योनि का कैंसर - Yoni ka Cancer in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

June 28, 2017

March 06, 2020

योनि का कैंसर
योनि का कैंसर

योनि का कैंसर क्या है ?

योनि का कैंसर एक बहुत ही दुर्लभ कैंसर है जो आपकी योनि में होता है। योनि, एक मांसपेशियों की ट्यूब होती है जो आपके बाहरी जननांगों को आपके गर्भाशय (Uterus) से जोड़ती है। योनि का कैंसर सबसे अधिक उन कोशिकाओं में होता है जो आपकी योनि की आंतरिक सतह में होती हैं।

कई प्रकार के कैंसर आपके शरीर के अन्य स्थानों से आपकी योनि में फैल सकते हैं लेकिन योनि में शुरू होने वाले कैंसर दुर्लभ होते हैं।

प्रारंभिक चरण में योनि के कैंसर का निदान होने से इसका इलाज आसान हो जाता है। योनि से बाहर फैलने पर कैंसर का उपचार करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

योनि के कैंसर के प्रकार

योनि के कैंसर के कितने प्रकार होते हैं?

योनि के कैंसर के निम्नलिखित दो प्रकार होते हैं -

  1. स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous cell carcinoma)
    स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा वह कैंसर है जो स्क्वैमस (squamous) कोशिकाओं (योनि की आंतरिक लाइनिंग में मौजूद पतली व चपटी कोशिकाएं) में होता है। स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा धीरे-धीरे फैलता है और आमतौर पर योनि के आस-पास ही रहता है, लेकिन यह फेफड़ों, लीवर या हड्डी में फैल सकता है। यह योनि के कैंसर का सबसे आम प्रकार है।

  2. एडेनोकार्किनोमा (Adenocarcinoma)
    एडेनोकार्किनोमा वह कैंसर है जो ग्लैंड्युलर (glandular) कोशिकाओं (योनि की आंतरिक लाइनिंग में मौजूद कोशिकाएं जो श्लेम बनाती हैं) में शुरू होता है। स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के मुकाबले एडेनोकार्किनोमा के फेफड़ों और लिम्फ नोड्स में फैलने की अधिक संभावना होती है।

योनि के कैंसर के चरण

योनि के कैंसर के कितने चरण होते हैं ?

योनि के कैंसर के निम्नलिखित चार चरण होते हैं -

  1. पहला चरण
    पहले चरण का अर्थ है कि ट्यूमर योनि में ही है। यह योनि से बाहर शरीर के अन्य भागों में नहीं फैला है।

  2. दूसरा चरण
    दूसरे चरण का अर्थ है कि ट्यूमर, योनि से बाहर फैल चुका है, लेकिन अभी श्रोणि (pelvis) तक नहीं पहुंचा है।

  3. तीसरा चरण
    तीसरे चरण का अर्थ है कि कैंसर या तो श्रोणि (pelvis) के लिम्फ नोड्स में फैल गया है या श्रोणि की सतह तक फैल गया है।

  4. चौथा चरण
    • A: इस चरण का अर्थ है की कैंसर मूत्राशय (bladder) व मलाशय (rectum) तक या श्रोणि (pelvis) से परे फैल गया है। यह लिम्फ नोड्स तक फैला हुआ भी हो सकता है।
    • B: इस चरण का अर्थ है कि कैंसर शरीर के एक दूर के अंग में फैल गया है।

योनि के कैंसर के लक्षण

योनि के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं ?

कभी-कभी योनि के कैंसर के प्रारंभिक चरण में कोई भी लक्षण नहीं होते हैं। जैसे-जैसे यह बढ़ता है, इसके निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं -

  1. असामान्य रूप से योनि से खून आना। (उदाहरण के लिए, यौन सम्बन्ध बनाने या रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद) (और पढ़ें - रजोनिवृत्ति के लक्षण)
  2. पानी जैसा योनि स्राव
  3. योनि में एक गांठ होना।
  4. मूत्र करने में दर्द होना
  5. बार-बार पेशाब आना।
  6. कब्ज होना।
  7. श्रोणि (pelvis) में दर्द होना।

योनि के कैंसर के कारण और जोखिम कारक

योनि का कैंसर कैसे होता है ?

यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि योनि का कैंसर किस कारण से होता है।

सामान्य तौर पर, कैंसर तब शुरू होता है जब स्वस्थ कोशिकाओं में कुछ आनुवंशिक बदलाव होते हैं जो सामान्य कोशिकाओं को असामान्य कोशिकाओं में बदलते हैं।

स्वस्थ कोशिकाएं एक निर्धारित दर पर बढ़ती व गुणन करती हैं और एक निर्धारित समय पर ख़त्म भी हो जाती हैं। कैंसर कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर बढ़ती और गुणन करती हैं और ख़त्म नहीं होती हैं। यह असामान्य कोशिकाएं इकठ्ठी होती हैं और ट्यूमर बनाती हैं।
कैंसर कोशिकाएं आस-पास के ऊतकों से शरीर में कहीं और भी फ़ैल सकती हैं।

(और पढ़ें - कैंसर के कारण)

योनि के कैंसर के जोखिम कारक क्या है ?

योनि के कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले कारक निम्नलिखित हैं -

  1. बढ़ती उम्र - जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपका योनि के कैंसर का जोखिम भी बढ़ा जाता है। योनि के कैंसर का निदान किए जाने वाली महिलाओं की उम्र अधिकतर 60 वर्ष से अधिक होती है।
  2. वैजाइनल इन्ट्रापिथेलिअल नीओप्लेसिआ (vaginal intraepithelial neoplasia) - वैजाइनल इन्ट्रापिथेलिअल नीओप्लेसिआ एक ऐसी स्थिति है जो एचपीवी के कारण होती है और सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर), योनि का कैंसर और योनिमुखीय कैंसर का कारण बन सकती है।

योनि के कैंसर के कुछ अन्य जोखिम कारक हैं -

  1. एक से ज़्यादा लोगों के साथ यौन सम्बन्ध बनाना।
  2. पहली बार यौन सम्बन्ध बनाते समय कम आयु होना।
  3. धूम्रपान करना।
  4. एचआईवी संक्रमण से ग्रस्त होना।

योनि के कैंसर से बचाव

योनि के कैंसर से कैसे बचा जा सकता है ?

योनि के कैंसर से बचने का सबसे अच्छा तरीका है एचपीवी (HPV) से संक्रमित होने से बचना। एचपीवी एक बेहद आम यौन संचारित वायरस है।

वास्तव में, लगभग 80 प्रतिशत यौन सक्रिय पुरुष और महिलाएं अपने जीवन के किसी समय में एचपीवी से संक्रमित होते हैं।

एचपीवी, सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) सहित कई प्रकार के कैंसर पैदा कर सकता है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि योनि कैंसर और एचपीवी के बीच कोई सम्बन्ध हो सकता है।

निम्नलिखित कारक योनि के कैंसर को रोकने में मदद कर सकते हैं -

  1. किशोरावस्था के आखिर के चरण या उसके बाद तक यौन संबंध न बनाना।
  2. ज़्यादा लोगों के साथ यौन सम्बन्ध न बनाना।
  3. कई लोगों के साथ यौन सम्बन्ध बनाने वाले लोगों के साथ यौन सम्बन्ध न बनाना।
  4. सुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाना। (हालांकि कंडोम एचपीवी से पूरी तरह से नहीं बचा सकते हैं)
  5. पूर्वकालीन कैंसर स्थितियों के निदान और इलाज करने के लिए नियमित पेप परीक्षण (Pap test) कराना।
  6. धूम्रपान न करना। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपाय)

शोधकर्ता अभी भी योनि के कैंसर के कारणों और बचाव के तरीकों का पता लगा रहे हैं। इसे पूरी तरह से रोकने का कोई ज्ञात तरीका नहीं है, लेकिन ऊपर दी गई सलाहों को मानने से इसका जोखिम कम किया जा सकता है।

योनि के कैंसर का परीक्षण

योनि के कैंसर का निदान कैसे होता है ?

सबसे पहले चिकित्सक आपके इतिहास और शारीरिक परीक्षण करेंगे। वह आपके किसी भी लक्षण या संबंध के बारे में पूछ सकते हैं, जैसे - दवाएं, यौन संबंधों और परिवार का इतिहास।

परीक्षण

  1. पैल्विक परीक्षण (Pelvic exam) - इस परीक्षण में चिकित्सक आपकी असामान्यताओं को श्रोणि (pelvis) से महसूस करेंगे।
     
  2. पैप स्मीयर (Pap smear) - यह गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए एक परीक्षण होता है।
     
  3. कॉल्पोस्कोपी (Colposcopy) (गर्भाशय ग्रीवा का परीक्षण) - चिकित्सक आपका यह परीक्षण कर सकते हैं अगर आपका पैप परीक्षण असामान्य था या यदि चिकित्सक ने पेल्विक परीक्षण के दौरान कोई असामान्यता या कुछ संदिग्ध महसूस किया था।
     
  4. बायोप्सी (Biopsy) - एक निश्चित निदान के लिए बायोप्सी की आवश्यकता होती है। बायोप्सी के दौरान, एक छोटे ऊतक के नमूने को लिया जाता है और उसकी जांच की जाती है। बायोप्सी को आमतौर पर कॉल्पोस्कोपी के दौरान किया जाता है।

यदि योनि के कैंसर की पुष्टि हो जाती है, तो कैंसर के स्तर और उपचार को निश्चित करने के लिए कई अन्य परीक्षण किए जाएंगे।

योनि के कैंसर का इलाज

योनि के कैंसर का उपचार कैसे होता है ?

