ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) ऐसी मानसिक बीमारी है, जिससे ग्रसित व्यक्ति के दिमाग में काफी नेगेटिव विचार आते हैं. इससे ग्रसित व्यक्ति चाहकर भी इन विचार को कम नहीं कर पाता है. इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ होता है कि वह जो सोच रहा है, पूरी तरह कि आधारहीन है. फिर भी वह इन विचारों को कम करने में असमर्थ होता है. इस परेशानी के साथ जीवन जीने में काफी परेशानी होती है.

आज हम इस लेख में ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के साथ जीने के टिप्स के बारे में विस्तार से बता रहे हैं -

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  1. कैसे जिएं ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के साथ?
  2. सारांश
ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के साथ जीने के टिप्स के डॉक्टर

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के साथ जीने के लिए सबसे पहले इस बीमारी के बारे में अच्छे से जान लें. ओसीडी एक मानसिक समस्या है, जिसका इलाज करने के साथ-साथ इसके लक्षणों को कम करने पर ध्यान देने की कोशिश करनी चाहिए. आइए, जानते हैं कि ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के साथ कैसे जिएं -

स्वस्थ आहार

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति को हेल्दी आहार का चुनाव करने की जरूरत होती है. इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को नियमित रूप से कुछ न कुछ जरूर खाना चाहिए. दरअसल, जब किसी व्यक्ति को भूख लगती है, तो उसका ब्लड शुगर कम हो जाता है. इस स्थिति में वह काफी थका और चिड़चिड़ापन महसूस करता है. ऐसे में अपने आहार को छोटे-छोटे टुकड़ों में बदलें और कुछ न कुछ जरूर खाते रहें -

इसके साथ ही ध्यान रखें कि चायकॉफीसोडा और एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन कम करें. इसमें मौजूद कैफीन मानसिक समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है. 

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शराब और धूम्रपान से दूरी

कई लोगों को लगता है कि शराब और धूम्रपान का सेवन करने से ओसीडी से बचाव किया जा सकता है, लेकिन इस तरह की चीजें ओसीडी को ट्रिगर कर सकती हैं. शराब पीने से ऐसा महसूस हो सकता है कि यह एंग्जायटी को दूर कर सकता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. इससे ओसीडी की परेशानियां बढ़ सकती हैं. वहीं, सिगरेट पीने से भी ओसीडी की समस्याएं बढ़ती हैं. दरअसल, सिगरेट में मौजूद निकोटीन ओसीडी की समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है.

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अच्छी और गहरी नींद

ओसीडी के साथ जीने के लिए अच्छी और गहरी नींद जरूरी है. अच्छी नींद लेने से चिंता कम होती है, जो मानसिक समस्याओं को कम करने में प्रभावी हो सकता है. साथ ही इससे शरीर को भी आराम मिलता है. अच्छी और गहरी नींद के लिए स्क्रीन टाइम कम करें, सोने से पहले धीमी आवाज में गाने सुनें, गुनगुने पानी से नहाएं. इन टिप्स से अच्छी नींद आती है.

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एक्टिव रहें

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्तियों को एक्टिव रहने की जरूरत होती है. दरअसल, जब कोई व्यक्ति चिंतित महसूस करता है, तो उसके शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन रिलीज होता है. शरीर में कोर्टिसोल की अधिकता स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होती है. ऐसे में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर को कंट्रोल करने के लिए एक्सरसाइज जरूर करें. यह आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. 

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समय पर लें दवाएं

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्तियों को लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ-साथ समय पर दवाएं लेना भी जरूर होता है. दवाओं की खुराक समय पर लेने से ओसीडी के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह पर इसकी दवाओं के साथ-साथ विटामिन और मिनरल के सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं. 

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चिंता, अवसाद व तनाव आदि समस्या से ग्रस्त मरीज Myupchar Ayurveda Manamrit का सेवन कर सकते हैं. यह आयुर्वेदिक प्रोडक्ट है, जिसे 100% जड़ी-बूटियों से बनाया गया है -

लोगों की लें मदद

किसी भी मानसिक समस्याओं से उबरने के लिए लोगों का सपोर्ट लेना चाहिए. इससे मानसिक समस्याओं से उबरने में मदद मिलती है. कभी भी चिंता और तनाव को अंदर नहीं रखना चाहिए. इमोशनल सपोर्ट के लिए डॉक्टर के साथ-साथ अपने साथी, कोच या फिर परिवार के किसी सदस्य का सहारा जरूर लें.

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आराम जरूर करें

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर बीमारी में शरीर को आराम की जरूरत होती है. अगर इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति आराम नहीं करता है, तो इससे परेशानियां और अधिक बढ़ सकती हैं. इसके लिए योग, ध्यान, संगीत सुनना व पेंटिंग करना जैसी चीजों की मदद ली जा सकती है. खासतौर पर ऐसी चीजें करें, जो आपको अच्छी लगें. इससे मन को काफी शांति मिलती है. इसके अलावा, अपने साथ कम से कम 30 मिनट जरूर बिताएं. 

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खुश रहें

ओसीडी के साथ जीने का तरीका सीखने में काफी समय लगता है. ऐसे में निराश होने के बजाय खुश होना सीखें. किसी भी असफलता से निशान न हों. अपने लिए अन्य लक्ष्य बनाएं. लोगों के साथ मिले-जुलें और खुश रहने की कोशिश करें.

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ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के साथ जीना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है. इसके लिए थोड़ा सा लाइफस्टाइल में बदलाव की जरूरत होती है. इसके अलावा, अपने स्वाथ्य पर भी ध्यान देना जरूरी होता है. वहीं, ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर की परेशानी होने पर एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें, ताकि आपको सही और सटीक जानकारी मिल सके.

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