myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत
संक्षेप में सुनें

फाइलेरिया (हाथीपाँव, फीलपाँव, श्लीपद) उष्णकटिबंध देशों में सामान्य है और परजीवी (पेरेसिटिक) निमेटोड कीड़ों के कारण होता है जो छोटे धागों जैसे दिखते हैं। यह बीमारी फिलेरी वुचरेरिअ बैंक्रोफ्टी (Filariae-Wuchereria Bancrofti), ब्रूगिआ मलाई (Brugia Malayi) और ब्रूगिआ टिमोरि (Brugia Timori) नामक निमेटोड कीड़ो के कारण होती है। फाइलेरिया के सबसे ज़्यादा मामले वुचरेरिअ बैंक्रोफ्टी (Wuchereria Bancrofti) नामक परजीवी के कारण होते हैं। 

फाइलेरिया दुनिया भर में विकलांगता और विरूपता का सबसे बढ़ा कारण है। यह ज़्यादातर गरीब लोगों को होता है क्योंकि जहाँ गरीब लोग रहते हैं वहाँ मच्छरों की प्रजननता अधिक होती है। 

भारतीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) ने भारत के इतिहास में सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में से एक का शुभारंभ किया है जो 40 करोड़ से अधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाने के लिए मुफ्त दवा प्रदान करता है। भारत में 50 करोड़ लोगों को फाइलेरिया होने का जोखिम है, और वर्तमान में 2.3 करोड़ से ज़्यादा लोग फाइलेरिया से पीड़ित हैं। 

  1. फाइलेरिया के प्रकार - Types of Filaria (Filariasis) in Hindi
  2. फाइलेरिया के चरण - Stages of Filaria (Filariasis) in Hindi
  3. फाइलेरिया के लक्षण - Filaria (Filariasis) Symptoms in Hindi
  4. फाइलेरिया के कारण - Filariasis Causes in Hindi
  5. फाइलेरिया से बचाव - Prevention of Filaria (Filariasis) in Hindi
  6. फाइलेरिया का परीक्षण - Diagnosis of Filaria (Filariasis) in Hindi
  7. फाइलेरिया का इलाज - Filaria (Filariasis) Treatment in Hindi
  8. फाइलेरिया के जोखिम और जटिलताएं - Filaria (Filariasis) Risks & Complications in Hindi
  9. फाइलेरिया में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Filariasis in Hindi?
  10. फाइलेरिया की आयुर्वेदिक दवा और इलाज
  11. फाइलेरिया की दवा - Medicines for Filariasis in Hindi
  12. फाइलेरिया की दवा - OTC Medicines for Filariasis in Hindi
  13. फाइलेरिया के डॉक्टर

फाइलेरिया के प्रकार - Types of Filaria (Filariasis) in Hindi

परजीवी (पेरेसिटिक) कीड़ें शरीर के किस क्षेत्र को प्रभावित करते हैं, उसके अनुसार फाइलेरिया के 3 प्रकार होते हैं:

  1. लिम्फेटिक फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis) या एलीफेंटिएसिस (Elephantiasis): यह लिंफ़ (लसीका) की प्रणाली के साथ लिंफ़ नोड (लसीकापर्व) को प्रभावित करता है।
  2. सबक्यूटेनियस फाइलेरिया (Subcutaneous Filariasis): यह त्वचा के नीचे की परत को प्रभावित करता है। 
  3. सीरियस केविटी फाइलेरिया (Serous Cavity Filariasis): यह पेट की सीरियस केविटी को प्रभावित करता है। 

