कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें लंग कैंसर की भी एक बड़ी हिस्सेदारी है। लगातार बढ़ रहा वायु प्रदूषण, धूम्रपान व अन्य जहरीली गैसों के संपर्क में आना आदि फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारणों में से एक हैं। आजकल जीवनशैली इतनी खराब होती जा रही है, कि इन कारणों से बचना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में एक हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य बीमा योजना खरीद लें, ताकि दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों में आप बिना पैसे कि चिंता किए अपना इलाज करा सकते हैं।

जैसा कि आपको पता ही है कैंसर एक जानलेवा रोग है और इसका इलाज भी काफी खर्चीला है। कोरोना महामारी के कारण अस्पतालों में महंगाई भी काफी बढ़ गई है। बढ़ता प्रदूषण और अस्पतालों की महंगाई से हमे यही संदेश मिलता है, कि लंग कैंसर जैसी बीमारियों के लिए हेल्थ इन्शुरन्स प्लान ले ही लेना चाहिए। इस लेख मे हम आपको फेफड़ों के कैंसर के लिए स्वास्थ्य बीमा के लाभ और यह खर्च को कैसे कम करता है आदि के बारे में बात करेंगे।

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  1. लंग कैंसर क्या है
  2. लंग कैंसर ट्रीटमेंट के खर्च को कम करने का सबसे अच्छा उपाय क्या है
  3. लंग कैंसर के लिए हेल्थ इन्शुरन्स के क्या लाभ हैं
  4. लंग कैंसर के लिए हेल्थ इन्शुरन्स कवर किसे लेना चाहिए
  5. लंग कैंसर के लिए हेल्थ इन्शुरन्स खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है
  6. myUpchar बीमा प्लस भी है एक अच्छा विकल्प
लंग कैंसर के लिए हेल्थ इन्शुरन्स के डॉक्टर

कोशिकाओं के असाधारण तरीके से बढ़ने की स्थिति कैंसर है और जब ये कोशिकाएं फेफड़ों में असाधारण रूप से बढ़ती हैं, तो इस स्थिति को लंग कैंसर कहा जाता है। लंग कैंसर की शुरुआत फेफड़ों से ही होती है और यह बाद में लिम्फ नोड्स व शरीर के अन्य अंगों तक भी फैल सकता है जैसे मस्तिष्क आदि। फेफड़ों का कैंसर आमतौर पर धूम्रपान करने वायु प्रदूषण व अन्य जहरीली गैसों के संपर्क में आने के कारण होता है। इसके अलावा यह जेनेटिक रोग भी है, जिसका मतलब है यदि परिवार के किसी एक सदस्य को लंग कैंसर है तो अन्य को भी यह रोग हो सकता है।

इसके लक्षणों में आमतौर पर खांसी (जिसके साथ अक्सर खून भी आता है), सीने में दर्द, घरघराहट और शरीर का वजन घटना आदि शामिल हैं। कुछ मामलों में देखा गया है कि शुरुआत में लंग कैंसर से कोई लक्षण नहीं होते हैं और इसके गंभीर होने के बाद लक्षण महसूस होने लगते हैं। फेफड़ों के कैंसर का इलाज अलग-अलग स्थितियों पर निर्भर करता है, जिसमें मुख्य रूप से सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और टारगेटेड ड्रग आदि शामिल हैं। 

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जैसा कि आप जानते हैं अस्पतालों में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और लंग कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए तो काफी पैसा देना पड़ सकता है। मेडिकल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही टेक्नोलॉजी के कारण भी इलाज अधिक खर्चीला होने लगा है। महंगाई चाहे कितनी भी हों लंग कैंसर जैसी समस्याओं से हम पूरी तरह से बचाव नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वायु प्रदूषण लगातार बढ़ने के कारण हवा दिन-प्रतिदिन काफी जहरीली होती जा रही है।

इन स्थितियों को देखते हुए सिर्फ हेल्थ इन्शुरन्स ही ऐसा तरीका है, जिससे अस्पतालों के खर्च को कम किया जा सकता है। यदि आपने लंग कैंसर के लिए एक उचित स्वास्थ्य बीमा योजना ली हुई है और आपको इस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाता है तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक उचित हेल्थ इन्शुरन्स प्लान द्वारा आपके अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च, दवाओं, टेस्ट व अन्य सभी ट्रीटमेंट प्रोसीजर आदि के खर्च पर कवरेज दी जाती है।

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यदि आप फेफड़ों के कैंसर के इलाज पर कवरेज प्राप्त करने के लिए हेल्थ इन्शुरन्स प्लान लेना चाहते हैं, तो उससे आपको निम्न लाभ मिल सकते हैं -

