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गर्भपात एक ऐसी स्थिति होती है जो महिलाओं को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी कष्‍ट देती है। पति-पत्‍नी दोनों के लिए ही गर्भपात का निर्णय लेना काफी मुश्किल होता है। गर्भावस्‍था को खत्‍म करना या भ्रूण को नष्‍ट करना ‘गर्भपात’ कहलाता है। चिकित्‍सक दवाओं या सर्जरी द्वारा गर्भपात करते हैं।

गर्भपात की प्रक्रिया और सुरक्षा गर्भावस्‍था के चरण पर निर्भर करती है। इसका मलतब है कि गर्भावस्‍था के शुरुआती चरण में दवाओं द्वारा गर्भपात किया जा सकता है जबकि अगर कोई महिला गर्भावस्‍था को अधिक समय हो जाने के बाद गर्भपात करवाना चाहती है तो उसे सर्जरी का सहारा लेना पड़ सकता है। जितना जल्‍दी गर्भपात होगा, इसकी प्रक्रिया उतनी ही आसान होगी।

कई मामलों में गर्भपात की प्रक्रिया आसान होती है लेकिन इसके कुछ दुष्‍प्रभाव भी होते हैं जैसे कि बहुत ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होना, पेल्विक हिस्‍से में ऐंठन महसूस होना, जी मिचलाना और उल्‍टी आदि। हालांकि, अगर गर्भपात करवाने के बाद आपको बहुत ज्‍यादा खून बहने, बुखार, तेज दर्द जैसे गंभीर लक्षण नज़र आ रहे हैं तो तुरंत स्‍त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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गर्भपात का असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर नहीं पड़ता है। प्रशिक्षित गायनेकोलोजिस्‍ट की देखरेख में गर्भपात करवाना सुरक्षित रहता है। 

  1. गर्भपात के प्रकार - Types of abortion in Hindi
  2. गर्भपात समय सीमा - Time limit for abortion in Hindi
  3. गर्भपात की विधियां - Procedures of abortion in Hindi
  4. गर्भपात की दवाएं - Medication for abortion in Hindi
  5. भारत में गर्भपात कानून - Indian law on abortion Hindi
  6. गर्भपात के बाद माहवारी कब आती है - When will periods start after Abortion in Hindi
  7. गर्भपात के बाद गर्भवती होने की संभावना - Chances of getting pregnant after abortion in Hindi
  8. सुरक्षित और असुरक्षित गर्भपात - Safe and unsafe abortion in Hindi
  9. गर्भपात (एबॉर्शन) के नुकसान - Side effects of abortion in Hindi
  10. गर्भपात (एबॉर्शन) के बाद सावधानियां - Precautions after abortion in Hindi

अबॉर्शन (Abortion): भ्रूण का जीवित अवस्था में गर्भाशय से बाहर आने से पहले, गर्भावस्था का अंत होना गर्भपात कहलाता है। जो गर्भपात अपने आप हो जाता है उसे मिसकैरेज कहते हैं। जो गर्भपात जानबूझकर किया जाता है उसे प्रेरित गर्भपात (Induced abortion) या कभी कभी प्रेरित मिसकैरेज भी कहा जाता है। गर्भपात शब्द का प्रयोग अकसर प्रेरित गर्भपात के लिए किया जाता है। समान प्रक्रिया में अगर भ्रूण गर्भ के बाहर जीवित रहता है तो उसे "गर्भावस्था की देर से समाप्ति" कहा जाता है।

मिसकैरेज (Miscarriage): मिसकैरेज को स्वत: गर्भपात (Spontaneous abortion) या गर्भावस्था की विफलता (Pregnancy loss) भी कहा जाता है। इसमें भ्रूण की पैदा होने से पहले ही प्राकृतिक रूप से मृत्यु हो जाती है। मिसकैरेज का सबसे सामान्य लक्षण योनि से दर्द के साथ या दर्द के बिना रक्तस्राव होना है। दुख, चिंता और अपराध जैसी भावना अकसर इसके बाद महसूस होती है। ऊतक और खून क थक्के जैसा पदार्थ भी योनि से निकल सकता है। अगर किसी महिला को हर बार गर्भपात हो रहा है, तो ये बाँझपन की निशानी होती है।

