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एक आदर्श गर्भावस्था आपके आखिरी मासिक धर्म के पहले दिन से बच्चे के जन्म के दिन तक (लगभग 40 सप्ताह) तक रहती है। इसे तीन चरणों में बांटा गया है जिन्हें तिमाही कहते हैं : पहली तिमाही, दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही। 1-3 महीने का समय पहली तिमाही कहलाता है। 4-6 महीनों को दूसरी तिमाही और 7-9 महीने तीसरी तिमाही कहलाते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि महीने दर महीने गर्भ में आपके बच्चे का विकास कैसे होता है।

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  1. पहले महीने में गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास - Baby growth in first month of pregnancy in Hindi
  2. गर्भावस्था के दूसरे महीने में भ्रूण का विकास - Baby growth in second month of pregnancy in Hindi
  3. गर्भ में शिशु का विकास तीसरे महीने में - Baby growth in third month of pregnancy in Hindi
  4. चौथे महीने में बच्चे का विकास - Baby development in fourth month of pregnancy in Hindi
  5. गर्भावस्था के पांचवे महीने में शिशु का विकास - Baby growth in fifth month of pregnancy in Hindi
  6. बच्चे का विकास छठे महीने में - Fetal development in 6th month of pregnancy in Hindi
  7. सातवें महीने में बच्चे का विकास - Baby growth in seven month of pregnancy in Hindi
  8. आठवें महीने में गर्भ में शिशु का विकास - Baby growth in 8th month of pregnancy in Hindi
  9. नौंवे महीने में गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति - Baby position in nine month of pregnancy in Hindi
  10. गर्भ में बच्चे का विकास कैसे होता है वीडियो - Baby growth during pregnancy month by month video
  11. गर्भ में बच्चे का विकास, वीडियो के साथ के डॉक्टर

एमनियोटिक थैली (Amniotic sac) तरल पदार्थ से बना एक बैग है जो महिला के गर्भाशय में गर्भ धारण करने के समय बनता है जिसमें भ्रूण का विकास होता है। यहीं पर पहली तिमाही में प्लेसेंटा (Placenta) बनती है। प्लेसेंटा एक गोल और चपटी नाल होती है जिससे बच्चे में पोषक तत्वों का स्थानांतरण होता है साथ ही बच्चे के अपशिष्ट इसी से बाहर निकलते हैं। बच्चे का चेहरा बनने की शुरुआत उसकी आँखों के बनने से होती है और फिर धीरे धीरे मुंह, निचला जबड़ा और गला बनना शुरु होता है। रक्त कोशिकाएं आकार लेना शुरु कर देती हैं और रक्त परिसंचरण होने लगता है। गर्भावस्था का पहला महीना पूरा होते होते आपका बच्चा 6-7 मिमी. (1/4 इंच) लंबा होता है जो आकार में चावल के दाने के बराबर होता है। 

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आपके बच्चे के चेहरे के विकास के साथ साथ अब कानों का विकास भी होने लगता है। हाथ और पैरों के स्थान पर छोटे छोटे उभार आने लगते हैं। हाथ पैरों की उंगलियां और आँखें दूसरे महीने में बन जाती हैं। तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के अन्य तंत्रिका ऊतक) भी इसी समय विकसित होते हैं। पाचन तंत्र और संवेदी अंग विकसित होना शुरू होते हैं। हड्डियां, नरम हड्डियों (cartilage) का स्थान लेने लगती हैं। भ्रूण हिलना शुरू कर देता है लेकिन अभी माँ को इसका एहसास नहीं होता है। दूसरे महीने के अंत तक आपका बच्चा लगभग 2.54 सेमी (1 इंच) लंबा हो जाता है जिसका वजन 9.45 ग्राम होता है।

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गर्भावस्था के तीसरे महीने के अंत तक आपका बच्चा पूर्ण रूप से बन चुका होता है। आपके बच्चे के हाथ, पैर और उंगलियां बन चुकी होती हैं और अब वो अपना मुँह और मुट्ठी भी खोल और बंद कर सकता है। हाथ और पैरों के नाखून और कान का बाहरी हिस्सा इसी महीने में बनता है। दांतों का बनना शुरु हो जाता है। इनके अलावा उसके प्रजनन अंग भी विकसित होते हैं लेकिन अभी आप अल्ट्रासाउंड में बच्चे का लिंग नहीं जान सकते। बच्चे का परिसंचरण और मूत्र तंत्र काम करना शुरु कर देता है और यकृत (liver) पित्त (पाचक रस) बनने लगता है। तीसरे महीने के अंत में, आपका बच्चा 7.6 -10 सेंटीमीटर (3-4 इंच) लंबा और लगभग 28 ग्राम का होता है। चूंकि आपके बच्चे का सबसे महत्वपूर्ण विकास हो चुका है इसलिए तीसरे महीने बाद गर्भपात की संभावना काफी कम हो जाती है। 

