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गर्भावस्था से पहले और उसके दौरान मां और बच्चे के लिए पर्याप्त पोषण बहुत आवश्यक है। इसका दोनों के स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है। गर्भवती (धात्री) महिला विभिन्न कारकों जैसे पर्यावरणीय, आनुवंशिकी, सामाजिक और आर्थिक कारकों से प्रभावित होती है। इन सबका आपके बच्चे पर भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए जो महिलाएं गर्भधारण से पहले अच्छी तरह से पोषित होती हैं, उनके और बच्चे के स्वास्थ्य पर इन कारकों का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता।

पहली तिमाही में मातृ पोषण, भ्रूण के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि सभी न्यूरोलॉजिकल विकास तभी होते हैं। आपके शरीर में पोषण की कमी या कुपोषण से आपके बच्चे में असामान्यताएं हो सकती हैं। दूसरी ओर, अधिक वजन वाली महिलाओं को गर्भकालीन डायबिटीज और प्रेगनेंसी में हाई बीपी जैसी समस्याएं होने की संभावना होती है।

इसलिए आपको प्रेगनेंसी के दौरान सही डाइट चार्ट की जरूरत होती है, ताकि आपको और आपके गर्भ में पल रहे बच्चे की सारी पोषण सम्बन्धी आवश्यकताएं पूरी हो सकें। आगे हमने आपको ऐसे ही तीन गर्भावस्था डाइट चार्ट बताये हैं - हर तिमाही के लिए एक। साथ ही हमने यह भी बताया है कि प्रेगनेंसी में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा लेनी चाहिए।

 

  1. गर्भावस्था में पोषक तत्वों की कितनी मात्रा लेनी चाहिए - Nutrition requirements during pregnancy in hindi
  2. पहली तिमाही के लिए प्रेगनेंसी डाइट चार्ट - Pregnancy diet chart for first trimester in Hindi
  3. दूसरी तिमाही के लिए प्रेगनेंसी डाइट चार्ट - Pregnancy diet chart for second trimester in Hindi
  4. तीसरी तिमाही के लिए प्रेगनेंसी डाइट चार्ट - Pregnancy diet chart for third trimester in Hindi

गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्वों की आवश्यकता कई गुना बढ़ जाती हैं और यह हर चरण में भिन्न भिन्न होती है। उदाहरण के लिए 50 किलो की एक सामान्य महिला को 1875 कैलोरी/दिन की आवश्यकता होती है, जबकि गर्भावस्था में 2175 कैलोरी/दिन आवश्यक होती है।

(और पढ़ें - गर्भ में लड़का कैसे हो और बच्चा गोरा कैसे पैदा हो से जुड़े मिथक)

आवश्यक पोषक तत्वों की सूची इस प्रकार है :

 पोषक तत्व  सामान्य महिला के लिए आवश्यक मात्रा  गर्भवती महिला के लिए आवश्यक मात्रा
 प्रोटीन  50 ग्राम/दिन  65 ग्राम/दिन
 कैल्शियम  400 मिलीग्राम/दिन  1000 मिलीग्राम/दिन
 आयरन  30 मिलीग्राम/दिन  38 मिलीग्राम/दिन
 आयोडीन  100-200 माइक्रोग्राम/दिन  +25 माइक्रोग्राम/दिन
 फोलिक एसिड  100 माइक्रोग्राम/दिन  400 माइक्रोग्राम/दिन

 

फोलिक एसिड
फोलिक एसिड, डीएनए और आरएनए के संश्लेषण और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक होता है। गर्भधारण से पहले से ही मां को फोलिक एसिड का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए।

आयरन
गर्भावस्था में महिलाओं में आयरन की कमी हो सकती है। इसलिए प्रेगनेंसी में आयरन का उचित सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। आयरन के कम स्तर के कारण समय से पूर्व प्रसव और जन्म के समय शिशु के कम वजन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

आयोडीन
आयोडीन एक आवश्यक खनिज है जो हमें भोजन से प्राप्त होता है। गर्भावस्था के दौरान शिशुओं और युवा बच्चों के विकास के समय, उनमें आयोडीन की कमी होने का जोखिम अधिक होता है। यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए अति आवश्यक होता है, जो शरीर का तापमान, मेटाबोलिक दर, प्रजनन, विकास, रक्त कोशिका उत्पादन और तंत्रिका और मांसपेशियों के कार्यों को नियंत्रित करता है।