पूर्ण गर्भपात (Complete abortion): गर्भावस्था की सभी चीज़ों का निष्कासन पूर्ण गर्भपात कहलाता है।

भ्रूण हत्या (Criminal abortion): गैर कानूनी तरीकों से गर्भावस्था की समाप्ति करना आमतौर पर जब कानूनी प्रेरित गर्भपात (Legal induced abortion) उपलब्ध नहीं है। इसके कारण गंभीर रक्तस्राव और घाव का सड़ना (Sepsis) जैसी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। उनमें भी कुछ लोग चिकित्सा सुविधाएं लेने में देरी कर देते हैं जिसकी वजह से इस प्रकार के गर्भवत में मृत्यु अधिक होती है।

आरंभिक गर्भपात (Early abortion): गर्भावस्था के पहले 12 हफ्तों के भीतर गर्भपात करने को आरंभिक गर्भपात कहते हैं।

वैकल्पिक गर्भपात (Elective abortion): जब माँ द्वारा चिकित्सकीय या अन्य कारणों से प्रेरित गर्भपात के लिए अनुरोध किया जाता है तो ऐसे गर्भपात को वैकल्पिक गर्भपात कहते हैं।

हैबिच्युअल अबॉर्शन (Habitual abortion): गर्भावस्था के 20वें सप्ताह से पहले, तीन या अधिक बार लगातार स्वत: गर्भपात होना हैबिच्युअल अबॉर्शन कहलाता है।

अपूर्ण गर्भपात (Incomplete abortion): जिस गर्भपात में गर्भाशय के अंदर ही भ्रूण की मृत्यु हो जाती है या वो गर्भाशय में ही रह जाता है उसे अपूर्ण गर्भपात कहते हैं।

अनिवार्य गर्भपात (Inevitable abortion): यह एक ऐसी स्थिति जिसमें योनि से अत्यधिक रक्तस्राव होता है, झिल्लियां आमतौर पर फट जाती हैं, गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) फैल जाती है और गर्भपात निश्चित रूप से कराना होता है।

संक्रमित गर्भपात (Infected abortion): जब गर्भधारण के लिए जिम्मेदार चीज़ों से जननांग पथ में संक्रमण के कारण गर्भपात होता है और प्रतिक्रिया स्वरुप बुखार आता है तो ऐसे गर्भपात को संक्रमित गर्भपात कहते हैं। [और पढ़ें - यूरिन इन्फेक्शन (मूत्र मार्ग संक्रमण)]

विफल गर्भपात (Missed abortion): यदि भ्रूण 8 सप्ताह से अधिक के लिए गर्भाशय में मृत अवस्था में रहता है तो ऐसे गर्भपात को विफल गर्भपात कहते हैं।

सेप्टिक गर्भपात (Septic abortion): जब गर्भधारण के उत्पादों या गर्भाशय के एंडोमेट्रियल अस्तर के गंभीर संक्रमण द्वारा गर्भपात होता है तो ऐसे गर्भपात को सेप्टिक गर्भपात कहते हैं। आमतौर पर यह आंत या योनि में संक्रमण के कारण होता है। (और पढ़ें - योनि में इन्फेक्शन और खुजली के घरेलू उपाय)

चिकित्सीय गर्भपात (Therapeutic abortion): जब गर्भपात कानूनी रूप से मां के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक योग्य चिकित्सक द्वारा किया जाता है तो ऐसे गर्भपात को चिकित्सीय गर्भपात कहते हैं।

संभावित गर्भपात (Threatened abortion): गर्भावस्था के पहले 20 सप्ताह में होने वाले योनि रक्तस्राव के कारण जो गर्भपात का खतरा होता है उसे संभावित गर्भपात कहते हैं। कभी-कभी यह पेट में ऐंठन होने के साथ होता है। ये लक्षण बताते हैं कि गर्भपात संभव है, यही वजह है कि इस स्थिति को संभावित गर्भपात या संभावित मिसकैरेज भी कहा जाता है।

