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काली खांसी क्या है?

कुकुर खांसी यानि काली खांसी श्वसन तंत्र में होने वाला संक्रमण है। यह अत्यधिक संक्रामक होता है। काली खांसी से प्रभावित व्यक्ति को खांसते समय कफ (बलगम) आता है और सांस लेते समय सांस में से एक पेेनी आवाज़ आती है जो "वूप" जैसी सुनाई देती है।

(और पढ़ें - कफ के उपाय)

काली खासी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। यह बीमारी आपको 3 से 6 हफ़्तों तक प्रभावित कर सकती है। अगर आपने टीकाकरण करवा रखा है तब भी आपको काली खासी होने का खतरा रहता है। 

जिस समय टीकाकरण सही से विकसित नहीं हुआ था तब काली खांसी को बच्चों की बीमारी माना जाता था। पर अब काली खांसी उन बच्चों में पाई जाती है जिनकी उम्र बहुत कम हो और जिन्होंने टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी न की हो या उन युवक और व्यस्क में जिनके शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति ख़तम होने की कगार पर हो। 

अकसर कुकुर खांसी से जान नहीं जाती परन्तु यह बच्चों की मृत्यु का आम कारण है। इसलिए ये ज़रूरी है कि गर्भवती महिला और बच्चे के आस-पास के सभी लोग काली खांसी का टीका लगवायें।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में देखभाल)

  1. काली खांसी के लक्षण - Whooping Cough Symptoms in Hindi
  2. काली खांसी (कुकुर खांसी) के कारण - Whooping Cough Causes in Hindi
  3. काली खांसी से बचाव - Prevention of Whooping Cough in Hindi
  4. काली खांसी का निदान - Diagnosis of Whooping Cough in Hindi
  5. काली खांसी का इलाज - Whooping Cough Treatment in Hindi
  6. काली खांसी की जटिलताएं - Whooping Cough Complications in Hindi
  7. काली खांसी से छुटकारा पाने का घरेलू उपाय और नुस्खे
  8. काली खांसी (कुकुर खांसी) की दवा - Medicines for Whooping Cough (Pertussis) in Hindi
  9. काली खांसी (कुकुर खांसी) के डॉक्टर

काली खांसी के लक्षण - Whooping Cough Symptoms in Hindi

अगर आप काली खांसी से पीड़ित हैं तो इसके लक्षण दिखने में 7 से 10 दिन या उससे भी अधिक समय लग सकता है। काली खांसी के लक्षण शुरुवात में अक्सर मामूली होते हैं और सामान्य जुकाम की तरह मालूम पड़ते हैं। यह कुछ इस प्रकार से हो सकते हैं -

हालाकिं कुछ प्रभावित लोगों में सांस लेते समय 'वूप' की आवाज़ नहीं आती। कभी-कभी युवकों और वयस्कों में सिर्फ खुश्क खांसी ही काली खांसी का लक्षण होती है। 

कभी-कभी बच्चों में खांसी नहीं होती बल्कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है या अस्थायी रूप से उन्हें सांस आना भी बंद हो सकती है। 

डॉक्टर से कब संपर्क करें 

अगर आपको या आपके बच्चे को खांसी के साथ-साथ यह लक्षण भी दिखने लगें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें -

  • उलटी आना 
  • शरीर का नीला या लाल पड़ जाना 
  • सांस लेने में दिक्कत या समय-समय पर सांस आना बंद हो जाना
  • सांस लेते समय 'वूप' की आवाज़ आना 

काली खांसी (कुकुर खांसी) के कारण - Whooping Cough Causes in Hindi

काली खांसी क्यों होती है ?

काली खांसी का कारण "बोर्डटेला पर्टुसिसि" (Bordetella pertussis) नामक एक जीवाणु है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर कुछ रोगाणु-युक्त बूँदें हवा में फेल जाती हैं। अगर आप इन बूंदों के आस-पास सांस लेते हैं और इनके संपर्क में आते हैं, तो यह संक्रमित बूँदें आपके फेफड़ों में जाकर संक्रमण का खतरा बढ़ा देती हैं। 

काली खांसी का खतरा किन कारणों से बढ़ता है ?

