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कान के परदे में छेद क्या होता है?

कान के परदे में छेद का मतलब है कान के परदे में छेद होना या टिम्पेनिक झिल्ली (Tympanic membrane) का फटना। टिम्पेनिक झिल्ली एक पतला टिशू होता है, जो आपके मध्य कान और बाहरी कान को विभाजित करता है।

जब ध्वनि तरंगें आपके कान में प्रवेश करती हैं तब इस झिल्ली में कंपन होती है। यह कंपन मध्य कान की हड्डियों में भी होती है। यह कंपन आपको सुनने में मदद करती है, इसीलिए अगर आपके कान के परदे में छेद है, तो आपकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
दुर्लभ मामलों में, इस स्थिति से सुनने की क्षमता हमेशा के लिए खो सकती है।

कान का पर्दा अचानक फट सकता है। आप कान में तेज दर्द महसूस कर सकते हैं या कुछ समय से होने वाला कान का दर्द अचानक ठीक हो सकता है। यह भी संभव है कि आपको कान में छेद होने के कोई लक्षण दिखाई न दे।

(और पढ़ें - कान दर्द का इलाज)

  1. कान के पर्दे में छेद के लक्षण - Ruptured Eardrum Symptoms in Hindi
  2. कान के पर्दे में छेद के कारण - Ruptured Eardrum Causes in Hindi
  3. कान के पर्दे में छेद से बचाव के उपाय - Prevention of Ruptured Eardrum in Hindi
  4. कान के पर्दे में छेद का परीक्षण - Diagnosis of Ruptured Eardrum in Hindi
  5. कान के पर्दे में छेद का उपचार - Ruptured Eardrum Treatment in Hindi
  6. कान के पर्दे में छेद के जोखिम और जटिलताएं - Ruptured Eardrum Risks & Complications in Hindi
  7. कान के पर्दे में छेद के डॉक्टर

कान के पर्दे में छेद के लक्षण - Ruptured Eardrum Symptoms in Hindi

कान के परदे में छेद के क्या लक्षण होते हैं?

कान के परदे में छेद के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं -

  • छींकते या नाक निकालते समय सीटी सुनाई देना।
  • सुनने की क्षमता में कमी।
  • बहरापन
  • कान बजना
  • मतली और उलटी। (और पढ़ें - उल्टी रोकने के उपाय)
  • मध्य कान की सूजन। (और पढ़ें - सूजन के घरेलू उपाय)
  • संक्रमण के साथ, दर्द होना।
  • संक्रमण के साथ, कान से मवाद का रिसाव।
  • संक्रमण के साथ, कान से खून जैसा रिसाव।
  • कोलेस्टिओटोमा (Cholesteatoma) के साथ, लम्बे समय से कान से रक्त जैसा रिसाव।
  • कोलेस्टिओटोमा (Cholesteatoma) के साथ, सुनाई न देना, दर्द, चक्कर, कान बजना और सिरदर्द

(और पढ़ें - सिर दर्द के घरेलू उपाय)

कान के पर्दे में छेद के कारण - Ruptured Eardrum Causes in Hindi

कान के परदे में छेद के क्या कारण होते हैं ?

कान के परदे में छेद के निम्नलिखित कारण होते हैं -

संक्रमण
कान के परदे में छेद का सबसे सामान्य कारण है संक्रमण, खासकर बच्चों में। कान के संक्रमण में, कान के परदे के पीछे द्रव एकत्रित होता है। तरल पदार्थ के निर्माण के दबाव से टिम्पेनिक झिल्ली फट सकती है।

(और पढ़ें - कान के संक्रमण का इलाज)

दबाव
कई गतिविधियों के कारण कान के दबाव में परिवर्तन हो सकता है, जिससे कान के परदे में छेद हो सकता है। इसे बारोट्रामा कहा जाता है और यह मुख्यतः तब होता है जब कान के बाहर का दबाव कान के अंदर के दबाव से काफी भिन्न होता है। बारोट्रामा के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं -

  • स्कूबा डाइविंग
  • हवाई जहाज में यात्रा
  • ज़्यादा ऊंचाई पर ड्राइविंग
  • शॉक तरंगें
  • कान पर जोरदार प्रभाव

(और पढ़ें - कान में दर्द के घरेलू उपाय)

चोट
चोट लगने की वजह से कान में छेद हो सकता है। सिर या कान के पास किसी भी चोट से कान के परदे में छेद हो सकता है। निम्नलिखित कारणों से ऐसा हो सकता है -