(और पढ़ें - लड़का पैदा करने के उपाय और गोरा बच्चा पैदा करने के उपाय)

गर्भावस्था की समाप्ति करने का सबसे सही समय गर्भावस्था के 8 से 12 सप्ताह तक होता है।

इससे पहले गर्भ थैली (Gestation sac) इतनी छोटी होती है कि वह गायब हो सकती है और बाद में यह प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाती है।

आठवें हफ्ते की शुरुआत जानने के लिए गर्भधारण की तिथि मालूम होना ज़रूरी है। इसे जानने के लिए आप इस तरह हिसाब लगा सकती हैं - मान लीजिये आपने एक हफ्ते देर से परीक्षण किया था, तो आपका गर्भकाल (Gestation- गर्भावस्था के दिन) अंतिम माहवारी की तारीख से गिना जायेगा, जिस हिसाब से आप वर्तमान समय में लगभग छह सप्ताह की गर्भवती हो सकती हैं।

मेडिकल गर्भपात (Medical abortion): इसमें दवाओं के सेवन द्वारा गर्भपात किया जाता है। यह शल्य चिकित्सा गर्भपात की तरह व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है लेकिन कई दवा की दुकानों पर डॉक्टर की सलाह पर उपलब्ध है। मेडिकल गर्भपात, अंतिम मासिक धर्म के लगभग 60 दिनों तक या गर्भावस्था के लगभग 10 सप्ताह तक ही प्रभावी होता है। इसके लिए सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है बल्कि इसके बजाय, दवाओं [आमतौर पर मिफेप्रिस्टोन (Mifepristone) और मिसोप्रोस्टोल (Misoprostol)] के संयोजन द्वारा (जो कि चिकित्सक की निगरानी में दी जाती हैं) गर्भपात की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है। ये दवाएं, भ्रूण की कोशिकाओं में विभाजन और वृद्धि होने से रोकती हैं साथ ही गर्भावस्था के दौरान उन हार्मोन को जो एक विकासशील गर्भधारण के लिए ज़िम्मेदार होते हैं, ब्लॉक करती हैं। यह भ्रूण को गर्भ से बाहर निकालकर गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है। 

(और पढ़ें - हार्मोन्स का महत्व महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए)

मेडिकल अबॉर्शन, शल्य गर्भपात की तुलना में अधिक प्रभावी नहीं हैं। ये गर्भावस्था को खत्म करने में लगभग 95-98% प्रभावी होते हैं। इसलिए गर्भावस्था को सफलतापूर्वक समाप्त करने के लिए शल्य गर्भपात (Surgical abortion) आवश्यक होता है।

सर्जिकल गर्भपात (Surgical abortions): ये लगभग 100% प्रभावी होते हैं। यह दूसरी तिमाही के अंत तक की जाती है लेकिन 10% से भी कम मामलों में दूसरी तिमाही के बाद भी सर्जरी द्वारा गर्भपात किया गया है जो उन लोगों के लिए आदर्श उदाहरण है जो इस समय के बाद गर्भपात को खतरा मानते हैं।
सर्जिकल गर्भपात तीन प्रकार से होता है - मैनुअल वैक्यूम एस्पिरेशन [Manual vacuum aspiration (MVA)], डाइलेशन और क्यूरेटेज [Dilation and curettage (D&C)] या अधिक प्रचलित, डाइलेशन और एवेक्युलेशन [Dilation and evacuation (D&E)]। यह प्रकार गर्भावस्था की समयसीमा और स्थिति पर निर्भर करते हैं।

