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मतिभ्रम क्या है ?

मतिभ्रम ऐसी भावनाएं हैं जो वास्तविक लगती हैं परन्तु इन्हें आपका मस्तिष्क बनाता है। यह आपकी सभी पांच इंद्रियों को प्रभावित कर सकता है। उदाहरण के लिए, आपको ऐसी आवाज़ सुनाई दे सकती है जो और किसी को सुनाई नहीं दे रही या ऐसा कुछ दिख सकता है जो वास्तविक नहीं है।

ये लक्षण किसी मानसिक बीमारी, दवाओं के दुष्प्रभाव, मिर्गी या शराब ज्यादा पीने के कारण हो सकते हैं।

मतिभ्रम के कारणों के आधार पर, आपको एक मनोचिकित्सक, न्यूरोलॉजिस्ट या सामान्य चिकित्सक की सलाह की आवश्यकता हो सकती है।

(और पढ़ें - सिजोफ्रेनिया के लक्षण)

इसके उपचार के लिए आपकी शारीरिक या मानसिक बीमारी के इलाज की आवश्यकता हो सकती है। आपके डॉक्टर आपको स्वस्थ आहार-व्यवहार अपनाने के लिए कह सकते हैं, जैसे कम शराब पीना और अधिक नींद लेना।

अधिकतर लोग यह मानते हैं कि मतिभ्रम में केवल आप वह देखते हैं जो अवास्तविक है लेकिन इसमें यह भी हो सकता है कि आपको ऐसी गंध महसूस करें या ऐसी वस्तु को छुएं जो मौजूद ही नहीं है।

  1. मतिभ्रम के प्रकार - Types of Hallunication in Hindi
  2. मतिभ्रम के चरण - Stages of Hallunication in Hindi
  3. मतिभ्रम के लक्षण - Hallunication Symptoms in Hindi
  4. मतिभ्रम के कारण - Hallunication Causes in Hindi
  5. मतिभ्रम के बचाव के उपाय - Prevention of Hallunication in Hindi
  6. मतिभ्रम का परीक्षण - Diagnosis of Hallunication in Hindi
  7. मतिभ्रम का उपचार - Hallunication Treatment in Hindi
  8. मतिभ्रम की दवा - Medicines for Hallucination in Hindi
  9. मतिभ्रम के डॉक्टर

मतिभ्रम के प्रकार - Types of Hallunication in Hindi

मतिभ्रम के कितने प्रकार होते हैं ? 

मतिभ्रम आपकी दृष्टि, सूंघने की क्षमता, स्वाद, सुनने की क्षमता या शारीरिक संवेदनाओं को प्रभावित कर सकता है। इसके निम्नलिखित प्रकार होते हैं -

  • दृश्य मतिभ्रम
    दृश्य मतिभ्रम में आप उन चीजों को देखते हैं जो वहां नहीं हैं। इसमें अवास्तविक वस्तुएं, दृश्य पैटर्न, लोग या रोशनी दिख सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप उस व्यक्ति को देख सकते हैं जो कमरे में है ही नहीं या ऐसी रोशनी देख सकते हैं जो कोई और नहीं देख सकता।
     
  • गंध सम्बन्धी मतिभ्रम
    गंध सम्बन्धी मतिभ्रम में आपकी सूंघने की क्षमता प्रभावित होती है। इसमें आपको आधी रात के समय नींद से जागने पर एक अप्रिय गंध आती है या ऐसा महसूस होता है कि आपके शरीर से दुर्गन्ध आ रही है, जबकि ऐसा नहीं होता।
     
  • स्वाद संबंधी मतिभ्रम
    स्वाद संबंधी मतिभ्रम, गंध सम्बन्धी मतिभ्रम के समान होता है, लेकिन इसमें गंध की बजाय आपके स्वाद की क्षमता प्रभावित होती है। ये स्वाद अक्सर अजीब या अप्रिय होते हैं। स्वाद संबंधी मतिभ्रम में अक्सर एक धातु का स्वाद आता है और यह मिर्गी से पीड़ित लोगों में सामान्य लक्षण है।
     
  • सुनने से सम्बंधित मतिभ्रम
    सुनने से सम्बंधित मतिभ्रम, मतिभ्रम का सबसे सामान्य प्रकार है। आपको ऐसा लग सकता है जैसे कोई आपसे बात कर रहा है या आपको कुछ करने के लिए कह रहा है। यह आवाज गुस्से वाली, सामान्य या उग्र हो सकती है।
     
