान बचाने वाले सक्षम ड्रग के रूप में जाना जाता है।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रीजेनेरॉन के बाद ट्रंप को ये दोनों ट्रीटमेंट भी दिए गए थे। अभी तक साफ नहीं हुआ है कि आखिर कौन से उपचार से उनकी हालत में सुधार हुआ है। यह भी दावा नहीं किया गया है कि ट्रंप कोरोना संक्रमण से पूरी तरह उबर गए हैं। फिलहाल डेक्सामेथासोन के इस्तेमाल की जानकारी सामने आने के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि कोविड-19 के चलते डोनाल्ड ट्रंप की हालत गंभीर हो गई थी। इस बीच ट्रंप ने वीडियो संदेश जारी कर सारा श्रेय रीजेनेरॉन और उसके मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को दे दिया। उन्होंने इसे 'कोरोना वायरस का इलाज' तक करार दिया और कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि यह उपचार अमेरिका के हर अस्पताल में उपलब्ध हो। इसके बाद कंपनी ने एफडीए से अपने रोग प्रतिरोधक के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। प्रतिष्ठित अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा है कि जिस तरह ट्रंप ने फार्मा कंपनी का एक तरह से प्रचार किया है, उससे संकेत गया है कि वे इमरजेंसी अप्रवूल के लिए एफडीए पर दबाव डाल सकते हैं।

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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें डोनाल्ड ट्रंप ने रीजेनेरॉन के कोविड-19 एंटीबॉडी से ठीक होने का दावा किया, कंपनी ने इस्तेमाल के लिए एफडीए से आपातकालीन अप्रूवल मांगा है

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