मैनुअल वैक्यूम एस्पिरेशन [Manual vacuum aspiration (MVA)]: इन्हें इलेक्ट्रिक वैक्यूम एस्पिरेशन [Electric vacuum aspiration (EVA)] भी कहते हैं। ये गर्भावस्था की पहली तिमाही में, लगभग 13 सप्ताह तक, किया जा सकता है। यह आजकल गर्भपात के लिए सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली सर्जरी है। मैनुअल एस्पिरेशन का उपयोग आखिरी मासिक धर्म के चार सप्ताह तक करना और बेहतर होता है।

डाइलेशन और एवेक्युलेशन [Dilation and evacuation (D&E)]: यह सर्जरी, आखिरी मासिक धर्म के छह सप्ताह बाद लगभग दूसरी तिमाही के मध्य में की जा सकती है।

डाइलेशन और क्यूरेटेज [Dilation and curettage (D&C)]: यह आज के समय में गर्भपात के लिए कम प्रयोग की जाने वाली सर्जरी है। इसमें गर्भाशय का पूरी तरह से खाली होना, सुनिश्चित करने के लिए सक्शन उपकरणों और मशीनों के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है।

(और पढ़ें - अल्ट्रासाउंड क्या है)

गर्भावस्था के 12वें सप्ताह तक आसान और सुरक्षित तरह से गर्भपात करने के लिए दो दवाओं मिफेप्रिस्टोन (जिसे गर्भपात की गोली, आरयू 486 (RU 486), मिफेजिन (Mifegyne), मिफेप्रेक्स (Mifeprex) भी कहा जाता है) और मिसोप्रोस्टोल (जिसे साइटोटेक (Cytotec), अर्थ्रोटेक (Arthrotec), ऑक्साप्रोस्ट (Oxaprost), साइप्रोस्टोल (Cyprostol), मिबेटिक (Mibetec), प्रॉस्टोकोस (Prostokos) या मिसोट्रोल (Misotrol) के रूप में जाना जाता है) के उपयोग से महिला स्वयं गर्भपात कर सकती है।

लेकिन गर्भपात के लिए मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल या कोई अन्य दवा का सेवन डॉक्टर के परामर्श पर ही करें अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं।

भारत में गर्भपात केवल बीस हफ्तों की गर्भावस्था के लिए वो भी विशिष्ट परिस्थितियों में वैध है, जिसे विस्तारपूर्वक निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है:

  1. बार बार गर्भधारण करने से गर्भवती महिला के जीवन पर बुरा असर पड़ता है और उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है।
  2. एक खतरा यह भी रहता है कि यदि बच्चा पैदा हुआ है, तो वो शारीरिक या मानसिक असामान्यताओं से पीड़ित या गंभीर रूप से विकलांग हो सकता है।

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार की शिकार महिला को 24वें सप्ताह में गर्भ गिराने की अनुमति दी थी जो गर्भावस्था अधिनियम, 1971 के मेडिकल टर्मिनेशन प्रेगनेंसी एक्ट के तहत निर्धारित 20 सप्ताह की सीमावधि से परे है।

इस अधिनियम के तहत एक महिला को गर्भावस्था के पहले 12 हफ्तों के भीतर गर्भपात कराने की अनुमति दी गयी है, लेकिन वो भी एक पंजीकृत चिकित्सक से, जिसने किसी गर्भवती महिला के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर खतरे का निदान किया हो। यदि भ्रूण 12 से 20 सप्ताह का हो गया है, तो गर्भपात की प्रक्रिया के लिए दो चिकित्सकों की अनुमति की आवश्यकता होती है।

यदि पहली तिमाही के दौरान गर्भपात हुआ है तो चार से 12 सप्ताह बाद आपको पीरियड्स होने शुरु हो जाने चाहिए। गर्भपात के बाद पहली माहवारी सामान्य से हल्की या कम हो सकती है या सर्जिकल गर्भपात के बाद यह सामान्य रूप से भी हो सकती है। अगर पहली माहवारी सामान्य से अधिक लंबी है या मात्रा में अधिक है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यदि आपने चिकित्सा गर्भपात कराया है जो दवा द्वारा होता है तो आपको गर्भपात के बाद पहले पीरियड में सामान्य से अधिक रक्तस्राव हो सकता है। 

