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डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट क्या है?

डेंगू एक वायरल रोग है, जो कि एडीज मच्छर के काटने से होता है। इससे शुरुआत में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं, सामान्य मामलों में इस बीमारी के लक्षण एक हफ्ते तक रहते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं। हालांकि कुछ दुर्लभ मामलों में डेंगू रक्त स्त्रावी स्थिति तक पहुंच जाता है जिसमें गंभीर रूप से शरीर में अंदर खून बहने लगता है और अंदरुनी अंग क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। इसीलिए यह जरूरी है कि शरीर से इस वायरस को निकालने के लिए और बीमारी का विकास रोकने के लिए जल्दी परीक्षण किया जाए।

एनएस 1 एक विशेष प्रोटीन है, जिसे डेंगू के वायरस शरीर में जाते ही संक्रमित हुए व्यक्ति के रक्त में छोड़ देते हैं। चूंकि बीमारी के सात दिन तक भी एंटीबॉडीज की पहचान नहीं की जा सकती इसमें एनएस 1 टेस्ट का प्रयोग डेंगू संक्रमण की शुरुआती अवस्था का पता लगाने के लिए किया जाता है। एनएस 1 के स्तर संक्रमण होने के सात दिनों तक एक जैसे ही रहते हैं और लक्षणों की अवस्था में अधिक हो जाते हैं। एनएस 1 टेस्ट आपके रक्त में इस स्ट्रक्चरल प्रोटीन की उपस्थिति की जांच करता है ताकि डॉक्टर इस बात की पुष्टि कर सकें कि आपको डेंगू का बुखार है या नहीं।

  1. डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट क्यों किया जाता है - Dengue antigen NS1 Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट से पहले - Dengue antigen NS1 Test Se Pahle
  3. डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट के दौरान - Dengue antigen NS1 Test Ke Dauran
  4. डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Dengue antigen NS1 Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट किसलिए किया जाता है?

डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट की मदद से डेंगू के वायरस की जल्दी पहचान की जाती है। यदि आपके शरीर में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर इस टेस्ट को करवाने के लिए कहते हैं:

ये डेंगू के बुखार के मुख्य लक्षण हैं, जो कि संक्रमण के दो से छह दिन बाद शुरू होने लगते हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि एनएस 1 को रक्त में बीमारी की तीव्र अवस्था में (पहले दो हफ्तों में) ही देखा जा सकता है। इसलिए, डॉक्टर आपको लक्षण दिखने के सात दिनों के भीतर टेस्ट करवाने को कह सकते हैं।

डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती।

डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर रक्त की थोड़ी सी मात्रा ले लेंगे। सुई के लगने से आपको हल्की सी चुभन हो सकती है। वैसे तो इस टेस्ट में कोई जोखिम नहीं है लेकिन कुछ लोगों को थोड़ा सा चक्कर आ सकता है या टेस्ट के बाद इंजेक्शन लगी जगह पर नील भी पड़ सकता है। हालांकि चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन यदि आपको कई दिनों तक तकलीफ महसूस हो तो डॉक्टर को दिखा लें।

डेंगू एंटीजन एनएस 1 टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम:
सामान्य परिणाम संकेत देते हैं, कि ब्लड सैंपल में एनएस 1 नहीं हैं। चूंकि एनएस 1 को लक्षण दिखने के नौ दिन बाद देखा नहीं जा सकता, इसलिए एनएस 1 एंटीजन डेंगू के संक्रमण होने की संभावना को पता नहीं लगा पाता। परिणामों की पुष्टि के लिए अन्य टेस्ट भी किए जा सकते हैं। 

असामान्य परिणाम:
असामान्य परिणामों का मतलब होगा कि व्यक्ति के शरीर में डेंगू का संक्रमण है। यदि परिणाम असामान्य आते हैं, तो लक्षणों को खत्म करने के लिए और तकलीफ को कम करने के लिए उपाय सुझाए जाएंगे।

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References

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  2. World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Dengue and severe dengue
  3. Bhatt S, Gething PW, Brady OJ, Messina JP, Farlow AW, Moyes CL. The global distribution and burden of dengue. Nature. 496,504-507. PMID: 23563266.
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