  • कान में चोट लगना
  • खेल के दौरान चोट लगना
  • कान के भार गिरना
  • कार दुर्घटनाऍं

(और पढ़ें - कान बहने का इलाज)

किसी भी प्रकार की वास्तु को कान में ज़्यादा अंदर तक डालना जैसे कि रुई का फोहा, नाखून या कलम से भी कान को नुकसान पहुंच सकता है।

ध्वनिक आघात
बेहद ऊँची आवाज़ों से कान को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, यह मामले आम नहीं हैं।

(और पढ़ें - कान में आवाज होना का इलाज)


कान के परदे में छेद के जोखिम कारक क्या हैं ?

निम्नलिखित कारक कान के परदे में छेद के जोखिम को बढ़ा सकते हैं -

  • कान साफ करने के लिए नुकीली वस्तुओं का उपयोग
  • हवाई यात्रा
  • स्कूबा डाइविंग
  • कान में झटका
  • सिर की चोट (और पढ़ें - सिर की चोट का इलाज)
  • अचानक से बहुत तेज़ और जोरदार आवाज़ के संपर्क में आना

(और पढ़ें - बहरापन के उपचार)

कान के पर्दे में छेद से बचाव के उपाय - Prevention of Ruptured Eardrum in Hindi

कान के परदे में छेद का बचाव कैसे होता है ?

कान के परदे में छेद से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं -

  1. कान में संक्रमण को रोकने के लिए अपना कान सूखा रखें। (और पढ़ें - संक्रमण का इलाज)
  2. नहाते समय पानी को कान में जाने से रोकने  के लिए कान में रुई डालकर नहाएं।
  3. जब तक आपका कान ठीक नहीं होता है, तब तक तैराकी न करें। (और पढ़ें - कान साफ करने के तरीके)
  4. यदि आपको कान का संक्रमण होता है, तो तुरंत इसका इलाज कराएं। 
  5. जब आपको सर्दी जुकाम या साइनस संक्रमण हो, तो हवाई जहाज में यात्रा करने से बचने का प्रयास करें। (और पढ़ें - सर्दी जुकाम के घरेलू उपाय)
  6. कान के दबाव को स्थिर रखने के लिए इयरप्लग का उपयोग करें, च्यूइंग गम चबाएं या जंभाई लें।
  7. कान की मैल को साफ करने के लिए बाहर की वस्तुओं का उपयोग न करें (हर दिन नहाना आमतौर पर आपके कान के मैल के स्तर को संतुलित रखने के लिए पर्याप्त होता है)।
  8. जब आपको पता हो कि आपको बहुत अधिक शोर में जाने वाले हैं, तो इयरप्लग पहनें।

(और पढ़ें - सुनने में परेशानी के घरेलू उपाय)

कान के पर्दे में छेद का परीक्षण - Diagnosis of Ruptured Eardrum in Hindi

कान के परदे में छेद का परीक्षणनिदान कैसे होता है ?

आपके फ़ैमिली डॉक्टर या ईएनटी विशेषज्ञ अक्सर एक उपकरण के माध्यम से आपके कान में देखकर यह निर्धारित कर सकते हैं कि आपके कान में छेद है या नहीं।

कान के परदे में छेद के कारण और नुकसान को निर्धारित करने के लिए आपके डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षण भी कर सकते हैं -

प्रयोगशाला परीक्षण
अगर आपके कान से रिसाव होता है, तो आपके डॉक्टर आपके मध्य कान के जीवाणु संक्रमण का पता लगाने के लिए प्रयोगशाला परीक्षण कर सकते हैं। (और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज)

ट्यूनिंग फोर्क मूल्यांकन (Tuning fork evaluation)
ट्यूनिंग फोर्क दो दांत वाले धातु के यंत्र होते हैं, जो टकराने पर ध्वनियों का उत्पादन करते हैं। ट्यूनिंग फोर्क के सरल परीक्षण से आपके चिकित्सक को सुनाई देने की क्षमता की हानि का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
एक ट्यूनिंग फोर्क मूल्यांकन यह भी बता सकता है कि सुनने की क्षमता की हानि आपके मध्य कान के भागों में हुई है, आंतरिक कान के सेंसर व नसों में हुई है या दोनों में हुई है।

(और पढ़ें - एक्स रे की जानकारी)