(और पढ़ें - मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव के उपाय)

आप गर्भपात के ठीक बाद अण्डोत्सर्ग (Ovulate) कर सकती हैं। हालांकि, यह समय अलग-अलग महिलाओं के लिए भिन्न हो सकता है और इस बात पर निर्भर करता है कि गर्भपात, गर्भधारण के कितने समयांतराल बाद हुआ है।

इस दौरान, गर्भावस्था से सभी अवशेषों को निकालना, आपके शरीर की पहली प्राथमिकता होती है। इसमें अन्य चीज़ों के अलावा भ्रूण के ऊतक भी गर्भाशय से निकलते हैं, और यह अत्यधिक रक्तस्राव के रूप में बाहर निकलते हैं। आप इसे गर्भपात के बाद पहली माहवारी समझ सकते हैं। यह एक दिन या एक सप्ताह के भीतर हो सकती है। अगर अपने मेडिकल गर्भपात कराती हैं तो भ्रूण के ऊतकों को सर्जरी द्वारा बाहर निकाला जा सकता है।

यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि गर्भपात के बाद कुछ महिलाओं को मासिक धर्म चक्र में दो वर्षों तक भी समस्याओं का समाना करना पड़ता है। आपके मासिक धर्म का समय और रक्तस्राव की मात्रा कई महीनों तक बदल सकती है।

डॉक्टर आमतौर पर गर्भपात के बाद कम से कम 3 महीने के लिए गर्भ धारण न करने की सलाह देते हैं। यदि गर्भपात बीच में या देर से हुआ हो तो और अधिक समय तक गर्भ धारण न करने को कहते हैं। हालांकि, जो महिलायें गैर कानूनी या गर्भावस्था में जटिलताओं के कारण गर्भपात का शिकार हुयी हैं उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना चाहिए। जब चिकित्सक परीक्षण के बाद सुनिश्चित कर दें तब गर्भावस्था सामान्य रूप से सुरक्षित होती है।

गर्भपात के तुरंत बाद महिला गर्भवती हो सकती है। महिलाओं में ओव्यूलेशन एक प्राकृतिक घटना है जो हार्मोन द्वारा नियंत्रित होती है। अगर कोई गर्भनिरोधक विकल्प उपयोग नहीं किया जाता है तो सामान्य चक्र फिर से शुरू होने पर गर्भधारण की संभावना होती है। इसलिए अगर आप फिर से गर्भवती नहीं होना चाहती हैं तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद जन्म नियंत्रण विधियों का इस्तेमाल करें। 

(और पढ़ें - ओवुलेशन से जुड़े मिथक और तथ्य)

गर्भपात के 7 से 10 दिनों के भीतर भी गर्भधारण किया जा सकता है, चाहे महिला को अब भी रक्तस्राव हो रहा हो। गर्भावस्था समाप्ति के एक सप्ताह के बाद ही जन्म नियंत्रण तकनीक का उपयोग करना आवश्यक है। जिन महिलाओं ने एस्पिरेशन प्रक्रिया या आरंभिक गर्भपात कराया है उनमें तुरंत गर्भवती होने की सम्भावनायें अधिक होती हैं। पहली तिमाही में सर्जिकल गर्भपात या डाइलेशन और क्यूरेटेज कराने वाली महिलाओं को डॉक्टर कम से कम एक माह तक इंतजार करने की सलाह देते हैं जिससे गर्भाशय का घाव भर सके। 

(और पढ़ें - बच्चों के नाम)

एक सुरक्षित गर्भपात में बच्चा पैदा करने की तुलना में कम शारीरिक नुकसान होने की संभावना होती है।

जब गर्भपात निम्न प्रकार से किया जाता है तब यह सुरक्षित होता है:

  1. एक प्रशिक्षित और अनुभवी स्वास्थ्य चिकित्सक द्वारा।
  2. उचित उपकरणों की सहायता से।
  3. स्वच्छ तरीके से जैसे, जो भी योनि और गर्भ के संपर्क में जाता है वह जीवाणुहीन (Sterile) होना चाहिए।
  4. पिछली माहवारी के 3 महीने (12 सप्ताह) बाद तक।

