myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

एंटीस्पर्म एंटीबॉडी (एएसएबी) टेस्ट क्या है?

एएसएबी टेस्ट का उपयोग उन एंटीबॉडीज की पहचान करने के लिए किया जाता है, जो शरीर में स्पर्म सेल के विरोध में बनने लगती हैं। स्पर्म या शुक्राणु सामान्य तौर पर वृषणों में बनाए और जमा किए जाते हैं, जो आमतौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली से सुरक्षित होते हैं। हालांकि वृषणों में किसी प्रकार की चोट, बायोप्सी या सर्जरी से ये शुक्राणु प्रतिरक्षा प्रणाली के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे कारण शुक्राणुओं को नष्ट करने वाले एंटी-स्पर्म एंटीबॉडीज बनने लगते हैं।

ये एंटीबॉडीज उन महिलाओं में भी बन सकते हैं जिनके शरीर में अपने पार्टनर के शुक्राणु से एलर्जिक प्रतिक्रिया हो जाती है। ऐसे लोगों को शुक्राणु के नष्ट होने के कारण गर्भधारण करने में कठिनाई होती है। इस स्थिति को इम्यूनोलॉजिकल इनफर्टिलिटी कहते हैं।

बांझपन के कारण को जानने के लिए एएसएबी टेस्ट की मदद से पुरुषों में वीर्य की जांच और महिलाओं के ब्लड सैंपल की जांच करके उनमें एंटी-स्पर्म एंटीबॉडी की उपस्थिति की जांच की जाती है।

  1. एएसएबी टेस्ट क्यों किया जाता है - ASAB Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. एएसएबी टेस्ट से पहले - ASAB Test Se Pahle
  3. एएसएबी टेस्ट के दौरान - ASAB Test Ke Dauran
  4. एएसएबी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - ASAB Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

एएसएबी टेस्ट क्यों किया जाता है?

निम्न कारणों से डॉक्टर एएसएबी टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं:

  • जब गर्भधारण न हो पाने का सही कारण पता ना चल पा रहा हो, तो यह फर्टिलिटी स्क्रीनिंग टेस्ट के एक भाग के रूप में किया जा सकता है। यदि शुक्राणु और महिला के शरीर से स्त्रावित होने वाले म्यूकस में कोई असमानयता न हो तो डॉक्टर एएसएबी की उपस्थिति की जांच के लिए यह टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं। 
  • डॉक्टर इस टेस्ट को करवाने के लिए तब भी कहते हैं जब इनफर्टिलिटी टेस्ट के परिणाम स्पष्ट नहीं होते।
  • इस टेस्ट की मदद से डॉक्टर गर्भधारण की संभावना बढ़ाने के लिए सही थेरेपी या ट्रीटमेंट का पता लगा सकते हैं। यह इंट्रायूटेराइन इन्सेमिनेशन और इंटरसाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन नामक दो विधियों में विकल्प चुनने में भी मदद करता है।

एएसएबी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

यदि महिला का टेस्ट किया जा रहा है तो इसके लिए एक ब्लड सैंपल लेने की जरूरत होगी। आमतौर पर ब्लड टेस्ट के लिए किसी तैयारी की जरूरत नहीं होती।

यदि एक पुरुष का टेस्ट किया जाता है। पुरुषों को याद रखना चाहिए कि टेस्ट से पहले 48 घंटो (दो दिन) तक कोई स्खलन नहीं होना चाहिए। जबकि टेस्ट करवाने से 5 दिन पहले तक बिना स्खलन किए बिना भी नहीं रहना चाहिए। मतलब यह कि टेस्ट करवाने से 3 या 4 दिन पहले सिर्फ एक बार स्खलन हो जाना चाहिए।

यदि आप कोई भी दवा ले रहे हैं तो इनके बारे में डॉक्टर को बता दें क्योंकि कुछ दवाएं टेस्ट के परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा आप इस प्रक्रिया के बारे में डॉक्टर से बात कर लें।

एएसएबी टेस्ट कैसे किया जाता है?

महिलाओं के लिए
डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर एक ब्लड सैंपल ले लेंगे, इसमें आपको हल्का सा दर्द हो सकता है। ब्लड सैंपल को एक टेस्ट ट्यूब में डाल कर लैब में परीक्षण के लिए भेज दिया जाएगा। सुई लगने से आपको हल्का सा चक्कर आ सकता है या इंजेक्शन लगी जगह पर हल्का सा नील भी पड़ सकता है। इसमें चिंतित नहीं होना चाहिए ये लक्षण जल्द ही गायब हो जाते हैं। यदि लक्षण ठीक नहीं नहीं हो रहे हैं, तो डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। 

पुरुषों के लिए
वीर्य का सैंपल लेने के लिए आपको एक साफ कंटनेर दिया जाएगा। आपको सैंपल निकालने से पहले पेशाब करने और फिर अपने लिंग को अच्छे से धो लेने के लिए कहा जाएगा, ताकि वीर्य का सैंपल स्वच्छ रहे। वीर्य का सैंपल आमतौर पर मास्टरबेशन (हस्थमैथुन) द्वारा लिया जाता है। सैंपल कंडोम के साथ नहीं लिया जा सकता क्योंकि ये टेस्ट के परिणामों के प्रभावित कर सकते हैं। यदि आपको सैंपल लेने के तरीके से कोई समस्या है तो आप डॉक्टर को बता दें। यदि आप सैंपल घर से लेना चाहते हैं तो सैंपल को लेने के बाद उसे जल्द से जल्द लैब में पहुचाएं। ले जाने के दौरान यह जरूरी है कि सैंपल को शरीर के तापमान में रखा जाए और सूरज की रोशनी के संपर्क में न लाया जाए।

एएसएबी टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम: 
आमतौर पर एएसएबी मानव शरीर में नहीं बनते इसीलिए सामान्य परिणाम नेगेटिव होंगे।

असामान्य परिणाम: 
एएसएबी के परिणाम तब असामान्य माने जाते हैं जब रक्त या वीर्य में एंटी-स्पर्म एंटीबॉडीज पाए जाते हैं। यह निम्न की ओर संकेत करेगा:

  • दोनों में से किसी भी एक पार्टनर के शरीर में एंटीबॉडी बनने के कारण बांझपन होना 
  • पुरुष नसबंदी भी कभी-कभी एंटीबॉडी के उत्पादन का कारण हो सकती है 
  • वृषणों में मौजूद ‘एफ्फेरेंट डक्ट‘ में अवरोध होना। 

रिजल्ट की सही जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बातचीत करें। यदि रिजल्ट नेगेटिव भी आए हैं तो रिप्रोडक्टिव थेरेपी मौजूद हैं जिससे गर्भधारण करने में मदद मिल सकती है।

और पढ़ें ...

References

  1. Michigan Medicine: University of Michigan [internet]; Antisperm Antibody Test
  2. Wilson DD. Manual of Laboratory & Diagnostic Tests. 2008. McGraw Hill. Pp: 60.
  3. HealthlinkBC [internet] British Columbia; Antisperm Antibody Test
  4. Male Fertility Lab [Internet]. University of Washington. Seattle. Washington. U.S. Anti-Sperm Antibodies