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लोकेशन तकनीक से जुड़ी जानी-मानी वेबसाइट टॉमटॉम ने हाल ही में ट्रैफिक से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की। इसमें उन शहरों की सूची जारी की गई, जो ट्रैफिक जाम की समस्या के मामले में विश्व में शीर्ष पर हैं। इनमें भारत के भी चार शहर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैफिक जाम के मामले में बेंगलुरु शहर विश्व में पहले पायदान पर है, जबकि मुंबई चौथे और पुणे पांचवें नंबर पर है। वहीं, राजधानी दिल्ली को इस लिस्ट में आठवां स्थान मिला है।

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इन आंकड़ों से पता चलता है कि हमारे महानगरों की ट्रैफिक जाम की समस्या कितनी ज्यादा बढ़ चुकी है। सूची में शीर्ष स्थान पाने वाले बेंगलुरु शहर की ही बात करें तो यहां साल 2019 के दौरान लोगों के 243 घंटे जाम में बर्बाद हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ते जाम के चलते वाहन चालकों को औसतन 71 प्रतिशत अतिरिक्त समय सड़कों पर गुजारना पड़ा। इस मामले में बेंगलुरु ने मुंबई (65 प्रतिशत) को पछाड़ दिया है जो अब तक ट्रैफिक जाम के मामले में शीर्ष पर था। वहीं, हर रोज बढ़ती इस समस्या से कई तरह की बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है।

जाम में फंसे रहने से किन बीमारियों का खतरा
साल 2016 में पर्यावरण के मुद्दों से जुड़ी जानी-मानी पत्रिका 'एन्वायरन्मेंटल साइंस' में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई। इसमें एक अमेरिकी शोध के आधार पर बताया गया कि सामान्य ट्रैफिक की तुलना में जाम के वक्त प्रदूषण का स्तर 29 गुना अधिक होता है। ऐसे में चालक को अधिक समय तक वहां जमा हुए प्रदूषण के बीच रहने पड़ता है। महानगरों में रहने वाले लोगों के दैनिक जीवन के दो-तीन घंटे ट्रैफिक जाम में गुजरते हैं। इस दौरान वाहनों से निकलने वाली गैस और प्रदूषक तत्व उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

ट्रैफिक जाम की स्थिति व्यक्ति को कई तरह की बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती है। इनमें हृदय और सांस संबंधी बीमारियों के साथ-साथ हार्मोन सिस्टम का खराब शामिल है। ऐसे भी मामले हैं जिनमें ट्रैफिक जाम लोगों के ड्रिपेशन की वजह के रूप में सामने आया।

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अन्य बीमारियों का भी जोखिम
myUpchar से जुड़ीं डॉक्टर जैसमीन कौर के मुताबिक ट्रैफिक में ज्यादा वक्त तक रहने से हमें कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियों का खतरा हो सकता है। हृदय और फेफड़े संबंधी बड़ी समस्याओं के अलावा इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं-

  • खांसी आना
  • सुनने की क्षमता कम होना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • एलर्जी (जैसे बार- बार छींक आना)
  • सिर दर्द होना

इनके अलावा ट्रैफिक की वजह से कई प्रकार की पुरानी बीमारियां भी हो सकती हैं, जैसे अस्थमा।

कैसे करें बचाव

  • ट्रैफिक के दौरान कार के शीशे बंद करके रखें
  • मास्क लगाकर सड़क पर निकलें
  • संभव हो तो अत्यधिक ट्रैफिक वाली जगह से बचें

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