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हमारे खान-पान का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। मसलन अगर हम सुंतलित डाइट लेते हैं तो इससे ना सिर्फ बीमारियों से हमारा बचाव होता है, बल्कि यह मृत्यु दर को भी कम करता है। अगर हमसे कोई यह कहे कि बच्चे के जन्म के महीने से भविष्य में होने वाली बीमारी और उससे होने वाली मृत्यु की आशंकाओं का पता चलता है तो इसे आप क्या कहेंगे।

जी हां, ताजा रिसर्च में ये बात सामने आई है कि दिसंबर की अपेक्षा वसंत या गर्मियों में जन्म लेने वाली महिलाओं में हृदय रोग से मरने की आशंका अधिक हो सकती है।

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क्या कहती है रिसर्च?
अमेरिका के मैसाचुसेट्स में ब्रिघम एंड विमेंस हॉस्पिटल और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं द्वारा ये रिसर्च की गई। रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं का जन्म नवंबर में हुआ था, उनकी तुलना में गर्मियों के महीनों में पैदा होने वाली महिलाओं में हृदय रोग से मरने की आशंका सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक थी।

  • शोधकर्ताओं ने पाया कि अप्रैल के महीने में जन्मी महिलाओं में जोखिम सबसे अधिक था, जबकि दिसंबर के महीने में पैदा हुई महिलाओं में हृदय रोग से मरने का खतरा सबसे कम था। हालांकि, ऐसा क्यों था शोधकर्ता इस वजह को जानने और समझने में असफल रहे।
  • वहीं पिछली कुछ रिसर्च से पता चलता है कि बदलते सीजन या मौसम के दौरान लोग क्या खाते हैं, उसका भी प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा वायु प्रदूषण का स्तर और मिलने वाली धूप, ये सभी तरह के स्तर बच्चों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकते हैं।
  • शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि थोड़ा ही सही, लेकिन मौसम में बदलाव का असर लोगों के हृदय पर पड़ता है। हालांकि, दोनों के बीच इस संबंध को जानने के लिए अभी थोड़ा रिसर्च करना बाकी है।

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कैसे की गई रिसर्च?
बदलते मौसम और हृदय रोग से मृत्यु दर के जोखिम को जानने के लिए शोधकर्ताओं ने 1,16,911 महिलाओं पर रिसर्च कर डेटा इकट्ठा किया। बता दें कि ये रिसर्च साल 1976 में शुरू की गई थी, जो 38 साल तक चली। शोध की शुरुआत में रिसर्च में शामिल सभी महिलाओं की उम्र 30 से 55 साल थी।

  • बीएमजे जरनल में प्रकाशित एक अन्य रिसर्च के मुताबिक, दिसंबर में पैदा होने वाले बच्चों को अपना पहला महीना सर्दियों के अंधेरे और ठंड के साथ बिताना पड़ता है, इसलिए यह अंत में दिल के दौरे से मरने के जोखिम को कम कर देता है।
  • अमेरिका में एक लाख से अधिक नर्सों पर किए गए शोध से पता चलता है कि  अप्रैल में जन्मे लोगों की तुलना में दिसंबर में जन्म लेने वाले लोगों में हृदय रोग से पीड़ित होने की आशंका 18 प्रतिशत कम हो जाती है।
  • जिस मौसम में लोग पैदा होते हैं वह बीमारी के प्रति उनकी संवेदनशीलता को प्रभावित करता है, लेकिन यह संभव सामाजिक कारकों को खत्म करने वाला पहला फैक्टर है।

डॉक्टर की राय
myUpchar से जुड़ी डॉक्टर अर्चना निरूला के मुताबिक रिसर्च के आधार पर देखा जाए दिसंबर में पैदा होने वाले लोगों में हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता है, लेकिन इसके पीछे वजह या कारण साफ नहीं है तो इस पर अभी और शोध की आवश्यकता होगी।

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कुल मिलाकर रिपोर्ट के आधार पर ये समझा जा सकता है कि अप्रैल की तुलना में दिसंबर में पैदा होने वाले बच्चों में ठंड सहने की क्षमता अधिक होती है, क्योंकि जन्म के बाद से ही वो बच्चे सर्द मौसम के संपर्क में रहते हैं। वहीं डॉक्टरों का भी मानना है कि ये एक वजह हो सकती है। हालांकि, शोध में शामिल अध्ययनकर्ता इसके पीछे की वजह तलाशने में सफल नहीं रहे।

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