  • स्पर्श सम्बन्धी मतिभ्रम
    स्पर्श सम्बन्धी मतिभ्रम में आपको शरीर में स्पर्श या गतिविधि की भावना होती है। उदाहरण के लिए, आपको ऐसा लगता है किआपकी त्वचा पर कीड़े रेंग रहे हैं या आपके आंतरिक अंग हिल रहे हैं या आप अपने शरीर पर किसी के हाथों का स्पर्श भी महसूस कर सकते हैं।
     
  • अस्थायी मतिभ्रम
    अस्थायी मतिभ्रम कुछ समय के लिए होता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका कोई संबंध समाप्त हुआ है या यदि आपके किसी प्रिय का निधन हुआ है, तो आपको यह मतिभ्रम हो सकता है। आपको एक पल के लिए उस व्यक्ति की आवाज़ सुनाई दे सकती है या उसकी छवि दिखाई दे सकती है। इस प्रकार का भ्रम आमतौर पर कुछ समय में ठीक हो जाता है।

(और पढ़ें - भ्रम रोग के कारण)

मतिभ्रम के चरण - Stages of Hallunication in Hindi

मतिभ्रम के कितने चरण होते हैं ?

मतिभ्रम के निम्नलिखित तीन चरण होते हैं -

  • पहला चरण
    पहले चरण में, व्यक्ति चिंता, अकेलापन या दुष्टता, अपराधबोध की भावना का अनुभव करना शुरू कर सकता है। इसमें व्यक्ति उन विचारों पर ध्यान केंद्रित करता है जो उन भावनाओं को दूर करेंगे। हालांकि, पीड़ित को यह पता रहता है कि यह विचार उसके स्वयं के हैं और वे उन्हें नियंत्रित कर सकते हैं।
     
  • दूसरा चरण 
    दूसरे चरण में, पहले चरण की तुलना में चिंता अधिक महसूस होती है और पीड़ित जानबूझकर मतिभ्रम को सुनने के लिए तैयार होता है। वे यह नहीं पहचान पाते कि यह भ्रम वास्तविक नहीं है और वह अत्यधिक कष्ट और डर का सामना करने लगते हैं। व्यक्ति को इस बात का डर भी लगता है कि बाकी लोग भी यह आवाज सुन सकते हैं, इसलिए वह सामाजिक स्थितियों से बचते हैं। वे मतिभ्रम से बचने के तरीकों को भी खोजना शुरू कर सकते हैं। इस चरण में ध्यान देने में कमी, हाई बीपी, हृदय की दर में वृद्धि और श्वसन क्रिया में वृद्धि जैसे लक्षण होते हैं।
     
  • तीसरा चरण 
    इस चरण में, पीड़ित अधिक स्तर पर चिंता का अनुभव करता है। जिन आवाजों को वे सुन रहे हैं, वे आदेश देने लगती हैं और आदेश न मानने पर धमकी दे सकती हैं। इस स्तर पर, मतिभ्रम कई घंटों या दिनों तक रह सकता है, यदि मरीज का इलाज नहीं किया जाता है, तो वे आत्मघाती या हिंसक महसूस कर सकते हैं।

(और पढ़ें - मेनिया क्या है)

मतिभ्रम के लक्षण - Hallunication Symptoms in Hindi

मतिभ्रम के क्या लक्षण होते हैं ?

मतिभ्रम के लक्षण उसके प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। यह लक्षण निम्नलिखित हैं -