फाइलेरिया के चरण - Stages of Filaria (Filariasis) in Hindi

फलेरिया के कीड़ों के जीवन में 5 चक्र होते हैं।

  1. नर और मादा हज़ारों कीड़ों, माइक्रोफिलाराइ (Microfilariae) को जन्म देते हैं। 
  2. वेक्टर (Vector) कीड़े जो मध्यवर्ती होस्ट (Host) होते हैं, वह माइक्रोफिलाराइ (Microfilariae) का सेवन कर लेते हैं। मध्यवर्ती होस्ट में माइक्रोफिलाराइ (Microfilariae) 3 स्टेज (चरण) में परिवर्तित हो जाते हैं।
  3. जब वेक्टर (Vector) कीड़ें संक्रमित लार्वा (कीड़े के बच्चों) को त्वचा की परत में संचारित करते हैं, उसके 1 साल बाद लार्वा (कीड़े का बच्चा) वयस्क कीड़ों में परिवर्तित हो जाते हैं। 

फाइलेरिया के लक्षण - Filaria (Filariasis) Symptoms in Hindi

फाइलेरिया से शुरुआत में कोई लक्षण महसूस नहीं होते हैं। समस्याएं तब शुरू होती हैं जब वयस्क कीड़ें मर जाते हैं। 

फाइलेरिया के लक्षण इस प्रकार हैं:

1. लिम्फेटिक फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis) या एलीफेंटिएसिस (Elephantiasis) में:

एडीमा (Edema; सूजन) के साथ-साथ त्वचा की परत और त्वचा की परत के नीचे ऊतकों का मोटा हो जाना। यह बाहों, योनी, स्तन (ब्रेस्ट) और अंडकोष (जलवृषण (हाईड्रोसिल)  गठन) को प्रभावित कर सकता है। लिंफ़ की वाहिकाओं के अवरुद्ध होने के कारण स्तन और जननांगी क्षेत्र अपने सामान्य आकर की तुलना में बहुत बढ़े हो सकते हैं। 

2. सबक्यूटेनियस फाइलेरिया (Subcutaneous Filariasis) में:

  1. त्वचा पर लाल चकत्ते
  2. त्वचा के रंग में बदलाव
  3. रिवर ब्लाइंडनेस (River Blindness)

3. सीरियस केविटी फाइलेरिया (Serous Cavity Filariasis) में:

  1. पेट में दर्द
  2. त्वचा पर लाल चकत्ते 

फाइलेरिया के कारण - Filariasis Causes in Hindi

लिम्फेटिक फाइलेरिया संक्रमित मच्छर के काटने से होता है या जब कोई व्यक्ति उस पानी के संपर्क में आ जाए जहाँ संक्रमित मच्छर प्रजनन होते हैं। जब परजीवी कीड़े किसी व्यक्ति में संचारित हो जाते हैं तो वह लिम्फेटिक प्रणाली (जो शरीर की नसों और नोड्स का नेटवर्क है जो वाहिकाओं और रक्त तक लिंफ़ (लसीका) के तरल पदार्थ पहुँचाते हैं) को प्रभावित करते हैं। लिंफ़ की (लिम्फेटिक) प्रणाली हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का एक प्रमुख भाग है। 
 
वयस्क कीड़े लिंफ की (लिम्फेटिक) नसों में 4-6 साल तक रहते हैं, और मादा कीड़ें रक्तधारा में लार्वा (कीड़ों के बच्चों) की एक बड़ी संख्या को जन्म देते हैं। यह संक्रमण तब फैलता है जब एक मच्छर एक पीड़ित व्यक्ति को काटता है और फिर वही मच्छर किसी दुसरे व्यक्ति को काटता है। यह माइक्रोफिलेरिया, वयस्क कीड़ों में विकसित हो जाते हैं और कई वर्षों तक शरीर में रहते हैं। यह व्यसक कीड़े ओर भी माइक्रोफिलारिया को जन्म देते हैं और यह चक्र चलता रहता है।

8 तरह के नेमाटोड्स होते है जिनके कारण फाइलेरिया होता है:

