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देशभर में फिलहाल लॉकडाउन 3.0 भले ही जारी हो लेकिन इन सबके बीच शराब की दुकानें खोल दिए जाने के बाद किस तरह से दुकानों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं, सोशल डिस्टेंसिंग की किस तरह से धज्जियां उड़ाई गईं ये हम सब ने देखा। ऐसे में शराब के सेवन को लेकर हाल ही में हुई एक स्टडी के नतीजे बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस स्टडी के मुताबिक अगर बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स की उपलब्धता शराब की तुलना में अधिक हो तो लोग शराब की जगह बिना-अल्कोहल वाली ड्रिंक्स ही चुनेंगे।

यूके में NIHR ब्रिस्टल बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल और कैम्ब्रिज के अनुसंधानकर्ताओं की एक टीम ने अपनी इस स्टडी में पाया कि जब किसी व्यक्ति के सामने 8 तरह के पेय पदार्थों का विकल्प रखा गया तो स्टडी में शामिल 48 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक को उस वक्त चुना जब ड्रिंक्स के विकल्प में बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक के अनुपात को 4 यानी 50% से बढ़ाकर 6 यानी 75% कर दिया गया।

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वहीं, दूसरी तरफ जब ड्रिंक्स के विकल्पों में बिना-अल्कोहल वाली ड्रिंक के विकल्प को 4 यानी 50% से घटाकर 2 यानी 25% कर दिया गया तब स्टडी में शामिल प्रतिभागियों में से 46 प्रतिशत ने बिना-अल्कोहल वाली ड्रिंक को नहीं चुना। इस स्टडी को बीएमसी पब्लिक हेल्थ नाम की पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। 

इस स्टडी की ऑथर, डॉ अन्ना ब्लैकवेल ने कहा, 'शराब का सेवन दुनियाभर में बीमारी होने के टॉप 5 जोखिम कारकों में से एक माना जाता है। इससे पहले हुई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि अगर स्वस्थ खाद्य पदार्थों के विकल्पों की उपलब्धता को बढ़ाया जाए तो लोगों द्वारा कम हेल्दी खाद्य पदार्थों को चुनने और उसका सेवन करने की संभावना भी घट जाएगी। आसान शब्दों में कहें तो अगर लोगों के सामने हेल्दी फूड के विकल्प अधिक होंगे तो वे वैसे फूड्स का चयन या सेवन कम करेंगे जो हेल्दी नहीं है। यह शायद अब तक की पहली स्टडी है जिसमें बिना-अल्कोहल वाली और अल्कोहल वाली ड्रिंक्स के बीच इस तरह की तुलना की गई है।'

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स्टडी में शामिल प्रतिभागियों को एक ऑनलाइन टास्क दिया गया था जिसमें उनके सामने अल्कोहल वाली बियर, बिना अल्कोहल वाली बियर और सॉफ्ट ड्रिंक का विकल्प था। ड्रिंक्स के विकल्प में  4 अल्कोहल वाली और 4 बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स, 6 अल्कोहल वाली और 2 बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स और 2 अल्कोहल वाली और 6 बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स शामिल थीं। स्टडी में यूके के 808 स्थानीय निवासियों को शामिल किया गया था जिनकी औसत उम्र 38 साल थी और ये सभी ऐसे लोग थे जो नियमित रूप से अल्कोहल का सेवन करते थे।

जब इन लोगों के सामने ज्यादातर बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक के विकल्प को रखा गया तो 49 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक को चुना। लेकिन जब उनके सामने अल्कोहल वाली ड्रिंक्स का विकल्प अधिक था तो सिर्फ 26 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक को चुना। स्टडी में शामिल प्रतिभागियों ने अपना विकल्प चुनने में कितना समय लगाया इसका स्टडी के नतीजों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

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स्टडी के नतीजे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि अगर स्वस्थ खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए तो लोगों को इन हेल्दी विकल्पों को चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। डॉ ब्लैकवेल कहती हैं, 'लाइसेंस प्राप्त वेन्यू पर कई तरह की बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स का विकल्प होता है लेकिन इन्हें आमतौर पर लोगों की नजरों के सामने नहीं रखा जाता, उदाहरण के लिए बार में फ्रिज में नीचे के लेवल में रखा जाता है। ऐसे में हमारी स्टडी के नतीजे बताते हैं कि अगर इन बिना अल्कोहल वाले उत्पादों को ग्राहक की नजरों के सामने रखा जाए तो इससे उन्हें स्वस्थ विकल्प चुनने के लिए प्रभावित किया जा सकता है।'

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