myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

साइटोमेगालो वायरस (सीएमवी) टेस्ट क्या है?

यह एक ब्लड टेस्ट है जो कि साइटोमेगालो वायरस के विरुद्ध बने एंटीबॉडीज की जांच करता है। साइटोमेगालो वायरस आमतौर पर कोई लक्षण पैदा नहीं करते लेकिन कुछ मामलों में इनके थोड़े-बहुत लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अधिकतर मामलों में इससे फ्लू की तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे गले में खराश, बुखार और कमजोरी आदि। कुछ दुर्लभ मामलों में इससे गंभीर लक्षण या इसके मोनोन्यूक्लिओसिस हो पाता है। 

संक्रमण के बाद साइटोमेगालो वायरस शरीर में गुप्त तरीके से रहने लग जाते हैं और जीवनभर बिना किसी प्रकार के लक्षण पैदा किए शरीर में रहते हैं। हालांकि यदि किसी व्यक्ति के शरीर में लेटेंट (गुप्त) इन्फेक्शन है और उस व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो इससे वायरस फिर से सक्रिय हो जाते हैं और बीमारी पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा सीएमवी को प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करने और धीरे-धीरे उसे कमजोर करने के लिए जाना जाता है। ऐसी स्थिति में अन्य इन्फेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है, खासतौर पर फंगल इन्फेक्शन

  1. सीएमवी टेस्ट क्यों किया जाता है - CMV Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. सीएमवी टेस्ट से पहले - CMV Test Se Pahle
  3. सीएमवी टेस्ट के दौरान - CMV Test Ke Dauran
  4. सीएमवी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - CMV Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

सीएमवी टेस्ट किसलिए किया जाता है?

यह टेस्ट गर्भवती महिलाओं व जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उनसे करवाने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा जिनके शरीर में फ्लू जैसे या नीचे दिए गए लक्षण दिखाई देते हैं, उनसे भी सीएमवी टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है:

यह वायरस यदि महिला से उसके गर्भ में पल रहे शिशु में चला जाता है, तो उसकी गर्भ में ही या जन्म के बाद मृत्यु हो सकती है।

यदि नवजात शिशु में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं तो ये टेस्ट किया जाता है:

यदि किसी व्यक्ति को पहले सीएमवी संक्रमण हुआ है और वह ऑर्गन ट्रांसप्लांट या बोन मेरो ट्रांसप्लांट करवाने वाला है तो भी ये टेस्ट करवाने के लिए कहा जाता है। यदि किसी व्यक्ति ने ट्रांसप्लांट करवाया है या एंटीवायरल थेरेपी (थेरेपी का प्रभाव देखने के लिए) करवाने वाला है तो यह टेस्ट नियमित अंतराल पर कराने के लिए कहा जाता है।

सीएमवी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट की तरह होता है, जिसमें कोई विशेष तैयारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। 

सीएमवी टेस्ट कैसे किया जाता है?

सीएमवी ब्लड टेस्ट बहुत ही सामान्य होता है और इसमे पांच मिनट से भी कम समय लगता है। डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल ले लेते हैं। खून की थोड़ी सी मात्रा एक टेस्ट ट्यूब या एक कीटाणु रहित शीशी में निकाल ली जाती है। नस में सुई लगने से कुछ सेकेंड का दर्द हो सकता है।

इस टेस्ट से कोई गंभीर जोखिम नहीं जुड़ा है, हालांकि कुछ सामान्य समस्याएं हो सकती हैं जैसे चक्कर आना और सुई लगी जगह पर नील पड़ना आदि। हालांकि ज्यादातर मामलों में ये लक्षण जल्दी ही गायब हो जाते हैं। कभी-कभार इंजेक्शन वाली जगह पर संक्रमण होने का खतरा हो सकता है।

इसके अलावा एंटीबॉडीज के बजाय यूरिन, स्पुटम, मस्तिष्कमेरु द्रव, अमीनोटिक फ्लूइड या लार में वायरस की भी जांच की जा सकती है। बच्चों में ये टिश्यू (ऊतक) के सैंपल की जांच हो सकती है।

सीएमवी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है?

सामान्य परिणाम:
सीएमवी एंटीजन और सीएमवी के विरुद्ध बने एंटीबॉडीज (आईजीजी और आईजीएम) की अनुपस्थिति का मतलब होता है कि शरीर में सीएमवी का संक्रमण नहीं हुआ है। नेगेटिव आईजीजी और आईजीएम यह दिखाते हैं कि व्यक्ति को न पहले संक्रमण हुआ है और न ही वर्तमान में कोई संक्रमण है। 

असामान्य परिणाम:
पॉजिटिव आईजीजी और नेगेटिव आईजीएम यह बताते हैं कि व्यक्ति को एक्यूट प्राइमरी इन्फेक्शन हुआ है या सीएमवी से दोबारा संपर्क हुआ है या फिर लेटेंट सीएमवी फिर से सक्रिय हो गए हैं। पॉजिटिव आईजीएम और आईजीजी के अत्यधिक उच्च स्तर (चार गुना वृद्धि) प्राइमरी सीएमवी इन्फेक्शन या लेटेंट संक्रमण का फिर से सक्रिय होने का संकेत देते हैं। यदि आईजीएम नेगेटिव हो लेकिन आईजीजी पॉजिटिव हों तो ये सीएमवी से पूर्व संपर्क या लेटेंट सीएमवी इन्फेक्शन की तरफ इशारा करते हैं। 

रिजल्ट में आईजीएम और आईजीजी नेगेटिव होने पर भी अगर व्यक्ति में किसी संक्रमण के लक्षण देखे जा रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत देता है कि इन्फेक्शन या तो किसी रोगाणु के कारण हुआ है या फिर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण। जब व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, तो शरीर सीएमवी से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं बना पाता है।

पॉजिटिव सीएमवी डीएनए टेस्ट का मतलब है कि व्यक्ति के शरीर में संक्रमण सक्रिय है। वायरल डीएनए का उच्च स्तर गंभीर संक्रमण का संकेत देता है, वहीं वायरल डीएनए का निम्न स्तर बताता है कि संक्रमण काफी कम है या बिल्कुल सक्रिय है। नेगेटिव सीएमवी डीएनए संकेत देता है कि संक्रमण नहीं है। 

जब एंटीवायरल थेरेपी की प्रतिक्रिया की जांच की जा रही होती है तो बेहतर परिणामों के लिए वायरल डीएनए लेवल (या वायरल लोड) की भी जांच की जाती है। वायरल डीएनए के कम स्तर या गिरते हुए स्तर थेरेपी की पॉजिटिव प्रतिक्रिया दिखाते हैं।

और पढ़ें ...

References

  1. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Cytomegalovirus (CMV) and Congenital CMV Infection
  2. Child Care Aware. [Internet] U.S. The Danger of Spreading CMV: How We Can Protect Our Children
  3. Lab tests Online. [Internet] American Association of Clinical Chemistry, U.S. Cytomegalovirus (CMV) Tests
  4. University of Rochester Medical Center. [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Cytomegalovirus (Blood)
  5. National Cytomegalovirus Foundation. [Internet] Tampa, Florida, U.S. CMV transmission