  1. वुचेरेरिअ बैंक्रोफ्टी (Wuchereria Bancrofti), ब्रूगिआ मलाई (Brugia Malayi) और ब्रूगिआ टीमोरि (Brugia Timori) के कारण लिम्फेटिक फाइलेरिया (Lymphatic Filariasis) या एलीफेंटिएसिस (Elephantiasis) होता है। 
  2. लोअ लोअ (Loa Loa), मेंसोनेला स्ट्रेप्टोसरका (Mansonella Streptocerca) और ओंकोसरका वॉल्वुलस (Onchocerca Volvulus) के कारण सबक्यूटेनियस फाइलेरिया (Subcutaneous Filariasis) होता है। 
  3. मेंसोनेला परसटेन्स (Mansonella Perstans) और मेंसोनेला ओज़ारडी (Mansonella Ozzardi) के कारण सीरियस केविटी फाइलेरिया (Serous Cavity Filariasis) होता है। 

ज़्यादातर मामलों में वुचेरेरिअ बैंक्रोफ्टी (Wuchereria Bancrofti) के कारण फाइलेरिया होता है। कुलेक्स (Culex), ऐइडीस (Aedes) और एनोफिलीस (Anopheles) इस बीमारी का संचारण करते हैं। जिन क्षेत्रों में यह रोग केंद्रित होता है, वहाँ 54% लोग माइक्रोफाइलेरिया द्वारा संक्रमित होते है।

फाइलेरिया से बचाव - Prevention of Filaria (Filariasis) in Hindi

फाइलेरिया से बचने का सबसे अच्छा तरीका है मच्छरों के काटने से बचना। जो मच्छर इस बीमारी को संचारित करते हैं वो आमतौर पर सुबह और शाम में काटते हैं।

रात में:

  1. ठंडे कमरे में सोएं। 
  2. मच्छरदानी का प्रयोग करें। 

सुबह और शाम में:

  1. लंबे आस्तीन और पतलून पहने। 
  2. मच्छरों को दूर रखने के लिए अपनी त्वचा पर दवाइयों का उपयोग करें। 

जिस क्षेत्र में आप रहते हैं वहाँ ऐसी दवाइयों का उपयोग करें जो सूक्ष्म कीड़ों को मारती है और मच्छरों का नियंत्रण करती है। ऐसी दवाइयों का उपयोग यदि हर साल किया जाए तो रक्त में सूक्ष्म कीड़ों के स्तर को कम किया जा सकता है और संक्रमण के संचारित होने के जोखिम को कम किया जा सकता है।

  1. इस बीमारी से बचने के लिए और इसके उपचार के लिए रक्त में मौजूद सूक्ष्मफाइलेरिया को मारा जाता है जो ड़ाइथाइलकार्बामाज़ीन (Diethylcarbamazine) और आइवरमेक्टिन (Ivermectin) के उपयोग से किया जाता है। 
  2. इस दवाई की एक खुराक से सूक्ष्मफाइलेरिया को मारा जा सकता है। यह दवा शरीर को सूक्ष्मफाइलेरिया से 1 साल तक बचाती है। यह दवा इस बीमारी को फैलने से रोकती हैं लेकिन बीमारी का उपचार नहीं करती है। इस उपचार को 5-10 सालों के लिए जारी रखें जब तक सब वयस्क कीड़ें ना मर जाएं। 
  3. जो लोग प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं उन्हें सामान्य नमक के बदले रोज़ ऐसे नमक का इस्तेमाल करना चाहिए जिसमे ड़ाइथाइलकार्बामाज़ीन (Diethylcarbamazine) हो, ताकि सभी लोगों को दवा की कुछ खुराक रोज़ मिलती रहे। यह कम खुराक रक्त को सूक्ष्मफाइलेरिया से बचाने के लिए पर्याप्त है।

फाइलेरिया का परीक्षण - Diagnosis of Filaria (Filariasis) in Hindi

फाइलेरिया का निदान करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है:

