त्रिकटु चूर्ण एक पुराना हर्बल उपचार है जिसका उपयोग अस्थमा, मोटापे, खांसी, ठंड या किसी श्वसन रोग की समस्या में किया जाता है। यह आयुर्वेदिक उपाय अस्थमा, गाउट, खांसी, ठंड और अन्य श्वसन रोगों के  उपचार में मदद करता है।

त्रिकटु चूर्ण तीन भारतीय आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों काली मिर्च, पिप्पली (इंडियन लोंग पेपर) और ड्राई जिंजर (सोंठ) से मिलकर तैयार किया जाता है। त्रिकटु चूर्ण की तासीर गर्म होती है और विभिन्न आयुर्वेदिक उपचारों में विशेष रूप से अस्थमा, अपच के आयुर्वेदिक उपचार में उपयोग किया जाता है। त्रिकटु चूर्ण को अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे त्रिकटु चूर्णम या त्रिकुटा।

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  1. त्रिकटु चूर्ण के फायदे - Trikatu Churna Benefits in Hindi
  2. त्रिकटु चूर्ण की खुराक - Trikatu Churna Dosage in Hindi
  3. त्रिकटु चूर्ण के नुकसान - Trikatu Churna Side Effects in Hindi

त्रिकटु चूर्ण एक उपयोगी आयुर्वेदिक मिश्रण है जो विभिन्न श्वसन और पाचन रोगों को ठीक करने में मदद करता है। यह त्रिदोष असंतुलन से संबंधित बीमारी को शांत करने में मदद करता है। यह अस्थमा से स्वाभाविक रूप से लड़ने में मदद करता है। तो आइये जानते हैं इससे होने वाले लाभों के बारे में – 

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त्रिकटु के फायदे करें पाचन में सुधार - Trikatu for Digestion in Hindi

त्रिकटु चूर्ण पाचन में सुधार करने में मदद करता है, क्योंकि इससे शरीर में अग्नि तत्व बढ़ जाते हैं जिससे उचित पाचन होता है और भूख में वृद्धि होती है। पाचन विकार वाले व्यक्ति को भोजन से एक घंटे पहले आधे से लेकर एक चम्मच तक इसका सेवन करना चाहिए। यह कब्ज, भूख की हानि और अन्य पाचन विकारों के लिए भी एक उपयोगी उपाय है। 

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त्रिकटु चूर्ण के लाभ रखें इम्युनिटी को मजबूत - Trikatu Churna Benefits for immunity in Hindi

त्रिकटु चूर्ण प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करता है, क्योंकि इससे शरीर में अग्नि तत्व बढ़ जाते हैं जिससे उचित पाचन होता है और भूख में वृद्धि होती है। इसलिए जो लोग अक्सर बीमार रहते हैं वे रोजाना सोने से पहले एक चम्मच तक इसका सेवन कर सकते हैं। 

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त्रिकुटा के फायदे वजन कम करने के लिए - Trikatu Churna for Weight Loss in Hindi

यह पाचन के लिए एक बहुत अच्छा उपाय है। यह चयापचय में वृद्धि और मोटापे को कम करने में मदद करता है। त्रिफला के साथ इसका सेवन करने से अतिरिक्त वजन को कम करने में मदद मिल सकती है। जो लोग कुछ वजन कम करना चाहते हैं, वे भोजन से आधे घंटे पहले एक चम्मच त्रिकटु चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। 

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त्रिकटु चूर्ण के गुण है अस्थमा में लाभकारी - Trikatu Churna for Asthma in Hindi

अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन रोगों के लिए त्रिकटु चूर्ण एक बहुत उपयोगी उपाय है। यह अपनी गर्म तासीर के कारण फेफड़े से बलगम को कम करता है। यह गले में खराश, साइनस संक्रमण और अन्य श्वसन संक्रमणों में भी मदद करता है। भोजन से आधे घंटे पहले शहद के साथ आधे से लेकर एक चम्मच तक त्रिकटु चूर्ण का सेवन करने से अस्थमा और श्वसन संक्रमण के उपचार में मदद मिलती है। 

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त्रिकटु चूर्ण का सेवन करें कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित - Trikatu for Cholesterol in Hindi

त्रिकटु चूर्ण खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है और यह उन लोगों के लिए बहुत ही अच्छा उपाय है जो अपना कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करना चाहता है। भोजन से एक घंटे पहले आधे से लेकर एक चम्मच तक त्रिकटु चूर्ण का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है। 

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त्रिकटु पाउडर है इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम में लाभकारी - Trikatu Churna for IBS in Hindi

मेडिकल साइंस इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम (आईबीएस) के होने के सटीक कारण को खोजने में असमर्थ है, लेकिन भारतीय आयुर्वेद के अनुसार, यह पाचन की गर्मी की खराबी के कारण होता है। ऐसे में त्रिकटु चूर्ण आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। त्रिकटु चूर्ण ठीक से कार्य करता है जब रोगी को मल के दौरान दस्त, ऐंठन या गैस होती है। यह मल में बलगम को कम कर देता है और पाचन आग को सामान्य करता है।

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त्रिकटु चूर्ण के फायदे शरीर के दर्द में उपयोगी - Trikatu for Body Aches in Hindi

सर्दी के समय लोगों में बदन दर्द होना सामान्य होता है। ऐसे में त्रिकटु चूर्ण का उपयोग कर सकते हैं। त्रिकटु चूर्ण शरीर को गर्मी प्रदान करता है और शरीर में दर्द को कम करता है। आधा या एक चम्मच त्रिकटु चूर्ण का सेवन बदन दर्द के लिए लाभकारी हो सकता है। 

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त्रिकुटा चूर्ण के लाभ स्वस्थ यौन जीवन के लिए - Trikatu Powder Good for Sexual Life in Hindi

त्रिकटु चूर्ण प्रजनन कार्यों को सुदृढ़ करने, प्रजनन अंगों को गर्म करने और उत्साहित करने में मदद करता है, क्योंकि यह कामोद्दीपक गुणों में परिपूर्ण होता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और स्वस्थ यौन जीवन को बढ़ाने में भी मदद करता है। 

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त्रिकटु चूर्ण फॉर थायराइड - Trikatu Churna for Thyroid in Hindi

त्रिकटु चूर्ण भी थायराइड के उपचार में मदद करता है। त्रिकटु चूर्ण (50 ग्राम) के साथ गोदन्ती भस्मा (10 ग्राम) को मिक्स करें और शहद के साथ एक ग्राम से 2 ग्राम, दिन में दो बार लें। 

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त्रिकटु पाउडर करें त्वचा रोगों का इलाज - Trikatu Powder for Skin Disease in Hindi

चरक चिकिस्सा स्थान 7/61 के अनुसार, एक महीने तक त्वचा रोगों के लिए हरितकी, गुड़ और तिल के तेल के साथ त्रिकटु चूर्ण का सेवन लाभकारी होता है। यह उपाय त्वचा के सभी रोगों में प्रभावी होता है।

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भोजन से एक घंटे पहले आधा या एक चम्मच त्रिकटु चूर्ण शहद के साथ मिलाकर लिया जा सकता सकता है। यह स्वाद में तीखा और तासीर में गर्म होता है।

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कई स्वास्थ्य लाभों के साथ त्रिकटु चूर्ण का एकमात्र दुष्प्रभाव है। अधिक मात्रा में सेवन करने से यह गैस्ट्रिक समस्याओं का कारण बन सकता है और साथ ही साथ यह पेट में जलन पैदा कर सकता है।

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उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें त्रिकटु है

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