जब गर्भपात निम्न प्रकार से किया जाता है तब यह असुरक्षित होता है:

  1. किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा जो इस प्रक्रिया को करने के लिए प्रक्षिशित नहीं है।
  2. गलत उपकरणों या दवाओं के उपयोग द्वारा।
  3. अस्वच्छ परिस्थितियों में।
  4. गर्भावस्था के 3 महीने (12 सप्ताह) के बाद, जब तक यह किसी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में नहीं किया जाता है, जिसमें विशेष उपकरणों का उपयोग होता है।

गर्भपात के बाद किसी भी तरह के खतरे के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। इस स्थिति में कभी कभी मैनुअल वैक्यूम एस्पिरेशन या डाइलेशन और क्यूरेटेज का उपयोग करके गर्भ पूरी तरह से खाली किया जाता है। यदि तुरंत परिवहन उपलब्ध नहीं है या अस्पताल बहुत दूर है उस स्थिति में यह जानकारी आपकी मदद कर सकती है।

योनि से अत्यधिक रक्तस्राव-

गर्भपात के बाद योनि से भारी रक्तस्राव सबसे आम समस्या है। यह आमतौर पर गर्भ में बचे भ्रूण के अवशेषों के कारण होता है। इसे अपूर्ण गर्भपात कहा जाता है। यदि अवशेष निकाल दिए जाते हैं तो अकसर रक्तस्राव बंद हो जाता है। कभी कभी अत्यधिक रक्तस्राव गर्भाशय ग्रीवा के फटने के कारण भी होता है जिसे रक्तस्राव को रोकने के लिए सिलना (टांके लगाना) ज़रूरी होता है। ऐसी स्थिति में यदि तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करना संभव नहीं है, तो रक्तस्राव को पैड्स की सहायता से रोकने की कोशिश करें। 

(और पढ़ें - सेनेटरी पैड लगाने का तरीका)

सदमा-

गर्भपात का सदमा एक अच्छे भले जीवन को झकझोर देने वाली स्थिति है जिसमें भारी रक्तस्राव जैसे लक्षण भी उत्पन्न हो सकते हैं। शरीर के अंदर रक्त स्राव के कारण भी सदमा (Shock) लग सकता है।

संक्रमण-

अगर गर्भपात आखिरी माहवारी के तुरंत बाद 3 महीने (12 सप्ताह) के अंदर कराया है तो हल्का संक्रमण हो सकता है।

गंभीर संक्रमण एक ऐसा संक्रमण है जो रक्त में फैल (सेप्सिस) जाता है। यदि गर्भपात पिछले मासिक रक्तस्राव से 3 या 4 महीनों के बाद किया गया था या गर्भपात के दौरान गर्भ में चोट लग गई है तो महिला को गंभीर संक्रमण होने की अधिक संभावना होती है। सेप्सिस बहुत खतरनाक स्थिति होती है और यह भी सदमा पैदा कर सकती है। संक्रमण निम्न कारणों से हो सकता है:

  1. अस्वच्छ हाथों के उपयोग से या कोई वस्तु गर्भ के अंदर रह गयी हो।
  2. गर्भ में गर्भावस्था के अवशेष रह गए हों जो संक्रमण का कारण बनते हैं।
  3. यदि महिला को पहले से ही संक्रमण हो।
  4. गर्भ की दीवार में छिद्र किया गया हो।

आंतरिक चोट-

जब किसी तेज़ या नुकीले उपकरण के प्रयोग से गर्भ में छिद्र या चोट हो लग जाती है तो इस स्थिति को आंतरिक चोट कहते हैं। ये उपकरण अन्य आंतरिक अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जैसे फैलोपियन ट्यूब, अंडाशय, आंतें और मूत्राशय आदि। जब महिला को आंतरिक चोट लगती है तो उसके पेट के अंदर गंभीर रक्तस्राव हो सकता है लेकिन योनि से लगभग कोई रक्तस्राव नहीं होता।

