myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस क्या है?

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस एक ऐसा विकार है, जिसमें अस्थि मज्जा (बोन मैरो) में फाइब्रोसिस (चोट या क्षति के लिए एक प्रतिक्रियात्मक प्रतिक्रिया के रूप में रेशेदार संयोजी ऊतकों का विकास) बनने लगते हैं। अस्थि मज्जा हड्डियों के भीतर मौजूद होती है जो कि रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होती है।

अस्थि मज्जा में हेमटोपोएटिक स्टेम कोशिका होती है, यह तीन प्रकार की रक्त कोशिकाओं (लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं या प्लेटलेट्स) से बनती है। प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस की स्थिति में, हेमटोपोएटिक स्टेम कोशिका से डीएनए में बदलाव होने लगते हैं और इस कोशिका के कारण ही असामान्य कोशिकाएं बनने लगती हैं। ये असामान्य कोशिकाएं मज्जा में से स्वस्थ कोशिकाओं को बाहर करती हैं और मज्जा के भीतर लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं के अलावा प्लेटलेट्स के उत्पादन को भी बाधित करती हैं।

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस के लक्षण

माइलोफिब्रोसिस धीरे-धीरे होता है और कई लोग इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं। हालांकि, जैसे-जैसे यह स्थिति गंभीर होने लगती है और रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रभावित करने लगती है, वैसे-वैसे इसके लक्षण सामने आने लगते हैं:

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस का कारण

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन यह JAK2, MPL, CALR और TET2 जैसे जीन में बदलाव होने के कारण हो सकता है। ये जीन रक्त कोशिकाओं के विकास के लिए निर्देश देते हैं और इन जींस में बदलाव आने के कारण सामान्य रक्त कोशिकाओं के सक्रिय उत्पादन पर असर पड़ता है। बता दें, प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस जेनेटिक नहीं हो सकता है जिसमें बच्चे को अपने माता-पिता से कोई बीमारी मिलती है। 

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस का निदान 

डॉक्टर प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस के निदान के लिए निम्नलिखित सलाह देते हैं:

  • प्लीहा (शरीर के बाईं ओर पसलियों के नीचे का एक आतंरिक अंग) और लिवर के बढ़ने का पता लगाने के लिए फिजिकल टेस्ट करना 
  • विभिन्न रक्त कोशिकाओं की स्थिति जांचने के लिए ब्लड टेस्ट करना
  • फाइब्रोसिस का पता लगाने के लिए अस्थि मज्जा की बायोप्सी (शरीर से ऊतक या कोशिका की जांच के लिए सैंपल लेना) करना
  • जीन में बदलाव की जांच के लिए खून और अस्थि मज्जा के सैंपल का विश्लेषण करना

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस का  इलाज

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस की स्थिति का सही कारण पता नहीं है, इसलिए इसमें लक्षणों का इलाज किया जाता है। इसमें लक्षणों के सामने आए बिना उपचार की सलाह नहीं दी जाती है। किसी भी लक्षण की पहचान के लिए नियमित रूप से जांच कराना जरूरी होता है। फिलहाल, इसके लक्षणों से ग्रस्त व्यक्ति के लिए निम्न उपचार मौजूद हैं:

  • दवाइयों का सेवन जैसे कि हाइड्रोक्सी यूरिया और बसल्फान
  • गंभीर रूप से एनीमिया से ग्रस्त व्यक्ति को खून चढ़ाना
  • रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने और उनके खत्म होने की संभावना को कम करने के लिए एंड्रोजन या कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के साथ हार्मोनल थेरेपी देना
  1. प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस की दवा - Medicines for Primary Myelofibrosis in Hindi

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस की दवा - Medicines for Primary Myelofibrosis in Hindi

प्राइमरी माइलोफिब्रोसिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
JakaviJakavi 15 Mg Tablet45237

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

References

  1. National Organization for Rare Disorders [Internet], Primary Myelofibrosis
  2. National Institutes of Health; [Internet]. U.S. National Library of Medicine. Primary myelofibrosis
  3. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; NCI Dictionary of Cancer Terms
  4. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Chronic Myeloproliferative Neoplasms Treatment (PDQ®)–Patient Version
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Myelofibrosis
और पढ़ें ...