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गर्भावस्था का सफर तब और सहज-सुहाना हो जाता है जब गर्भवती महिला को अपने पति का साथ, प्यार मिलता है। साथ ही उनके दांपत्य जीवन में रोमांस भी होता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान ज्यादातर दंपतियों में इस तरह की चीजों का अभाव नजर आता है। असल में गर्भवती महिला कई तरह के भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजरती है। ऐसे में कई दफा पति, पत्नी की जरूरतों और चाहतों को समझ नहीं पाते। नतीजतन उनके आपसी रिश्ते में खटास आने लगती है। ऐसे में पति को चाहिए कि वह अपनी पत्नी को समझे, उसका साथ दें। जितना संभव हो पत्नी की जरूरतों को महत्व दें। पत्नी को ऐसा महसूस न होने दें कि आपका उसमें इंट्रेस्ट कम हो गया है, पत्नी से ज्यादा बच्चे में रुचि ले रहे हैं वगैरह-वगैरह। सवाल है इस स्थिति में अपने रिश्ते में गर्मजोशी, प्यार और रोमांस को किस तरह बरकरार रख सकते हैं। परेशान न हों, यहां बताए गए उपायों पर अमल करें।

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  1. बदलाव को सहजता से लें
  2. एक-दूसरे को छोटे-छोटे सरप्राइज दें
  3. पार्टनर के साथ शरारतें करते रहें
  4. पार्टनर से बातचीत करें
  5. रोमांटिक डिनर प्लान करें
  6. पार्टनर के लिए समय जरूर निकालें
  7. पार्टनर की ओर ध्यान जरूर दें
  8. आपसी अंतरंगता बढ़ाएं

ख्याल रखें कि गर्भावस्था आपके जीवन में हो रहा एक बड़ा बदलाव है। जिस तरह एकाएक कोई भी चीज बदलती है, उसके साथ सहज होना आसान नहीं होता। इसी तरह गर्भावस्था को भी लें। यह सफर पति-पत्नी दोनों के लिए असहज है। दोनों ही अपने मन की बेचैनियों, परेशानियों को एक-दूसरे से साझा करें। इस दौरान आपकी एक-दूसरे से क्या उम्मीदें हैं, मन में किस तरह के डर हैं, होने वाले बच्चे की जिंदगी को लेकर क्या आशाएं हैं, किस तरह एक-दूसरे से सपोर्ट चाहते हैं और किस तरह के माता-पिता आप दोनों बनना चाहते हैं। रोमांस के आड़े ये सभी सवाल आते हैं। जब आप ईमानदारी से इन सवालों के जवाब देंगे, एक-दूसरे के नजरिए के समझेंगे, छोटी-छोटी बातों पर बहस नहीं करेंगे तभी आपकी जिंदगी में सहजता आ सकेगी। तभी पता चलेगा कि आप इस बदलाव के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। इसके बाद ही आपकी जिंदगी में रोमांस की जगह बनेगी।

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जन्मदिन, शादी की सालगिरह पर ही सरप्राइज दिए जाएं, यह जरूरी नहीं है। दांपत्य जीवन में रोमांस बरकरार रखा जाए, इसके लिए बिना किसी वजह भी एक-दूसरे को सरप्राइज किया जा सकता है। आपको बता दें कि सरप्राइज का मतलब बड़े और महंगे तोहफे ही नहीं होते। इसके उलट छोटी-छोटी चीजों से पार्टनर को सरप्राइज कर सकते हैं। मसलन पार्टनर को कभी बिना वजह गले लगा लें, माथे को चूम लें। एक-दूसरे की तारीफ करें। मतलब यह कि अपने रिश्ते में सरप्राइजेज की मदद से रोमांस भरें। वैसे भी गर्भावस्था के दिनों में महिलाओं को अपने पार्टनर से खास अटेंशन की चाह होती है। इन दिनों महिलाओं को लगता है कि उसका पार्टनर हर समय उसकी फिक्र करता हुआ दिखे। कभी-कभी पति अपनी पत्नी के लिए उसकी पसंद की खाने की चीजें ले आएं, उन्हें आस-पास कहीं घुमाने ले जाएं या फिर पास के पार्क में चहलकदमी कर आएं। गर्भवती महिलाएं ये सब चीजें खूब पसंद करती हैं। इसी तरह पत्नियां भी अपने पति को सरप्राइज कर सकती हैं। उदाहरण के तौर पर समझें। आप अपने पति के लिए उसके मन का कुछ स्वादिष्ट भोजन बनाएं, उनके ऑफिस में ऑनलाइन गिफ्ट भिजवाएं। इस तरह आप पाएंगे कि गर्भावस्था के दिनों में दोनों का रोमांस और गहरा, रिश्ता और मजबूत हो गया है।

