प्रत्येक भारतीय को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल मिलनी चाहिए, फिर चाहे वह किसी भी आयवर्ग से संबंध रखता हो। हालांकि, यह एक आदर्श स्थिति होगी, लेकिन सच्चाई यह है कि फिलहाल हर किसी भारतीय को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य पर खर्च लगातार बढ़ रहा है और इससे खासतौर पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भारत एक विकासशील देश है और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें कोशिशें कर रही हैं। मुख्यमंत्री अमृतम (एमए) योजना के नाम से ऐसा ही एक कदम गुजरात सरकार ने भी उठाया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य राज्य के अधिकतम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। किसी बीमारी के कारण यदि अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, कोई सर्जरी करवानी पड़ती है या कोई थेरेपी करनी पड़ती है तो मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत नेटवर्क अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिल जाती है।

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  1. मुख्यमंत्री अमृतम योजना (एमए योजना) क्या है? - What is Mukhyamantri Amrutum Yojana in Hindi?
  2. मुख्यमंत्री अमृतम योजना की विशेषताएं - Features of Mukhyamantri Amrutum Yojana in Hindi
  3. मुख्यमंत्री अमृतम योजना के लाभ - Benefits Mukhyamantri MA Yojana in Hindi
  4. मुख्यमंत्री अमृतम योजना के अंतर्गत क्या इलाज होता है? - List of Diseases And Treatments Covered Under MA Yojana in Hindi
  5. मुख्यमंत्री अमृतम योजना में क्या कवर नहीं होता - What Is Not Covered under MA Yojana in Hindi?
  6. मुख्यमंत्री अमृतम योजना के लिए पात्रता - Eligibility For Mukhyamantri Amrutum Yojana in Hindi
  7. मुख्यमंत्री अमृतम योजना में नामांकन कैसे करें - How To Enrol In Mukhyamantri Amrutum Yojana in Hindi
  8. एमए योजना के आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज - Documents Required To Apply For MA Yojana in Hindi
  9. एमए योजना स्मार्ट हेल्थ कार्ड को रिन्यु कैसे करें - How To Renew MA Yojana Smart Health Card in Hindi?
  10. एमए योजना के तहत क्लेम कैसे करें - How To Claim MA Yojana in Hindi?

मुख्यमंत्री अमृतम योजना एक सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है और 4 सितंबर 2012 को गुजरात सरकार ने इस योजना को लॉन्च किया था। शुरुआत में इसे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए लॉन्च किया गया था। बाद में निम्न मध्य वर्गीय परिवारों को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया। यह एक समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो डायग्नोस्टिक टेस्ट से लेकर पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज तक स्वास्थ्य से जुड़े समस्त खर्चों को कवर करता है।

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मुख्यमंत्री अमृतम योजना आम लोगों के लाभ के लिए बनाई गई स्वास्थ्य सेवाओं का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस योजना की कुछ विशेषताएं निम्न हैं -

  • इस योजना के लाभार्थी को नामांकन के लिए या बीमा प्रीमियम के रूप में कोई भी राशि नहीं चुकानी पड़ती। लाभार्थियों के लिए यह योजना बिल्कुल मुफ्त है और पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित है।
  • मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत बीपीएल परिवारों को पंजीकरण में मदद करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति परिवार 100 रुपये दिए जाते हैं।
  • सूचीबद्ध प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मदद से मासिक आधार पर जिला स्तर पर मेगा और सामान्य स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं।
  • एक आईटी एजेंसी की मदद से डेटा स्टोर और प्रबंधन के लिए समर्पित डेटा केंद्रों और सर्वरों का उपयोग किया जाता है।
  • क्लेम और अन्य सेवाएं पूरी तरह के पेपरलेस हैं।
  • एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए प्राइवेट और सरकारी, ट्रस्ट या सहायता अनुदान से चलने वाले अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है।

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राज्य के लोगों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। इस बीमा योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं -
 
कवरेज लाभ
मेडिकल खर्च 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष
यात्रा शुल्क 300 रुपये हर हॉस्पिटलाइजेशन के लिए 
शव घर पहुंचाने के लिए अस्पताल से निवास स्थान तक 6/- प्रति किलोमीटर
 
अतिरिक्त लाभ पीएम-जय के सभी अभियानों जैसे आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सभी लाभ भी मिलेंगे
  • डाग्नोस्टिक्स
  • अस्पताल पंजीकरण
  • प्रवेश शुल्क (एडमिशन चार्जेस)
  • रोगी के लिए भोजन
  • सर्जरी
  • सर्जरी के बाद फॉलोअप सेवाएं
  • दवाएं
  • यात्रा व्यय

मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत आने वाली बीमारियों की सूची लंबी है, क्योंकि इस योजना के तहत कई तरह के उपचार होते हैं। यही कारण है कि यह योजना हर किसी के लिए बहुत अच्छी साबित होती है। क्योंकि इस योजना के तहत किसी भी रोगी को लगभग किसी भी बीमारी के इलाज के लिए इनकार नहीं किया जाता। मुख्यमंत्री अमृतम योजना के अंतर्गत निम्न चिकित्सा विभागों को कवर किया जाता है।

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  • बर्न्स (जलने) और प्लास्टिक सर्जरी
  • नेफ्रोलॉजी
  • कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी
  • न्यूरोसर्जरी न्यूरोलॉजी
  • कार्डियोलॉजी
  • प्रसूति और स्त्री रोग
  • आपातकालीन कक्ष
  • नेत्र विज्ञान
  • जनरल मेडिसिन
  • ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी
  • सामान्य सर्जरी
  • अंग प्रत्यारोपण पैकेज
  • जेनिटोरिनरी सर्जरी (गुर्दे)
  • हड्डी रोग (ऑर्थोपेडिक्स) और पॉलीट्रामा
  • इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी
  • घुटने और कूल्हे का रिप्लेसमेंट
  • बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक) सर्जरी
  • चिकित्सा ऑन्कोलॉजी
  • ईएनटी
  • पीडियाट्रिक मेडिकल मैनेजमेंट
  • मेंटल डिसऑर्डर पैकेज
  • रेडिएशन ऑन्कोलॉजी
  • नियोनेटल पैकेज
  • सर्जिकल ऑन्कोलॉजी

मुख्यमंत्री अमृत योजना बड़ी संख्या में चिकित्सा उपचार के लिए कवरेज उपलब्ध कराती है। चूंकि यह योजना निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बनाई गई है, इसमें किसी तरह के एक्सक्लूजन का जिक्र नहीं है। यानी ऐसी कोई बीमारी नहीं है, जिसका इलाज मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत नहीं होता। हालांकि, फिर भी माना जाता है कि निम्न उपचार इस योजना के तहत कवर नहीं होते -

  • कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट जैसे सौंदर्य बढ़ाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी
  • कुछ गैर-आपातकालिक प्रक्रियाओं को भी इसके तहत कवर नहीं किया जा सकता।

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मुख्यमंत्री अमृतम योजना की पात्रता सीमित है, क्योंकि यह योजना निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए है। यदि आपकी आय पूर्व निर्धारित राशि से अधिक है या आप विशिष्ट व्यवसाय से संबंधित नहीं हैं, तो हो सकता है कि आपको इस योजना के तहत नामांकन की अनुमति न मिले। पात्रता के लिए निम्नलिखित शर्तों पर गौर करें -

  • गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवार मुख्यमंत्री अमृतम योजना के लिए पात्र हैं। राज्य सरकार ने बीपीएल लिस्ट तैयार की है। मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत नामांकन के लिए परिवार के सभी सदस्यों का मौजूद रहना अनिवार्य है।
  • गरीबी रेखा से ऊपर आने वाले परिवार मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य योजना के तहत अपना नामांकन करवा सकते हैं। अन्य लाभार्थी भी इस योजना के तहत अपना नामांकन करवा सकते हैं। इसके तहत नामांकन के लिए परिवार की अधितम सालाना आमदनी 4 लाख रुपये या इससे कम होनी चाहिए।
  • मान्यता प्राप्त समाजिक कार्यकर्ता (आशा कार्यकर्ता) भी इसके तहत नामांकन करवा सकती हैं।
  • मान्यता प्राप्त रिपोर्टरों को भी इस योजना का लाभ मिलता है।
  • वर्ग 3 और 4 के कर्मचारी, जिन्हें राज्य सरकार ने एक फिक्स सैलरी पर नियुक्त किया है।
  • यू-विन कार्ड धारक।
  • उन परिवारों से संबंधित वरिष्ठ नागरिक, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये या उससे कम है।

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इस योजना में मेडिकल बेनिफिट प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति को योजना के तहत नामांकन करने की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री अमृतम योजना की नामांकन प्रक्रिया बहुत ही आसान है। इसकी प्रक्रिया निम्नानुसार है -

