एंडोमेट्रियोसिस - Endometriosis in Hindi

Dr. Rajalakshmi VK (AIIMS)MBBS

June 28, 2017

April 02, 2021

एंडोमेट्रियोसिस
एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में एक आम स्वास्थ्य समस्या है। इसका नाम "एंडोमेट्रियम" शब्द से आता है, जो कि बच्चेदानी (गर्भाशय) की अस्तर के टिश्यू (ऊतक) होते हैं। एंडोमेट्रियोसिस तब होता है जब इन टिश्यू के समान टिश्यू आपकी बच्चेदानी के बाहर या आपके शरीर के उन अन्य अंगों में बढ़ने लगते हैं जहां यह सामान्य रूप से नहीं होते।

एंडोमेट्रियोसिस सबसे ज्यादा इन अंगों में पाया जाता है -

  • ओवरी (अंडाशय)
  • फैलोपियन ट्यूब
  • ऊतक जो बच्चेदानी को उसकी जगह पर रखते हैं
  • बच्चेदानी की बाहरी सतह

अन्य अंगों में भी एंडोमेट्रिओसिस हो सकता है जैसे कि योनि, सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा), वल्वा, आंत्र, ब्लैडर (मूत्राशय), या रेक्टम (मलाशय)। कुछ दुर्लभ मामलों में एंडोमेट्रिओसिस शरीर के अन्य भागों में हो सकता है, जैसे कि फेफड़े, मस्तिष्क और त्वचा।

भारत में एंडोमेट्रिओसिस
भारत में 1 करोड़ से भी अधिक महिलाएँ हर साल एंडोमेट्रिओसिस से ग्रस्त होती हैं। भारत में यह हर दस में से एक महिला को होता है।​

(और पढ़ें - महिला स्वास्थ्य)

एंडोमेट्रिओसिस के चरण - Stages of Endometriosis in Hindi

एंडोमेट्रिओसिस के चार चरण होते हैं -

  1. पहला चरण
    एंडोमेट्रिओसिस के पहले चरण में छिछले प्रत्यारोपण होते हैं जिन्हें कभी-कभी अल्सर या ओवेरियन कैंसर भी समझ लिया जाता है । वे श्रोणि (Pelvic) की सतह पर छोटे धब्बों की तरह लगते हैं। ये प्रत्यारोपण आसपास के ऊतकों में जलन और सूजन करते हैं जिससे "एढ़ीजन" (adhesions) होते हैं। यह एढ़ीजन ऊतकों और अंगों को बांधते हैं जिससे दर्द होता है और उनके कार्य करने की क्षमता में कमी आती है।
     
  2. दूसरा चरण
    ज्यादातर महिलाओं में हलके एंडोमेट्रिओसिस का निदान होता है। दूसरे चरण में पहले चरण जैसे ही लक्षण मौजूद होते हैं लेकिन वह और भी ज़्यादा गंभीर होते हैं। इसमें गंभीर रेशेदार एढ़ीजन के ऊपर काले धब्बे दिखाई देते हैं जिससे ओवुलेशन के दौरान दर्द या श्रोणि (Pelvic) में दर्द होता है। दूसरे चरण के दौरान गर्भाशय और मलाशय के बीच के हिस्से में घाव हो जाते हैं। (और पढ़ें - ओवुलेशन के लक्षण)
     
  3. तीसरा चरण
    तीसरे चरण में "एंडोमेट्रीओमा" (जिसे कभी-कभी "चॉकलेट अल्सर" भी कहा जाता है) दिखाई देने लगते हैं। यदि रसोली फट जाती है तो इससे बहुत अधिक पेट दर्द और श्रोणि में सूजन हो सकती है। सूजन और संक्रमण से चिपकाव भी ज़्यादा होते हैं। जैसे-जैसे एंडोमेट्रिओसिस आकार और संख्या में बढ़ते हैं, इनसे होने वाले एढ़ीजन भी बढ़ जाते हैं।
     
  4. चौथा चरण
    एंडोमेट्रिओसिस के अंत के चरण में अल्सर और गंभीर एढ़ीजन की संख्या बढ़ जाती है। इस चरण में एंडोमेट्रीओमा एक अंगूर के दाने जितना बड़ा भी हो सकता है। 2 से.मी. से ज़्यादा के आकार के एंडोमेट्रीओमा को सर्जरी द्वारा हटाए जाने की आवश्यकता होती है। इस चरण में महिलाओं को पाचन समस्याएं, दर्दनाक मल त्याग, कब्ज, मतली/उल्टी और पेट दर्द होते हैं। इसके अलावा, चौथे चरण में बाँझपन भी हो सकता है।

एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण - Endometriosis Symptoms in Hindi

एंडोमेट्रियोसिस के खास लक्षण हैं -

इनके आलावा एंडोमेट्रियोसिस में कुछ चक्रीय लक्षण भी होता हैं। चक्रीय लक्षण वह लक्षण होते हैं जो पीरियड्स से कुछ दिनों पहले शुरू होते हैं और कुछ दिनों बाद गायब हो जाते हैं या केवल पीरियड्स के दौरान ही होते हैं। यह लक्षण मासिक धर्म बंद होने के बाद अगले महीने फिर से प्रकट हो जाते हैं। जैसे -

अगर आपको इनमें से एक या एक से अधिक लक्षण होते हैं कृप्या अपने डॉक्टर से सलाह करें।

एंडोमेट्रिओसिस के कारण - Endometriosis Causes in Hindi

हालांकि एंडोमेट्रिओसिस का सही कारण निश्चित नहीं है लेकिन निम्नलिखित में से कुछ स्थितियां इसका कारण​ हो सकती हैं -

  • रेट्रोग्रेड पीरियड्स
    इसमें मासिक धर्म के रक्त वाली एंडोमेट्रिअल कोशिकाएं फैलोपियन ट्यूबों के माध्यम से शरीर के बाहर जाने की जगह पेल्विक कैविटी में चली जाती हैं। ये विस्थापित एंडोमेट्रिअल कोशिकाएं पेल्विक के अंगों की सतहों और उनकी दीवारों पर चिपक जाती हैं जहां वे प्रत्येक मासिक धर्म चक्र के दौरान अधिक मोटी होती हैं और रक्तस्राव करती हैं।
     
  • पेरिटोनियल कोशिकाओं का परिवर्तन 
    यौवन के दौरान पेट के अंदरूनी भाग को रेखांकित करने वाली पेरिटोनियल कोशिकाओं का एंडोमेट्रिअल कोशिकाओं में परिवर्तन।
     
  • भ्रूण कोशिका परिवर्तन 
    एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन यौवन के दौरान भ्रूण कोशिकाओं (विकास के प्रारंभिक चरणों वाली कोशिकाएं) को एंडोमेट्रिअल कोशिका प्रत्यारोपण में बदल सकते हैं।
     
  • सर्जिकल निशानों में जमावट 
    एक सर्जरी के बाद (जैसे कि हिस्टेरेक्टॉमी या सी-सेक्शन) एंडोमेट्रिअल कोशिकाएं सर्जरी में लगे चीरे से जुड़ सकती हैं।
     
  • एंडोमेट्रिअल सेल ट्रांसपोर्ट 
    रक्त वाहिकाएं या लिम्फेटिक सिस्टम (लसीका तंत्र) एंडोमेट्रिअल कोशिकाओं को शरीर के अन्य भागों में ले जा सकती हैं।
     
  • प्रतिरक्षा प्रणाली विकार 
    यह संभव है कि प्रतिरक्षा प्रणाली की कोई समस्या शरीर को एंडोमेट्रिअल ऊतक को पहचानने और नष्ट करने में असमर्थ हो जाए।

एंडोमेट्रियोसिस होने का जोखिम कुछ कारकों पर निर्भर करता है। यह कारक हैं -

  • आयु
    सभी उम्र की महिलाएं एंडोमेट्रिओसिस होने के जोखिम में हैं। यह आमतौर पर 25 और 40 की उम्र के बीच की महिलाओं को प्रभावित करता है, लेकिन लक्षण यौवन से शुरू हो सकते हैं।
     
  • परिवार का इतिहास
    अपने चिकित्सक से सलाह करें अगर आपके परिवार में किसी को एंडोमेट्रियोसिस है क्योंकि अगर आपको एंडोमेट्रिओसिस का पारिवारिक इतिहास है तो आपको यह होने का जोखिम बढ़ जाता है।
     
  • गर्भावस्था का इतिहास
    गर्भावस्था, एंडोमेट्रिओसिस से महिलाओं को बचाती है। जिन महिलाओं ने कभी जन्म नहीं दिया है उन्हें एंडोमेट्रिओसिस होने का जोखिम ज़्यादा होता है। हालांकि, यह उन महिलाओं में भी हो सकता है जो पहले गर्भवती हो चुकी हैं।
     