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कहते हैं न तड़के के बिना दाल फीकी लगती है। इसी तरह अपनी जिंदगी में रोमांस बनाए रखना है तो पार्टनर के साथ शरारतें करते रहें। यह जिन्दगी का तड़का है। पार्टनर दूर हो तो फोन पर शरारत भरे मैसेज करें। पार्टनर ऑफिस के लिए तैयार हो रहा है, तो चुपके से उसकी शर्ट या पैंट के जेब में एक नोट लिखकर छोड़ें। ऐसा करने से पार्टनर जब भी आपका मैसेज पढ़ेगा/पढ़ेगी, वह अंदर से गदगद हो जाएंगे। उन्हें खुशी होगी। घर लौटते वक्त देर शाम तक पार्टनर के चेहरे पर वह खुशी बनी रहेगी। यह खुशी पति-पत्नी के बीच रोमांस को बरकरार रखेगी और इन सबमें बच्चे का विकास भी बेहतर होगा।

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पार्टनर के साथ सिर्फ घरेलू कामकाज के संबंध में ही बात किया जाना काफी नहीं होता है। न ही इस तरह की बातों से रिश्ते में रोमांस की जगह बनती है। रोमांस बनाए रखने और बढ़ाने के लिए पार्टनर के साथ कुछ अलग तरह की बातें करें। कहने का मतलब है कि कभी-कभी बिना वजह उसे ‘आई लव यू’ कहें। फोन में मैसेज करके बताएं कि आप उसका इंतजार कर रहे हैं। मिलकर सिर्फ और सिर्फ एक-दूसरे से संबंधित बातें करें। पार्टनर की कौन-सी बात आपको भाती है, किस बात पर आप फिदा हैं, किस बात पर ज्यादा प्यार आता है। इस तरह की बातें पार्टनर से करें। इससे रिश्ते में रोमांस बढ़ेगा, साथ ही प्यार और गहरा हो जाएगा।

हालांकि इस दौरान आपके लिए अपने होने वाले बच्चे के विषय में बातों को नजरंदाज किया जाना संभव नहीं है। लेकिन ध्यान रखें इस दौरान सिर्फ सकारात्मक और अच्छी बातें करें। तभी प्रेगनेंसी का यह सफर मजेदार बन पायेगा।

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अगर गर्भवती महिला पहली या दूसरी तिमाही से गुजर रही हैं, तो आसानी से वह अपने पार्टनर के साथ डिनर प्लान कर सकती हैं। हालांकि तीसरी तिमाही में भी आप रोमांटिक डिनर में जा सकती हैं। लेकिन ज्यादातर महिलाएं इन दिनों घर से बाहर निकलने से बचती हैं। बहरहाल अगर आप घर से बाहर जाने की स्थिति में हैं तो बिना किसी हिचक या संकोच के अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डिनर पर जाएं। जरूरी नहीं है कि आपका पार्टनर ही यह डिनर प्लान करे। आखिर ये खास दिन आप दोनों के लिए एहमियत रखते हैं। इसलिए आप भी अपने पति के लिए सरप्राइज रोमांटिक डिनर तय कर सकती हैं। इस दौरान ध्यान रखें कि यदि आपको गर्भावस्था से संबंधित कोई जोखिम या रिस्क है तो पहले डाॅक्टर से संपर्क कर लें। जरूरी हो तो दवा भी लें। डिनर में जाकर ज्यादा तला-भुना या स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली चीजें न खाएं।