(और पढ़ें - थायराइड के लक्षण)

कैल्शियम
कैल्शियम बच्चे की हड्डियों और दांत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होता है डेयरी उत्पाद और कुछ मछलियों - जैसे सार्डिन आदि का सेवन किया जा सकता है। (और पढ़ें - मछली खाने के लाभ और नुकसान)

प्रोटीन
प्रोटीन मानव कोशिकाओं के निर्माण के लिए बहुत ज़रूरी पोषक तत्व है। प्रोटीन, गर्भावस्था डाइट का अनिवार्य हिस्सा होती है। प्रतिदिन दिन में तीन बार आहार में प्रोटीन का सेवन ज़रूर करें। 

(और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं)

गर्भावस्था की पहली तिमाही में आपको फोलिक एसिड समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए साथ ही फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स भी लेने चाहिए। इसके आलावा आयरन समृद्ध खाद्य पदार्थों का भी अधिक मात्रा में सेवन करने की ज़रूरत है जो आपके शिशु की लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने में मदद करते हैं। इस तिमाही में महसूस होने वाली मॉर्निंग सिकनेस से निपटने के लिए विटामिन बी 6 लेने की आवश्यकता होती है। आपको कैफीन युक्त चीज़ों का सेवन कम करना है। नीचे दिया गया डाइट प्लान पहली तिमाही के दौरान इस सभी आवश्यक पोषक तत्वों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 

(और पढ़ें - विटामिन बी के फायदे)

 

दिन सुबह का नाश्ता नाश्ते के कुछ समय बाद का आहार दोपहर का खाना शाम का नाश्ता रात का खाना
सोमवार

चोकरयुक्त (साबुत) गेहूं का टोस्ट टमाटर और चीज (Cheese) के साथ, मुसंबी का जूस

अमरुद

मसूर की दाल, टिंडे की सब्ज़ी, पुदीने का पराठा

सत्तू ड्रिंक, भुट्टा

बेसन (गट्टे) की सब्ज़ी, तोरई की सब्ज़ी, रोटी, चावल

मंगलवार चीकू
  • कढ़ी,
  • जीरे आलू की सब्ज़ी,
  • रोटी और चावल
बुधवार केला
  • चौलाई साग,
  • टमाटर चटनी,
  • दही,
  • बाजरे की रोटी
बृहस्पतिवार
  • सब्ज़ियों और बेसन के मिश्रण से बना चीला,
  • आम का पना
सेब
  • छोले,
  • मूली की सब्ज़ी,
  • अनार का रायता,
  • रोटी और चावल
शुक्रवार
  • आलू मटर पोहा,
  • सेब का जूस
तरबूज
  • कच्चे केले की सब्ज़ी,
  • कोफ्ते,
  • शलजम का साग,
  • पुदीने का रायता,
  • ज्वार की रोटी
शनिवार
  • मशरूम के साथ साबुत गेहूं का टोस्ट,
  • एक गिलास दूध
आम/ पपीता
  • मिक्स दाल,
  • सेम की सब्ज़ी,
  • बाजरे की रोटी,
  • मटर पुलाव
रविवार
  • सब्ज़ियों और सूजी के मिश्रण से बना चीला,
  • छाछ
अंगूर/ नाशपाती

ओमेगा 3 फैटी एसिड से समृद्ध खाद्य पदार्थ आपके बच्चे के मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। कैल्शियम और विटामिन डी शिशु के दांत और हड्डियों के विकास में सहायता करते हैं। स्वस्थ त्वचा और साफ़ रक्त के लिए बीटा कैरोटीन बहुत महत्वपूर्ण होता है। और आयरन की ज़रूरत आपको पूरी गर्भावस्था के दौरान अधिक मात्रा में होती है। आयरन समृद्ध खाद्य पदार्थों के साथ चाय या कॉफ़ी का सेवन न करें क्योंकि उनमें मौजूद टैनिन आपके शरीर में आयरन के अवशोषण को कठिन बनाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए गर्भावस्था की दूसरी तिमाही का डाइट प्लान इस प्रकार है। 

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए)

 