बचपन में लगाए जाने वाले काली खांसी के टीके का असर कुछ समय बाद ख़त्म हो जाता है। इसी वजह से बीमारी फैलने के दौरान युवकों एवं वयस्कों में संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ जाता है। 

जो बच्चे 12 साल से कम उम्र के हों, जिन्होंने टीकाकरण न करवाया हो या जिन बच्चों ने डॉक्टर के बताये हुए टीके न लगवाएं हों उनमे काली खांसी की जटिलताओं एवं मृत्यु का जोखिम भी बढ़ जाता है। 

(और पढ़ें - खांसी का इलाज)

काली खांसी से बचाव - Prevention of Whooping Cough in Hindi

पर्टुसिस का टीका (वैक्सीन) काली खांसी से बचने का सबसे बेहतरीन उपाय है। अक्सर डॉक्टर इस टीके को डिप्थेरिया और टेटनस के टीके के साथ लगाते हैं। डॉक्टर टीकाकरण की प्रक्रिया बचपन से ही शुरू करने की सलाह देते हैं। 

इस टीके में पांच इंजेक्शन लगाए जाते हैं जो कि इन उम्र के बच्चों को दिए जाते हैं :

  • 2 महीने 
  • 4 महीने 
  • 6 महीने 
  • 15 -18 महीने 
  • 4-6 साल 

टीके (वेक्सीन) के संभावित दुष्प्रभाव 

टीके के दुष्प्रबाहव अक्सर मामूली होते हैं जैसे कि बुखार, चिड़चिड़ापन, सिर दर्द, थकान और इंजेक्शन लगाने की जगह पर दर्द। 

बूस्टर टीके

  • युवक - 11 की उम्र तक पर्टुसिस टीके का असर खत्म हो जाता है इसलिए काली खांसी, डिप्थेरिया और टेटनस से बचाव के लिए डॉक्टर आपको इस उम्र पर एक और बूस्टर टीका लगवाने की सलाह देते हैं। 
  • व्यस्क - 10 साल में एक बार लगने वाले डिप्थेरिया और टेटनस के टीकों के कुछ प्रकार काली खांसी से बचाव के लिए भी उपयोगी होते हैं। यह टीका आप से बच्चों तक काली खांसी के संचारण के खतरे को कम कर देता है। 
  • गर्भवती महिला - डॉक्टर के हिसाब से महिला को गर्भकाल के 27 से 36 हफ़्तों के बीच पर्टुसिस का टीका लगवा लेना चाहिए। ऐसा करना बच्चे के शुरुवाती महीनो में उसे काली खांसी से बचाव में सहायता कर सकता है। 

बचाव के लिए दवाएं 

अगर आप काली खांसी से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आपके डॉक्टर आपको कुछ दवाएं दे सकते हैं, अगर आप :

  • एक स्वास्थ्य प्रदाता हैं 
  • गर्भवती हैं 
  • 12 महीने से कम उम्र के हैं 
  • किसी गंभीर बीमारी या जटिलता के शिकार हैं जैसे कि प्रतीक्षा प्रणाली का कमज़ोर पड़ना या दमा 
  • काली खांसी से प्रभावित व्यक्ति के साथ रहते हैं 
  • किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहते हैं जिसे काली खांसी से गंभीर बीमारी या जटिलता होने का खतरा हो 

(और पढ़ें - खांसी के घरेलू उपाय)

काली खांसी का निदान - Diagnosis of Whooping Cough in Hindi

शुरुवाती चरण में काली खांसी को पहचानना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसके लक्षण आम श्वसन बीमारियां जैसे कि मामूली जुकाम, फ्लू या ब्रोंकाइटिस जैसे होते हैं।  

कभी-कभी डॉक्टर सिर्फ आप से कुछ सवाल पूछ कर या आपकी सांस लेने की आवाज़ सुनकर ही काली खांसी का पता लगा सकते हैं। परिक्षण की पूर्ती के लिए मेडिकल टेस्ट की ज़रुरत पड़ सकती है। यह टेस्ट कुछ इस प्रकार से हो सकते हैं :

  • नाक या गले का कल्चर टेस्ट -
    डॉक्टर आपके नासोफैरिंक्स (शरीर का वह क्षेत्र जहाँ गाला और नाक मिलती है) से एक सैंपल ले सकते हैं। वह इस सैंपल को काली खांसी को जांचने में इस्तेमाल कर सकते हैं। 
     
