गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है. इनमें से कुछ बदलाव सामान्य होते हैं, जो अधिकतर महिलाओं में नजर आते हैं. इसमें प्रेगनेंसी ब्रेन भी शामिल है. इस स्थिति में गर्भवती महिलाओं को याददाश्त से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. शोध की मानें, तो 81 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को याददाश्त कम होने की समस्या महसूस हो सकती हैं. खासकर तीसरी तिमाही में महिलाओं को प्रेगनेंसी ब्रेन का अधिक सामना करना पड़ता है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि प्रेगनेंसी ब्रेन के लक्षण, कारण व इलाज क्या-क्या हैं -

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  1. प्रेगनेंसी ब्रेन क्या है?
  2. प्रेगनेंसी ब्रेन के लक्षण
  3. प्रेगनेंसी ब्रेन कब शुरू होता है?
  4. प्रेगनेंसी ब्रेन के कारण
  5. प्रेगनेंसी ब्रेन का समाधान
  6. सारांश
प्रेगनेंसी ब्रेन : क्या है, लक्षण, कारण व समाधान के डॉक्टर

जब महिला को गर्भावस्था के समय याददाश्त से जुड़ी समस्या होती है, तो इस अवस्था को प्रेगनेंसी ब्रेन कहा जाता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो प्रेगनेंसी ब्रेन का कोई कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन हार्मोनल बदलाव, अनिद्रा और तनाव इससे संबंधित हो सकते हैं. प्रेगनेंसी ब्रेन में महिलाओं को भूलने का अनुभव हो सकता है. इस स्थिति में महिलाएं किसी सामान को रखकर भूल सकती हैं या फिर किसी काम को करना भूल सकती हैं. इसके अलावा, महिलाएं किसी के द्वारा बताई गई बातों को भी भूल सकती हैं.   

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प्रेगनेंसी ब्रेन को मॉमनेसिया (Momnesia) के रूप में भी जाना जाता है. वैसे तो प्रेगनेंसी ब्रेन के लक्षण गर्भावस्था के दौरान ही देखने को मिलते हैं. लेकिन कुछ महिलाएं प्रसव के बाद भी प्रेगनेंसी ब्रेन का अनुभव कर सकती हैं. इस दौरान निम्न प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं -

  • याददाश्त का कमजोर होना
  • एकाग्रता में कमी
  • किसी का नाम याद रखने में परेशानी
  • किसी सामान को रखकर भूल जाना
  • बातों को भूल जाना

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प्रेगनेंसी ब्रेन कब शुरू होता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. कुछ शोधों से पता चला है कि प्रेगनेंसी ब्रेन की समस्या गर्भावस्था की पहली तिमाही से शुरू हो सकती है, लेकिन तीसरी तिमाही में यह सबसे अधिक परेशान करती है.

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प्रेगनेंसी ब्रेन को गर्भावस्था के दौरान शारीरिक और मानसिक बदलावों का ही एक परिणाम माना जा सकता है. प्रेगनेंसी में होने वाले बदलावों के कारण ही प्रेगनेंसी ब्रेन के लक्षण महसूस हो सकते हैं. इसके कारण निम्न हो सकते हैं -

तनाव और घबराहट

गर्भावस्था में तनाव और घबराहट होना सामान्य होता है. तनाव ध्यान केंद्रित करने और चीजों को याद रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है. इसलिए, इसे भी प्रेगनेंसी ब्रेन का कारण माना जाता है. इससे बचने के लिए तनाव मुक्त होना जरूरी होता है.

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मस्तिष्क संरचना में परिवर्तन

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को मस्तिष्क की संरचना में बदलावों का अनुभव हो सकता है. मस्तिष्क के ये बदलाव प्रेगनेंसी और प्रसव के बाद भी दिख सकते हैं. इस स्थिति में आपको याददाश्त में कमी का अनुभव हो सकता है.

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अनिद्रा

अनिद्रा या नींद की कमी भी प्रेगनेंसी ब्रेन का कारण हो सकती है. दरअसल, गर्भावस्था में अधिकतर महिलाओं को अनिद्रा या नींद से जुड़ी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जब लंबे समय तक उन्हें नींद नहीं आती है, तो इससे याददाश्त प्रभावित हो सकती है. नींद की कमी से किसी चीज को याद रख पाना मुश्किल हो सकता है.