  • मासिक धर्म का इतिहास
    अगर आपको आपके मासिक धर्म से सम्बंधित समस्याएं हैं (जैसे कम या ज़्यादा समय के लिए मासिक धर्म होना, भारी मासिक धर्म होना या कम उम्र में मासिक धर्म शुरू हो जाना) तो अपने चिकित्सक से बात करें क्योंकि इससे आपको ऑस्टियोपोरोसिस होने का जोखिम बढ़ जाता है।

एंडोमेट्रियोसिस से बचाव - Prevention of Endometriosis in Hindi

आप एंडोमेट्रियोसिस को रोक नहीं सकते हैं लेकिन आप अपने शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर को कम करके इसकी विकसित होने की आशंका कम कर सकते हैं।
एस्ट्रोजेन आपके मासिक चक्र के दौरान आपके गर्भाशय की लाइनिंग को मोटा करता है।

आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम रखने के लिए आप यह कर सकते हैं -

  • हार्मोनल गर्भनिरोधक विधियों के बारे में अपने चिकित्सक से बात करें जैसे गर्भनिरोधक गोलियां, पैच या एस्ट्रोजन की कम खुराक वाले छल्ले।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें (सप्ताह में 4 घंटे से अधिक)। यह आपको शरीर में फैट कम करने / रखने में भी मदद करेगा। नियमित व्यायाम और शरीर में कम फैट की मदद से एस्ट्रोजेन की मात्रा कम हो जाती है।
  • ज़्यादा मात्रा में शराब न लें इससे एस्ट्रोजेन का स्तर बढ़ जाता है।
  • ज़्यादा मात्रा में कैफीन-युक्त पेय न लें। अध्ययन बताते हैं कि एक दिन में एक से ज्यादा कैफीन-युक्त पेय लेने से (खासकर सोडा और ग्रीन टी) एस्ट्रोजेन का स्तर बढ़ सकता है।

एंडोमेट्रिओसिस का परीक्षण - Diagnosis of Endometriosis in Hindi

एंडोमेट्रिओसिस का निदान करने के कुछ तरीके निम्नलिखित हैं -

  1. पेल्विक जांच (Pelvic test)
    पेल्विक जाँच के दौरान, आपके चिकित्सक अपने हाथों से आपके श्रोणि वाले हिस्से को महसूस करके विकारों की उपस्थिति का पता लगाते हैं जैसे कि आपके प्रजनन अंगों पर अल्सर या आपके गर्भाशय के पीछे स्कार (Scar)।
     
  2. इमेजिंग टेस्ट (Imaging test)
    एंडोमेट्रियोसिस से होने वाले ओवेरियन अल्सर की जांच के लिए आपके डॉक्टर आपका पेल्विक अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं। डॉक्टर या तकनीशियन आपकी योनि में एक छड़ी के आकार का स्कैनर डाल सकते हैं या स्कैनर को आपके पेट पर चला सकते हैं। दोनों तरह के अल्ट्रासाउंड टेस्ट आपके प्रजनन अंगों की तस्वीरें बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करते हैं। मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) एक और इमेजिंग परीक्षण है जो आपके शरीर के अंदर की तस्वीर बना सकता है।
     
  3. लेप्रोस्कोपी (Laparoscopy)
    आपके डॉक्टर आपके पेट के अंदर एंडोमेट्रिओसिस के लक्षणों को देखने के लिए आपको एक सर्जन के पास भेज सकते हैं। इस जाँच को लेप्रोस्कोपी कहते हैं। लेप्रोस्कोपी यह निर्धारित करने में मदद करती है की प्रत्यारोपण का स्थान क्या है और कितना बड़ा है।

एंडोमेट्रिओसिस का इलाज - Endometriosis Treatment in Hindi

एंडोमेट्रिओसिस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसके लक्षणों को सुधरने के लिए उपचार उपलब्ध हैं। जैसे -

  1. एंटी-इंफ्लेमेटरी या एनएसएआईडी दवाएं
    रक्तस्त्राव और दर्द को कम करने के लिए इनका प्रयोग किया जाता है जैसे इब्यूप्रोफन (ibuprofen)।
     
