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स्त्री के जीवन में गर्भावस्था ही एक ऐसा समय होता है जिसका इन्तजार उसे हमेशा से रहता है, वो इस समय को जीना चाहती है। एक महिला अपने जीवन में कई तरह के किरदार निभाती है कभी बेटी, कभी बहू तो कभी पत्नी लेकिन मां का किरदार निभाते वक्त वो थोड़ा स्वार्थी हो जाती है और हो भी क्यों न? ऐसे में उसे खुद पर ध्यान देने जरूरत बढ़ जाती है। उसके भीतर एक और जान पल रही होती है जिसे पोषण देना उसका पहला दायित्व होता है।

आज हम इस लेख के जरिए जानेंगे कि प्रेगनेंसी के दौरान कैल्शियम क्यों जरूरी होता है और इसके स्रोत क्या हैं?

गर्भावस्था में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है। कैल्शियम एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। पहली तिमाही में कैल्शियम का सेवन करने से भ्रूण के विकास में मदद मिलती है और यह हड्डियों और दांतों को भी मजबूत करता है। यह मांसपेशियों के विकास और दिल को मजबूत करने में भी सहायक है।

 
  1. गर्भावस्था में कैल्शियमयुक्त आहार - pregnancy me calcium yukt aahar

निम्नलिखित 10 कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन गर्भावस्था के दौरान बहुत जरूरी है:

दूध:
दूध को कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत माना गया है जो हर आयु के व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है। दिन की शुरुआत एक ग्लास दूध से करना फिट रहने का सबसे अच्छा तरीका है। दूध ही नहीं दूध से बने सभी अन्य उत्पाद जैसे दही और पनीर भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत होते हैं। गर्भावस्था की तीनों तिमाही में दूध और दूध से बने उत्पादों का नियमित रूप से अच्छी मात्रा में सेवन करना बेहद फायदेमंद साबित होगा।

संतरे:
प्रेगनेंसी में खाए जाने वाले कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में बात हो रही हो और अगर किसी गर्भवती स्त्री को दुग्ध उत्पादों का सेवन पसंद न हो तो ऐसे में संतरे का सेवन करना एक बेहतर विकल्प होगा। इसके अलावा संतरे में विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं। संतरे के सेवन से मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से भी बचाव होता है।

खजूर:
खजूर ऊर्जा और पोषक तत्वों से प्रचुर होता है। यह स्वाद में मीठा होता है। इस फल में  कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इसके सेवन से हड्डियों और दांतों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। खजूर 12 महीने किराने की दुकानों पर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

अंजीर:
अंजीर में कैल्शियम और फाइबर दोनों भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह गर्भस्थ शिशु की हड्डियों को मजबूत करता है और गर्भवती को कब्ज से राहत दिलाने में भी सहायक होता है।

बादाम:
बादाम में कैल्शियम और विटामिन ई प्रचुर मात्रा में होते हैं। फाइबर से भरपूर होने के कारण बादाम पाचन क्रिया में सुधार लाता है और मल त्याग को नियंत्रित करने में मदद करता है। बादाम के सेवन से गर्भावस्था के दौरान होने वाली आम समस्या कब्ज से भी राहत मिलती है।

ब्रोकली:
गर्भावस्था में ब्रोकोली के सेवन से गर्भवती के शरीर को कैल्शियम की अच्छी मात्रा मिल सकती है। गर्भवती महिला के शरीर में होने वाले शारीरिक परिवर्तन हड्डियों को प्रभावित करने वाली कई समस्याएं उतपन्न होने का कारण बनता है, ऑस्टियोपोरोसिस उनमें से एक है। हड्डियों को फिर से मजबूत बनाने के लिए ब्रोकली का सेवन एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें जिंक, मैग्नीशियम और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है।

टोफू (सोयाबीन से बना हुआ पनीर):
टोफू गर्भावस्था में लिया जाने योग्य कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों में से एक है। यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन,आयरन आदि जैसे पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों के विकास में मदद करता है।

पालक:
पकी हुई पालक में लगभग 120 मिलीग्राम तक कैल्शियम की मात्रा होती है।

पनीर:
एक कप पनीर में 138 मिलीग्राम कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। पनीर का सेवन भी कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकता है।

स्ट्रॉबेरी:
100 ग्राम स्ट्रॉबेरी में 16 मिलीग्राम कैल्शियम होता है।

इस लेख में बताई गई सभी खाद्य सामग्रियों के सेवन से गर्भावस्था में होने वाली कैल्शियम की कमी को दूर किया जा सकता है साथ ही अन्य जरूरी पोषक तत्वों का भी लाभ उठाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त किसी अन्य खाद्य वस्तु या कैल्शियम की गोलियां आदि का सेवन चिकित्सकीय परामर्श पर ही करना बेहतर रहेगा अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। प्रेगनेंसी में स्वस्थ रहना किसी भी अन्य बात से अधिक मायने रखता है क्योंकि यदि गर्भवती स्त्री के स्वस्थ रहने से उसके गर्भ में पल रहे शिशु का भी स्वास्थ्य जुड़ा है। स्वस्थ रहकर ही गर्भस्थ शिशु को सुरक्षित और गर्भावस्था के समय को और भी ज्यादा यादगार बनाया जा सकता है।

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