  • प्री एंड पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज -
    यदि आपको किसी स्वास्थ्य बीमा प्लान से कवरेज प्राप्त है, तो आपको अस्पताल में भर्ती होने से पहले का खर्च जैसे डॉक्टर की सलाह, ओपीडी के अपॉइंटमेंट और दवाएं आदि पर कवरेज दी जाती है। साथ ही इस प्लान में पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन यानि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद होने वाले मेडिकल खर्च पर भी कवरेज मिलती है जैसे दवाएं, टेस्ट व डॉक्टर की कन्सल्टेशन आदि।
     
  • अस्पताल में अन्य खर्चों पर कवरेज -
    लंग कैंसर के इलाज के दौरान होने वाले लगभग सभी खर्चो को एक उचित हेल्थ इन्शुरन्स प्लान द्वारा कवर किया जाना चाहिए। इस कवरेज में मुख्य रूप से कमरे का किराया, आईसीयू के खर्च, एम्बुलेंस के खर्च और डे-केयर ट्रीटमेंट आदि शामिल हैं।

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वैसे तो हेल्थ इन्शुरन्स प्लान आज हर व्यक्ति की जरूरत बन गया है और यदि बात लंग कैंसर के बारे में की जाए तो यह बीमारी किसी को भी हो सकती है इसलिए एक उचित स्वास्थ्य बीमा हर किसी के पास होना चाहिए। लेकिन जो लोग अधिक वायु प्रदूषण, धुआं, केमिकल, गैस या धूल-मिट्टी के संपर्क में आते हैं, उनके लिए यह हेल्थ इन्शुरन्स प्लान बेहद जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन लोगों में लंग कैंसर होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। नीचे कुछ व्यवसायों या नौकरियों के बारें बताया गया है, जिनमें काम करने वाले लोगों को लंग कैंसर के लिए हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीद लेना चाहिए -

  • धूल मिट्टी में काम करने वाले लोग जैसे मजदूर
  • रुई का काम करने वाले व्यक्ति
  • कारखाने व फैक्ट्रियां
  • खान आदि में काम करने वाले मजदूर
  • बिल्डिंग बनाने वाले मजदूर
  • सड़क बनाने वाले
  • धुएं के संपर्क में आने वाले जैसे भट्टी पर काम करना

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सिर्फ फेफड़ों का कैंसर के लिए ही नहीं कोई भी हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीदने से पहले उसके बारे में जानना बेहद जरूरी है। यदि आप प्लान खरीदने से पहले उसके बारे में अच्छे से नहीं जानेंगे तो किसी बीमारी के कारण क्लेम करते समय आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप लंग कैंसर के इलाज पर कवरेज प्राप्त करने के लिए हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीद रहे हैं, तो इस दौरान निम्न बातों का ध्यान रखें -

  • ज्यादा से ज्यादा कवरेज वाला हेल्थ इन्शुरन्स चुनें ताकि आपको जेब से पैसा न देना पड़े
  • जिस बीमा कंपनी में आपको कम से कम प्रीमियम देना पड़े वह आपके लिए सबसे उचित बीमा योजना हो सकती है क्योंकि इससे आपकी जेब पर असर नहीं पड़ता है।
  • हेल्थ इन्शुरन्स प्लान में कम से कम वेटिंग पीरियड हो, ताकि पॉलिसी खरीदने के बाद आपको जितना हो सके कम समय तक प्रतीक्षा करनी पड़े।
  • प्री-एग्जिस्टिंग डिजीज पर कवरेज भी जरूरी है, ताकि आप उन बीमारियों के इलाज पर भी कवरेज प्राप्त सकें जो आपको पॉलिसी खरीदने से पहले ही मौजूद हैं। इसमें ध्यान रखें कि आपको कितना वेटिंग पीरियड पूरा करना पड़ता है।

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यदि आप अपने व परिवार के लिए कोई अच्छा हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो myUpchar बीमा प्लस आपके लिए एक उत्तम विकल्प हो सकता है। बीम प्लस आपको 24×7 फ्री टेली ओपीडी की सुविधा प्रदान करता है। फ्री टेली ओपीडी की मदद से आप घर बैठे बिना पैसे लगाए डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं, जो कि इस महामारी के समय को देखते हुए अच्छा विकल्प है। साथ ही myUpchar बीमा प्लस आपको कम से कम प्रीमियम रेट पर अधिक से अधिक डिजीज ट्रीटमेंट कवरेज प्रदान करता है, ताकि आपको कम लागत पर अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

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