अनार छोटे-छोटे पत्तों वाला एक पौधा है, जिसकी शाखाएं फैली हुई होती हैं। अनार का स्वाद मीठा होता है और इसमें गहरे रंग के बीज होते हैं। अनार के कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। अनार के पौधे से निकले हर भाग का उपयोग औषधीय रूप से किया जा सकता है, चाहे वह अनार के पत्ते, फूल, फल, छिलके या छाल हों। फल की तरह ही अनार के पौधे की पत्तियां छोटी और चिकनी होती हैं तथा फल की तरह ही इसमें कई औषधीय गुण होते हैं। इसकी पत्तियां पाचन समस्याओं, त्वचा की समस्याओं, भूख में कमी, अनिद्रा और कुछ अन्य चिकित्सा स्थितियों के उपचार में उपयोगी हैं।

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इस लेख में अनार के पत्तों के लाभ के बारे में बताया गया है। जिस प्रकार से अनार का सेवन लाभकारी है, उसी तरह इसके पत्ते भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। तो आइये जानते हैं इससे होने वाले फायदों के बारे में -

  1. अनार के पत्ते के फायदे करें अनिद्रा का इलाज - Pomegranate Leaves for Insomnia in Hindi
  2. अनार के पत्ते के लाभ पेट दर्द में - Anar ke patte ke fayde pet dard ke liye
  3. अनार के पत्ते का उपयोग करे दस्त के लिए - Pomegranate Leaves for Dysentery in Hindi
  4. पोमेग्रेनेट लीव बेनिफिट्स फॉर जॉन्डिस - Pomegranate Leaves Benefits for Jaundice in Hindi
  5. एक्जिमा के लिए करें अनार के पत्तों का इस्तेमाल - Pomegranate Leaf for Eczema in Hindi
  6. खांसी के लिए अनार के पत्ते के फायदे - Pomegranate Leaves Good for Cough in Hindi
  7. मुंह के छालों के लिए अनार के पत्ते - Pomegranate Leaves for Mouth Ulcer in Hindi
  8. अनार के पत्ते के गुण दिलाएं कान के दर्द से राहत - Pomegranate Leaves for Ear Pain in Hindi
  9. त्वचा के लिए लाभकारी है अनार के पत्ते - Pomegranate Leaves for Skin in Hindi
  10. पीलिया के इलाज में उपयोगी हैं अनार के पत्ते - Pomegranate Leaves for jaundice in Hindi

अनिद्रा का इलाज करने के लिए, आप अनार के पत्तों का सेवन करके लाभ उठा सकते हैं। अनिद्रा का इलाज करने के लिए अनार एक शानदार जड़ी बूटी है। 3 ग्राम अनार की पत्तियों को पीसकर, 200 मिलीलीटर पानी के साथ उबाल लें और तब तक उबाल लें जब तक पानी एक चौथाई न रह जाए। और सोने से पहले इस मिश्रण को पिएं।

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myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि अनार के पत्ते पाचन प्रक्रिया के लिए फायदेमंद होते हैं। अगर पेट दर्द और उससे जुड़ी अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो अनार के पत्तों का सेवन दवा के रूप में किया जा सकता है। इनमें मौजूद पोषक तत्व और खनिज पाचन को उत्तेजित करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। इसके साथ ही यह अपच और दस्त की परेशानी को दूर कर सकता है। इसके लिए अनार के पत्तों की चाय ले सकते हैं।

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यह उन लोगों के लिए बहुत ही अच्छा उपाय है जिन्हें दस्त की समस्या है। अनार के पत्तों के रस से आपको इस समस्या से निजात मिल सकती है। अनार के साथ, अनार के पत्तों का रस पीने से खसरा और आंतों की समस्याओं जैसे दस्त के इलाज में मदद मिलती है। अनार के पत्तों का रस बहुत उपयोगी होता है क्योंकि अनार के पत्तों में कई एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। अनार के पत्तों के रस को अनार के रस में मिलाकर पिएं।

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अनार की पत्तियां पीलिये में भी उपयोगी होती हैं।

  1. 3 ग्राम अनार की पत्तियों का पाउडर तैयार करें।
  2.  आधा पानी रह जाने तक उबाल लें।
  3.  इस मिश्रण को दिन में दो बार पियें।

ध्यान रखें, पीलिया एक ऐसी बीमारी है जो रक्त और अन्य शरीर के ऊतकों में बिलीरुबिन के निर्माण के कारण होती है।

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एक्जिमा के लक्षणों में से एक है सूजन जो त्वचा पर छोटे फफोले का कारण बनती है। अनार की पत्तियां फफोले से जल्द छुटकारा दिला सकती हैं। इसका पेस्ट बना लें या अनार के पत्तों को पीसकर फुंसियों पर लगाएं। इससे लाभ मिलेगा। एक्जिमा के इलाज के लिए यह एक प्राकृतिक तरीका है। अनार के पत्तों का उपयोग करने के अलावा, आप ग्राविओला (Graviola) यानी रामफल की पत्तियों का भी उपयोग कर सकते हैं। अनार का जूस एक बेहतरीन टोनर है, जो त्वचा को सुंदर बनाता है।

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अनार के पत्तों को खांसी के इलाज के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। अनार के सूखे पत्ते, कली, तुलसी के पत्ते और काली मिर्च (2-3) लें। सभी सामग्री को पानी में उबाल लें और कुछ मिनट के लिए पकाएं। इसके बाद इस काढ़े को छान कर उसका सेवन करें।

20-25 ग्राम अनार के पत्ते साफ करें और धोएं। अब इन पत्तों को क्रश करें और इन्हें 400 मिलीलीटर पानी में मिलाएं और जब तक पानी की मात्रा एक चौथाई से कम न हो जाए तब तक पकाएं। इसके बाद पानी को छानें और उससे गरारे करें। मुंह के छालों के लिए यह एक बहुत ही अच्छा इलाज है।  

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कान का दर्द असहनीय होता है। इससे राहत पाने के लिए अनार के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 10-15 ग्राम अनार के पत्तों को धोएं और साफ करें। अब इन पत्तों को मसल कर रस निकालें। इसके बाद बराबर मात्रा में तिल के तेल में रस को मिक्स करें। अब इस मिश्रण की कुछ बूंदे कान में डालें। इससे आपको कान के दर्द से राहत मिलेगी। रात में इसकी दो बूंद कान में डालने पर सुबह कान की गंदगी बाहर निकल जाती है।

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1 लीटर पत्तियों का रस लें और आधा लीटर तिल के तेल में पकाएं। कम लौ पर पकाएं और जब तक कि पानी न निकल जाए। नियमित रूप से मालिश करने के लिए इस तेल का प्रयोग करें।

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डॉक्टरों का कहना है कि जब लिवर की लाल रक्त कोशिकाएं टूट जाती हैं तो पीले रंग का बिलीरुबिन पदार्थ बनता है। यह पीले रंग का पदार्थ रक्त से लिवर तथा लिवर से फिल्टर के रास्ते शरीर से बाहर नहीं जा पाता है तो पीलिया होता है। पीलिया में अनार की पत्तियां बहुत उपयोगी होती हैं। इसके लिए 3 ग्राम अनार की पत्तियों का पाउडर बनाएं और आधा पानी रह जाने तक उबालें। इस मिश्रण को दिन में दो बार पिएं।

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