टॉर्टिकोलिस - Torticollis in Hindi

written_by_editorial

August 07, 2020

November 05, 2020

टॉर्टिकोलिस
टॉर्टिकोलिस

टॉर्टिकोलिस, गर्दन की मांसपेशियों से जुड़ी हुई एक ऐसी समस्या है, जिसके कारण सिर एक ओर झुक जाता है। यह आनुवंशिक हो सकता है और आमतौर पर जन्म के बाद ही इस समस्या को देखा जा सकता है। मांसपेशियों में किसी प्रकार की क्षति या रक्त संचार प्रभावित होने के कारण ऐसी स्थिति हो सकती है।

टॉर्टिकोलिस लैटिन भाषा के दो शब्दों टॉर्टस और कोलम से मिलकर बना है। यहां टॉर्टस का अर्थ मुड़ा अथवा झुका हुआ और कोलिस का अर्थ गर्दन होता है। अर्थात दोनों शब्दों को मिलाकर जो मतलब निकलता है वह है झुकी हुई गर्दन। इस स्थिति को रे नेक के नाम से भी जाना जाता है।

क्रोनिक रे नेक के कारण दर्द और दैनिक कार्य करने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, चिकित्सा क्षेत्र में कई ऐसी दवाएं और थेरपी उपलब्ध हैं जो दर्द और गर्दन की कठोरता से आपको राहत दिला सकती हैं। कुछ मामलों को सर्जरी के माध्यम से भी ठीक किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी प्रकार के उपचार का असर तभी होता है जब इस समस्या के शुरुआती दिनों में ही इलाज शुरू कर दिया जाए। बच्चों में होने वाली टॉर्टिकोलिस की स्थिति के ठीक होने के आसार अधिक होते हैं। यदि बच्चे को जन्म के समय से ही ऐसी स्थिति है, तो इसे जन्मजात कॉ​ग्नेटल मस्कुलर टॉर्टिकोलिस कहा जाता है, जोकि इस समस्या का सबसे आम रूप है।

इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर टॉर्टिकोलिस किन कारणों से होता है, साथ ही इसके लक्षण और उपचार क्या हैं?

टॉर्टिकोलिस की समस्या किन कारणों से होती है?- Torticollis causes in Hindi

टॉर्टिकोलिस, आनुवंशिक कारणों से होने वाली समस्या ​है और यह गर्भ में विकसित हो सकती है। गर्दन के दोनों ओर एक लंबी मांसपेशी होती है जो कान के पीछे से कॉलरबोन तक जाती है। इसे स्टर्नोक्लीडोमैस्टॉइड या एससीएम कहा जाता है। टॉर्टिकोलिस से पीड़ित बच्चे में एक ओर की मांसपेशी छोटी होती है।

अब सवाल उठता है कि आखिर मांसपेशी किन कारणों से छोटी हो जाती है? विशेषज्ञों का मानना है मांसपेशियों के छोटे होने का मुख्य कारण गर्भ में बच्चे के सिर की स्थिति का गलत होना होता है। ऐसी स्थिति में शिशु के सिर के एक तरफ अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे एससीएम मांसपेशी कठोर हो जाती है और उसका विकास ठीक से नहीं हो पाता है। मुख्य रूप से यह मांसपेशियों में होने वाली क्षति अथवा गर्दन में रक्त की आपूर्ति के कारण हो सकती है।

टॉर्टिकोलिस का एक प्रमुख कारण प्रसव के दौरान वैक्यूम उपकरण का प्रयोग करना भी हो सकता है। इस वजह से भी बच्चे की एससीएम मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने का खतरा रहता है।

टॉर्टिकोलिस कितने प्रकार का हो सकता है?- Types of Torticollis in Hindi

टॉर्टिकोलिस मुख्यरूप से पांच प्रकार के होते हैं।

अस्थाई टॉर्टिकोलिस

इस प्रकार की समस्या आम तौर से एक से दो दिनों में स्वत: ठीक हो जाती है। यह निम्न कारणों से हो सकता है।

फिक्स्ड टॉर्टिकोलिस

फिक्स्ड टॉर्टिकोलिस को एक्यूट टॉर्टिकोलिस या स्थायी टॉर्टिकोलिस भी कहा जाता है। यह आमतौर पर मांसपेशियों या हड्डी की संरचना की समस्या के कारण होता है।

मस्क्युलर टॉर्टिकोलिस

यह फिक्स्ड टॉर्टिकोलिस के कारण होने वाली सबसे सामान्य प्रकार की समस्या है। यह गर्दन के एक तरफ की मांसपेशियों के सख्त हो जाने के कारण होती है।

क्लीपेल-फीयल सिंड्रोम

यह एक दुर्लभ और गर्दन में होने वाली जन्मजात समस्या का रूप है। यह बच्चे के गर्दन की हड्डियों के गलत तरीके से बनने के कारण होने वाली समस्या है। विशेष रूप गर्दन की दो कशेरुकाओं के एक साथ जुड़े होने के यह समस्या जन्म लेती है। इस स्थिति के साथ पैदा होने वाले बच्चों को सुनने और देखने में भी कठिनाई हो सकती है।