दिन सुबह का नाश्ता नाश्ते के कुछ समय बाद का आहार दोपहर का खाना शाम का नाश्ता रात का खाना
सोमवार सेब
  • लस्सी,
  • उबले हुए मकई के दाने
मंगलवार अंगूर
  • कढ़ी,
  • आलू तिल की सब्ज़ी,
  • रोटी और चावल
बुधवार
  • मेथी पराठा,
  • लस्सी
चीकू/केला
  • चाय,
  • खांडवी (सूजी की डिश)
  • कटहल की सब्ज़ी,
  • टमाटर, प्याज आदि का सलाद,
  • रोटी और चावल
बृहस्पतिवार
  • दलिया,
  • अखरोट और किशमिश,
  • दूध
अनार
  • हरी मूंग दाल,
  • लौकी की सब्ज़ी,
  • रोटी,
  • चावल
  • बेल का शरबत,
  • भुने हुए चने
शुक्रवार अंजीर
  • मसाला पनीर
  • लोभिया की सब्ज़ी,
  • कद्दू की सब्ज़ी,
  • मिस्सी रोटी
शनिवार
  • मूंगफली और साबूदाने का उपमा,
  • कॉफ़ी
पपीता
  • खिचड़ी,
  • भुना हुआ पापड़,
  • दही
  • राजमा,
  • करेले की सब्ज़ी,
  • अनार का रायता,
  • रोटी और चावल
रविवार
  • पोहा,
  • एक गिलास दूध
सेब या सेब अखरोट चाट
  • मिक्स दाल,
  • भरवा बैंगन की सब्ज़ी,
  • खीरे का रायता,
  • रोटी और चावल
  • छोले की चाट,
  • छाछ
  • पालक आलू की सब्ज़ी,
  • मूली का साग,
  • रोटी और चावल

आपको प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। विटामिन के रक्त में थक्के ज़माने के लिए ज़रूरी होता है जिसकी ज़रूरत बच्चे के जन्म के बाद पड़ती है। आयरन का अधिक और कैफीन का कम सेवन करें। आपको इस समय 200 - 300 अतिरिक्त कैलोरी की ज़रूरत होती है। तीसरी तिमाही के लिए प्रेगनेंसी डाइट चार्ट निम्न प्रकार है :

 

दिन सुबह का नाश्ता नाश्ते के कुछ समय बाद का आहार दोपहर का खाना शाम का नाश्ता रात का खाना
सोमवार
  • दलिया,
  • खजूर,
  • दूध

अमरुद

  • आलू प्याज़ का पराठा,
  • दही,
  • धनिया और पुदीने की चटनी
बादाम वाला दूध
  • लोभिया की सब्ज़ी,
  • मूली की सब्ज़ी,
  • बथुए का रायता,
  • रोटी और चावल
मंगलवार
  • बेसन का चीला,
  • पुदीने की चटनी
केला
  • चने की दाल,
  • शलजम का साग,
  • दही,
  • रोटी और चावल
  • नारियल पानी,
  • चना
  • राजमा,
  • मशरूम की सब्ज़ी,
  • मिस्सी रोटी
बुधवार
  • पनीर की सैंडविच और पुदीने की चटनी,
  • सेब का रस
खजूर
  • लौकी के कोफ्ते,
  • करेले की सब्ज़ी,
  • रोटी और चावल
  • चाय,
  • स्प्राउट्स
  • मूली के पराठे,
  • अमिया (आम) की चटनी,
  • चुकंदर का रायता

बृहस्पतिवार

 

  • सूजी का हलवा,
  • मैंगोमिल्क शेक
फ्रूट चाट
  • मक्के की रोटी,
  • सरसों का साग,
  • गुड़
  • अनार का जूस,
  • छोला चाट
  • कढ़ी,
  • जीरे आलू की सब्ज़ी,
  • रोटी,
  • चावल
शुक्रवार
  • ओट्स,
  • खजूर,
  • दूध
अंगूर
  • राजमा,
  • भिंडी की सब्ज़ी,
  • दही,
  • रोटी और चावल
  • सोयाबीन की सब्ज़ी,
  • परवल की सब्ज़ी,
  • सलाद,
  • कुट्टू की रोटी
शनिवार
  • मटर पोहा,
  • लस्सी
पपीता
  • चाय,
  • शकरकंद चाट
  • तहरी (वेजिटेबल खिचड़ी),
  • खीरे का रायता
रविवार
  • मेथी का पराठा,
  • लस्सी
अनार/चुकंदर
  • उड़द दाल,
  • टिंडे की सब्ज़ी,
  • बेसन की रोटी,
  • सलाद
  • नारियल पानी,
  • भुट्टा
  • मशरूम की सब्ज़ी,
  • भिंडी की सब्ज़ी,
  • सलाद,
  • रोटी और चावल
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