योनि के कैंसर का उपचार उसके प्रकार और चरण पर निर्भर करता है। इसके उपचार के लिए आमतौर पर सर्जरी और विकिरण का इस्तेमाल किया जाता है।

सर्जरी
योनि कैंसर के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सर्जरी के प्रकार निम्नलिखित हैं -

  1. छोटे ट्यूमर या घावों को हटाने के लिए सर्जरी - यदि कैंसर योनि की सतह तक सीमित है तो उसे हटाने के लिए कैंसर को हटा दिया गया है और आसपास के कुछ स्वस्थ ऊतकों को भी हटाया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो जाए कि सारी कैंसर कोशिकाएं हट चुकी हैं।
     
  2. योनि को हटाने के लिए सर्जरी - पूरे कैंसर को  हटाने के लिए आपकी योनि का एक भाग या संपूर्ण योनि को हटाया जा सकता है। आपके कैंसर के स्तर के आधार पर, आपके चिकित्सक आपके गर्भाशय (uterus) और अंडाशय (ovaries) (हिस्टेरेक्टॉमी) और आसपास के लिम्फ नोड्स (लिम्फैडेनेटोमी) को निकालने की सलाह दे सकते हैं।
     
  3. श्रोणि (Pelvis) के अंगों को हटाने के लिए सर्जरी - यह सर्जरी तब की जाती है जब कैंसर आपकी श्रोणि में फैल गया हो या यदि आपका योनि का कैंसर पुनरावृत्त हुआ हो। इस सर्जरी के दौरान, सर्जन आपके मूत्राशय (bladder), अंडाशय (ovaries), गर्भाशय (uterus), योनि (vagina), मलाशय (rectum) और आपके बृहदान्त्र (colon) के निचले हिस्से सहित श्रोणि के क्षेत्र में कई अंगों को निकाल सकते हैं।

विकिरण थेरेपी (Radiation Therapy)
विकिरण थेरेपी में कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए एक्स-रे जैसी उच्च-ऊर्जा वाली बीम का उपयोग किया जाता है। विकिरण चिकित्सा, तेज़ी से बढ़ रहीं कैंसर कोशिकाओं को मारती है लेकिन यह नजदीकी स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसके दुष्प्रभाव इसकी तीव्रता और स्थान पर निर्भर करते हैं।

कीमोथेरेपी
कीमोथेरेपी में, कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए रसायनों का उपयोग किया जाता है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि योनि के कैंसर के उपचार के लिए किमोथेरेपी उपयोगी है या नहीं। इसीलिए, योनि कैंसर का इलाज करने के लिए कीमोथेरेपी आमतौर उपयोग नहीं की जाती है। हालाँकि, विकिरण की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए उसके साथ कीमोथेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

योनि के कैंसर की जटिलताएं

योनि के कैंसर की जटिलताएं क्या है ?

योनि के कैंसर की निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती हैं -

  1. योनि व मलाशय (rectum) और योनि व मूत्राशय (bladder) के बीच कैंसर के उन्नत चरणों में असामान्य संबंध बन सकते हैं।
  2. योनि का कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कि फेफड़े, लीवर और श्रोणि की हड्डियों में फ़ैल सकता है।
  3. योनि के कैंसर के निदान या उपचार के बाद व्यक्ति को अवसाद हो सकता है।
  4. इलाज के बाद भी योनि का कैंसर फिर से हो सकता है।


संदर्भ

  1. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Vaginal Cancer Treatment (PDQ®)–Patient Version
  2. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Vaginal Cancer
  3. American Cancer Society [Internet] Atlanta, Georgia, U.S; What Is Vaginal Cancer?.
  4. Conquer Cancer Foundation. Vaginal Cancer. American Society of Clinical Oncology, Virginia, United States [Internet]
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  6. PDQ Adult Treatment Editorial Board. Vaginal Cancer Treatment (PDQ®): Health Professional Version. 2019 Feb 7. In: PDQ Cancer Information Summaries [Internet]. Bethesda (MD): National Cancer Institute (US); 2002-.

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योनि का कैंसर की दवा - Medicines for Yoni ka Cancer in Hindi

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