  • सुनने से सम्बंधित मतिभ्रम में रोगी को ऐसी आवाज़ें सुनाई देती हैं जो अवास्तविक होती हैं। आमतौर पर, यह आवाज़ें किसी परिचित व्यक्ति की होती है, जैसे, ऐसे व्यक्ति की जिसकी हाल ही में मौत हुई है। माना जाता है कि ये आवाजें मनुष्य के अंदर ही संरक्षित होती है और वहीं से उसके अवचेतन मन में उभर कर सुनाई देने लगती है। 
  • दृश्य मतिभ्रम में रोगी को चीज़ें, व्यक्ति, रोशनी या पैटर्न दिखाई देते हैं जो मौजूद ही नहीं होते। व्यक्ति को ऐसा लग सकता है कि उसे भूत या जानवर दिख रहे हैं। 
  • स्वाद, गंध और स्पर्श सम्बन्धी मतिभ्रम आम नहीं हैं, लेकिन बाकी मतिभ्रम की तरह, अवास्तविक उत्तेजनाएं होती हैं। अचानक व्यक्ति को अपनी जीभ पर अजीब स्वाद महसूस हो सकता है जैसे कि अचानक कड़वाहट या मिठास। गंध सम्बन्धी मतिभ्रम में व्यक्ति को अचानक मोमबत्तियां जलने या ताजे गुलाबों की गंध आ सकती है, भले ही वास्तव में इनमें से कोई भी चीज मौजूद न हो। स्पर्श मतिभ्रम में व्यक्ति को ऐसा लग सकता है कि उनकी त्वचा पर कुछ रेंग रहा है। कई बार शरीर के एेसे हिस्सों में भी दर्द महसूस हो सकता है जहां असल में कोई दर्द है ही नहीं। 

(और पढ़ें - डर लगने के कारण)

मतिभ्रम के कारण - Hallunication Causes in Hindi

मतिभ्रम के क्या कारण होते हैं ?

मतिभ्रम के कारण निम्नलिखित हैं -

  • मानसिक बीमारियां:
    मानसिक बीमारियां मतिभ्रम का सबसे सामान्य कारण है। स्किज़ोफ्रेनिया (मनोविदलता), डिमेंशिया (मनोभ्रंश) और मेनिया (उन्माद) इसके कुछ उदाहरण हैं।
     
  • मादक द्रव्यों का सेवन:
    मादक पदार्थों के दुरुपयोग के कारण मतिभ्रम हो सकता है। कुछ लोगों को शराब पीने या कोकीन जैसे पदार्थों का सेवन करने के बाद अवास्तविक चीज़ें दिखाई या सुनाई देती हैं। एलएसडी (LSD) और पीसीपी (PCP) जैसी ड्रग्स भी मतिभ्रम का कारण बन सकती हैं।
     
  • नींद की कमी:
    पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर भी मतिभ्रम पैदा हो सकता है। यदि आप कई दिनों से सोए नहीं हैं या आपने लंबे समय से पर्याप्त नींद नहीं ली है, तो आपको मतिभ्रम होने का अधिक खतरा होता है।
     
  • दवाएं:
    मानसिक और शारीरिक परिस्थितियों के लिए ली गई कुछ दवाएं भी मतिभ्रम पैदा कर सकती हैं। पार्किंसन रोग, डिप्रेशन, मनोविकृति और मिर्गी की दवाएं मतिभ्रम के लक्षण पैदा कर सकती हैं।

कुछ अन्य स्थितियां भी मतिभ्रम पैदा कर सकती हैं, जो निम्नलिखित हैं -

मतिभ्रम के बचाव के उपाय - Prevention of Hallunication in Hindi

मतिभ्रम से बचाव कैसे होता है ?

मतिभ्रम का बचाव निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है -

  • मादक द्रव्यों के सेवन के कारण होने वाले मतिभ्रम का आसानी से बचाव हो सकता है, अल्कोहल और हानिकारक दवाओं को कम या बिलकुल न लेने से।
  • तनाव न लें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • स्वस्थ और पौष्टिक भोजन खाएं।
  • बहुत सारी नींद लें व आराम करें।
  • मनोरंजक गतिविधियां करें।
  • हमेशा अच्छा मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बनाए रखें। 
  • जो भी दवाईं आप ले रहें हैं उसके साइड इफेक्ट जरूर जान लें ताकि आपको उसे लेकर कोई संशय न रहे।
  • अवसाद से निपटने की अपनी राह खोजें। (और पढ़ें - अवसाद के घरेलू उपाय)
  • याद रखें कि मनोवैज्ञानिक दिक्कतों की जड़ आपके आस-पास का वातावरण ही है। 

(और पढ़ें - बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण)

मतिभ्रम का परीक्षण - Diagnosis of Hallunication in Hindi

मतिभ्रम का निदान कैसे होता है ?