  • रक्त जांच -
    आपके रक्त में डब्लू.बी.सी. (वह कोशिकाएं जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में सहायता देती हैं) की मात्रा जांचने के लिए आपके रक्त का सैंपल प्रयोगशाला भेजा जा सकता है। यह एक आम टेस्ट होता है और ज़रूरी नहीं कि सिर्फ काली खांसी के परिक्षण के लिए इस्तेमाल हो। (और पढ़ें - ब्लड टेस्ट कैसे होता है)
     
  • सीने का एक्स-रे -
    आपके फेफड़ों में सूजन और तरल पदार्थों की जांच के लिए आपके डॉक्टर आपको एक एक्स रे करवाने को भी कह सकते हैं। यह सूजन निमोनिया या अन्य श्वसन संक्रमण की वजह से भी हो सकती है। 

काली खांसी का इलाज - Whooping Cough Treatment in Hindi

काली खांसी से प्रभावित बच्चों को अक्सर अस्पताल में भर्ती किया जाता है क्योंकि इस उम्र के बच्चों के लिए यह बीमारी अत्यंत घातक हो सकती है। अगर आपका बच्चा खाना या अन्य तरल पदार्थ नहीं ले पा रहा है तो उसे "इंट्रावेनस फ्लूइड" (नसों के माध्यम से शरीर में सीधे भेजे जाने वाले तरल पदार्थ) की ज़रुरत पड़ सकती है। और लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए आपके बच्चे को अलग कमरे में भी रखा जा सकता है। 

बड़ी उम्र के बच्चों और वयस्कों का इलाज आम तौर पर घर पर ही किया जा सकता है। 

दवाएं 

एंटीबायोटिक के माध्यम से हम काली खांसी फैलाने वाले जीवाणु को खत्म कर सकते हैं। प्रभावित व्यक्ति के परिवार को बचाव के लिए भी कुछ दवाएं दी जा सकती हैं। 

दुर्भाग्यपूर्ण, बलगम को कम करने के लिए ज़्यादा दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ओवर-द -काउंटर (बिना डॉक्टर के पर्चे के मिलने वाली) दवाएं अक्सर काली खांसी पर असर नहीं करतीं। 

अपनी देख-भाल के लिए आप यह उपाय अपना सकते हैं -

  • आराम करें - किसी ऐसे कमरे में आराम करें जो ठंडा और शांत हो और जहाँ रौशनी कम हो। 
  • तरल पदार्थों का खूब सेवन करें - पानी, रस और सूप का सेवन करें। बच्चों में पानी की कमी का ध्यान रखें और इसके लक्षणों पर ध्यान दें जैसे कि सूखे होठ, रोते समय आंसू न आना और पेशाब का कम आना। 
  • हल्का खाना खाएं - खांसने के बाद उलटी से बचने के लिए हल्का खाना खाएं। (और पढ़ें - उलटी रोकने के उपाय)
  • हवा साफ़ रखें - घर की हवा में तम्बाकू का धूअा या आग का धूआ न होने दें। यह पदार्थ हवा को दूषित करते हैं और खांसने की प्रवत्ति को बढ़ाते हैं। 
  • संक्रमण को फैलने न दें - अगर आप काली खांसी से प्रभावित हैं तो और लोगों के आस-पास एक मास्क पहनें। खांसते समय अपने मुँह को कवर करें और नियमित रूप से अपने हाथ धोएं। 

(और पढ़ें - जुकाम के उपाय)

काली खांसी की जटिलताएं - Whooping Cough Complications in Hindi

अक्सर युवकों और वयस्कों में काली खांसी बिना किसी समस्या के ठीक हो जाती है। काली खांसी की जटिलताएं अक्सर भारी खांसी का दुष्प्रभाव होती हैं जैसे कि:

  • छिली या टूटी हुई पसलियां 
  • एब्डोमिनल हर्निया (पेट की मासपेशियों का अपनी जगह से खिसकना या उभारना)
  • त्वचा या आँखों की सफ़ेदी में रक्त वाहिकाओं का टूटना 
  • नाक से खून आना 