  • तालुका और सिविक सेंटर जैसी सरकारी संस्थाओं के पास परिवारों की एक सूची होती है। इस सूची में सिर्फ उन्हीं परिवारों का नाम दर्ज होता है, जिनकी सालाना पारिवारिक आय 4 लाख या उससे कम होती है। परिवारों की यही सूची एमए गुजरात की वेबसाइट पर ऑनलाइन बीपीएल सर्च पेज के माध्यम से उपलब्ध होती है। नामांकन प्रक्रिया से जुड़ा वेंडर इसी सूची का उपयोग करता है। मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य सूची परिवारों के आय प्रमाणपत्र के आधार पर तैयार होती है।
  • मुख्यमंत्री अमृतम योजना और मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य योजना के तहत नामांकन के लिए लाभार्थी परिवार को अपने क्षेत्र में तालुका या सिविक सेंटर के कियोस्क पर जाना होता है। ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवारों तक पहुंच बनाने के लिए राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर मोबाइल कियोस्क भी बनाए हैं।
  • तालुका दफ्तर, सिविक सेंटर और मोबाइल कियोस्क नामांकन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जरूरी उपकरणों से पूरी तरह से सुसज्जित होते हैं। इन उपकरणों में बायोमीट्रिक जानकारी, जैसे फिंगर प्रिंट्स, आईरिस स्कैन आदि होते हैं। यहां पूरे परिवार की तस्वीर भी ली जाती है। लाभार्थी को यहां सबसे पहले गुजराती भाषा में मुख्यमंत्री अमृतम कार्ड के लिए आवेदन पत्र भरना होता है, जिसमें उनके परिवार की पूरी जानकारी होती है।
  • दस्तावेजों के सत्यापन के बाद, लाभार्थी को एमए अमृतम कार्ड, योजना के बारे में एक पैम्फलेट और पैनल में शामिल अस्पतालों की सूची दी जाती है। यह दस्तावेज मिलने के साथ ही परिवार के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

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मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत नामांकन के लिए नोडल एजेंसी में जाने से पहले पात्र लाभार्थी परिवार को निम्न दस्तावेज अपने साथ रख लेने चाहिए -

  • एड्रेस प्रूफ, जैसे राशन कार्ड
  • पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड
  • गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) का प्रमाणपत्र
  • आय प्रमाण

यदि किसी तरह के अन्य दस्तावेज की आवश्यकता होती है तो आवेदक को नामांकन की तिथि से पहले सूचित कर दिया जाता है।

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इस योजना के लाभार्थियों को एमए अमृतम कार्ड का लाभ प्राप्त करने के लिए इसे समय पर रिन्यु कराना अनिवार्य है। ध्यान रहे कि मुख्यमंत्री अमृतम कार्ड की वैधता 3 वर्ष के लिए ही होती है। पहले मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य कार्ड की वैधता सिर्फ 1 वर्ष ही थी। हालांकि, वर्ष 2015 के बाद इसे 3 वर्ष में बदल दिया गया था।

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एमएए कार्ड को रिन्यु करवाना बेहद आसान है। लाभार्थी कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके या निर्धारित कियोस्क पर जाकर इसे रिन्यु कर सकता है। मुख्यमंत्री अमृतम वात्सल्य कार्ड को रिन्यु करवाने के लिए आपको निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।

  • आय प्रमाण पत्र
  • पहले मौजूद एक्सपायर हो चुका एमए कार्ड

पारंपरिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के उलट मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत क्लेम करना बहुत ही आसान और सहज है। क्लेम के समय लाभार्थी को किसी दस्तावेज की व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होती। इस योजना के तहत लाभार्थी सदस्य को नेटवर्क अस्पताल में क्यूआर कार्ड जमा करवाना होता है और फिर सत्यापन (वैरिफिकेशन) की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। त्वरित सत्यापन के बाद मरीज का इलाज शुरू हो जाता है और उसे अधिक इंतजाम नहीं करना पड़ता। इस योजना के तहत कैशलेस क्लेम की सुविधा मिलती है। कैशलेस इलाज होने से मरीज के परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो जाता है।

इलाज पूरा हो जाने के बाद सूचीबद्ध अस्पताल मरीज के हॉस्पिटलाइजेशन और इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज और जानकारी को इन्शुरन्स कंपनी को भेज देता है। अस्पताल और इन्शुरन्स कंपनी के बीच जानकारी के इस आदान-प्रदान के बीच मुख्यमंत्री अमृतम योजना का लाभार्थी की कोई भूमिका नहीं होती है। इन्शुरन्स कंपनी और अस्पताल आपस में क्लेम का सेटल कर लेते हैं और मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।

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