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सीए (CA) का मतलब कैंसर एंटीजन (Cancer antigen) होता है। सीए 125 खून में पाया जाने वाला एक प्रोटीन होता है। विशेष रूप से सीए 125 शरीर के अन्य हिस्सों के मुकाबले ओवेरियन (अंडाशय/डिम्बग्रंथि) कैंसर की कोशिकाओं में अधिक मात्रा में पाया जाता है। सीए 125 की पहचान 1980 के दशक की शुरुआत में की गई थी और शरीर में इसके महत्व व कार्यों के बारे में अब तक पता नहीं चल पाया है। सीए 125 के स्तर को मापने के लिए सीए 125 टेस्ट किया जाता है, जो एक सामान्य खून टेस्ट की तरह किया जाता है।

(और पढ़ें - सीआरपी ब्लड टेस्ट क्या है)

  1. सीए 125 टेस्ट क्या होता है? - What is CA 125 Test in Hindi?
  2. सीए 125 टेस्ट क्यों किया जाता है - What is the purpose of CA 125 Test in Hindi
  3. सीए 125 टेस्ट से पहले - Before CA 125 Test in Hindi
  4. सीए 125 टेस्ट के दौरान - During CA 125 Test in Hindi
  5. सीए 125 टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of CA 125 Test in Hindi
  6. सीए 125 टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of CA 125 Test mean in Hindi

सीए 125 टेस्ट क्या है?

सीए 125 टेस्ट एक ऐसा टेस्ट है, जिसके द्वारा खून में पाए जाने वाले सीए 125 नामक प्रोटीन का पता लगाया जाता है।

सीए 125 टेस्ट का उपयोग ओवेरियन कैंसर के इलाज के दौरान और उसके बाद कैंसर की स्थिति पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। कुछ मामलों में इस टेस्ट का उपयोग उन महिलाओं में कैंसर के शुरूआती संकेतों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है, जिन में ओवेरियन कैंसर होने के अधिक जोखिम हैं। 

सीए 125 टेस्ट हर बार सटीक रूप से ओवेरियन कैंसर का संकेत नहीं देता, क्योंकि कैंसर के अलावा ऐसी कई स्थितियां हैं जो सीए 125 के स्तर को बढ़ा सकती हैं।

इस टेस्ट को सीए 125 ट्यूमर मार्कर टेस्ट (CA-125 tumor marker test) और कैंसर एंटीजन 125 टेस्ट (Cancer antigen 125 test) भी कहा जाता है। 

(और पढ़ें - ओवेरियन सिस्ट का कारण)

सीए 125 टेस्ट क्यों किया जाता है?

सीए 125 टेस्ट को अक्सर ओवेरियन कैंसर की वृद्धि पर नजर रखने के लिए किया जाता है। किसी महिला के ओवेरियन कैंसर का इलाज शुरु करने से पहले उसके सीए 125 के स्तर की जांच की जाती है। इलाज के दौरान और बाद में किए गए सीए 125 टेस्ट के रिजल्ट में अगर सीए 125 स्तर कम हुआ मिलता है, तो इलाज को सफल मान लिया जाता है। यदि सीए 125 का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है, तो यह कैंसर के फिर से होने का संकेत देता है। 

यदि आप के परिवार में पहले भी किसी को ओवेरियन कैंसर हो चुका है या आप में बीआरसीए1 (BRCA1) या फिर बीआरसीए2 (BRCA2) जीन म्यूटेशन है। ऐसी स्थिति में ओवेरियन कैंसर पर नजर रखने के लिए डॉक्टर सीए 125 टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते हैं।

जिन महिलाओं में ओवेरियन कैंसर होने का खतरा बहुत अधिक है, उनको हर छ महीने में एक बार ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal ultrasound) और सीए 125 टेस्ट करवाने का सुझाव दिया जाता है। 

हालांकि ओवेरियन कैंसर से ग्रस्त कुछ महिलाओं में सीए 125 का स्तर बढ़ता ही नहीं है। इसके अलावा ऐसा भी कोई सबूत नहीं होता कि सीए 125 का स्तर कम होने पर कैंसर खत्म जाता है। यदि सीए 125 का स्तर बढ़ा हुआ है, तो इस कारण डॉक्टर जल्द से जल्द आपके कुछ अनावश्यक और संभवत: दर्दनाक टेस्ट कर सकते है। 

सीए 125 टेस्ट कब करवाना चाहिए?

यदि आपको निम्न लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए:

ये सभी लक्षण अक्सर ओवेरियन कैंसर के कारण ही होते हैं। यदि आपको उपरोक्त लक्षणों में एक या उससे अधिक लक्षण लगातार या बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर आपको सीए 125 टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते हैं। हालांकि इन लक्षणों का मतलब जरूरी नहीं है, कि आपको ओवेरियन कैंसर है लेकिन फिर भी डॉक्टर इसकी संभावनाओं की पुष्टि करने के लिए यह टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते हैं। 

सीए 125 ब्लड टेस्ट कई महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करने में मदद करता है और इससे डॉक्टर को यह भी तय करने में मदद मिल जाती है कि आगे क्या करना चाहिए।

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सीए 125 टेस्ट से पहले क्या करें?

यदि आपके मासिक धर्म चल रहें, तो डॉक्टर तब तक सीए 125 टेस्ट नहीं करते जब तक आपके मासिक धर्म खत्म नहीं हो जाते। क्योंकि मासिक धर्म के दौरान टेस्ट करने से रिजल्ट में गड़बड़ हो सकती है। यदि आप किसी प्रकार की दवा या कोई सप्लीमेंट्स आदि लेते हैं, तो टेस्ट करवाने से पहले ही डॉक्टर के उनके बारे में बता दें।

टेस्ट करने के लिए डॉक्टर आपके खून का सेंपल लिया जाता है और जांच करने के लिए उसको लेबोरेटरी भेज दिया जाता है। सेंपल लेने के बाद किसी प्रकार का परहेज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती आप तुरंत अपने सामान्य कार्य कर सकते हैं।

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सीए 125 के दौरान क्या किया जाता है?