बच्चों में, ख़ास कर वह जो 6 महीने से कम उम्र के हों उनमें काली खांसी की जटिलताएं काफी गंभीर हो सकती हैं जैसे कि:

बच्चों में काली खांसी की जटिलताओं का खतरा ज़्यादा होता है इसलिए उन्हें अस्पताली उपचार की ज़रुरत पड़ सकती है। 6 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए यह जटिलताएं जीवन-घातक हो सकती हैं। 

Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

Dr. Lalit Shishara

संक्रामक रोग

Dr. Amisha Mirchandani

Dr. Amisha Mirchandani

संक्रामक रोग

काली खांसी (कुकुर खांसी) की दवा - Medicines for Whooping Cough (Pertussis) in Hindi

काली खांसी (कुकुर खांसी) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Acnetoin TabletAcnetoin 10 Mg Tablet76.0
Agrocin TabletAgrocin 250 Mg Tablet11.0
AlthrocinAlthrocin 100 Mg Drop27.0
Citamycin TabletCitamycin 250 Mg Tablet38.0
Cynoryl TabletCynoryl 250 Mg Tablet50.0
E MycinE Mycin 100 Mg Suspension23.0
ErocinErocin 100 Mg Tablet63.0
ErokidErokid 125 Mg Tablet31.0
EromedEromed 125 Mg Suspension27.0
EryconErycon 250 Mg Tablet39.0
ErypalErypal 100 Mg Syrup23.0
ErysterEryster 250 Mg Tablet14.0
ErythrocinErythrocin 100 Mg Tablet16.0
ErythrolErythrol 250 Mg Tablet38.0
Erythrol KidErythrol Kid Tablet24.0
EstocinEstocin 5 Mg Eye Ointment62.0
Q MycinQ Mycin 125 Mg Tablet20.0
RekcinRekcin 2% Solution60.0
RethrocinRethrocin 150 Mg Tablet97.0
AllmycinAllmycin Syrup33.0
Althrocin ForteAlthrocin Forte 250 Mg Syrup31.0
Althrocin KidAlthrocin Kid 125 Mg Tablet25.0
AlthroxAlthrox 250 Mg Tablet167.0
Bestocin (Bestochem)Bestocin 250 Mg Injection7.0
BiomycinBiomycin 250 Mg Tablet46.0
Citamycin PCitamycin P Tablet19.0
EbEb 333 Mg Tablet58.0
ElthrocinElthrocin 500 Tablet58.0
EltocinEltocin 125 Mg Suspension31.0
ElucinElucin 250 Mg Tablet22.0
EnthrocinEnthrocin 250 Mg Tablet27.0
EroateEroate 250 Mg Tablet35.0
ErybestErybest 250 Mg Tablet41.0
Erycin (Cipla)Erycin Dt 125 Mg Tablet16.0
ErynEryn Suspension21.0
EryspansEryspans 250 Mg Capsule44.0
EryspicEryspic 250 Mg Tablet18.0
ErythoErytho 500 Mg Tablet36.0
Erythro (Cadila)Erythro 500 Mg Tablet19.0
ErythrokemErythrokem 125 Mg Syrup20.0
ErythromarkErythromark 125 Mg Syrup21.0
Erythromycin EstolErythromycin Estol 500 Mg Tablet19.0
ErythrotoneErythrotone 250 Mg Tablet24.0
EtominEtomin 125 Mg Suspension24.0
Ticin(Trq)Ticin Suspension18.0
AcrubAcrub 1% Lotion66.0
AfdethroAfdethro Cream15.0
ClinacClinac Gel66.0
Erycin (Dermo Care)Erycin (Dermo Care) Gel44.76
Gery OintGery Oint 3% Ointment26.5
SyniSyni 0.025% Gel49.0
AcnebenzAcnebenz Gel81.12
ErylentErylent Gel42.0
MedisoftMedisoft Cream14.86
OkamycinOkamycin 3% Cream28.75
Abhay TagAbhay Tag Injection17.5
Comvac 3Comvac 3 2520 Lf/57.5 Lf/1520 Ou Injection16.25
TripvacTripvac Injection40.0
BoostrixBoostrix Injection999.0
InfanrixInfanrix Injection767.05
PentaximPentaxim Injection2495.0

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