  2. गर्भनिरोधक गोलियां
    यह अक्सर एंडोमेट्रिओसिस के इलाज के लिए उपयोग होती हैं लेकिन अगर आप गर्भवती होना चाहती हैं तो आप इनका उपयोग नहीं कर सकतीं।
     
  3. हार्मोन थेरेपी 
    यह आपका मासिक धर्म रोकती है और प्रत्यारोपण को सिकोड़ती है। लेकिन इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं और उपचार समाप्त होने के बाद दर्द वापिस आ सकता है। जन्म नियंत्रण गोलियों की तरह, हार्मोन थेरेपी आपको गर्भवती नहीं होने देती।
     
  4. लैपरोस्कोपी
    प्रत्यारोपण और स्कार टिश्यू को हटाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। इससे दर्द कम हो सकता है और यह आपको गर्भवती होने में भी मदद कर सकता है।
     
  5. हिस्टेरेक्टॉमी और ओफेरेक्टमी
    गंभीर दर्द के लिए अंतिम उपाय के रूप में, कुछ महिलाएं अपने गर्भाशय और अंडाशय को निकलवा देती हैं (Hysterectomy और Oophorectomy)। यदि आपका अंडाशय निकाला गया है, तो आपके एस्ट्रोजन का स्तर घट जाएगा और आपके लक्षण शायद दूर हो जाएँ लेकिन आपको ओवुलेशन के लक्षण हो सकते हैं और आप गर्भवती नहीं हो पाएंगी।

एंडोमेट्रियोसिस के नुकसान - Endometriosis Complications in Hindi

एंडोमेट्रियोसिस होने के कुछ नुकसान हो सकते हैं, जैसे -

  • प्रजनन समस्याएं
    एंडोमेट्रिओसिस, फैलोपियन ट्यूब या अंडाशय को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे प्रजनन समस्याएं हो सकती हैं। दवाएं और सर्जरी एंडोमेट्रिओसिस के पैच हटाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है कि आप इस प्रेग्नेंट हो सकेंगी।
     
  • एढ़ीजन और ओवेरियन अल्सर
    ये दोनों तब उत्पन्न हो सकते हैं यदि एंडोमेट्रिओसिस ऊतक अंडाशय में या उसके पास है। इन्हें सर्जरी से हटाया जा सकता है लेकिन भविष्य में यह वापिस आ सकते हैं।
     
  • मूत्राशय और आंत्र सम्बन्धी समस्याएं
    मूत्राशय या आंत्र को प्रभावित करने वाले एंडोमेट्रिओसिस का उपचार करना कठिन हो सकता है और इसे सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

एंडोमेट्रिओसिस में परहेज - What to avoid during Endometriosis in Hindi?

एंडोमेट्रिओसिस में इन चीज़ों से परहेज करने से आपको फायदा होगा -

एंडोमेट्रियोसिस में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Endometriosis in Hindi?

एंडोमेट्रियोसिस में आहार का ख्याल रखने से भी लाभ होता है। आप यह सब खा सकते हैं -

  • एंटी-इंफ्लेमेटरी आहार
  • अतिरिक्त एस्ट्रोजन से बचने के लिए केवल हार्मोन-मुक्त मीट खाएं
  • जब भी संभव हो तो आर्गेनिक खाद्य पदार्थ चुनें
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड के सप्लीमेंट (पूरक) लें। पहले दिन एक ग्राम से शुरू करें और मात्रा में धीरे-धीरे वृद्धि करें (एक दिन में तीन से चार ग्राम तक)।
  • ऐंठन (क्रैम्प) से राहत पाने के लिए रोजाना एक या दो कप रेड रास्पबेरी की पत्ती की चाय पीएं
  • 500 मिलीग्राम कैल्शियम पूरक और 250 मिलीग्राम मैग्नीशियम रोज़ाना लें (और पढ़ें - मैग्नीशियम की कमी के लक्षण)


संदर्भ

  1. National Health Service [Internet] NHS inform; Scottish Government; Endometriosis
  2. Zhao X, Lang J, Leng J, et al. Abdominal wall endometriomas.. Int J Gynaecol Obstet 2005; 90:218.
  3. Blanco RG. et al. Abdominal wall endometriomas.. Am J Surg. 2003 Jun;185(6):596-8. PMID: 12781893
  4. Schrager S, et al. Evaluation and Treatment of Endometriosis. American Family Physician. 2013;87:107
  5. Burney RO, et al. Pathogenesis and pathophysiology of endometriosis.. Fertility and sterility. 2012;98:511

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