  1. रक्त में माइक्रोफिलेरिया को देखने के लिए रक्त के नमूने की सूक्ष्म जाँच की जाती है। जो माइक्रोफिलेरिया लिंफ़ के (लिम्फेटिक) फिलेरिया का कारण होता है वो रक्त में रात को प्रसार करता है इसलिए रक्त के नमूना रात को लिया जाना चाहिए। 
  2. रक्त में प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) है या नहीं यह जानने के लिए इम्यूनोडायग्नोस्टिक टेस्ट (Immunodiagnostic tests) किए जाते हैं। 
  3. रक्त में फाइलेरिया परिसंचरण करने वाला प्रतिजन (Circulating Filarial Antigen (CFA)) है या नहीं यह जानने के लिए टेस्ट किए जाते हैं। 

फाइलेरिया का इलाज - Filaria (Filariasis) Treatment in Hindi

फाइलेरिया के उपचार के लिए ड़ाइथाइलकार्बामाज़ीन (Diethylcarbamazine) का उपयोग करना सलाहित है। यह सूक्ष्मफाइलेरिया को मरता है लेकिन वयस्क कीड़ों पर इसका कोई प्रभाव नहीं होता है। यह सिर्फ संक्रमण के संचारण का नियंत्रण करता है। कुछ लोगों में इस दवा के कारण प्रतिक्रिया हो सकती है। कुछ मरीज़ों के लिए आइवरमेक्टिन (Ivermectin) और अल्बेंडाज़ोल (Albendazole) भी उपयोगी हो सकते हैं। 

प्रभावित क्षेत्र में स्वच्छता रखने से बैक्टीरियल संक्रमण से बचा जा सकता है और लिम्फोडीमा (Lymphedema) बदतर नहीं होगा। 

प्रभावित अंग को ऊपर उठाकर रखना चाहिए और लिंफ़ (लसीका) के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए रोज़ व्यायाम करना चाहिए। एरोसोल (Aerosol), मच्छर को दूर रखने के लिए क्रीम, और कोइल का इस्तेमाल करें और स्वछता रख कर मच्छरों को प्रजनन ना होने दें। 

फाइलेरिया के जोखिम और जटिलताएं - Filaria (Filariasis) Risks & Complications in Hindi

यदि आपको मच्छर कुछ महीनो तक काटते रहें तभी आपको लिम्फेटिक फाइलेरिया हो सकता है। जो लोग उष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिकल) या उपोष्णकटिबंधीय (सब-ट्रॉपिकल) क्षेत्रों में रहते हैं जहाँ यह बीमारी सामान्य है उन्हें यह बीमारी होने का जोखिम होता है। कुछ समय के लिए जो लोग ऐसी जगह घूमने जाते हैं, उन्हें यह बीमारी होने का जोखिम बहुत कम होता है। 

फाइलेरिया के कारण होने वाली जटिलताएं:

यह बीमारी स्पर्शोन्मुख (असिम्पटोमैटिक; Asymptomatic), तीव्र, या लंबे समय तक चलने वाली हो सकती है। 

  1. कई लोगों में फाइलेरिया स्पर्शोन्मुख (असिम्पटोमैटिक; Asymptomatic) होती हैं। इसके कारण कोई लक्षण महसूस नहीं होते हैं लेकिन स्पर्शोन्मुख (असिम्पटोमैटिक; Asymptomatic) संक्रमण के कारण लिंफ़ की (लिम्फेटिक) प्रणाली क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और इस संक्रमण से आपके गुर्दे भी प्रभावित हो सकते हैं।
  2. तीव्र संक्रमण से आपकी त्वचा, लिंफ़ (लसीका) के नॉड्स, लिंफ़ (लसीका) की नसों में बदलाव आ सकता है। तीव्र बीमारी लंबे समय तक चलने वाली बीमारी, लिम्फोडीमा (जिसे एलीफेंटिएसिस (Elephantiasis) कहते हैं) में परिवर्तित हो जाती है। एलीफेंटिएसिस (Elephantiasis) में त्वचा और ऊतकों में सूजन हो जाती है और अन्य अंगो में जलवृषण (द्रव संचय) हो जाता है। इन जटिलताओं का उपचार करना मुश्किल है। एडीमा आमतौर पर आपके स्तन (ब्रेस्ट) और जननांग अंगों को प्रभावित कर सकता है। 
  3. लंबे समय तक चलने वाले एडीमा (Edema) और अनुपचारित एडीमा के कारण विकलांगता हो सकती है। 