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अनिद्रा की समस्या को Sprowt Melatonin का सेवन करके दूर किया जा सकता है -

हार्मोनल बदलाव

गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. इसमें हार्मोनल बदलाव भी एक है. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है. इस स्थिति में कुछ हार्मोन का स्तर कम, तो कुछ का स्तर अधिक हो सकता है. इस बदलाव की वजह से प्रेगनेंसी में याददाश्त प्रभावित हो सकती है यानी हार्मोनल बदलाव प्रेगनेंसी ब्रेन का एक मुख्य कारण हो सकता है.

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प्रेगनेंसी ब्रेन में याददाश्त कम होना सामान्य होता है, लेकिन इस स्थिति में महिला को कुछ भूलने की समस्या हो सकती है. ऐसे में अगर गर्भवती महिला इससे बचना चाहती है, तो निम्न उपाये फायदेमंद साबित हो सकते हैं -

हाइड्रेट रहें

हाइड्रेट रहने के लिए पानी पीना जरूरी होता है. गर्भावस्था के दौरान और डिलीवरी के बाद रिकवरी के दौरान हाइड्रेट रहना जरूरी होता है, खासकर स्तनपान के दौरान. दरअसल, दिमाग को ठीक से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है. डिहाइड्रेशन का शिकार होने पर शरीर में ऊर्जा के स्तर में कमी आ सकती है. इससे ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो सकती है.

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हेल्दी डाइट लें

गर्भावस्था में विटामिन और मिनरल से भरपूर भोजन खाना जरूरी होता है. यह शिशु के विकास के लिए भी जरूरी होता है. इसके साथ ही हेल्दी फूड्स खाने से प्रेगनेंसी ब्रेन से भी बचा जा सकता है. इसके लिए एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकती हैं. ये सभी पोषक तत्व याददाश्त में सुधार कर सकते हैं. आपकी सोचने और याद करने की क्षमता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं.

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नियमित एक्सरसाइज करें

गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रहने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी होता है. एक्सरसाइज करने से याददाश्त तेज हो सकती है. दरअसल, एक्सरसाइज करने से थकान और तनाव कम होता है. साथ ही नींद भी अच्छी आती है. इससे गर्भवती महिला को अच्छा महसूस हो सकता है.

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अच्छी नींद लें

गर्भावस्था के दौरान अच्छी नींद लेना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह जरूरी है. पर्याप्त नींद लेने से याददाश्त को सही रखा जा सकता है. साथ ही आप मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस कर सकती है.

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नोटपैड पर टाइप करें

कोई जरूर काम, तारीख, समय या किसी जरूरी जानकारी को याद रखने के लिए नोटपैड का इस्तेमाल करें. आप इसमें अपने सारे जरूरी काम लिख सकती हैं.

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अलार्म लगाएं

अगर आपका कोई जरूरी काम है या फिर किसी मीटिंग व पार्टी को ज्वाइन करना है, तो आप उसका समय व तारीख याद रखने के लिए अलार्म लगा सकती हैं. इससे आप हर मीटिंग और जरूरी कामों के लिए अलर्ट रहेंगी और किसी भी काम को स्किप नहीं करेंगी.

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जरूरी चीजें एक ही जगह

प्रेगनेंसी में महिलाएं चाबियां, पर्स या अन्य छोटी-बड़ी चीजों को रखकर भूल जाती हैं. ऐसे में आप इन चीजों को या तो इनकी जगह पर रखें या फिर जिन चीजों को आप भूल जाती हैं, उनके लिए एक जगह फिक्स कर सकती हैं.

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गर्भावस्था के दौरान प्रेगनेंसी ब्रेन होना सामान्य है. इस स्थिति में सोचने और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है. साथ ही महिलाओं को भूलने की समस्या भी हो सकती है. वैसे तो यह सामान्य होता है, क्योंकि यह गर्भावस्था के दौरान होने वाले बदलावों के कारण होता है, लेकिन अच्छी नींद लेने, तनाव को कम करके व हाइड्रेट रहने से प्रेगनेंसी ब्रेन से बचा जा सकता है. इसके अलावा, भूलने की समस्या से बचने के लिए नोट्स आदि बना सकती हैं या फिर जरूरी इवेंट्स को याद रखने के लिए अलार्म लगा सकती हैं. अगर भूलने की समस्या बढ़ती जा रही है या इसके लक्षण असामान्य दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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