हिप डिस्प्लेसिया - Hip Dysplasia in Hindi

Dr. Nadheer K M (AIIMS)MBBS

November 05, 2020

January 20, 2021

हिप डिस्प्लेसिया
हिप डिस्प्लेसिया

हिप डिस्प्लेसिया कूल्हे से जुड़ी समस्या के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला एक मेडिकल टर्म है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे का कूल्हा जांघ की हड्डी के सबसे ऊपरी हिस्से पर बने बॉल आकार की हड्डी में सही से फिट नहीं बैठता है। इस स्थिति में हिप ज्वॉइंट या कूल्हे का जोड़ आंशिक या पूरी तरह से डिस्लोकेट (अपनी जगह से खिसक जाना) हो जाता है।

हिप डिसप्लेसिया से ग्रस्त अधिकांश लोगों में यह स्थिति जन्मजात होती है। यदि प्रारंभिक अवस्था में हिप डिस्प्लेसिया का निदान किया जाता है, तो ऐसे में ब्रेसज (एक तरह का सपोर्टर) का इस्तेमाल करके स्थिति को ठीक किया जा सकता है।

हिप डिस्प्लेसिया के हल्के मामलों में तब तक लक्षण नहीं दिखाई देते हैं जब तक कि बच्चा किशोरावस्था या युवावस्था में न आ जाए। हिप डिसप्लेसिया में जोड़ों की उपास्थि को नुकसान पहुंचता है। बड़े बच्चों और युवा वयस्कों में, जोड़ों की गतिविधियों को ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

(और पढ़ें - कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर)

हिप डिस्प्लेसिया के संकेत और लक्षण क्या हैं? - Hip Dysplasia Symptoms in Hindi

हिप डिस्प्लेसिया के लक्षण उम्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

शिशुओं में, एक पैर दूसरे की तुलना में लंबा हो जाता है। एक बार जब बच्चा चलना शुरू कर देता है, तो पैर छोटा बड़ा होने से वह लंगड़ा सकता है। इसके अलावा डायपर बदलने के दौरान एक कूल्हा दूसरे की तुलना में कम लचीला प्रतीत हो सकता है।

किशोरों और युवा वयस्कों में, हिप डिस्प्लेसिया की वजह से ओस्टियोआर्थराइटिस या 'हिप लैब्रल टियर' जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसमें गतिविधि करने पर कमर में दर्द हो सकता है। कुछ मामलों में, कूल्हा कमजोर महसूस हो सकता है।

हिप डिस्प्लेसिया का कारण क्या है? - Hip Dysplasia Causes in Hindi

जन्म के समय, कूल्हे का जोड़ नरम उपास्थियों से बना होता है, जो धीरे-धीरे हड्डी का रूप ले लेता है। संरचना के दौरान, जांघ के ऊपरी हिस्से में मौजूद बॉल के आकार की हड्डी का पेडू के सॉकेट में अच्छी तरह से फिट होना जरूरी होता है। जब दोनों हड्डियां आपस में मजबूती से नहीं बैठती हैं, तो हिप डिस्प्लेसिया हो सकता है।

ऐसा गर्भावस्था के अंतिम महीने में होता है, क्योंकि इस दौरान गर्भ के अंदर जगह बहुत कम हो जाती है। ऐसे में कूल्हे के जोड़ अपनी जगह से खिसक सकते हैं। गर्भ में कम जगह होने के कारकों में शामिल हैं :

  • पहली गर्भावस्था
  • बड़ा बच्चा
  • ब्रीच प्रेजेंटेशन (गर्भ में बच्चे की पोजिशन असामान्य होना)

(और पढ़ें - गर्भ में बच्चे का उल्टा होना)

हिप डिस्प्लेसिया का निदान कैसे किया जाता है? - Hip Dysplasia Diagnosis in Hindi

डॉक्टर विजिट के दौरान, बच्चे में हिप डिस्प्लेसिया का पता चल सकता है। डॉक्टर आमतौर पर शिशु के पैर को अलग-अलग पोजिशन में हिलाकर इस बात का पता कर सकते हैं कि कूल्हे के जोड़ सही से बैठै हैं या नहीं।

हिप डिस्प्लेसिया के हल्के मामलों में निदान करना मुश्किल हो सकता है। कुछ मामलों में जब तक आप युवा नहीं हो जाते तब त​क समस्याएं शुरू नहीं होती हैं। यदि डॉक्टर को हिप डिसप्लेसिया का संदेह है, तो वह इमेजिंग टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं जैसे कि एक्स-रे या एमआरआई

हिप डिस्प्लेसिया का इलाज कैसे किया जाता है? - Hip Dysplasia Treatment in Hindi

हिप डिस्प्लेसिया का उपचार व्यक्ति की उम्र और कूल्हे को कितना नुकसान हुआ है, इस बात पर निर्भर करता है। शिशुओं को आमतौर पर ब्रेसज (पैल्विक हार्नेस) लगा सकते हैं, जो कि कई महीनों के लिए लगा रह सकता है।

यह ब्रेसज 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों में काम नहीं करता है। कभी-कभी जोड़ों को ठीक से फिट करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।

यदि डिस्प्लेसिया अधिक गंभीर है, तो हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की मदद ली जा सकती है।

(और पढ़ें - मजबूत हिप्स और कूल्हे के दर्द से राहत पाने के लिए एक्सरसाइज)



हिप डिस्प्लेसिया के डॉक्टर

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