जो लोग फाइलेरिया (एलीफेंटिएसिस, लिम्फोडीमा और जलवृषण) से पीड़ित होते हैं उनके लिए शरीर के प्रभावित क्षेत्रों को स्वच्छ रखना आवश्यक होता है। 

फाइलेरिया में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Filariasis in Hindi?

फाइलेरिया में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए:

  1. कम वसा और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें।
  2. तरल पदार्थों का सेवन करें। 
  3. प्रोबायोटिक्स (जो पाचन में मदद करते हैं) का सेवन करें। 
  4. अजवायन की पत्तियां फाइलेरिया से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक होती है। 
  5. विटामिन सी (C) युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। 
Dr. Neha Gupta

Dr. Neha Gupta

संक्रामक रोग

Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

Dr. Lalit Shishara

संक्रामक रोग

फाइलेरिया की जांच का लैब टेस्ट करवाएं

MICROFILARIA SMEAR, BLOOD

20% छूट + 10% कैशबैक

MICROFILARIA ANTIBODY

20% छूट + 10% कैशबैक

MICROFILARIA ANTIGEN DETECTION, BLOOD

20% छूट + 10% कैशबैक

फाइलेरिया की दवा - Medicines for Filariasis in Hindi

फाइलेरिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
BanocideBanocide 120 mg Syrup20
BenocideBenocide 100 Mg Forte Tablet28
DecetDecet 150 Mg Tablet0
Dec (Hiquem)Dec 50 Mg Syrup35
Deecee AdDeecee Ad 120 Mg Syrup42
DeeceeDeecee 100 Mg Tablet0
DicarbDicarb 100 Mg Tablet11
EofilEofil 150 Mg Tablet0
HetrazanHetrazan 100 Mg Tablet32
ResophylResophyl Forte Tablet12
Diethylcarbamazine TabletDiethylcarbamazine 50 Mg Tablet8
DeceeDecee Syrup43
CetriplusCetriplus 300 Mg/10 Mg Tablet0
D Worm (Times)D Worm Tablet8
D Worm (Trans)D Worm Suspension11
EbenEben 100 Mg Tablet11
Kit KatKit Kat 100 Mg Suspension18
LupimebLupimeb Tablet10
MebenthMebenth 100 Mg Syrup15
MebexMebex 100 Mg Tablet12

फाइलेरिया की दवा - OTC medicines for Filariasis in Hindi

फाइलेरिया के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

OTC Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Baidyanath Nripatiballabh RasBaidyanath Nripatiballabh Ras Tablet66

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

References

  1. S Sabesan, P Vanamail, KHK Raju, P Jambulingam. Lymphatic filariasis in India: Epidemiology and control measures. Journal of Postgraduate Medicine; Year : 2010 | Volume : 56 | Issue : 3 [Internet]
  2. Ichimori K, King JD, Engels D, Yajima A, Mikhailov A, Lammie P, Ottesen EA. Global programme to eliminate lymphatic filariasis: the processes underlying programme success. PLoS neglected tropical diseases. 2014 Dec 11;8(12):e3328. PMID: 25502758
  3. World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Lymphatic filariasis.
  4. National Organization for Rare Disorders [Internet], Filariasis
  5. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Epidemiology & Risk Factors
  6. Stanford Health Care [Internet]. Stanford Medicine, Stanford University; Prevention and Treatment
और पढ़ें ...