myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

शरीर को ठीक तरह से कार्य करने के लिए प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। इसे ऊर्जा का प्रमुख स्रोत माना जाता है। प्रोटीन कई तरह का होता है और शरीर के विकास एवं ऊतकों में सुधार के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। मांस, पोल्‍ट्री, अंडे, सीफूड, सूखे मेवे, बीज, सोया उत्‍पाद, दूध, डेयरी प्रोडक्‍ट्स, बींस और मटर आदि में प्राकृतिक रूप से प्रोटीन मौजूद होता है।

वहीं दूसरी ओर, प्रोटीन पाउडर एक सप्‍लीमेंट है जिससे शरीर की प्रोटीन की आवश्‍यकता को पूरा किया जा सकता है। प्रोटीन से भरपूर सोया, मटर और मट्ठे से प्रोटीन पाउडर तैयार किया जाता है। मांस और सीफूड को प्रोटीन का सबसे अच्‍छा स्रोत माना जाता है लेकिन किसी कारणवश हर कोई इनका सेवन नहीं कर सकता है। कुछ मामलों में सही एवं पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन लेना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, ऐसी स्थिति में प्रोटीन पाउडर ही काम आता है।

तो चलिए जानते हैं प्रोटीन पाउडर के फायदे और इसे लेते समय किन बातों का ध्‍यान रखना चाहिए।

  1. प्रोटीन पाउडर क्‍या है? - What is Protein Powder in Hindi
  2. प्रोटीन पाउडर से क्या होता है? - Protein Powder Se Kya Hota Hai in Hindi
  3. फिटनेस के लिए सबसे बेस्ट प्रोटीन पाउडर - Best Protein Powder for Fitness in Hindi
  4. एक दिन में कितना प्रोटीन सप्लीमेंट लेना चाहिए - How Much Protein Powder to Take in a Day in Hindi
  5. प्रोटीन पाउडर के फायदे क्या हैं - Benefits of Protein Powder in Hindi
  6. क्या बहुत ज्यादा प्रोटीन का सेवन हो सकता है हानिकारक - Can Consuming too Much Protein be Harmful in Hindi
  7. क्या प्राकृतिक स्रोत प्रोटीन की दैनिक आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं - Can Natural Sources Complete the Daily Requirement of Protein in Hindi
  8. प्रोटीन पाउडर कब लेना चाहिए - Protein Powder Kab Lena Chahiye in Hindi
  9. क्या शाकाहारियों के लिए प्रोटीन पाउडर उपयुक्त है - Are Protein Powder Suitable for Vegetarians in Hindi
  10. क्या प्रोटीन पाउडर लस मुक्त है - Is Protein Powder Gluten Free in Hindi

प्रोटीन पाउडर प्रोटीन का एक सुविधाजनक स्रोत है, जो ज्यादातर दूध, व्हे, कैसिइन या सोया से बना होता है। हाल के दिनों में, मटर से भी प्रोटीन बनाया जा रहा है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो शाकाहारी हैं।

जब आप प्रोटीन को प्राकृतिक खाद्य स्रोतों से पर्याप्त रूप से प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं तब प्रोटीन पाउडर आपकी प्रोटीन आवश्यकताओं को पूरा करने का एक सरल तरीका है। प्रोटीन पाउडर पौष्टिक होते हैं और आसानी से शरीर द्वारा पचाए जा सकते हैं। इनमें शरीर में जल्दी से अवशोषित होने वाले गुण होते है।

प्योर व्हे प्रोटीन को चुनना सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि यह आपको सभी आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करता है। इसके अलावा व्हे का अवशोषण तेज होता है, इसलिए यह वर्कआउट के बाद लेना अच्छा माना जाता है। इसके अवशोषण को धीरे करने के लिए इसमें दूध और कार्बोहाइड्रेट को मिलाया जा सकता है। ये सभी व्हे प्रोटीन को एक मल्टी फंक्शनल सप्लीमेंट बनाते हैं। (और पढ़ें - अगर आप हैं एक एथलीट या बॉडी बिल्डर तो मसल्स बनाने के लिए इन प्रोटीन शेक से कुछ भी और बेहतर नहीं)

प्रोटीन पाउडर को आपके आहार के लिए कॉम्प्लीमेंट माना जाता है। आम तौर पर, गैर-शाकाहारिक व्यक्ति के लिए प्रति दिन व्हे प्रोटीन की 1-2 स्कूप दैनिक आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त होते हैं, लेकिन यह अत्यधिक आहार पर निर्भर करता है कि आपको आपके भोजन से कितना प्रोटीन मिल रहा है।

कुछ को दो से अधिक स्कूप की आवश्यकता हो सकती है और कुछ को सिर्फ एक स्कूप की आवश्यकता हो सकती है। एथलीट्स और पेशेवर बॉडीबिल्डर्स को आम तौर पर बहुत अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि आवश्यकताओं को केवल आहार के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। वे कसरत या ट्रेनिंग के बाद थोड़े दूध में अन्यथा पानी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। (और पढ़ें - ये प्रोटीन शेक पिएं और हेल्दी रहें)

अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन बहुत आवश्यक है क्योंकि

  1. प्रोटीन का सेवन आपकी भूख को दबा देता है जिससे कम कैलोरी का सेवन होता है। इसके अलावा यह आपके चयापचय को बढ़ाने और अधिक कैलोरी को बर्न करने के लिए भी अच्छा होता है। (और पढ़ें - वजन घटाने के लिए डाइट चार्ट)
  2. यदि आप व्हे को नियमित कार्डियो एक्सरसाइज और कम कार्ब आहार के साथ जोड़ते हैं, तो आप 6 एब्स प्राप्त कर सकते हैं।
  3. व्हे प्रोटीन में सभी महत्वपूर्ण अमीनो एसिड का गठन होता है और जिनमें से एक है - ट्रिप्टोफैन। ट्रिप्टोफैन एक तत्व है जो आपको बड़े और संतोषजनक डिनर के बाद आराम और नींद महसूस कराता है। लेकिन यह आपके मस्तिष्क के सेरोटोनिन के निर्माण के साथ भी जुड़ा हुआ है। व्हे जैसे प्रोटीन समृद्ध आहार आपके शरीर में अधिक सेरोटोनिन उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं और आपको तनाव से दूर रखते हैं।
  4. यह दुबली मांसपेशियों को बनाता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, क्षतिग्रस्त कोशिकाओं और ऊतकों की रिपेयर करता है और ऊर्जा स्रोत के रूप में कार्य करता है।
  5. तथ्य यह है कि चीनी वाले खाद्य पदार्थों के साथ प्रोटीन का सेवन करने पर आपके रक्त में चीनी की मात्रा कम प्रवेश करती है। एक स्टडी के अनुसार यह प्रमाणित किया गया है कि जब टाइप II मधुमेह रोगी व्हे जैसे प्रोटीन को उच्च चीनी वाले भोजन के साथ मिलाते हैं, तो उनकी इंसुलिन की मात्रा पहले की तुलना में अधिक देखी गई थी और उनके रक्त शर्करा में इससे कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
  6. एक स्टडी के अनुसार मानव प्रोस्टेट कोशिकाओं पर व्हे प्रोटीन को रखा गया और फिर कोशिकाओं में मौजूद ग्लूटाथियोन के स्तर को मापा गया। ग्लूटाथियोन सभी एंटीऑक्सीडेंट में सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों को रोकने और कैंसर को रोकने के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। (और पढ़ें – कैंसर का इलाज)
  7. आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी में खाद्य विज्ञान और मानव पोषण विभाग ने एक अध्ययन किया जिसमें यह साबित हुआ कि भोजन के साथ व्हे प्रोटीन पेय का सेवन करने से हाई बीपी वालो के सिस्टोलिक और डायस्टॉलिक ब्लड प्रेशर को कम किया।

यदि इन्हें बुद्धिमानी से चुना जाता है, तो ये बहुत स्वस्थ हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी पोषक तत्व की अधिकता लंबे समय तक हानिकारक हो सकती है और प्रोटीन इसका कोई अपवाद नहीं हैं। नियमित आहार में सप्लीमेंट या प्रोटीन कॅल्क्युलेटेड तरीके से लेना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सकें कि इससे आपके शरीर को कोई नुकसान न हों। (और पढ़ें - प्रोटीन पाउडर लेने से हो सकते हैं ये सात नुकसान)

यदि आपके शरीर को प्रोटीन की जरूरत बहुत ज्यादा नहीं है और आप चिकन, मछली, मांस, अंडे और डेयरी उत्पादों का नियमित आधार पर सेवन करते हैं, तो आपको आहार के एक भाग के रूप में प्रोटीन सप्लीमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ती है। प्रोटीन पाउडर को शामिल करना आपकी गतिविधि पर और आपकी गतिविधि के रूप पर बहुत अधिक निर्भर है। यदि आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी गहन गतिविधियों में शामिल हैं, तो आपको अधिक प्रोटीन पाउडर की आवश्यकता होगी। (और पढ़ें - प्रोटीन युक्त भारतीय आहार)

प्रोटीन के स्रोत पर निर्भर रहते हुए, विभिन्न सप्लीमेंट विभिन्न समय पर सबसे अच्छा काम करते हैं। उदाहरण के लिए, व्हे प्रोटीन सबसे अच्छा होता है जब पोस्ट वर्कआउट या ट्रेनिंग की जाती है। दूसरी ओर, कैसिइन रात या प्री वर्कआउट प्रोटीन के रूप में उपयुक्त है।

दूध और दूध उत्पादों से बने सप्लीमेंट्स जैसे व्हे, कैसिइन और सोया और मटर जैसे स्रोत शाकाहारियों के लिए भी उपयुक्त विकल्प हैं। 

(और पढ़ें - घर पर बनायें प्रोटीन पाउडर और बनायें बौडी)

यहाँ कई प्रकार के प्रोटीन पाउडर हैं और उनमें से कई लस मुक्त हैं। किसी को भी प्रयोग करने से पहले लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

और पढ़ें ...

References

  1. Sheikholeslami Vatani D, Ahmadi Kani Golzar F. Changes in antioxidant status and cardiovascular risk factors of overweight young men after six weeks supplementation of whey protein isolate and resistance training. Appetite. 2012 Dec;59(3):673-8. PMID: 22889987
  2. Kimball SR, Jefferson LS. Signaling pathways and molecular mechanisms through which branched-chain amino acids mediate translational control of protein synthesis. J Nutr. 2006 Jan;136(1 Suppl):227S-31S. PMID: 16365087
  3. Health Harvard Publishing. Harvard Medical School [Internet]. The hidden dangers of protein powders. Harvard University, Cambridge, Massachusetts.
  4. Office of Disease Prevention and Health Promotion. Nutritional Goals for Age-Sex Groups Based on Dietary Reference Intakes and Dietary Guidelines Recommendations. [Internet]
  5. Pasiakos SM, Lieberman HR, McLellan TM. Effects of protein supplements on muscle damage, soreness and recovery of muscle function and physical performance: a systematic review. Sports Med. 2014 May;44(5):655-70. PMID: 24435468
  6. Jooyoung Kim, Chulhyun Lee, Joohyung Lee. Effect of timing of whey protein supplement on muscle damage markers after eccentric exercise. J Exerc Rehabil. 2017 Aug; 13(4): 436–440. PMID: 29114510
ऐप पर पढ़ें