सर्वाइकल डिस्टोनिया

इस दुर्लभ विकार को स्पस्मोडिक टॉर्टिकोलिस के नाम से जाना जाता है। यदि आपके सर्वाइकल डिस्टोनिया की शिकायत है तो सिर को एक ओर मोड़ने में दर्द हो सकता है। इतना ही नहीं सिर आगे या पीछे की ओर झुक सकता है। वैसे तो कई लोगों में सर्वाइकल डिस्टोनिया स्वयं ही ठीक हो जाती है। हालांकि, इसके दोबारा होने का खतरा बना रहता है।

सर्वाइकल डिस्टोनिया किसी भी उम्र में हो सकता है। हालांकि, यह ज्यादातर 40 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को होता है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं।

टॉर्टिकोलिस के लक्षण क्या हैं?- Torticollis symptoms in hindi

टॉर्टिकोलिस के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और समय के साथ यह गंभीर होते जाते हैं। टॉर्टिकोलिस के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं -

  • गर्दन को सामान्य रूप से घुमा पाने में कठिनाई महसूस होना
  • गर्दन में दर्द और गर्दन में अकड़न होना
  • सिरदर्द
  • एक कंधे का दूसरे से ऊपर की ओर उठा होना
  • गर्दन की मांसपेशियों में सूजन आना
  • ठुड्डी को एक तरफ झुकाना

टॉर्टिकोलिस का परीक्षण/निदान- Diagnosis of Torticollis in Hindi

टॉर्टिकोलिस के परीक्षण के दौरान डॉक्टर सबसे पहले आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानना चाहेंगे। गर्दन में झुकाव के कारणों को जानने के लिए कुछ परीक्षण भी कराने की सलाह दी जा सकती है।

इसके लिए इलेक्ट्रोमियोग्राम (ईएमजी) की मदद ली जा सकती है जो इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी मापने के लिए आवश्यक होता है। इसके अलावा एक्स-रे और एमआरआई स्कैन भी कराया जा सकता है, जिससे मांसपेशियों की संरचनात्मक समस्याओं का आसानी से पता लगाया जा सके। इन परीक्षणों की रिपोर्ट के आधार पर पता लगाने की कोशिश की जाती है कि टॉर्टिकोलिस किन वजहों से हो रहा है।

टॉर्टिकोलिस का उपचार- Treatment of Torticollis in Hindi

टॉर्टिकोलिस का उपचार जितनी जल्दी शुरू हो जाए, इसके ठीक होने के आसार उतना ही बढ़ जाता है। इसे रोकने का कोई उपाय नहीं है। हालांकि, जल्द इलाज कराने से इसके लक्षणों को ठीक किया जा सकता है। गर्दन की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग कर इसको ठीक किया जा सकता है। जन्म के कुछ माह के भीतर अगर लक्षणों को देखते हुए स्ट्रेचिंग शुरू कर दी जाए तो गर्दन के झुकाव को ठीक किया जा सकता है। अगर इन उपचार से कोई विशेष लाभ नहीं हो रहा है तो सर्जरी को प्रयोग में लाया जा सकता है।

आपके लक्षणों और स्थिति के आधार पर पहले डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं। जोकि निम्नलिखित हैं।

  • हीट
  • मसाज
  • फिजिकल थेरेपी या कायरोप्रैक्टिक केयर
  • ट्रैक्शन
  • स्ट्रेचिंग
  • व्यायाम
  • नेक ब्रेसेस

कुछ दवाइयां भी इस स्थिति में फायदेमंद हो सकती हैं।

  • मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाइयां
  • पार्किंसंस रोग के दौरान प्रयोग में लाई जाने वाली कुछ दवाइयां इसमें भी फायदेमंद हो सकती हैं।
  • कुछ महीनों तक बोटुलिनम टॉक्सिक इंजेक्शन का प्रयोग किया जा सकता है।
  • कुछ दर्द निवारक दवाइयां भी फायदा कर सकती हैं।

उपचार के उपरोक्त माध्यमों से आमतौर पर समस्या ठीक हो जाती है। यदि फिर भी कोई विशेष लाभ न दिख रहा हो तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, सर्जरी की स्थिति बहुत ही कम मामलों में आती है।



संदर्भ

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Torticollis.
  2. Healthdirect Australia. Torticollis. Australian government: Department of Health
  3. Agency of Health Care Administration. Torticollis. Florida [Internet]
  4. Healthdirect Australia. Torticollis treatments. Australian government: Department of Health
  5. Kumar Nilesh,Srijon Mukherji. Congenital muscular torticollis. Ann Maxillofac Surg. 2013 Jul-Dec; 3(2): 198–200. PMID: 24205484
  6. Herman MJ. Torticollis in infants and children: common and unusual causes. Instr Course Lect. 2006;55:647-53. PMID: 16958498

टॉर्टिकोलिस की दवा - Medicines for Torticollis in Hindi

टॉर्टिकोलिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

टॉर्टिकोलिस की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Torticollis in Hindi

टॉर्टिकोलिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

दवा का नाम

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