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गर्भावस्था के दूसरे तिमाही अर्थात चौथे, पांचवे और छठे महीने में आपके बच्चे की उंगलियां पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं। उसकी पलकें, आइब्रो, नाखून और बाल बनने लगते हैं। दांत और हड्डियां मज़बूत होने लगती हैं। अब आपका बच्चा अपना अंगूठा चूसने लायक हो जाता है, वो जम्हाई और अंगड़ाई भी ले सकता है। इस महीने में बच्चे का तंत्रिका तंत्र काम करना शुरु कर देता है। प्रजनन अंग और जनन अंग पूरी तरह विकसित हो जाते हैं और अब आप अल्ट्रासाउंड तकनीक की सहायता से बच्चे का लिंग जान सकती हैं साथ ही डॉप्लर नाम के उपकरण की सहायता से आप उसके दिल की धड़कन भी सुन सकती हैं। चौथे महीने के अंत तक, आपका बच्चा लगभग 6 इंच लंबा और लगभग 112 ग्राम (4 औंस) का होता है।

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इस महीने आपके बच्चे के बालों और गर्भरोमों (lanugo) का विकास होता है। गर्भरोम पतले और कोमल बाल होते हैं जो बच्चे के कंधे, पीठ और माथे पर आते हैं। ये बाल आपके बच्चे की रक्षा करते हैं और बच्चे के जन्म के बाद एक हफ्ते में झड़ जाते हैं। आपके बच्चे की त्वचा सफ़ेद परत से ढकी रहती है जिसे वर्निक्स कैसेओस (vernix caseosa) कहते हैं। जब जन्म से पहले एमनियोटिक थैली धीरे धीरे समाप्त होने लगती है तब यह चिकना पदार्थ आपके बच्चे की रक्षा तब करता है। इस महीने आपको बच्चे की हरकतों का एहसास होने लगता है क्योंकि उसकी मासपेशियां विकसित हो चुकी हैं और वो अंगड़ाई लेने लगता है। इस हलचल को गर्भस्पन्दन (quickening) कहते हैं। पांचवे महीने के समाप्त होते होते आपका बच्चा लगभग 10 इंच लंबा और 500 ग्राम (1/2 किलो) का हो जाता है।

छठे महीने के अंत तक आपका बच्चा 12 इंच लंबा और लगभग 1 किलो का हो जाता है। उसकी त्वचा लाल रंग की हो जाती है और उस पारदर्शी त्वचा से उसकी शिराएं दिखाई देती हैं। बच्चे की हाथों और पैरों की उंगलियों के निशान बन जाते हैं। पलकें आँखों से अलग हो जाती हैं और अब उसकी आँखे खुलने लगती हैं। आपका बच्चा किसी भी तरह की आवाज़ सुनकर हलचल करता है और अगर उसे हिचकी आती है तो आपको भी एक हल्के झटके का अनुभव होगा। यदि किसी कारणवश बच्चे समय से पूर्व जन्म ले लेते हैं तो वो 23 सप्ताह बाद ही अत्यधिक देखभाल के साथ जीवित रह सकते हैं।

गर्भावस्था के सातवें महीने से आपके बच्चे के शरीर में वसा एकत्रित होता है। आपका बच्चा लगभग 36 सेमी (14 इंच) लंबा और भार में 900 से 1800 ग्राम (1-2 किग्रा) का हो जाता है। उसकी सुनने की क्षमता विकसित हो जाती है और अब वो करवटें भी लेता है। इस महीने से बच्चा ध्वनि, दर्द और प्रकाश के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करने लगता है। अगर बच्चा समय से पूर्व पैदा होता है तो वो इस महीने के बाद, डॉक्टर की देख रेख में जीवित रह सकता है।

आपका बच्चा अब लगभग 46 सेंटीमीटर (18 इंच) लंबा और 2.27 किलोग्राम का हो जाता है। इस समय उसके शरीर में वसा एकत्रित करने के लिए जगह बनती है इसी कारण इस महीने आप ऐसा महसूस करेंगी जैसे आपका बच्चा लात मार रहा हो। इस समय बच्चे के मस्तिष्क का विकास तेज़ी से होता है और वो देखने और सुनने में सक्षम हो जाता है। अधिकतर अंदरूनी कार्य संपन्न हो जाते हैं लेकिन उसके फेफड़े अभी भी अविकसित होते हैं।

इस महीने में आपके बच्चे की स्थिति बदल जाती है क्योंकि अब वो प्रसव के लिए तैयार होता है। बच्चा आपकी कोख (pelvis) में आ जाता है और उसका सिर जन्म देने वाली नलिका (birth canal) की ओर घूम जाता है। गर्भावस्था के इस अंतिम महीने में आपका बच्चा 18 से 20 इंच लंबा और 3.2 किलो का हो जाता है जो कि जन्म के समय बच्चे का वज़न होना चाहिए।

Dr. Giri Prasath

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Dr. Madhav Bhondave

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Dr. Sunil Choudhary

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