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बच्चों और शिशुओं में थ्रश क्या है?

थ्रश मुंह और जीभ में होने वाला यीस्ट इंफेक्शन है। यह तब होता है जब बच्चे या शिशु के मुंह में अत्यधिक मात्रा में कैंडिडा एल्बिकंस नामक यीस्ट बनने लगता है। यह संक्रमण स्तनपान के दौरान मां और बच्चे के बीच संचारित हो सकता है। यह शिशुओं में होने वाला आम संक्रमण है।

बच्चों और शिशुओं में थ्रश के लक्षण

शिशुओं में थ्रश के लक्षणों में शामिल हैं: 

इसके अलावा कुछ शिशुओं को इस स्थिति में कोई लक्षण महसूस नहीं होता है।

मां में थ्रश के लक्षणों में शामिल हैं-

  • निप्पलों का रंग गहरा गुलाबी होना और उनमें दरार आने के साथ दर्द महसूस होना
  • स्तनपान के दौरान और बाद में दर्द होना

बच्चों और शिशुओं में थ्रश का निदान 

डॉक्टर बच्चे के मुंह और जीभ को देखकर थ्रश का पता लगा सकते हैं। छालों को पहचानना आसान है। कभी-कभी, डॉक्टर निदान के लिए संक्रमित ऊतक का सैंपल लेकर उसकी माइक्रोस्कोप के जरिए जांच कर सकते हैं। यदि इस जांच में कैंडिडा एल्बिकंस नामक यीस्ट मिलता है, तो बच्चे में थ्रश की पुष्टि हो जाती है।

बच्चों और शिशुओं में थ्रश के कारण 

आमतौर पर कुछ रोगाणु हमारे शरीर पर रहते हैं। इनमें से कुछ कीटाणु हानिरहित होते हैं जबकि कुछ संक्रमण का कारण बन सकते हैं। थ्रश तब होता है जब बच्चे के मुंह में कैंडिडा एल्बिकंस नामक यीस्ट अत्यधिक मात्रा में बनने लगता है।

ये तो आप जानते ही हैं कि कुछ बैक्टीरिया और कवक हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से पनपते हैं। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) इन कीटाणुओं पर नजर रखने में मदद करती है, लेकिन शिशुओं में प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं हुई होती है। इसी वजह से शिशुओं में आसानी से अत्यधिक मात्रा में यीस्ट बनने लगता है।

अक्सर मां या बच्चे के एंटीबायोटिक दवाइयां लेने पर थ्रश होता है। एंटीबायोटिक इन बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण का इलाज करती हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर सकती हैं जिससे यीस्ट के बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।

यह यीस्ट गर्म और नमी वाले हिस्सों में पनपता है इसलिए बच्चे के मुंह और मां के निप्पलों का यीस्ट इंफेक्शन से प्रभावित होने का खतरा ज्यादा रहता है। शिशु के जिस हिस्से पर डायपर का प्रयोग किया जाता है, वहां भी यह संक्रमण हो सकता है।

बच्चों और शिशुओं में थ्रश का इलाज

  • हो सकता कि शिशु और बच्चे को इलाज की जरूरत न पड़े। अक्सर थ्रश कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है।
  • डॉक्टर थ्रश के उपचार के लिए एंटी-फंगल दवा लिख सकते हैं। 
  • यदि मां के निप्पलों पर यीस्ट संक्रमण हुआ है, तो ऐसे में डॉक्टर दवा या एंटी-फंगल क्रीम दे सकते हैं।
  • यदि मां और उसके बच्चे दोनों को संक्रमण हुआ है, तो दोनों को एक साथ इलाज लेने की जरूरत होती है। यदि दोनों का इलाज एक समय पर नहीं किया गया तो, यह संक्रमण बच्चे से मां और मां से बच्चे में फैल सकता है।

अगर आपका शिशु छोटा है या आप स्तनपान करवाती हैं तो इस तरह के संक्रमण पर जरूर नजर रखें। शिशु के मुंह की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।

  1. शिशुओं और बच्चों में यीस्ट संक्रमण (थ्रश) के डॉक्टर
Dr. Yeeshu Singh Sudan

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पीडियाट्रिक

Dr. Veena Raghunathan

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Dr. Sunit Chandra Singhi

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