अगर रोमांटिक डिनर के लिए बाहर जाना संभव नहीं है, तो घर को रोमांटिक लुक दे सकती हैं। अपने बेडरूम को गुब्बारों और फूलों से सजाएं। दरवाजे के चौखट पर फूलों से ‘आई लव यू’ लिखें ताकि जब पति दफ्तर से थके- हारे घर लौटें तो उनके लिए यह नाइट रोमांटिक नाइट में बदल जाए। आप चाहें तो अपने बेड को भी खूबसूरती से सजा सकती हैं।

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इन दिनों ज्यादातर पति-पत्नी वर्किंग होते हैं। ऐसे में पार्टनर के लिए समय निकालना काफी मुश्किल हो गया है। जब तक समय मिलता है, तब तक पति-पत्नी इतना थक चुके होते हैं कि रोमांस का न तो मूड बचता है और न चाह होती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पार्टनर के लिए समय जरूर निकालें। ध्यान रखें कि आपकी पत्नी को आपका समय हर हाल में चाहिए, विशेषकर इन दिनों। दफ्तर और घर में आपको मैनेज करना सीखना होगा। जितना आप समय को लेकर लचीला बनेंगे, उतना ही अपनी पत्नी को समय दे पाएंगे। कोशिश करें कि उसे लेकर कहीं जाएं। जैसे पत्नी के साथ स्पा लें, मसाज करवाएं। इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ पार्टनर को रिलैक्स करती है बल्कि माहौल भी रोमांटिक हो जाता है।

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जैसे-जैसे दिन चढ़ते हैं वैसे-वैसे गर्भवती महिला का सारा ध्यान अपने बच्चे की ओर चला जाता है। वह पति को नजरंदाज करने लगती है। इसी तरह पुरूष भी अपनी पत्नी के बजाय होने वाले बच्चे की ओर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं। लेकिन इस तरह अगर पार्टनर एक-दूसरे की ओर ध्यान नहीं देंगे तो रोमांस भला कैसे बचेगा? यही नहीं आपका रिश्ता भी डगमगा सकता है। इसलिए होने वाले बच्चे के साथ-साथ अपने पार्टनर का भी ख्याल रखें। उन्हें क्या चाहिए, क्या नहीं। रोमांस बरकरार रखने के लिए इन बातों का जानना जरूरी है। अपने पार्टनर को एहमियत दें। पार्टनर यह न सोचने लगें कि जब आप अभी उनका ध्यान नहीं रख रहे हैं, फिर तो बच्चे के आने के बाद आप उन्हें पूरी तरह भूल जाएंगी। इस तरह की सोच दांपत्य जीवन को हिला सकती है। पति-पत्नी से माता-पिता बनने के इस सफर में अपने बुनियादी रिश्ते को न भूलें। प्यार बनाए रखें, एक-दूसरे का पूरा ख्याल रखें।

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अमूमन गर्भावस्था में पति-पत्नी अंतरंग संबंधों से दूर रहते हैं। ऐसे में रोमांटिक कैसे हुआ जाए, यह एक सवाल बन जाता है। ऐसा होने के पीछे कई वजहें हैं। जैसे गर्भवती महिला को शुरूआती तीन माह में माॅर्निंग सिकनेस, थकान, मूड स्विंग जैसी समस्याएं होती हैं। दूसरी तिमाही में महिला का पेट उभरने लगता है, जिस वजह से सेक्स करना चुनौती जैसा लगने लगता है। तीसरी तिमाही में यह समस्या और बढ़ जाती है। नतीजतन पार्टनर्स इस सफर में अंतरंग संबंधों से पूरी तरह दूर हो जाते हैं। अब सवाल ये उठता है कि क्या वाकई अंतरंग संबंध स्थापित करना इतना मुश्किल है? जी नहीं। इसके लिए आप दोनों पति-पत्नी मिलकर रास्ता निकालें। ध्यान रखें कि पत्नी प्रेगनेंट हैं, बीमार नहीं हैं। आप कोशिश तो करें, अंतरंग संबंधों के लिए राह अपने आप निकल आएगी। अगर सेक्स करने में कोई समस्या आ रही है तो डाॅक्टर से इस बाबत एक बार बात कर लें। आपको मदद मिलेगी।

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