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आजकल की जीवनशैली कुछ ऐसी हो गई है कि घंटों ऑफिस में कुर्सी पर लगातार बैठकर काम करना पड़ता है और मोबाईल पर से तो जैसे एक मिनट के लिए भी नजरें नहीं हटती है। इन आदतों का हमारे शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है जिनमें से एक कंधे में दर्द भी है। कई बार तो कंधे का दर्द कुछ समय में ठीक हो जाता है लेकिन कभी-कभी यह लंबे समय तक परेशान करता है।

अगर आपको भी कंधे का दर्द परेशान करता है तो निम्नलिखित योगासनों की मदद आप इस दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। 

भुजंगासन

  • अपने पेट के बल लेट जाएं
  • हथेलियां छाती के समीप रखें, अपनी छाती को धीमे -धीमे उठाएं, इस मुद्रा में कोहनी हल्की-सी मुड़ी रहती है यानी हाथ पूरी तरह से सीधे नहीं रहते हैं।  
  • इस दौरान ध्यान रहे कि सिर से लेकर पेट के निचले हिस्से को हवा में उठाना है जबकि कमर से नीचे का हिस्सा जमीन पर ही रहना चाहिए। 
  • पैरों के पंजे जमीन को छूते रहने चाहिए। पीठ जितनी आराम से मुड़ सके, सिर्फ उतनी ही मोड़ें। 
  • चेहरा ऊपर छत की ओर नहीं बल्कि सामने की ओर रहना चाहिए।  
  • इस दौरान कुल मिलाकर पांच बार सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें ताकि आप इस आसन को 30 से 60 सेकेंड तक के लिए कर सकें।
  • धीरे-धीरे जैसे आपके शरीर में लचीलापन बढ़ने लगेगा, आप समय बढ़ा सकते हैं लेकिन 90 सेकेंड से ज्यादा इस आसन को ना करें।
  • इस प्रक्रिया को कुल चार बार करें। 

(और पढ़ें - कंधे के दर्द के घरेलू उपाय)

उत्तानासन

  • सीधे खड़े हो जाएं। 
  • सांस छोड़ते हुए कूल्हे के जोड़ों से झुकना शुरू करें। याद रहे कि पैर एकदम सीधे रहने चाहिए। 
  • यदि आपके शरीर में इतना लचीलापन है कि आप इस मुद्रा में अपनी हथेली को जमीन पर टिका सकते हैं तो बेहतर रहेगा, अन्यथा आपसे जितना झुकते बन रहा हो सिर्फ उतना ही झुकें क्योंकि जबरदस्ती हथेली को जमीन पर टिकाने से आपकी हॅम्स्ट्रिंग में चोट लग सकती है।
  • आसन में रहते हुए सांस बिल्कुल ना रोकें। सांस अंदर लेते हुए धड़ को उठाएं, लेकिन अपने कूल्हे के जोड़ों से ही वापिस सीधा खड़े होने की कोशिश करें। 
  • पूरी प्रक्रिया में पैरों को सीधा रखें।
  • कुल मिलाकर पांच बार सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें ताकि आप आसन में 30 से 60 सेकेंड तक रह सकें। 
  • शरीर में जैसे-जैसे लचीलापन आने लगेगा, आप हथेली को जमीन तक आसानी से ले जा पाने में सक्षम हो जाएंगे। 
  • इस प्रक्रिया को चार बार दोहराएं। 

(और पढ़ें - कंधे के लचीलेपन को बढ़ाने के लिए करें ये आसान कसरत)

शवासन

  • पीठ के बल लेट जाएं। 
  • इस दौरान हाथ शरीर से जरा-सा दूर रहेंगे और हथेलियां ऊपर छत की ओर रहेगी।
  • दोनों पैरो में करीब दो फुट का फासला कर लें और शरीर को एकदम ढीला रखें। 
  • आंखें बंद रखिए ताकि आप रिलैक्स महसूस करें। 
  • ध्यान रहे इस दौरान सोना नहीं है। बस संपूर्ण शरीर और दिमाग को आराम देना है।
  • कोशिश करें कि आपकी श्वास एकदम शांत और धीमी हो जाए। जितनी श्वास शांत और धीमी हो जाएगी, उतना आप रिलैक्स महसूस करेंगे।
  • शवासन में 5 से 10 मिनट तक रहें।
  • शवासन से बहार निकलने के लिए सांस पर ध्यान केंद्रित करें। धीमे से पैरों और हाथों की उंगलियों को हिलाना शुरू करें, फिर कलाइयों को घुमाएं। 
  • अब हाथ ऊपर उठाकर पूरे शरीर को स्ट्रेच करें और धीरे से उठ कर बैठ जाएं।

(और पढ़ें - कंधे में दर्द का होम्योपैथिक इलाज)

अपनासन

  • पीठ के बल लेट जाएं। 
  • अब दोनों घुटने को छाती के पास लाने की कोशिश करें (जितना संभव हो सके)
  • हाथो से दोनों घुटनों को पकड़ें, ताकि पैर हिलने ना पाए।
  • घुटने मोड़ते वक्त कंधे या सिर को न उठाएं।
  • सांस निकालते हुए अपने पैरों और बाहों को छोड़ें ताकि प्रारंभिक स्थिति में वापिस लौट सकें। 
  • एक मिनट के लिए कम से कम आराम करें।
  • इस प्रक्रिया को आठ बार दोहराएं। 

(और पढ़ें - कंधे में दर्द का होम्योपैथिक इलाज)

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