आपके गर्भपात के बाद डॉक्टर आपको विशिष्ट देखभाल के निर्देश देंगे। कभी-कभी यह दुष्प्रभावों को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं होते हैं। दुष्प्रभावों को कम करने के लिए, आप निम्न उपाय अपना सकती हैं:

  1. हीटिंग पैड का उपयोग करें, जो ऐंठन को कम करने में मदद करता है।
  2. हाइड्रेटेड रहें, खासकर तब जब आपको उल्टी या दस्त का सामना करना पड़ रहा हो। (और पढ़ें - दस्त रोकने के घरेलू उपाय)
  3. यदि संभव हो तो, घर में रहने की योजना बनाएं ताकि आप अपने घर में बेहतर आराम कर सकें।
  4. ऐंठन और दर्द को कम करने के लिए इबुप्रोफेन (Ibuprofen) जैसी दवाएं लें।
  5. पेट में ऐंठन की जगह पर मालिश करें।
  6. स्तन असहजता से राहत पाने के लिए सही और फिट ब्रा पहनें। (और पढ़ें - सही साइज की ब्रा कैसे चुनें)

गर्भपात से जुड़े सवाल और जवाब

सवाल 2 महीना पहले

मेरी दोस्त ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया था, उसकी प्रेगनेंसी को 1 महीना हुआ है। क्या इस समय गर्भनिरोधक लेकर गर्भपात किया जा सकता है?

Dr. Manju Shekhawat MBBS, सामान्य चिकित्सा

अगर आपकी दोस्त दवाइयों के जरिये अपना गर्भपात करवाना चाहती है तो उन्हें किसी गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से दवाईयां लें। दवा देने के कुछ दिन बाद, डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और जांच करके देखेंगी कि गर्भपात ठीक से हुआ है या नहीं।

 

सवाल 2 महीना पहले

मेरी प्रेगनेंसी को 40 दिन हो चुके हैं जिसका मैं अब गर्भपात करवाना चाहती हूं, लेकिन मैं इसे सर्जरी से नहीं दवाई से करवाना चाहती हूं। क्या मेरा गर्भपात दवा से हो सकता है?

Dr. Haleema Yezdani MBBS, सामान्य चिकित्सा

जी हां, दवाईयों के जरिये भी गर्भपात किया जा सकता है। इसके लिए आपको गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना होगा। वह आपकी जांच करेंगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आपको सही दवा के लिए सलाह देंगी।

सवाल लगभग 2 महीना पहले

प्रेगनेंसी होने के बाद गर्भपात के लिए कितने हफ्तों तक गर्भनिरोधक गोली का सेवन करना सुरक्षित होता है?

Dr. Manju Shekhawat MBBS, सामान्य चिकित्सा

प्रेगनेंसी के 69 दिनों तक गर्भनिरोधक गोली प्रभावशाली होती है जिससे पूरी तरह से गर्भपात होने की संभावना होती है। गर्भपात के बाद भी कई बार गर्भ में कुछ अंश रह जाते हैं जिससे समस्या पैदा होने लगती है। इसलिए दवाई लेने से पहले अल्ट्रासोनोग्राफी करवा लेनी चाहिए ताकि आपको भ्रूण के सही साइज का पता चल सके।

सवाल 3 महीना पहले

गर्भपात कैसे करवा सकते हैं?

Dr. Anjum Mujawar MBBS, मधुमेह चिकित्सक

अगर आप गर्भपात करवाना चाहती हैं, तो किसी भी महिला डॉक्टर या सरकारी अस्पताल में जाकर अपना गर्भपात (एबॉर्शन) करवा सकती हैं। इसके अलावा किसी और तरह से गर्भपात (एबॉर्शन) न करवाएं, वरना आपको खतरा हो सकता है।

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References

  1. Elisabeth Clare Larsen et al. New insights into mechanisms behind miscarriage. BMC Med. 2013; 11: 154. PMID: 23803387
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