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एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट क्या है? 

एंटीथ्रोम्बिन III एक प्रोटीन है जो कि रक्त में थक्के जमने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। ये चोट लगने के कारण रक्त वाहिकाओं में बनने वाले खून के थक्कों को तोड़ने का काम करता है। हालांकि, एंटीथ्रोम्बिन III की कमी होने से खून के थक्के बनने की प्रक्रिया बढ़ जाती हैं। ये थक्के धमनियों को अवरुद्ध कर सकते हैं जिससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस और पल्मोनरी एम्बोलिस्म जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ जाता है। अत्यधिक थक्के जमने का कारण जानने के लिए जो ब्लड सैंपल लिया गया है उसमें एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट इस प्रोटीन की उपस्थिति और मात्रा की जांच करता है।

एंटीथ्रोम्बिन III की कमी दो कारणों से हो सकती है या तो यह लिवर में पर्याप्त मात्रा में ना बन पाने के कारण या फिर बना हुआ एंटीथ्रोम्बिन काम  ना कर पाने के कारण होती है। एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट की मदद से इसकी कमी के दोनों कारणों का पता लगाया जाता है।

  1. एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट क्यों किया जाता है - Anti thrombin III Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट से पहले - Anti thrombin III Test Se Pahle
  3. एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट के दौरान - Anti thrombin III Test Ke Dauran
  4. एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Anti thrombin III Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट क्यों किया जाता है?

एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट की सलाह निम्न स्थितियों में दी जाती है:

  • बार-बार खून के थक्के जमना
  • रक्त को पतला करने वाली दवाएं लेने के बाद भी असामान्य रूप से थक्के जमना 
  • परिवार में पहले किसी व्यक्ति को खून के थक्के जमने की समस्या होना  
  • मस्तिष्क के आस-पास या पेट के अंदर खून के थक्के बनना
  • वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिस्म (एक स्थिति जिसमें नस में थक्के जमते हैं और फिर शरीर के दूसरे भागों में चले जाते हैं), विशेषकर पचास से कम उम्र के लोगों में 
  •  फेफड़ों में रक्त के थक्के होना

यदि क्लॉट नसों के बजाय धमनियों में बन रहे हैं, तो हो सकता है कि डॉक्टर इस टेस्ट को करने के लिए न कहें। ऐसा इसीलिए क्योंकि एंटीथ्रोम्बिन III की कमी आमतौर पर धमनियों के थक्कों से जुड़ी हुई नहीं होती।

एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। हालांकि अपने स्वास्थ्य और दवाओं संबंधी सभी जरूरी जानकारी डॉक्टर को दें। कुछ दवाएं जैसे हेपरिन, वारफेरिन और एस्परजिनेस के साथ की गई कीमोथेरेपी से टेस्ट के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं इसके अलावा यदि आप कोई भी दवा, हर्बल मेडिसिन, विटामिन या अन्य कोई सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो इसके बारे में डॉक्टर को जरूर बता दें। यदि आपको टेस्ट के बारे में कोई भी शंका है तो इसके बारे में डॉक्टर से बात करें।

एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल लेंगे। वयस्कों में 7 मिली और बच्चों का 2 मिली रक्त सैंपल के लिए लिया जाता है। सुई लगने से आपको हल्का-सा दर्द हो सकता है। कुछ लोगों को इंजेक्शन लगी जगह पर नील भी पड़ सकता है। कुछ मामलों में यह खुद ही ठीक हो जाता है। यदि कुछ दिन तक भी नील ठीक नहीं हो पाता है, तो इस बारे में डॉक्टर से बात कर लें।

एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम:
एंटीथ्रोम्बिन III टेस्ट के परिणाम प्रतिशत में दिखाए जाते हैं। यदि वैल्यू प्रत्येक उम्र के लिए मानक प्रतिशत रेंज में है, तो परिणाम सामान्य माने जाते हैं।

इस टेस्ट की सामान्य रेंज हर लैब में अलग-अलग हो सकती है। टेबल 1 में अलग-अलग उम्र के अनुसार उनकी सामान्य रेंज दी गई हैं। डॉक्टर आपको रिजल्ट के बारे में ठीक प्रकार से समझा देंगे।

अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए एंटीथ्रोम्बिन III की सामान्य संदर्भ रेंज निम्न है:

उम्र 

प्रतिशत रेंज 

0 से 5 दिन 

51-75%

5 दिन  से 1 month

54-80%

1 से 3 महीने 

63-93%

3 से 6 महीने 

85-109%

6 महीने से अधिक

92-118%

वयस्कों में 80% से 120% के बीच की रेंज सामान्य मानी जाती है। 

असामान्य परिणाम:
40-60% के आस-पास की वैल्यू उन लोगों में देखी जाती है जिनमें एंटीथ्रोम्बिन III की कमी होती है। सामान्य से कम वैल्यू को निम्न स्थितियों में देखे जाते हैं:

डॉक्टर क्लॉटिंग के सही कारण को जानने के लिए अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं या फिर बिना कोई अन्य टेस्ट किए आगे ट्रीटमेंट शुरु कर सकते हैं। 

एंटीथ्रोम्बिन के सामान्य से अधिक स्तर किसी स्वास्थ्य समस्या या रक्तस्त्राव जैसी स्थितियों के कारण नहीं होते। हालांकि यह निम्न कारणों से हो सकता है:

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References

  1. Wilson DD. Manual of Laboratory & Diagnostic Tests. Laboratory and diagnostic tests. McGraw Hill. 2008, Pp 63-64.
  2. University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Antithrombin (Activity and Antigen)
  3. Chernecky CC, Berger BJ. Antithrombin III (AT-III) test - diagnostic. In: Chernecky CC, Berger BJ, eds. Laboratory Tests and Diagnostic Procedures. 6th ed. St Louis, MO: Elsevier Saunders; 2013:156-157.
  4. Napolitano M, Schmaier AH, Kessler CM. Coagulation and fibrinolysis. In: McPherson RA, Pincus MR, eds. Henry's Clinical Diagnosis and Management by Laboratory Methods. 23rd ed. St Louis, MO: Elsevier; 2017:chap 39.
  5. Children's Minnesota [internet]. Minnesota. U.S. Antithrombin III, Chromogenic