मतिभ्रम के निदान का सबसे अच्छा तरीका यह है कि अगर आपको संदेह है कि आपकी धारणाएं वास्तविक नहीं हैं, तो तुरंत अपने चिकित्सक के पास जाएं।

आपके डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछेंगे और एक शारीरिक परीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त परीक्षणों में ब्लड टेस्ट या मूत्र परीक्षण और एक मस्तिष्क स्कैन शामिल हो सकते हैं।

यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे मतिभ्रम है, तो उसे अकेला न छोड़ें। मतिभ्रम से होने वाले डर और व्याकुलता से खतरनाक व्यवहार हो सकते हैं। हर समय उस व्यक्ति के साथ रहें और भावनात्मक समर्थन देने के लिए उसके साथ डॉक्टर के पास जाएं। आप भी डॉक्टर को लक्षणों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब देने में सहायता कर सकते हैं।

(और पढ़ें - मनोवैज्ञानिक परीक्षण)

मतिभ्रम का उपचार - Hallunication Treatment in Hindi

मतिभ्रम का इलाज कैसे होता है ?

आपके मतिभ्रम का कारण जानने के बाद, आपके चिकित्सक आपके लिए सबसे अच्छा इलाज बता पाएंगे।

इसके निम्नलिखित इलाज होते हैं -

  • दवाएं
    आपके मतिभ्रम का उपचार पूरी तरह से अंतर्निहित कारणों पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए, यदि आपको शराब छोड़ने के कारण मतिभ्रम हुआ है, तो आपके डॉक्टर आपको ऐसी दवा दे सकते हैं जो आपके तंत्रिका तंत्र को धीमा कर दे। हालांकि, यदि डिमेंशिया से ग्रस्त एक व्यक्ति को पार्किंसन रोग की वजह से मतिभ्रम हुआ है, तो हो सकता है कि इस प्रकार की दवाएं फायदेमंद न हों। स्थिति का प्रभावी ढंग से इलाज करने के लिए एक सटीक निदान बहुत महत्वपूर्ण है।
     
  • मनोवैज्ञानिक परामर्श
    परामर्श से भी आपके मतिभ्रम का इलाज हो सकता है। अगर आपके मतिभ्रम का अंतर्निहित कारण एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, तो एक सलाहकार से बात करने से आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपके साथ क्या हो रहा है। एक सलाहकार आपको डरा हुआ या पागलपन महसूस करने पर उससे बाहर निकलने की तकनीकें बता सकते हैं।

(और पढ़ें - मनोचिकित्सा क्या है)

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मतिभ्रम की दवा - Medicines for Hallucination in Hindi

मतिभ्रम के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Bjain Cannabis indica DilutionBjain Cannabis indica Dilution 1000 CH63
Dr. Reckeweg Absinthium QDr. Reckeweg Absinthium Q 200
SBL Euphorbia lathyris DilutionSBL Euphorbia lathyris Dilution 1000 CH86
ADEL Absinthium DilutionADEL Absinthium Dilution 200 CH112
Dr. Reckeweg Absinthium DilutionDr. Reckeweg Absinthium Dilution 1000 CH170
Bjain Euphorbia lathyris DilutionBjain Euphorbia lathyris Dilution 1000 CH63
Schwabe Euphorbia lathyris CHSchwabe Euphorbia lathyris 1000 CH96
Schwabe Cannabis indica MTSchwabe Cannabis indica MT 88
SBL Absinthium DilutionSBL Absinthium Dilution 1000 CH86
SBL Cannabis indica DilutionSBL Cannabis indica Dilution 1000 CH86
Bjain Absinthium DilutionBjain Absinthium Dilution 1000 CH63
NaloxNalox 400 Mcg Injection71
NarcotanNarcotan 20 Mcg Injection36
NexNex Drops15
Nex(Nel)Nex 400 Mcg Injection72
Schwabe Euphorbia lathyris MTSchwabe Euphorbia lathyris MT 284
Schwabe Absinthium CHSchwabe Absinthium 12 CH96

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References

  1. Santosh Kumar, Subhash Soren, and Suprakash Chaudhury. Hallucinations: Etiology and clinical implications. Ind Psychiatry J. 2009 Jul-Dec; 18(2): 119–126. PMID: 21180490.
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  4. Ryan C. Teeple. et al. Visual Hallucinations: Differential Diagnosis and Treatment. Prim Care Companion J Clin Psychiatry. 2009; 11(1): 26–32. PMID: 19333408
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