टेस्ट के दौरान आपकी बाजू या हाथ में सुई लगाकर खून का सेंपल निकाल लिया जाता है और फिर जांच करने के लिए उसको लैब मे भेज दिया जाता है। लैब में आपके खून में उपस्थित सीए 125 के स्तर की जांच की जाती है। 

  • सबसे पहले डॉक्टर आपकी त्वचा के उस क्षेत्र को एंटीसेप्टिक के साथ साफ करेंगे
     
  • उसके बाद बाजू के ऊपरी हिस्से पर पट्टी बांध देंगे, जिससे नसों के खून का बहाव रुक जाता है और नसें फूलने लग जाती हैं।
     
  • नस ढूंढने के बाद डॉक्टर धीरे-धीरे नस में सुई लगा देते हैं, उसके बाद खून को निकाल कर शीशी, ट्यूब या सुई से जुड़े सीरिंज में जमा कर लिया जाता है। 
     
  • जरूरत के अनुसार मात्रा में खून निकाल लेने के बाद सुई निकाल ली जाती है और सुई वाले स्थान पर रुई का टुकड़ा या बैंडेज लगा दी जाती है, ताकि खून ना बहे।
     
  • उसके बाद खून के सेंपल का परीक्षण करने के लिए उसको लेबोरेटरी में भेज दिया जाता है। 
     
  • जब लेबोरेटरी से आपके सेंपल की रिपोर्ट आती है, तो उसको पढ़ कर डॉक्टर आपके सीए 125 टेस्ट का रिजल्ट बताते हैं।

(और पढ़ें - लैब टेस्ट क्या है)

सीए 125 टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं?

सीए 125 ब्लड टेस्ट प्रक्रिया से कोई गंभीर जोखिम नहीं होता। इस टेस्ट का कोई विशिष्ट जोखिम नहीं होता, इसमें होने वाले सभी जोखिम सामान्य खून टेस्ट प्रक्रिया के जैसे होते हैं:

  • सेंपल निकालने में कठिनाई होने का कारण कई जगह पर सुई लगाने की आवश्यकता पड़ना
  • सुई वाले स्थान पर अत्यधिक खून आना
  • अधिक खून बहने के कारण बेहोश होने जैसा महसूस होना
  • सुई वाले स्थान पर संक्रमण होना (यह बहुत ही कम मामलों में हो पाता है)

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सीए 125 टेस्ट रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

सीए 125 टेस्ट का रिजल्ट लेबोरेटरी और टेस्ट करने की प्रक्रिया के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। ज्यादातर मामलों में यदि सीए 125 का स्तर 35 यूनिट्स प्रति मिलीलीटर हो तो इसके स्तर को सामान्य से अधिक मान लिया जाता है।

यदि आपके सीए 125 का स्तर सामान्य से अधिक है, तो इसका मतलब आपको कोई हल्की समस्या हो सकती है या फिर यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी दे सकती है, जैसे ओवेरियन, एंडोमेट्रियल, पेरिटोनियल या फैलोपियन ट्यूब का कैंसर आदि। परीक्षण की पुष्टि करने के लिए आपके डॉक्टर कुछ अन्य प्रकार के टेस्ट भी करवाने का सुझाव भी दे सकते हैं। 

यदि परीक्षण के दौरान ओवेरियन, एंडोमेट्रियल, पेरिटोनियल या फैलोपियन ट्यूब का कैंसर में से कोई एक पाया गया है और टेस्ट के रिजल्ट में सीए 125 का स्तर कम हुआ दिखा दे रहा है, तो इसका मतलब है कि इलाज कैंसर पर ठीक से काम कर रहा है। (और पढ़ें - एंडोमेट्रिओसिस के लक्षण)

ओवेरियन कैंसर के अलावा अन्य कई समस्याएं  हैं जो सीए 125 के स्तर को बढ़ा देती हैं, जैसे:

कुछ प्रकार की दवाएं या हाल ही में की गई कोई सर्जरी भी सीए 125 के स्तर में कुछ बदलाव कर सकती हैं। यदि कोई अन्य टेस्ट आदि करवाना है, तो टेस्ट होने से पहले ही डॉक्टर से इस बारे में अच्छे से चर्चा कर लें। 

इसके अलावा अंडाशय, अग्न्याशय और स्तनों के सामान्य व स्वस्थ ऊतक और पेट व छाती की परत के स्वस्थ ऊतक भी कम मात्रा में सीए 125 प्रोटीन बनाने लगती है, जिस कारण से इसका स्तर कम होने लगता है। 

(और पढ़ें - प्रोटीन की कमी के लक्षण)

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References

  1. Pagana, Kathleen D, Pagana, Timothy J, and Pagana, Theresa N. (©2015) Mosby’s Diagnostic & Laboratory Test Reference 12th Edition: Mosby, Inc. Saint Louis, MO. Pp.199-200.
  2. National Cancer Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Tumor Markers
  3. American Cancer Society [internet]. Atlanta (GA), USA; Ovarian Cancer Risk Factors
  4. Bottoni P, et al. The Role of CA 125 as Tumor Marker: Biochemical and Clinical Aspects.. Advances in Experimental Medicine and Biology. 2015;867:229.PMID: 26530369
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; CA-125 blood test