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माइग्रेन सामान्य सिरदर्द की तुलना में अधिक तीव्र होता है। आम तौर से माइग्रेन सिर के एक तरफ एक धड़कते दर्द के रूप में होता है। और माइग्रेन अक्सर मतली, चक्कर आना, और प्रकाश व ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता के साथ होते हैं। यह कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक रह सकते हैं।

  1. कैसे माइग्रेन में लाभदायक है योग - How Does Yoga Help with Migraine?
  2. बालासन है माइग्रेन का इलाज - Balasana (Child's Pose) for Migraine in Hindi
  3. मार्जरी आसन है माइग्रेन के लिए फायदेमंद - Marjariasana (Cat Pose) for Migraine in Hindi
  4. उत्तानासन है माइग्रेन में लाभदायक - Uttanasana (Standing Forward Bend) for Migraine in Hindi
  5. पश्चिमोत्तानासन करेगा माइग्रेन के उपचार में सहायता - Paschimottanasana (Seated Forward Bend) for Migraine in Hindi
  6. अधो मुख श्वानासन करेगा माइग्रेन की ट्रीटमेंट में फायदा - Adho Mukha Svanasana (Downward
  7. शवासन करेगा माइग्रेन की ट्रीटमेंट में फायदा - Shavasana (Corpse Pose) for Migraine in Hindi

न केवल माइग्रेन से लड़ने के लिए योग का एक समग्र तरीका है, बल्कि योग दर्द कम करने में भी सक्रिय है। शोध से पता चला है कि माइग्रेन की आवृत्ति और तीव्रता अपने नियमित उपचार के साथ योग का अभ्यास करने से कम हो जाती है। चुनिंदा योगासन तनाव को कम करते हैं, जो कि माइग्रेन का एक मूल कारण है। योग व्यक्ति को मान को आराम देना का एक मौका देता है, और शरीर में वास्तव में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। अगर रक्त परिसंचरण में सुधार आता हैं, तो अवश्य ही माइग्रेन और तनाव से राहत मिलती है।

तो आइए जानें की कौन से योगासन माइग्रेन से पीड़ित अवस्था में करने चाहिए।

बालासन में आपके संपूर्ण शरीर को आराम मिलता है। यह ना ही माइग्रेन कम करता है बल्कि थकान ममिटाने में भी मदद करता है। बालासन को 1-2 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: बालासन करने का तरीका और फायदे)

मार्जरी आसन रक्त परिसंचरण में सुधार लाता है और मन को भी आराम देता है। यह दोनो ही माइग्रेन को कम करने में काम आते हैं। इस आसन को 1-2 मिनिट के लिए करें।

उत्तानासन रक्त की आपूर्ति को बढ़ाकर तंत्रिका तंत्र को मज़बूत बनाता है और मन को शांत करता है। इस आसन को 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: उत्तानासन करने का तरीका और फायदे) उत्तानासन के बाद आप पादहस्तासन भी कर सकते हैं। यह भी माइग्रेन से राहत दिलाने में सक्रिय है। पादहस्तासन को 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: पादहस्तासन करने का तरीका और फायदे)

पश्चिमोत्तानासन मस्तिष्क को शांत करता है और तनाव से राहत देता है। यह आसन भी सिरदर्द से राहत देता है। पश्चिमोत्तानासन को 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका और फायदे) पश्चिमोत्तानासन के बाद आप जानुशीर्षासन भी कर सकते हैं। यह भी माइग्रेन से राहत दिलाने में मदद करता है। जानुशीर्षासन को 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: जानुशीर्षासन करने का तरीका और फायदे)

अधो मुख श्वानासन मस्तिष्क में रक्त परिसंचरण बढ़ता है और इस से सिरदर्द से राहत मिलती है। इस आसन को भी 1 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: अधो मुख श्वानासन करने का तरीका और फायदे)

शवासन में आपका शरीर सबसे अधिक आराम की स्तिथि में होता है। माइग्रेन से राहत पाने में यह आसन बहुत मदद करता है। शवासन 5-10 मिनिट के लिए करें। (और पढ़ें: शवासन करने का तरीका और फायदे)

इन बातों का खास तौर से ध्यान रखें:

  1. याद रहे की योगाभ्यास से आराम निरंतर अभ्यास करने के बाद ही मिलता है और धीरे धीरे मिलता है।
  2. योगासन से जोड़ों का दर्द बढे नहीं, इसके लिए अभ्यास के दौरान शरीर को सहारा देने वाली वस्तुओं, तकियों व अन्य उपकरणों की सहायता जैसे ज़रूरी समझें वैसे लें।
  3. अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक जोर न दें। अगर दर्द बढ़ जाता है तो तुरंत योगाभ्यास बंद कर दें व चिकित्सक से परामर्श करें।
  4. यह ज़रूर पढ़ें: योग के नियम

इन योगासनों को अपनाइए, माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाइए सम्बंधित चित्र

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