टिम्पेनोमेट्री (Tympanometry)
टिम्पेनोमीटर आपके कान में डालने वाला एक उपकरण होता है, जो वायु के दबाव में मामूली बदलाव से आपके कान के परदे की प्रतिक्रिया को मापता है। प्रतिक्रिया के कुछ तरीके कान के परदे में छेद का निदान कर सकती हैं।

(और पढ़ें - इको टेस्ट की जानकारी)

ऑडियोलॉजी परीक्षण (Audiology exam)
यदि अन्य परीक्षण सफल नहीं होते हैं, तो आपके चिकित्सक एक ध्वनिरहित बूथ में कड़े परीक्षण कर सकते हैं, जो यह मापते हैं कि आपको विभिन्न स्वरों और आवाज़ों में कितनी अच्छी तरह आवाज सुनाई देती है।

(और पढ़ें - अल्ट्रासाउंड की जानकारी)

कान के पर्दे में छेद का उपचार - Ruptured Eardrum Treatment in Hindi

कान के परदे में छेद का इलाज कैसे होता है ?

कान के परदे में छेद का उपचार मुख्य रूप से दर्द को दूर करने और संक्रमण को रोकने के लिए किया जाता है।

यह उपचार निम्नलिखित हैं -

पैच (Patch)
यदि आपका कान अपने आप ठीक नहीं होता है, तो आपके डॉक्टर झिल्ली पर एक पैच लगा सकते हैं। इसमें फटी हुई झिल्ली पर एक औषधीय पैच लगाया जाता है। यह पैच झिल्ली को वापिस जुड़ने में मदद करता है।

(और पढ़ें - पैच टेस्ट)

एंटीबायोटिक दवाएं
एंटीबायोटिक दवाएं उस संक्रमण को ठीक कर सकती हैं, जो कान के परदे में छेद का कारण हो सकता है। यह दवाएं कान के परदे में छेद से होने वाले नए संक्रमण विकसित होने से भी रोक सकती हैं। आपके चिकित्सक मौखिक एंटीबायोटिक दवाएं या कान में डालने वाली दवाएं दे सकते हैं। आपको दोनों का एकसाथ उपयोग करने के लिए भी कहा जा सकता है।

(और पढ़ें - एंटीबायोटिक दवाओं को लेने से पहले की सावधानी)

सर्जरी
दुर्लभ मामलों में, सर्जरी से कान के परदे में छेद को ठीक करना आवश्यक होता है। इस सर्जरी को टिम्पेनोप्लास्टी (Tympanoplasty) कहा जाता है। टिम्पेनोप्लास्टी के दौरान, आपके सर्जन आपके शरीर के किसी अन्य क्षेत्र से एक टिश्यू लेते हैं और उसे आपके कान के परदे के छेद पर लगाते हैं।

(और पढ़ें - सर्जरी से पहले की तैयारी)

घरेलू उपचार

  • घर पर, आप सिकाई और दर्द निवारकों के मदद से कान के परदे में छेद के दर्द को कम कर सकते हैं। अपने कान पर गर्म सिकाई रोजाना कई बार करने से दर्द में मदद मिल सकती है।
  • जब तक आपके डॉक्टर ने न कहा हो, केमिस्ट पर मिलने वाली किसी दवाई का उपयोग न करें।

(और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन का इलाज)

कान के पर्दे में छेद के जोखिम और जटिलताएं - Ruptured Eardrum Risks & Complications in Hindi

कान के परदे में छेद की क्या जटिलताएं होती हैं?

कान के परदे में छेद की संभावित जटिलताएं निम्नलिखित हैं -

  • कान के संक्रमण - कान का पर्दा, कान की नली और मध्य कान को विभाजित करता है। यदि इसे कोई नुकसान पहुंचता है, तो बैक्टीरिया का मध्य कान तक पहुंचना आसान हो जाता है, जिससे कान के संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
  • सुनने की क्षमता खोना - कान के परदे में छेद होने से सुनने की क्षमता खो सकती है। ज्यादातर मामलों में, यह अस्थायी होता है। हालांकि, इसकी एक संभावित जटिलता यह है कि यह स्थिति स्थायी हो सकती है।
  • कान के परदे में छेद से कान में वैक्स, गंदगी और मृत त्वचा कोशिकाओं का निर्माण हो सकता है।

(और पढ़ें - फंगल संक्रमण के घरेलू उपाय)

Dr. Yogesh Parmar

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

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